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पश्चिम बंगाल में BJP कार्यालय में तोड़फोड़ और बमबाजी: छठी क्लास के दो छात्र हुए घायल, दहशत में लोग

"टीएमसी के कुछ लोग बाजार में पहुँचे और BJP पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ के साथ बमबाजी भी की। इस घटना से लोगों में दहशत फैल गई। काफी देर के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया।"

पश्चिम बंगाल में बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को एक बार फिर राजनैतिक संघर्ष देखने को मिला और इसका शिकार छठी कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्र हुए, जो कि फिलहाल कूचबिहार सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती हैं। कूचबिहार-1 ब्लॉक के चांदामारी इलाके में स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर तोड़फोड़ और बमबाजी की गई। इस दौरान ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे दो छात्र इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

दरअसल, सूबे के चांदामारी ब्लॉक स्थित पार्टी कार्यालय को लेकर सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच काफी समय से टकराव की स्थिति है। गुरुवार को हुए इस हमले के लिए बीजेपी ने टीएमसी के ऊपर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गुरुवार की सुबह टीएमसी के कुछ लोग बाजार में पहुँचे और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ और बमबाजी की। इस घटना से लोगों में दहशत फैल गई। काफी देर के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया।

चांदामारी के स्थानीय भाजपा नेता परेशचंद्र राय का कहना है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस की गुंडा वाहिनी ने अचानक से बाजार में आकर पार्टी ऑफिस तोड़ दिया। पुलिस को खबर देने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इलाके को अशांत करके रखा है। कूचबिहार जिला की भाजपा अध्यक्ष मालती राभा ने भी टीएमसी पर इलाके में आतंक फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस की तरफ से जल्द ही इन पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मजबूरन उनकी पार्टी को बड़े आंदोलन पर उतरना होगा।

वहीं, उत्तर बंगाल विकास मंत्री और टीएमसी नेता रवीन्द्रनाथ घोष का कहना है कि उनकी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उनकी पार्टी पर गलत आरोप लगाया गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर लोकसभा चुनाव के बाद से ही इलाके में शांति भंग करने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर है और इस सियासी हिंसा की अब तक कई भाजपा कार्यकर्ता भेंट चढ़ चुके हैं। बीते दिनों भाजपा कार्यकर्ता काशीनाथ घोष का शव हुगली के गोघाट के नहर से बरामद किया गया था। भाजपा ने सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर उनकी हत्या का आरोप लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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