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10वीं के टेस्ट पेपर में बच्चों को ‘आज़ाद कश्मीर’ चिह्नित करने को कहा: बंगाल में WBBSE का कारनामा, भाजपा ने बताया TMC की जिहादी साजिश

"छात्रों से माध्यमिक परीक्षा के पेपर में 'आजाद कश्मीर' को मार्क करने के लिए कहा गया है। क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसे विचारों का समर्थन करती हैं?"

;पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (West Bengal Board Of Secondary Education)’ की तरफ से 10वीं के छात्रों के लिए जारी टेस्ट पेपर में नक्शे पर ‘आजाद कश्मीर’ चिह्नित करने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को आजाद कश्मीर लिखे जाने को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल के टीएमसी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे जिहादी साजिश करार दिया है। टेस्ट पेपर के पेज नंबर 132 का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

बवाल मचने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से मामले की जाँच के लिए कहा है। राज्य सरकार ने कहा है कि मामले की जाँच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) हर साल बोर्ड की परीक्षा से पहले छात्रों की प्रैक्टिस के लिए टेस्ट पेपर का संग्रह जारी करता है। इसमें अलग-अलग स्कूलों द्वारा तैयार किए गए कक्षा 10 के लिए प्रश्न होते हैं। इस संग्रह के वायरल हो रहे पेज नंबर 132 के उपविभाग संख्या 2.4 में 4 स्थानों को मानचित्र पर दिखाने के लिए कहा गया है। सबसे पहले संख्या 2.4.1 पर आजाद कश्मीर को चिह्नित करने के लिए कहा गया है।

उसके बाद क्रमशः मोपला विद्रोह का स्थान, गाँधी जी के नेतृत्व में शुरू किए गए पहले सत्याग्रह स्थल और अंत में चटग्राम को मानचित्र में दिखाने के लिए कहा गया है। टेस्ट पेपर का विवादास्पद प्रश्न मालदा के रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यामंदिर का बताया जा रहा है।

इसे राज्य की भाजपा इकाई ने बड़ा मसला करार दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मेदिनीपुर से सांसद दिलीप घोष ने 17 जनवरी को ट्विटर पर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “ममता सरकार अलगाववादियों की समर्थक है। मध्यमिक टेस्ट पेपर 2023 के पृष्ठ 132 पर इतिहास के प्रश्न पत्र के चिह्नित हिस्से को देखें। छात्रों को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के हिस्से को आज़ाद कश्मीर के रूप में पहचानने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार न सिर्फ उग्रवादियों का समर्थन कर रही है, बल्कि छात्रों में भारत विरोधी मानसिकता पैदा करने की भी कोशिश कर रही है।”

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर सुभाष सरकार ने प्रश्न पत्र बनाने वालों को राष्ट्र द्रोही करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रश्नों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री को टेस्ट पेपर की बिक्री बंद कर के उन्हें पत्र लिखना चाहिए, साथ ही मामले की जाँच होनी चाहिए।

‘भारतीय जनता पार्टी (BJP)’ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुकान्त मजूमदार ने ट्विटर पर लिखा, “छात्रों से माध्यमिक परीक्षा के पेपर में ‘आजाद कश्मीर’ को मार्क करने के लिए कहा गया है। क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसे विचारों का समर्थन करती हैं?” उन्होंने टीएमसी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की। बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने मामले की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने कहा इस घटना से साबित होता है कि राज्य सरकार अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए जिहादी विचारों को बढ़ावा देती है।

दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल सरकार ने इसे भूल करार दिया है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यदि किसी ने गलती से इस तरह का सवाल पूछा है तो यह गलत किया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करते हैं। टीएमसी एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जो किसी समुदाय विशेष को खुश करने में विश्वास नहीं रखती है। उन्होंने दावा किया किभाजपा द्वारा हमारी पार्टी के खिलाफ निराधार टिप्पणी की जा रही है।

वहीं, पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रामानुज गंगोपाध्याय ने कहा कि हम लोग प्रश्न पत्र तैयार करने वालों और इसे संपादित करने वालों से बात करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि बोर्ड की वेबसाइट पर संशोधित प्रश्न पत्र जारी किया जा रहा है।

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