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SC लिखित में दे, भारत में नहीं होगी गिरफ्तारी, तो आज ही लौटने को तैयार: जाकिर नाइक

नाइक का कहना है कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ हताश हो गई है, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें जाँच किस बात की करनी है। हालाँकि उनकी हताशा शर्मनाक है। ये बड़े आश्चर्य की बात है कि पहले जाँच एजेंसियाँ आतंकी....

इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने मंगलवार (जून 11, 2019) को भारत लौटने की इच्छा व्यक्त की है। नाइक ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ये आश्वासन देता है कि दोषी ठहराए जाने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो वो वापस भारत आने के लिए तैयार है। नाइक 2016 में भारत से भागा था। फिलहाल वो मलेशिया में रह रहा है। मलेशिया सरकार ने उसे स्थायी निवासी का दर्जा दे दिया है।

जाकिर नाइक ने कहा कि उसे भारतीय न्यायपालिका पर तो भरोसा है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है। नाइक पर आतंक से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक का आरोप है। नाइक ने कहा कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ उसे जेल में डालने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। उसने तो आरोप भी लगा दिया है कि भारत में उसे बिना जाँच और बिना सुनवाई जेल भेजने की तैयारी चल रही है। नाइक ने कहा कि अगर भारत का सुप्रीम कोर्ट उसे लिखित में देता है कि भारत आने पर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो वो आज ही भारत लौटने को तैयार है। जाकिर नाइक का कहना है कि आरोपों और शिकायतों के बावजूद, भारत या दुनिया में कहीं भी, किसी भी अदालत में उसके खिलाफ एक भी फैसला नहीं है। भारत में समुदाय विशेष के मामले में अदालत द्वारा निर्दोष घोषित करने से पहले ही गिरफ्तार करके 8 से 20 साल तक के लिए जेल में भेजने का इतिहास रहा है। भारतीय एजेंसियों के इस रिकॉर्ड को जानने के बाद वो अपने जीवन और अधूरे काम को बर्बाद करने का चांस नहीं लेना चाहता।

नाइक का कहना है कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ हताश हो गई है, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें जाँच किस बात की करनी है। हालाँकि उनकी हताशा शर्मनाक है। ये बड़े आश्चर्य की बात है कि पहले जाँच एजेंसियाँ आतंकी लिंक की तलाश कर रही थीं, लेकिन अब वो मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच कर रही हैं। वो किसी न किसी रूप में उसे फँसाने की साजिश कर रही है।

वहीं, सोमवार (जून 10, 2019) को मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जाकिर नाईक को लेकर कहा है कि मलेशिया के पास यह अधिकार है कि अगर जाकिर नाइक के साथ न्यायसंगत व्यवहार नहीं होता है, तो मलेशिया के पास यह अधिकार है कि वह जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण न करे। उन्होंने कहा कि जब तक जाकिर नाइक मलेशिया के लिए कोई दिक्कत खड़ी नहीं कर रहा है, तब तक उसका प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा।

जाँच एजेंसी के अनुसार, नाइक के भारत और विदेशों में कुल ₹193 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जाँच कर रहा है। जाकिर नाईक का कहना है कि भारतीय जाँच एजेंसियों ने उसकी संपत्ति को जब्त करने की कोशिश की, लेकिन 2018 की शुरुआत और मार्च 2019 में अपीलेट ट्रिब्यूनल ने जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर रोक लगा दी, क्योंकि भारतीय जाँच एजेंसियाँ ये साबित नहीं कर सकी कि संपत्ति अवैध रूप से अधिग्रहित किए गए थे। नाइक का कहना है कि जाँच एजेंसियों को अदालत से कामयाबी नहीं मिलने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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