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‘2 मई को नहीं हो चुनावी कवरेज’: रवीश कुमार ने दिया था ज्ञान, NDTV ठेंगा दिखा सुबह से चला रही दुकान

दूसरों को चुनावी नतीजों की कवरेज न करने की सलाह देने वाले रवीश कुमार की बात उनका अपना ही चैनल नहीं मानता?

समाचार चैनल NDTV पहले से ही मोदी विरोधी पत्रकारिता के लिए कुख्यात है। इसके पत्रकार रवीश कुमार सोशल मीडिया से लेकर अपने चैनल तक पर भाजपा विरोधी प्रोपेगंडा को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। जो रवीश कुमार कल तक डींगें हाँक रहे थे कि समाचार चैनलों को रविवार (मई 2, 2021) को आने वाले 5 राज्यों के चुनावी नतीजों को कवर नहीं करना चाहिए, लेकिन आज उनके ही चैनल पर केवल चुनाव की ही चर्चा है।

रवीश कुमार ने ‘भारत समाचार’ की तारीफ़ की थी और अन्य समाचार चैनलों पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो चुनाव की कवरेज न करें लेकिन इसकी आड़ में नैतिकता का भी दावा न करें। अपने फेसबुक पोस्ट में रवीश ने लिखा था, “अब सवाल आता है कि क्या चुनावी नतीजों को कवर करना चाहिए? मेरी राय में नहीं करना चाहिए। हमने जिन हुक्मरानों पर भरोसा किया उन्होंने सबको फँसा दिया। कितने परिवारों में कितने लोग खत्म हो गए। आपके हमारे प्रधानमंत्री ने संवेदना के दो शब्द नहीं कहे हैं। चुनाव आयोग भी दोषी है।”

रवीश कुमार ने अपनी राय बताते हुए स्पष्ट लिखा था कि किसी चैनल को चुनावी नतीजे के दिन कवर नहीं करना चाहिए और किसी नेता का इंटरव्यू नहीं चलाना चाहिए क्योंकि ये अब डिज़र्व नहीं करते हैं। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा के नेता/समर्थक भी खुद के लिए हॉस्पिटल में बेड्स का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी थी कि चुनावी नतीजों का कवरेज न हो। साथ ही लोगों को न्यूज़ चैनल ऑन न करने की सलाह भी दी थी।

रवीश कुमार ने की थी चुनावी नतीजों को कवर न करने की अपील

लेकिन, क्या खुद रवीश कुमार जिस चैनल में कार्यरत हैं वो उनकी बातों के हिसाब से चल रहा है? जवाब है – नहीं। NDTV पर चुनावी नतीजों की कवरेज हो रही है। खूब हो रही है। नीचे हम जो स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं, उनमें से एक NDTV के अंग्रेजी चैनल का है और एक हिंदी का। ‘NDTV इंडिया’ पर एंकर इस बात पर चटखारे लेते दिखे कि भाजपा पश्चिम बंगाल में 100 के पार जा पाएगी भी या नहीं।

NDTV के अंग्रेजी चैनल पर चुनावी नतीजों की कवरेज
NDTV की हिंदी चैनल पर भी चल रही चुनावी कवरेज

NDTV के इन दोनों चैनलों पर सुबह से ही चुनावी नतीजों के आँकड़े चल रहे हैं और साथ ही इसी पर बातचीत भी हो रही है। हाँ, बीच-बीच में कुछ अन्य ख़बरें दिखा दी जा रही हैं लेकिन आँकड़े लगातार प्रदर्शित हो रहे हैं। दूसरों को चुनावी नतीजों की कवरेज न करने की सलाह देने वाले रवीश कुमार की बात उनका अपना ही चैनल नहीं मानता? या फिर पश्चिम बंगाल में TMC को आगे देख कर उन्होंने मन बदल लिया? ये भी हो सकता है कि रवीश को लगता हो कि किसी को उनका दोहरा रवैया पता नहीं चलेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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