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समय पर CPR से बच सकती थी KK की जान, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का खुलासा: केद्रीय एजेंसी से जाँच के लिए अमित शाह को पत्र

डॉक्टर के अनुसार केके को लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में 80 फीसदी ब्लॉकेज थी। अगर उन्हें समय से सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

गायक सिंगर कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) पंचत्व में विलीन हो गए हैं। गुरुवार (2 जून 2022) को मुंबई के वर्सोवा शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे नकुल ने उन्हें मुखाग्नि दी। लेकिन, उनकी मौत के बाद उपजे कुछ सवाल अब भी अनसुलझे हैं। इसकी केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल करवाने को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को बीजेपी सांसद सौमित्र खाँ ने पत्र लिखा है। यह बात भी सामने आई है कि गायक को हार्ट ब्लॉकेज की समस्या थी। समय रहते यदि उन्हें सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

पश्चिम बंगाल से सांसद सौमित्र खाँ ने गृह मंत्री अमित शाह से केके की मौत मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जाँच की माँग की है। गृह मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि जिस ऑडिटोरियम में केके का कार्यक्रम हुआ, उसकी क्षमता 3000 लोगों की है। लेकिन 7,000 लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। AC काम नहीं कर रहा था। केके के पोस्टमार्टम के वक्त TMC नेता अस्पताल में मौजूद थे, जबकि विपक्ष के नेता को हॉस्पिटल आने से मना कर दिया गया। सांसद ने इन सभी शंकाओं के समाधान के लिए केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल करवाने की जरूरत पर जोर दिया है।

बता दें कि केके का निधन 31 मई की देर रात कार्डियक अरेस्ट के चलते हुआ। कोलकाता के नजरूल मंच पर परफॉर्म करते हुए सिंगर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी, जिसके बाद उन्हें होटल ले जाया गया। जब कोई सुधार नहीं दिखा तो उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।।

मीडिया रिपोर्टों में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के हवाले से बताया गया है, “केके की लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में काफी ब्लॉकेज मिली। बाकी के आर्टरीज और सब-आर्टरीज में कहीं-कहीं ब्लॉकेज पाई गई है। लाइव शो में परफॉर्म करते हुए एक्साइटमेंट के चलते आर्टरीज ने ब्लड फ्लो करना बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। अगर उस दौरान सीपीआर (cardio pulmonary resuscitation) दे दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। उनको हार्ट से जुड़ी समस्या काफी समय से थी जो उन्हें खुद ही नहीं पता थी।”

डॉक्टर के अनुसार केके को लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में 80 फीसदी ब्लॉकेज थी। कहीं भी 100 फीसदी ब्लॉकेज नहीं पाई गई। मंगलवार को लाइव परफॉर्मेंस के दौरान सिंगर चल रहे थे और क्राउड के साथ डांस भी कर रहे थे, जिसकी वजह से एक्साइटमेंट काफी बढ़ गई थी। दिल ने ब्लड फ्लो करना कम कर दिया था, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। इस वजह से हार्ट बीट भी अचानक से कुछ समय के लिए कम हो गई थी। केके बेहोश होने लगे। अगर उन्हें सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। 

बता दें कि सीपीआर में बेहोश व्यक्ति के सीने पर दबाव दिया जाता है और उसे आर्टिफिशियल साँसें दी जाती हैं। जिससे फेफडों को ऑक्सीजन मिलती रहे। इससे दिल का दौरा पड़ने और साँस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि केके पिछले कुछ समय से एंटासिड्स पर थे। दर्द की शिकायत होने के चलते उन्होंने एंटासिड्स लेनी शुरू की होगी। उन्हें लगा होगा कि उन्हें कुछ पाचन संबंधी समस्याएँ हैं, लेकिन असल में उन्हें हार्ट ब्लॉकेज थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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