Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयUAE ने भी नरेंद्र मोदी के PM बनने पर जताई ख़ुशी, ADNOC टॉवर तिरंगे...

UAE ने भी नरेंद्र मोदी के PM बनने पर जताई ख़ुशी, ADNOC टॉवर तिरंगे में रंगा

एडनॉक टावर अबू धाबी की सबसे ऊँची इमारतों में से एक है। इस इमारत की ऊँचाई 342 मीटर है। यह अबू धाबी की राष्‍ट्रीय तेल कंपनी (एडनॉक) का मुख्‍यालय है। यह दुनिया की 57वीं सबसे ऊँची इमारत है।

कल (मई 30, 2019) राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 57 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसका जश्न पूरे देश में मनाया गया। भारत के अलावा अबु धाबी में भी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरूआत का जश्न अलग ही ढंग से ही मनाया गया।

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी की आलीशान एडनॉक ग्रुप टॉवर बिल्डिंग भारत और अबु धाबी के झंडे में रंगी नजर आई। दोनों देशों के झंडों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के शेख मोहम्मद बिन जायद की पोट्रेट भी बिल्डिंग पर देखने को मिली।

इस वीडियो को भारतीय उच्चायुक्त (इंडियन हाई कमिश्नर) नवदीप सिंह सूरी द्वारा शेयर किया गया है। नवदीप सूरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “यह सच्ची दोस्ती है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहाँ दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली, आइकॉनिक एडनॉक ग्रुप टावर भारत और यूएई के झंडों और हमारे पीएम और शेख मोहम्मद बिन जायद के पोट्रेट से रोशन हो गया।”

एडनॉक टावर के बारे में बता दें कि ये अबू धाबी की सबसे ऊँची इमारतों में से एक है। इस इमारत की ऊँचाई 342 मीटर है। इस बिल्डिंग में 65 मंजिलें हैं। यह अबू धाबी की राष्‍ट्रीय तेल कंपनी (एडनॉक) का मुख्‍यालय है। यह दुनिया की 57वीं सबसे ऊँची इमारत है।


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -