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‘नीनी हटवे’ बन कर देवबंद में रह रहा था रोहिंग्या अब्दुल्ला: फर्जी आधार कार्ड बरामद, मस्जिद में रह कर सीखी थी उर्दू

उसके आधार कार्ड में तमिलनाडु का पता था जबकि वह वहाँ का स्थानीय भाषा नहीं जानता था और सवालों के जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले राज्य के देवबंद में रह रहे अवैध रोहिंग्या के खिलाफ कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। ‘रिपब्लिक’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार अवैध रोहिंग्या के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। यह चार्जशीट दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूपी के देवबंद में तकरीबन साढ़े तीन साल से रह रहे रोहिंग्याओं के खिलाफ दायर किया है।

बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, लेकिन इस पर अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है। जानकारी के मुताबिक अवैध रोहिंग्याओं के पास से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है।

रिपब्लिक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपित नी नी हटवे उर्फ मोहम्मद अब्दुल्ला कई बार इंफाल जा चुका है। उसे इसी साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। उसके आधार कार्ड में तमिलनाडु का पता था जबकि वह वहाँ का स्थानीय भाषा नहीं जानता था और सवालों के जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। बताया गया कि उसका असली नाम नी नी हटवे है जबकि उसके आधार कार्ड पर मोहम्मद अब्दुल्ला का नाम था।

जानकारी के मुताबिक नी नी हटवे ने स्पेशल सेल के सामने आपना गुनाह कबूल कर लिया है और फर्जी आधार कार्ड बनाने के बारे में भी खुलासा किया। उसने बताया कि शफीक नाम के शख्स ने उसकी फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद किया और उसी ने उसके लिए इंफाल के हवाई टिकट की भी व्यवस्था की थी। दरअसल नी नी हटवे टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। यहाँ आकर वह मस्जिद में ठहरा और यूपी के देवबंद में उर्दू सीखा। यहीं पर उसकी मुलाकात शफीक से हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्पशेल सेल जल्द ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल करेगी।

गौरतलब है कि हाल ही में राजधानी दिल्ली के पास मदनपुर खादर में योगी सरकार ने रोहिंग्याओं के अवैध कब्जे से 150 करोड़ रुपए की जमीन खाली करवाई। ईद के अगले दिन, गुरुवार (जुलाई 22, 2021) की सुबह 4 बजे प्रशासन ने यह कार्रवाई की। रिपोर्ट में बताया गया कि सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करके रोहिंग्या कैंप बनाया गया था। इसी पर योगी सरकार ने बुलडोजर चलाकर जमीन को कब्जे से मुक्त करवाया। पूरी कार्रवाई में सिंचाई विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन मुक्त की गई थी।

बता दें कि जिस मदनपुर खादर इलाके में यूपी सरकार की कार्रवाई हुई थी। वो इलाका ओखला विधानसभा में आता है और वहाँ के विधायक का नाम अमानतुल्लाह खान है। ऐसे में यूपी के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह का कहना था कि वहाँ के विधायक ने कुछ अराजकता की है और उनके विरुद्ध शिकायत भी हुई है। राज्य मंत्री ने बताया था कि उक्त जमीन पर लोगों ने कब्जा करके अपने पक्के मकान बना लिए थे। इसके बाद स्थानीय सरकार की मदद से वहाँ रोहिंग्या लोगों को बसाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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