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‘येशु मसीह के शरीर में वजाइना, वो ट्रांसजेंडर थे’: ट्रिनटी कॉलेज के रिसर्चर का दावा, भड़के चर्च ने कहा – पुरुष के शरीर में छेद कर स्त्री मत बनाओ

हीथ के इस बयान के बाद ट्रिनिटी कॉलेज के डीन डॉ माइकल बैनर ने कहा, "मुमकिन है कि ईसा मसीह ट्रांसजेंडर रहे हों।"

ट्रिनिटी कॉलेज के डीन डॉ माइकल बैनर ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के छात्र जोशुआ हीथ के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईसा मसीह ट्रांसजेंडर थे। हालाँकि, उनके इस समर्थन के बाद चर्च से जुड़े लोग उनका विरोध कर रहे हैं और ‘ट्रांस मसीह’ की अवधारणा को नकार रहे हैं।

दरअसल, विगत रविवार (20 नवंबर, 2022) को ट्रिनिटी कॉलेज में आयोजित ईवनसॉन्ग में जूनियर रिसर्च फेलो जोशुआ हीथ ने ईसा मसीह के कुछ फोटो को प्रदर्शित किया था। इन फोटो में ईसा मसीह के शरीर में एक घाव दिखाया गया था। जोशुआ हीथ ने इस घाव की तुलना वजाइना से की थी। जोशुआ हीथ ने अपने संबोधन के दौरान तीन फोटोज दिखाए थे। इसमें, जीन मलौएल की पेंटिंग पिएटा और फ्रांसीसी पेंटर मैकरोनी की पेंटिंग क्राइस्ट्स भी शामिल है।

इस फोटो की ओर इशारा करते हुए हीथ ने जीसस के घाव और कमर तक बह रहे खून को लेकर ही टिप्पणी की थी। हीथ ने कहा था, “यदि मसीह के शरीर में मर्द और स्त्री दोनों के साथ हैं तो निश्चित तौर पर वह ट्रांसजेंडर थे।” हीथ के इस बयान के बाद ट्रिनिटी कॉलेज के डीन डॉ माइकल बैनर ने कहा, “मुमकिन है कि ईसा मसीह ट्रांसजेंडर रहे हों।” उन्होंने यह भी कहा, “हम मसीह के मेल/फीमेल शरीर वाली ऐसी तस्वीरों के बारे में सोच सकते हैं। मसीह आज हमें ट्रांसजेंडर्स के बारे में सोचने के तरीके बता रहे हैं।”

बैनर के इस बयान के बाद ईसा मसीह को मानने वालों ने उनका विरोध किया है। चर्च के एक सदस्य ने ट्रिनिटी कॉलेज के डीन को पत्र लिखते हुए कहा “मैं बेहद दुःखी हूँ। आपने मुझसे बात करने के लिए कहा था लेकिन मैं व्यथित था। मैं ऐसे किसी भी विचार को स्वीकार नहीं कर सकता जिसमें कहा गया हो कि पुरुष में छेद बनाकर उसे स्त्री बनाया जा सकता है।”

उन्होंने अपने शिकायती पत्र में यह भी कहा है कि ‘ईवनसॉन्ग’ के मंच से उनके ईश्वर के लिए जिस तरह की बातें की गईं हैं उन सभी बातों को वह अस्वीकार करते हैं। यही नहीं, ‘ट्रांस मसीह’ वाली धारणा को उन्होंने अधर्म करार दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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