Homeदेश-समाज18 वर्षों से फरार मोस्ट वांटेड उग्रवादी निकला JMM का बड़ा नेता, 2009 में...

18 वर्षों से फरार मोस्ट वांटेड उग्रवादी निकला JMM का बड़ा नेता, 2009 में BSP से भी लड़ चुका है चुनाव

उग्रवादी प्रशांत न केवल इस समय झामुमो युवा मोर्चा का केंद्रीय उपाध्यक्ष है बल्कि वह 2009 में बसपा के टिकट से विश्रामपुर विधानसभा में चुनाव भी लड़ चुका है।

राँची के नामकुम से पलामू पुलिस ने एक लाख के इनामी टीएसपी उग्रवादी प्रशांत ठाकुर उर्फ़ संदीप ठाकुर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उग्रवादी प्रशांत न केवल इस समय झामुमो युवा मोर्चा का केंद्रीय उपाध्यक्ष है बल्कि वह 2009 में बसपा के टिकट से विश्रामपुर विधानसभा में चुनाव भी लड़ चुका है।

प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने झामुमो नेता प्रशांत को नामकुम स्थित अमेठिया नगर के गुलमोहर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-103 से गिरफ्तार किया। पुलिस उसे गिरफ्तार करने यहाँ बुधवार रात पहुँची थी। गिरफ्तारी के बाद उसे नामकुम थाने अपने साथ लेकर आया गया।

जानकारी के मुताबिक 18 वर्षों से फरार चल रहे प्रशांत ठाकुर की झारखंड पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। लेकिन नाम बदलकर अपनी लोकेशन बदलते रहने के कारण वह पकड़ में नहीं आ रहा था।

पलामू के डीआइजी विपुल शुक्ला की मानें तो प्रशांत ठाकुर गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के बांडु कल्याणपुर का मूल निवासी है। लेकिन पिछले 5 साल से वह नामकुम में नाम बदल कर किराए पर रह रहा था। जहाँ लोगों को उसकी पहचान संदीप ठाकुर के रूप में पता थी।

अपनी जाँच में पुलिस ने प्रशांत के मोबाइल के लोकेशन की लगातार छानबीन की और लोकेशन का मालूम चलते ही बुधवार उसके फ्लैट पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि उग्रवादी प्रशांत छत्तीसगढ़ व झारखंड में टीएसपी संगठन का काम करता था।

इन दोनों ही राज्यों में उसका नाम मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में था। उस पर फिलहाल रामगढ़ थाने में बीड़ी पता व्यवसायी के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज है। इसके साथ ही उस पर पलामू में 4, गढ़वा में 2 और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित रामचंद्रपुर थाना में मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ रेड वारंट भी निकला हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -