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‘यूपी में कभी भी अखिलेश यादव की सरकार नहीं बनेगी’: जिस किन्नर सोनम ने राहुल गाँधी को दी थी चुनौती अब सपा मुखिया को दिया शाप

"अखिलेश यादव अपना नाम बदल कर अखिलेश अली जिन्ना रख लें और अपनी पार्टी को समाजवादी पार्टी की जगह जिन्नावादी पार्टी बना दे। फिर भी न जिन्ना उनको जिता पाएँगे, न अतीक अहमद जिता पाएँगे, न अंसारी जिता पाएँगे।"

किन्नर सोनम एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में हैं। योगी सरकार ने उन्हें ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका शाप है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव कभी यूपी की सत्ता में नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को अपना नाम बदल कर ‘अखिलेश अली जिन्ना’ रखने की सलाह दी है।

रिपोर्ट के अनुसार सोनम का कहना है कि बीजेपी ने उन्हें उनकी उम्मीद से ज्यादा दिया है। इसका इस्तेमाल वे पार्टी और अपने समाज की सेवा में करेंगी। साथ ही कहा कि यूपी में अब कभी भी अखिलेश यादव की सरकार नहीं बनेगी। टिकट मिलने पर उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की बात भी कही है।

बता दें कि सोनम को यूपी सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा मिला है। उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होंगे। सोनम किन्नर पिछली बार 2014 में तब चर्चा में आईं थीं जब उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में राहुल गाँधी के खिलाफ पर्चा भरा था। करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। तब उन्होंने कहा था कि सपा ने किन्नरों के साथ-साथ पूरे समाज के साथ अन्याय किया है।

सोनम ने कहा था, “सपा में मेरे साथ ही नहीं बल्कि पूरे किन्नर समाज के साथ अन्याय हुआ है। अब मरते दम तक भारतीय जनता पार्टी मे ही रह कर ही राजनीति करूँगी। सपा में कभी वापस नही जाऊँगी।” सोनम का कहना है कि राज्य में करीब 5 लाख किन्नर हैं, उन सभी का आशीर्वाद भाजपा के साथ है। राज्य में अगली सरकार दोबारा भाजपा की बनेगी और योगी आदित्यनाथ सीएम बनेंगे।

वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी बहुत बौखलाहट में है। तीन चुनाव हार चुकी है और चौथा हारने जा रही है। हमारा संगठन बूथ तक है। लिहाजा हमें जमीनी हकीकत पता है। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी गुंडे, अपराधी, माफिया, तुुष्टिकरण की राजनीति करते करते जिन्ना तक आ गई है।”

उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव अपना नाम बदल कर अखिलेश अली जिन्ना रख लें और अपनी पार्टी को समाजवादी पार्टी की जगह जिन्नावादी पार्टी बना दे। फिर भी न जिन्ना उनको जिता पाएँगे, न अतीक अहमद जिता पाएँगे, न अंसारी जिता पाएँगे। उत्तर प्रदेश की जनता ने कमल खिलाई है। उसकी खुशबू, उसका सुगंध, उसका लाभ जनता तक ईमानदारी से पहुँच रहा है। यहाँ गुंडागिरी थी, माफियागिरी थी, उसका अंत हुआ है। जनता बहुत सुकून महसूस कर रही है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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