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आतंकियों की फंडिंग करता था पंजाब का दंपती, फर्जी पासपोर्ट पर देश से भागने वाले थे: हरियाणा पुलिस ने साथी के साथ पकड़ा

पुलिस के अनुसार नवंबर, 2021 को जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी मोहम्मद परवेज और उमर फारुख पकड़े गए थे। इनसे पूछताछ में ही पंजाब के इस दंपती के बारे में पता चला था।

हरियाणा पुलिस ने सोनीपत में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की मदद करने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों में पति-पत्नी और उनका साथी शामिल है। आरोपितों की पहचान रवि, वरिंद्र दीप कौर और कणभ के रूप में हुई है। रवि और वरिंद्र दीप कौर पति-पत्नी हैं, जबकि कणभ उनका साथी है। आरोपित पति-पत्नी पंजाब के तरनतारन के रहने वाले हैं, जबकि उनका साथी जालंधर का है।

तीनो आरोपित फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भागने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आरोपित पाकिस्तान में आतंकी संगठन के आकाओं के संपर्क में थे। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करते थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस से इनपुट मिला था कि जैश-ए-मोहम्मद के 3 मददगार निजी वाहन से सोनीपत से गुजरेंगे। 

सोनीपत पुलिस को तीनों संदिग्ध की पहचान के लिए फोटो उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद सोनीपत पुलिस हरकत में आ गई और गन्नौर-मुरथल के बीच नाका लगाकर निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच रविवार (30 जनवरी 2022) देर रात कार से एक महिला और दो युवकों को आता देख पुलिस ने उन्हें रोकने के बाद हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से फतेहाबाद से तैयार कराए गए फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए। इसकी सूचना जम्मू-कश्मीर पुलिस के दिल्ली मुख्यालय को दी गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी संदीप भट्ट अपनी टीम के साथ सोनीपत पहुँचे। तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से ट्राजिंट रिमांड पर लेकर तीनों को लेकर पुलिस जम्मू रवाना हो गई।

दो आतंकी की गिरफ्तारी के बाद मिला था इनपुट

पुलिस के अनुसार नवंबर, 2021 को जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी मोहम्मद परवेज और उमर फारुख पकड़े गए थे। इन दोनों से पुलिस ने तकरीबन 43 लाख रुपए बरामद किए थे। पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह वे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आशिक नैनग्रो के लिए काम करते थे। उसे ये पैसे अमृतसर में अज्ञात मददगार ने नवंबर में दिए थे। पुलिस जाँच में अज्ञात मददगार की पहचान रवि और उसकी पत्नी वरिंद्र दीप कौर के रूप में हुई थी।

आरोपितों के बारे में इनपुट मिलने के बाद से ही रवि और उसकी पत्नी का मोबाइल फोन बंद हो गया था। इस बीच पुलिस को उनके साथी का नंबर मिला जिसका नाम कणभ था। इस मोबाइल नंबर की लोकेशन जीटी रोड पर दिल्ली की तरफ मिली थी, जिसके बाद सोनीपत सीआईए टीम की मदद से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित फतेहाबाद से बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट से दिल्ली जा रहे थे। वहाँ से विदेश भागने की फिराक में थे। सोनीपत के एसपी राहुल शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आतंकियों के तीन मददगारों को भिगान के पास से काबू किया गया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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