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बरेली के जिस गॉंव से भाग रहे हिन्दू, वहॉं का जाबिर मोदी को गाली देने पर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश का मिलक पिछौड़ा गॉंव पिछले कुछ दिनों से हिन्दुओं को पूजा-पाठ से रोके जाने, उन्हें धर्मांतरण और पलायन के लिए मजबूर करने की खबरों को लेकर चर्चा में बना हुआ है।

बरेली के मिलक पिछौड़ा गॉंव के एक मुस्लिम युवक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश का यह गॉंव पिछले कुछ दिनों से हिन्दुओं को पूजा-पाठ से रोके जाने, उन्हें धर्मांतरण और पलायन के लिए मजबूर करने की खबरों को लेकर चर्चा में बना हुआ है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गॉंव के जाबिर नामक युवक का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता दिख रहा है। समुदाय विशेष के कथित आतंक से पहले से ही परेशान हिन्दू इस वीडियो को देख बिफर उठे।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि यह वीडियो लोकसभा चुनाव से पहले का है। लेकिन, गाँव के हालिया तनाव को देखते हुए यह वीडियो आग में घी का काम कर सकता था। इसलिए, मामला सामने आते ही नवाबगंज की पुलिस ने कय्यूम अली के बेटे जाबिर को गिरफ़्तार कर लिया। तनाव को देखते हुए पीएसी और चार थानों की फ़ोर्स के साथ नवाबगंज के सर्कल अफ़सर पीतमपाल सिंह खुद गाँव में जमे हुए हैं

27/7/19 के दैनिक जागरण (बरेली शहर संस्करण) से साभार

पूजा से रोकने को लेकर चर्चा में है गाँव

85% के करीब मुस्लिम आबादी वाला मिलक पिछौड़ा गाँव कुछ दिनों से चर्चा में है। गाँव के हिन्दुओं का कहना है कि ग्राम समाज की ज़मीन पर पिछले 70 वर्षों से एक छोटा-सा मंदिर है, जिसका निर्माण कार्य गाँव वाले मिलकर कराना चाहते हैं। लेकिन, मुस्लिम समुदाय के लोग उन्हें न तो पूजा करने देते हैं और न ही मंदिर का निर्माण करने दे रहे हैं। विरोध करने पर मुस्लिम समुदाय के लोग लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने ऐसी घटना से इनकार किया था। दैनिक जागरण ने हिन्दू महिलाओं के हवाले से बताया था कि मुस्लिम मंदिर में घंटा बजाने और मूर्ति पर जल चढ़ाने भी नहीं देते। यदि कोई हिन्दू इसका विरोध करता है तो मुस्लिम समुदाय के लोग उनके घर की लड़कियों को उठा लेने की धमकी देते हैं।

सरस्वती नामक महिला ने बताया था कि रोज-रोज इस तरह के धमकी भरे माहौल में रहना दूभर हो गया है। सभी अधिकारियों से मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन उसका कोई नतीजा अब तक नहीं निकला है। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाजपा विधायक छत्रपाल सिंह से भी कोई मदद नहीं मिली। सरस्वती ने कहा कि जहाँ पूजा-पाठ की स्वतंत्रता न हो, वहाँ से चले जाना ही बेहतर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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