Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयदिखाने को कंप्यूटर रिपेयर की दुकान, चल रही थी जिहाद की तैयारी: ब्रिटेन की...

दिखाने को कंप्यूटर रिपेयर की दुकान, चल रही थी जिहाद की तैयारी: ब्रिटेन की अदालत ने असद को दोषी पाया, 173 पन्नों के डॉक्यूमेंट से खुला साजिश का राज़

दावा किया जा रहा है कि असद भट्टी के पास बरामद हुए डॉक्यूमेंट में बम बनाने की सरल विधि और केमिकल का भी जिक्र किया गया था।

ब्रिटेन की एक अदालत ने आतंकवाद के एक मामले में असद भट्टी नाम एक युवक को दोषी करार दिया है। पुलिस के मुताबिक, असद लैपटॉप से बम बनाने की प्लानिंग कर रहा था। असद जनवरी 2021 को गिरफ्तार हुआ था और तीन मामलों में आरोपित किया गया था। जाँच में 49 वर्षीय असद को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित पाया गया था। अब आने वाले 25 अप्रैल, 2023 को कोर्ट असद भट्टी को सज़ा सुनाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला सरे के रेडहिल का है। यहाँ पर असद की एक कम्प्यूटर रिपेयर शॉप हुआ करती थी। साल 2021 में पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर असद की दुकान पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में असद की दुकान में रखे लैपटॉप से 173 पन्नों का एक डॉक्यूमेंट बरामद हुआ था। यह लैपटॉप असद का ही निकला। इस डॉक्यूमेंट में हथियार, विस्फोटक, इस्लाम , शहादत और जिहाद से जुड़ी ज्यादातर बातें शामिल थीं। डॉक्यूमेंट में जिन हथियारों का जिक्र था उसमें हैंडगन और स्नाइपर राइफल प्रमुख थे।

दावा किया जा रहा है कि असद भट्टी के पास बरामद हुए डॉक्यूमेंट में बम बनाने की सरल विधि और केमिकल का भी जिक्र किया गया था। बम के सामान का जिक्र ब्लैक पाउडर के तौर पर किया गया था। पुलिस ने लैपटॉप को जब्त कर के असद के खिलाफ अन्य सबूत भी जुटाए थे। कोर्ट ने सबूतों को दोष सिद्ध के लिए पर्याप्त माना। हालाँकि, अपने बचाव में असद ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया था। उसने कहा था कि वह उन सामानों का कानूनी तौर पर प्रयोग करना चाह रहा था।

कोर्ट ने असद को दोषी ठहरने से पहले 1 सप्ताह तक विचार-विमर्श किया था। आखिरकार असद को 2 अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया है। पहला मामला आतंकी उद्देश्य और दूसरा ममला विस्फोटक बनाना है। दोषी ठहरने के दौरान कोर्ट ने असद को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रेरित बताया। कोर्ट न यह माना कि असद उन लोगों से नफरत इस्लाम को नहीं मानते थे। असद ने गैर इस्लामी लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी की थी। ब्रटिश पुलिस ने असद को दोषी ठहराए जाने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके द्वारा पेश किए गए सबूत अदालत द्वारा स्वीकार किए गए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -