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चित्रकूट के प्राचीन बालाजी मंदिर के बैनर में मुगल शासक औरंगजेब की तस्वीर, बवाल के बाद महंत सहित 3 पर मामला दर्ज

महंत सत्यप्रकाश दास ने कहा कि मंदिर में औरंगजेब का ताम्रपत्र है। महंत ने बताया कि जो मंदिर को लेकर उन्होंने जो लोगों से सुना था और पढ़ा था, उसकी के अनुसार उन्होंने बैनर में फोटो लगवाई थी।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी तट पर स्थित प्राचीन बालाजी मंदिर के बैनर में क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की तस्वीर लगाने के बाद बवाल हो गया है। मंदिर के साथ-साथ खुद का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से यज्ञवेदी के महंत ने अपनी और औरंगजेब की तस्वीरों वाले इस बैनर को बनवाया था। महंत की हरकत को देेखते हुए हिंदू युवा वाहिनी ने मामले की शिकायत की और शिकायत मिलने पर पुलिस ने महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, हिदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष बुद्ध प्रकाश ने गुरुवार को कर्वी कोतवाली में तहरीर दी कि यज्ञवेदी के महंत सत्यप्रकाश दास, उनके सहयोगी चरण दास और मंदिर के पुजारी ने मंदिर और खुद का प्रचार करने के लिए बैनर बनवाया था। इस बैनर में इन लोगों ने अपनी तस्वीर के साथ-साथ मुगल शासक औरंगजेब की तस्वीर भी लगवा दी। बुद्ध प्रकाश ने कहा कि 16वीं सदी में पन्ना नरेश द्वारा बनवाए गए इस मंदिर की प्रचार सामग्री में तस्वीर लगाकर मुगल शासक को महान दर्शाने का घृणित काम किया गया है।

बैनर में औरंगजेब की फोटो देखकर संगठन के लोगों ने महंत से मिलकर आपत्ति जताई और इसका कारण पूछा। कारण पूछने पर महंत सत्यप्रकाश दास ने कहा कि मंदिर में औरंगजेब का ताम्रपत्र है। उन्होंने बताया कि मंदिर को लेकर उन्होंने जो लोगों से सुना था और पढ़ा था, उसी के अनुसार उन्होंने बैनर में फोटो लगवाई थी।

महंत सत्यप्रकाश दास ने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी के करीब 24 लोग उनके पास आए थे और बैनर को लेकर आपत्ति जताई थी। उन लोगों ने कहा था कि इस बैनर को हटा दें। महंत सत्यप्रकास ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि बात यहाँ तक पहुँच जाएगी।

वहीं, थाना कोतवाली के प्रभारी वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मंदिर के महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जाँच सीतापुर चौकी के प्रभारी को सौंपी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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