Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयअमेरिका में फिर ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 से ज्यादा लोग घायल: फिलाडेल्फिया में बार के...

अमेरिका में फिर ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 से ज्यादा लोग घायल: फिलाडेल्फिया में बार के बाहर काली गाड़ी में बैठकर आए थे बंदूकधारी

गोलीबारी फिलाडेल्फिया के किंग्स्टन इलाके में हुई। यहाँ के बार के आगे रात 10:45 के आगे खड़े एक काले रंग के वाहन से कई लोग एक साथ उतरे। उन्होंने अपने हथियारों से लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद सभी हमलावर वहाँ से भाग निकले। हमलावरों द्वारा घटनास्थल पर लगभग 40 गोलियाँ दागी गईं।

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में गोलीबारी होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस फायरिंग में 12 लोगों को निशाना बनाया गया। अचानक हुए इस हमले से लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को संभाला और घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया। हमलावरों की संख्या 1 से अधिक बताई जा रही है। घटना शनिवार (5 नवम्बर 2022) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी फिलाडेल्फिया के किंग्स्टन इलाके में हुई। यहाँ के बार के आगे रात 10:45 के आगे खड़े एक काले रंग के वाहन से कई लोग एक साथ उतरे। उन्होंने अपने हथियारों से लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद सभी हमलावर वहाँ से भाग निकले। हमलावरों द्वारा घटनास्थल पर लगभग 40 गोलियाँ दागी गईं।

घायलों में 2 की हालत बेहद नाजुक है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर जॉन एम स्टैनफोर्ड ने बताया कि हमलावरों की संख्या 3 से 4 के बीच थी। हालाँकि स्टैनफोर्ड का कहना है कि अभी तक हमलावरों की हरकत के पीछे छिपे मकसद का पता नहीं चल पाया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। घायलों या मृतकों की सँख्या का अभी सही अनुमान नहीं लग पाया है। कुछ रिपोर्ट्स में 9 लोगों के मौत की भी जानकारी दी जा रही है।

घटनास्थल से मिल रहे फुटेज के आधार पर देखा जा सकता है कि इलाके में सन्नाटा है। सड़क पर चीजें बिखरी हुई हैं। इसी फुटेज में पुलिस के वाहन भी दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले माह अक्टूबर में भी अमेरिका में गोलीबारी हुई थी। तब 20 अक्टूबर 2022 को सिएटल से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व केलर में दो लोगों की मौत हो गई थी। स मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -