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क्रिकेटर रिद्धिमान साहा को पत्रकार बोरिया मजूमदार ने धमकाया था, BCCI का एक्शन: स्टेडियम-खिलाड़ी तक जाने पर रोक, 2 साल का लगेगा प्रतिबंध

“हम भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सभी राज्य इकाइयों को उन्हें स्टेडियम के अंदर जाने से रोकने के लिए सूचित करेंगे। बोरिया मजूमदार को घरेलू मैच कवर करने की भी अनुमति नहीं होगी। खिलाड़ियों को उनसे दूर रहने के लिए कहा जाएगा।"

भारतीय टेस्ट टीम के सीनियर विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को धमकाने के मामले में मशहूर पत्रकार बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) पर बीसीसीआई दो साल का प्रतिबंध लगा सकती है। प्रतिबंध लगने के बाद मजूमदार देश के किसी भी क्रिकेट स्टेडियम में नहीं जा पाएँगे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति ने बोरिया मजूमदार को भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया है। इस मामले में मजूमदार ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को फोन कॉल और किसी भी टेक्स्ट मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया।

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर द संडे एक्सप्रेस को बताया:

“हम भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सभी राज्य इकाइयों को उन्हें स्टेडियम के अंदर जाने से रोकने के लिए सूचित करेंगे। बोरिया मजूमदार को घरेलू मैच कवर करने की भी अनुमति नहीं होगी। खिलाड़ियों को उनसे दूर रहने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा हम आईसीसी से मजूमदार को ब्लैकलिस्ट करने की अपील करेंगे।”

बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) और ऋद्धिमान साहा का यह मामला इस साल 19 फरवरी को सामने आया था। उस समय रिद्धिमान साहा ने एक पत्रकार पर इंटरव्यू के लिए धमकी देने का आरोप लगाया था। साहा ने हालाँकि तब पत्रकार का नाम उजागर नहीं किया था।

इस पूरे मामले पर वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व खिलाडियों ने रिद्धिमान साहा से धमकी देने वाले पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की माँग की थी। इसके बाद बोरिया मजूमदार ने 8 मिनट 36 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर के रिद्धिमान साहा के आरोपों पर सफाई दी थी। साथ ही उन्होंने साहा द्वारा दिखाई गई चैट स्क्रीनशॉट्स को एडिटेड बताया था।

अपने वीडियो में बोरिया मजूमदार ने कहा था, “रिद्धिमान साहा ने चैट के कुछ हिस्सों को ब्लर (धुंधला) कर दिया है। उन्होंने ही मुझसे इंटरव्यू के लिए कहा था। वो चैट की तारीख को छिपाना चाह रहे हैं। वो जनता को गुमराह भी कर रहे हैं। मैं BCCI से इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करता हूँ। मेरे वकील साहा को मानहानि का नोटिस भी भेज रहे हैं।”

मामले के तूल पकड़ने के बाद BCCI ने इसकी जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और शीर्ष परिषद के सदस्य प्रभतेज भाटिया शामिल थे। 37 वर्षीय साहा और पत्रकार मजमूदार समिति के सामने पेश हुए थे। इस दौरान साहा ने आरोप लगाया था कि मजमूदार ने इंटरव्यू नहीं देने पर उन्हें धमकाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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