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‘वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया, AIMIM के इशारे पर दर्ज हुआ झूठा केस’: MLA राजा सिंह ने निलंबन के बाद भाजपा की नोटिस का दिया जवाब

"2018 में भाजपा की तरफ से जीत दर्ज करने वाला मैं तेलंगाना में एकमात्र विधानसभा उम्मीदवार था। 2020-21 के उपचुनावों में पार्टी के दो अन्य उम्मीदवार जीत कर विधायक बने।"

भाजपा ने तेलंगाना के अपने विधायक राजा सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था। साथ ही उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था। राजा सिंह पर पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का आरोप लगने और वीडियो वायरल होने के बाद उन पर ये कार्रवाई की गई थी। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था। अब विधायक राजा सिंह ने भाजपा हाईकमान को अपनी प्रतिक्रिया भेजी है।

भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओम पाठक को भेजे गए पत्र में विधायक ने कहा है कि उन्हें 2014 और 2018 में लगातार दो बार हैदराबाद के गोशमहल विधानसभा क्षेत्र से बतौर भाजपा उम्मीदवार जीत मिली है। उन्होंने चुनाव लड़ने का मौका देने के लिए भाजपा का धन्यवाद करते हुए कहा कि वो 2014 में तेलंगाना में चुने गए भाजपा के 5 विधायकों में से एक थे और उन्हें बाकी चारों के साथ मिल कर काम करने का मौका मिला।

राजा सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा आलाकमान को लिखा, “2018 में भाजपा की तरफ से जीत दर्ज करने वाला मैं तेलंगाना में एकमात्र विधानसभा उम्मीदवार था। 2020-21 के उपचुनावों में पार्टी के दो अन्य उम्मीदवार जीत कर विधायक बने। उसके बाद से ही हम तीनों लगातार पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। 8 वर्षों के विधानसभा कार्यकाल में मैंने अब तक पार्टी के अनुशासन को भंग नहीं किया। मैं पार्टी के हर कार्यक्रम में हिस्सा लेता हूँ।”

हैदराबाद के गोशमहल से विधायक राजा सिंह ने निलंबन पर भाजपा को भेजी प्रतिक्रिया

विधायक राजा सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनका जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें उन्होंने न तो किसी कड़े शब्द का प्रयोग किया है और न ही किसी को गाली दी है। उन्होंने ये भी बताया कि इस वीडियो में उन्होंने किसी का नाम भी नहीं लिया है। विधायक ने बताया कि उन्होंने किसी समाज की भावनाएँ आहत करने वाला कोई कार्य नहीं किया और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के इशारे पर हैदराबाद पुलिस ने उन पर झूठा केस दर्ज कर लिया।

राजा सिंह ने पत्र में लिखा है कि जब अदालत ने भी उनके खिलाफ मामले को ख़ारिज कर दिया तो PD एक्ट लगा कर उन्हें जेल में डाला गया। उन्होंने बताया कि वीडियो में गूगल की सूचनाओं का प्रयोग करते हुए उन्होंने बस कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की नक़ल की थी। उन्होंने किसी मजहब की आलोचना नहीं की। उन्होंने भारत माता की सेवा के लिए आगे मौका देने की माँग करते हुए कहा कि वो आगे ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे पार्टी का अनुशासन भंग हो और पार्टी की विधारधारा के हिसाब से चलते रहेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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