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रेडियो जॉकी की हत्या की कोशिश में जसपाल सिंह को जेल: कृषि कानूनों के समर्थन पर किया था हमला, सिर में लगे थे 150 टाँके

ये घटना दिसंबर 2020 की है। उस दौरान भारत में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ कथित किसानों का आंदोलन चल रहा था। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रेडियो जॉकी हरनेक सिंह ऑफिस खत्म कर लौट रहे थे। उसी दौरान उन पर हमला किया था।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रेडियो जॉकी हरनेक सिंह पर हुए हमले के मामले में अदालत ने जसपाल सिंह (41) को पाँच साल 3 महीने कैद की सजा सुनाई है। ऑकलैंड हाई कोर्ट ने उसे गुरुवार (26 मई 2022) को हत्या की कोशिश का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अदालत ने हरनेक पर हमले को धार्मिक कट्टरपंथ करार दिया है।

हाई कोर्ट के जस्टिस जेफ्री वेनिंग ने कहा कि ये हमला प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था। यह हरनेक सिंह का भाग्य था कि वे जिंदा बच गए। उनके शरीर पर चाकू के करीब 40 घाव थे। उन्होंने आगे कहा, “यह सौभाग्य की बात है कि मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में चोट नहीं है। लेकिन प्रभाव दीर्घकालिक और गंभीर हैं।” घटनास्थल से एक धारदार हथियार भी मिला था, जिस पर मिले डीएनए के सबूत प्रतिवादी से मेल खाते हैं।

जसपाल का बचाव कर रहे वकील रॉन मैंन्सफील्ड ने बताया कि जब उसके मुवक्किल को अपने किए पर पछतावा है। वह अब इस बात को स्वीकार करता है कि जो भी हुआ, वो सही नहीं था।

क्या है पूरा मामला

ये घटना दिसंबर 2020 की है। उस दौरान भारत में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ कथित किसानों का आंदोलन चल रहा था। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रेडियो जॉकी हरनेक सिंह ऑफिस खत्म कर लौट रहे थे। उसी दौरान उन पर हमला किया था। हरनेक सिंह के साथी ने बताया था कि हरनेक ने ‘दिल्ली में राजनीतिक रूप से प्रेरित किसान आंदोलन को वापस लेने की अपील की थी’, जिसके कारण उन पर हमला हुआ था।

इस घटना के तीन हफ्ते के बाद जनवरी 2021 में जब वो अस्पताल से छुट्टी लेकर घर लौटे तो पता चला कि उनके सिर में 150 टाँके लगे थे। उनका दाहिना कान तो लगभग कट गया था। हरनेक सिंह पर हमले के मामले में अदालत ने जनवरी 21, 2021 में 6 लोगों पर हत्या की कोशिश के आरोप तय किए थे। अब जसपाल को सजा सुनाई गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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