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बंगाल में एक और बीजेपी कार्यकर्ता का मिला शव, पार्टी ने टीएमसी के गुंडों पर लगाया हत्या का आरोप: एक सप्ताह में दूसरी वारदात

"पूर्वी मिदनापुर जिले के मैना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण पात्रा को उनके घर से अगवा कर लिया गया और रात के अंधेरे में टीएमसी के बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी।"

पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी क्रम में इस बार कृष्ण पात्रा नाम के बीजेपी कार्यकर्ता का बुधवार (11 मई 2022) को शव पाया गया है। बीजेपी ने टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाया है। बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया है कि सुकांत को उनके घर से किडनैप कर लिया गया था।

मजूमदार के मुताबिक, टीएमसी के गुंडों ने ही उनकी हत्या की है। इस मामले में सुकांत ने शव की तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया, “पूर्वी मिदनापुर जिले के मैना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण पात्रा को उनके घर से अगवा कर लिया गया और रात के अंधेरे में टीएमसी के बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी।”

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ टीएमसी एक-एक कर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। बीजेपी नेता ने ये भी कहा कि ममता के साथ बंगाल में क्रूरता का राज है। बीजेपी ने दावा किया है कि कृष्ण पात्रा की बेरहमी से हत्या करने के बाद उनके शव को गंदे नाले में फेंक दिया गया था।

एक सप्ताह में दूसरी हत्या

इससे पहले 6 मई 2022 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अर्जुन चौरसिया नाम के बीजेपी नेता का शव फांसी के फंदे से लटका मिला था। उस दौरान भी टीएमसी पर ही अर्जुन की हत्या करने का आरोप लगाया गया था। मृतक अर्जुन भारतीय जनता पार्टी युवा मंडल मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे। इस वारदात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अर्जुन के घर जाकर उनके परिजनों से मिले थे।

गृह मंत्री ने पत्रकारों के साथ बातचीत में इस घटना को लेकर कहा था, “कल उन्होंने (ममता बनर्जी) पहला साल पूरा किया, ऐसा लगता है कि वो एक तरह का मैसेज देना चाहती हैं कि वो रुकेंगी नहीं। मैंने परिवार के साथ विस्तृत बातचीत की है। वे अपने बेटे को खोने और जिस तरह से उसका शव उनसे छीन लिया गया था, उससे वे निराश हैं। हमारी पार्टी ने कोर्ट का रुख किया है। सीबीआई जाँच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाय जबरदस्ती शव को कब्जा लिया है।”

बहरहाल पात्रा की मौत पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उन वास्तविक परिस्थितियों का पता चलेगा जिनकी वजह से उनकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल इस तथ्य को छिपा नहीं सकता कि पिछले विधानसभा चुनावों के बाद से उसके कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 50 भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की हत्या कर दी गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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