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अडानी इंटरप्राइजेज को ₹820 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 42% बढ़ा: मॉरीशस ने भी दी क्लीनचिट, कहा- सभी डील नियम के त​हत

अडानी इंटरप्राइजेज को एक साल पहले इसी तिमाही में 11.63 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था। कंपनी का रेवेन्यू 42 फीसदी बढ़ा है। दिसंबर तिमाही में अडानी इंटरप्राइजेज का रेवेन्यू बढ़कर 26,612.2 करोड़ हो गया है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 18,757.9 करोड़ रुपए था।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद विवादों में घिरी अडानी ग्रुप को दोतरफा राहत मिली है। एक तरफ मॉरीशस ने उसे क्लीनचिट दे दी है। दूसरी तरफ ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी इंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) सालाना बेसिस पर घाटे से निकल गई है। वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी तिमाही में कंपनी को 820 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार अडानी इंटरप्राइजेज को एक साल पहले इसी तिमाही में 11.63 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था। कंपनी का रेवेन्यू 42 फीसदी बढ़ा है। दिसंबर तिमाही में अडानी इंटरप्राइजेज का रेवेन्यू बढ़कर 26,612.2 करोड़ हो गया है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 18,757.9 करोड़ रुपए था।

कंपनी का EBIDTA बढ़कर 1968 करोड़ हो गया है। कुल खर्च बढ़कर 26,171 करोड़ हो गया है। यह एक साल पहले समान तिमाही में 19,047.7 करोड़ रुपए था। मुनाफे का असर अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी के तौर पर भी दिखा है।

गौतम अडानी ने क्या कहा

अडानी इंटरप्राइजेज के इस मुनाफे को लेकर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है, “हमारी सबसे बड़ी मजबूती बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम करने की क्षमता है। इसके साथ ही, हमारा संगठनात्मक विकास और असाधारण O&M मैनेजमेंट दुनिया में सबसे बेहतर है। हमारी सफलता की वजह मजबूत शासन, नियमों का सख्ती से पालन और लगातार बेहतर प्रदर्शन है।”

नहीं हुई गड़बड़ी

वहीं हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग ने कहा है कि अडानी समूह की किसी कंपनियों द्वारा कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग (FSC) ने अडानी ग्रुप को क्लीनचिट देते हुए कहा है कि समूह से जुड़ी 38 कंपनियों और 11 ग्रुप के फंडों में किसी भी प्रकार के कानून का उल्लंघन नहीं मिला है। बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी को जारी अपनी रिपोर्ट में दावा किया था अडानी समूह ने अपनी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए मॉरीशस की शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया है।

एफएससी के सीईओ धनेश्वरनाथ विकास ठाकुर ने कहा है, “मॉरीशस में अडानी समूह से जुड़ी सभी कंपनियों के शुरुआती आकलन और जमा की गई जानकारी के आधार पर किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं मिला है।”

बता दें कि अडानी ग्रुप की कमाई के आँकड़े और मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में तेजी देखी गई है। अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में बीते 5 दिनों में 11.76% की गिरावट हुई थी। वहीं, इन रिपोर्ट्स के बाद मंगलवार (14 फरवरी 2023) को कंपनी के शेयर में 1.87% की तेजी देखी गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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