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भोपाल में बुर्के में औरतों का हुजूम, हाथों में ‘धन्यवाद मोदी जी’ का पोस्टर: इधर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हरक्यूलिस से लैंड करेंगे PM

मुस्लिम महिलाओं की यह तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें महिलाओं को सड़क किनारे खड़ा होकर 'मोदी, मोदी' का नारा लगाते देखा जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (16 नवंबर 2021) पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार वे हरक्यूलिस विमान से एक्सप्रेसवे पर लैंड करेंगे। इस दौरान 45 मिनट का एयर शो भी होगा, जिसमें वायुसेना के विमान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे 341 किलोमीटर लंबा है। यह लखनऊ से होते हुए बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा। प्रधानमंत्री ने जुलाई 2018 में आजमगढ़ में इसकी आधारशिला रखी थी और आज सुल्तानपुर में लोकार्पण करेंगे।

इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में थे। उन्होंने पहले जनजातीय दिवस (15 नवंबर) पर भोपाल के जंबूरी मैदान में कार्यक्रम को संबोधित किया। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया जो पहले हबीबगंज रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता था।

भोपाल पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में मुस्लिम औरतें भी इकट्ठा हुईं थी। बुर्के में दिख रही इन औरतों के हाथ में पोस्टर था। इसके जरिए तीन तलाक खत्म करने के लिए वे प्रधानमंत्री का धन्यवाद कर रहीं थीं। इनकी अगुवाई कर रही महिला ने दैनिक भास्कर को बताया, “प्रधानमंत्री ने हम लोगों को ट्रिपल तलाक से निजात दिलाया है। उन्होंने ट्रिपल तलाक रोकने के लिए कानून बनाकर अच्छा कार्य किया है। इसलिए वे प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करने पहुँची हैं।”

मुस्लिम महिलाओं की यह तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें महिलाओं को सड़क किनारे खड़ा होकर ‘मोदी, मोदी’ का नारा लगाते देखा जा सकता है। गौरतलब है कि कट्टरपंथियों के विरोध के बावजूद मोदी सरकार ने 2019 में कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के दंश से मुक्ति दिलाई थी।

भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी कहा था, “आज का दिन पूरे देश के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज भारत अपना पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। आजादी के बाद देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पूरे देश के जनजातीय समाज की कला, संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को गौरव के साथ याद किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की सरकारों ने आदिवासियों की समृद्ध विरासत के बारे में देश को नहीं बताया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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