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‘मैं नहीं जाऊँगा…’: पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को गाड़ी में बिठा रही थी लखनऊ पुलिस, हुआ खूब ड्रामा; देखिए Video

दिसंबर 2020 में बलात्कार पीड़िता ने पूर्व आईपीएस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और उन पर बसपा के घोसी सांसद अतुल राय से पैसे लेने और राजनीतिक एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया था।

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने शुक्रवार (27 अगस्त 2021) को गिरफ्तार कर लिया। उन पर सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह करने वाली रेप पीड़िता को उकसाने तथा इस मामले में आरोपित बसपा सांसद अतुल राय का साथ देने का आरोप है। एसआईटी जाँच के आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई है।

ठाकुर की गिरफ्तारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा पुलिसकर्मी उन्हें गाड़ी में बिठाने की कोशिश कर रहे हैं पर वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे। वीडियो में वे एक अधिकारी को थप्पड़ मारते भी दिख रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पूर्व आईपीएस के खिलाफ एएसआई दयाशंकर द्विवेदी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। दुष्कर्म पीड़िता ने अपने दोस्त और इस केस के गवाह सत्यम के साथ 16 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय के बाहर वीडियो लाइव किया था, जिसमें ठाकुर पर आरोप लगाया था।

इसके अलावा दिसंबर 2020 में बलात्कार पीड़िता ने पूर्व आईपीएस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और उन पर बसपा के घोसी सांसद अतुल राय से पैसे लेने और राजनीतिक एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया था। पूर्व आईपीएस ने आरोप लगाया था कि मृतक महिला ने अपने परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था।

इस मामले में एसआईटी के समक्ष ठाकुर पूछताछ के लिए 24 अगस्त को पेश हुए थे। उन्होंने एसआईटी से उनके सवालों के जवाब के लिए समय माँगा था। ठाकुर ने कहा था कि महिला उनसे मदद माँगने आई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व आईपीएस का यह भी कहना है कि आरोपित पक्ष द्वारा मामले में उनसे संपर्क करने के बाद महिला ने उनके खिलाफ आरोप लगाना शुरू कर दिया।

गौरतलब है कि बलिया की रहने वाली पीड़िता वाराणसी के एक कॉलेज की छात्रा थी। उसने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान वाराणसी के लंका थाने में बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद राय अंडरग्राउंड हो गए थे। चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद से वह नैनी जेल में बंद हैं।

इस मामले में पीड़िता ने फेसबुक लाइव में वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी रहे अमित पाठक, तत्कालीन सीओ भेलुपुर अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय समेत अन्य पर सांसद को बचाने और उसे परेशान करने का आरोप लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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