Homeराजनीतिमहुआ मोइत्रा को सामने बैठा कर ममता बनर्जी ने लगाई क्लास, सबके सामने दी...

महुआ मोइत्रा को सामने बैठा कर ममता बनर्जी ने लगाई क्लास, सबके सामने दी चेतावनी… सांसद बस सिर हिलाते रह गईं

ममता बनर्जी ने महुआ मोइत्रा को उस समय फटकार लगाई, जब वह मंच पर बैठी थीं और ऐसे में वह सहमति में सिर हिलाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकीं। हालाँकि उनके चेहरे से स्पष्ट झलक रहा है कि वह इस अपमान पर हैरान थीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गुरुवार (9 दिसंबर 2021) को सार्वजनिक रूप से पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा को कड़ा संदेश दिया और उन्हें पार्टी में विभाजन न करने की चेतावनी दी। राज्य में नगर निगम चुनाव से पहले कृष्णानगर में एक प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए सीएम ने स्वीकार किया कि पार्टी में आंतरिक मतभेद हैं।

नगरपालिका अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक प्रशासनिक बैठक के दौरान, पार्टी के जिलाध्यक्ष जयंत साहा से बात करते हुए, ममता बनर्जी ने कृष्णानगर में पार्टी में आंतरिक संघर्ष के बारे में सवाल किया और महुआ मोइत्रा को फटकार लगाई। सीएम ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल के आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों का फैसला पार्टी करेगी और सभी को इससे सहमत होना होगा। इससे संकेत मिलता है कि उम्मीदवार चयन को लेकर मोइत्रा और पार्टी नेताओं के बीच तू-तू, मैं-मैं हो रही है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा:

“महुआ मैं स्पष्ट संदेश दे रही हूँ कि कौन किसके पक्ष में है या किसके खिलाफ… मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है। (आप) कुछ लोगों को तैयार करके यूट्यूब, या डिजिटल (मीडिया) या पेपर में भेज देंगे, यह राजनीति एक दिन के लिए काम कर सकती है लेकिन यह हमेशा के लिए काम नहीं करेगी और यह मान लेना भी सही नहीं है कि एक ही व्यक्ति हमेशा के लिए एक ही स्थिति में रहेगा। जब चुनाव आएगा तो पार्टी तय करेगी कि कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं। इसलिए किसी भी तरह का मतभेद रखना ठीक नहीं है। जो मैंने निर्देश दिया है, उसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। मैं चीजों से वाकिफ हूँ।”

बोलते-बोलते ममता बनर्जी यहाँ तक कह गईं कि उन्होंने बंगाल पुलिस के डीजी (कानून व्यवस्था) और सीआईडी तक को लगा रखा है यह देखने के लिए कौन लोग क्या कर रहे हैं, कौन षड्यंत्र रच रहा है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जिस राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से जनता त्रस्त थी, सुप्रीम कोर्ट तक को इसके संबंध में आदेश जारी करना पड़ा था, वहाँ की मुख्यमंत्री को चिंता किस बात की है, पुलिस को किस काम के लिए झोंका जा रहा है।

बता दें कि ममता बनर्जी ने महुआ मोइत्रा को उस समय फटकार लगाई, जब वह मंच पर बैठी थीं और ऐसे में वह सहमति में सिर हिलाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकीं। हालाँकि उनके चेहरे से स्पष्ट झलक रहा है कि वह पार्टी प्रमुख द्वारा इस सार्वजनिक अपमान पर हैरान थीं।

महुआ मोइत्रा पर ममता बनर्जी की टिप्पणी मोइत्रा के प्रतिनिधित्व वाले लोकसभा क्षेत्र कृष्णानगर में पार्टी में आंतरिक संघर्ष की खबरों के बाद आई है। कथित तौर पर, सांसद का पार्टी के अन्य नेताओं जैसे मंत्री उज्ज्वल विश्वास, नदिया उत्तर जिला अध्यक्ष जयंत साहा, पार्टी नेता नरेश साहा आदि के साथ टकराव हैं।

महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया गया है कि उनके जिले में पार्टी के अन्य नेताओं से कोई संपर्क नहीं है और वह अपने दम पर काम करती हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में स्थानीय नेताओं से बात करने के लिए जिले का दौरा किया था और उन्होंने सांसद पर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद मोइत्रा को पूरे नदिया जिले की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद से समस्या शुरू हुई है।

सीएम ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं को नगर निकाय चुनाव से पहले मिलकर काम करने का आदेश दिया। उन्होंने बीडीओ, जिला प्रशासन के अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को एक-दूसरे से संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए। पिछले महीने महुआ मोइत्रा को आगामी गोवा चुनावों के लिए पार्टी के गोवा राज्य प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रेस फ्रीडम का पीटता है ढोल, लेकिन जर्नलिस्ट की कब्रगाह बना पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 42 पत्रकारों की मौत, POK में जुल्म दिखाने पर मीडिया...

पाकिस्तान का प्रेस फ्रीडम क्या दिखाता है? वहाँ के पत्रकारों की हत्या, सच्चाई बोलने पर पाबंदी और विदेशी मीडिया के लिए अपने अनुसार बनाए गए नियम।

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।
- विज्ञापन -