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‘यूपी में किसी माफिया की हैसियत नहीं कि…’: जहाँ कभी खड़ी थी अतीक अहमद की अवैध संपत्ति, वहाँ ₹158 Cr में गरीबों को घर

सीएम योगी ने लूकरगंज में पूर्व सांसद अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों के लिए बनने वाले आवास का शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में रविवार (26 दिसंबर, 2021) को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के आवासों सहित 158 करोड़ रुपए लागत की 31 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चाभी भी वितरित की।

सीएम योगी ने लूकरगंज में पूर्व सांसद अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों के लिए बनने वाले आवास का शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “वर्ष 2017 से पहले गरीबों व व्यापारियों की संपत्ति पर कब्जा होता था। आज प्रयागराज में कुख्यात माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए निःशुल्क आवास की दो स्कीम लॉन्च होने के अवसर पर मैं आप सभी को बधाई व शुभकामनाएँ देता हूँ।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस योजना से लाभान्वित होने वाले गरीबों को भी मैं अग्रिम बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन का कारक बनेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की सत्ता पर कई वर्षों तक काबिज रहीं सपा-बसपा सरकारों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले विकास के लिए पैसा नहीं था और जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे को चंद लोग हड़प जाते थे, जिसके परिणामस्वरूप, गरीब टकटकी लगाकर देखता रह जाता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “यह समाजवादी इत्र नहीं, समाजवादी बदबू है, जो गरीबों की बद्दुआ लेकर प्रदेश में फैलाई जा रही है। यह गरीब की आह की प्रतीक है। किसी गरीब को मकान, अन्न व यूपी सरकार की अन्य योजनाओं से वंचित करके जो पैसा इन्होंने लूटकर रखा था, आज दीवारों से निकल रहा है।”

उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि यह जीरो टॉलरेंस नीति का ही परिणाम है कि आज पेशेवर माफियाओं और अपराधियों की जमीनों को कब्जों से मुक्त करके उन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आवास गरीबों को पहले भी दिए जा सकते थे, लेकिन पिछली सरकारों की रुचि नहीं थी।

उन्होंने आगे कहा, “मैं कह सकता हूँ कि उत्तर प्रदेश में किसी माफिया की हैसियत नहीं है, जो किसी गरीब, व्यापारी या कमजोर की संपत्ति पर कब्जा कर सके। अगर उसने किसी कालखंड में किसी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा किया है तो उसकी अवैध कमाई पर अब यूपी सरकार का बुलडोजर चल रहा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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