Homeराजनीतिउद्धव ठाकरे, बेटे आदित्य और MP संजय राउत को दिल्ली हाईकोर्ट का समन, मानहानि...

उद्धव ठाकरे, बेटे आदित्य और MP संजय राउत को दिल्ली हाईकोर्ट का समन, मानहानि के मुकदमे में फँसे: ‘सामना’ में गलत जानकारी देने का आरोप

राहुल शेवाले ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के मुखपत्र सामना में लिखे एक लेख को लेकर आपत्ति जताई थी। पिछले दिनों लिखे गए एक लेख में राहुल शेवाले का जिक्र किया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि के एक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और राज्यसभा एमपी संजय राउत को समन जारी किया है। शिवसेना नेता राहुल रमेश शेवाले ने तीनों पर दीवानी मानहानि (Civil defamation) का मामला दर्ज कराया था। इसे लेकर कोर्ट ने तीनों नेताओं को समन जारी किया है। मामले की सुनवाई 17 अप्रैल, 2023 को होगी।

राहुल शेवाले ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के मुखपत्र सामना में लिखे एक लेख को लेकर आपत्ति जताई थी। पिछले दिनों लिखे गए एक लेख में राहुल शेवाले का जिक्र किया गया था। जिसके बाद शिवसेना नेता ने छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया। मामले में जस्टिस जालान ने उद्धव, आदित्य और संजय राउत के साथ-साथ गूगल और ट्विटर को भी 30 दिनों के भीतर जवब दाखिल करने को कहा है।

शेवाले ने इस कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की भी माँग की है।

‘सामना’ में क्या छपा था?

आरोपों के मुताबिक कुछ महीने पहले ‘सामना’ में “राहुल शेवाले का कराची में होटल, रियल एस्टेट का कारोबार!” हेडिंग के साथ एक लेख छपा था। इसमें दावा किया गया था कि शेवाले पाकिस्तान के कराची स्थित एक होटल के मालिक हैं। शेवाले ने इस खबर को तथ्यहीन बताते हुए अदालत का रुख किया था। उनका दावा है कि लेख में प्रकाशित जानकारी गलत है।

बता दें कि मानहानि दो तरह की होती है। एक सिविल (दीवानी) जो राहुल शेवाले ने किया है और दूसरा आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation)। सिविल मानहानि के मामले में दोषी व्यक्ति को आर्थिक दंड (मुआवजा) देना पड़ता है। जबकि आपराधिक मानहानि के लिए कारावास की सजा का भी प्रावधान है। आपराधिक मामले में सांसद/विधायक को अयोग्य करार दिए जाने का खतरा होता है। राहुल गाँधी आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी पाए गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न आरोपों की राजनीति, न EVM का रोना… बदली रणनीति के दम पर प्रशांत किशोर ने जीता बांकीपुर उपचुनाव

EVM विवाद से दूरी, जमीनी मुद्दों पर फोकस, घर-घर संपर्क और सटीक चुनावी रणनीति ने बांकीपुर में प्रशांत किशोर को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

‘जेल जाएँगे, 3-4 घंटे चक्की पीसेंगे, उम्रकैद होगी’ : दंगाइयों की वकालत करने वाले जिस महमूद प्राचा ने PM मोदी और अमित शाह के...

एक इंटरव्यू में महमूद प्राचा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित टिप्पणियाँ करते हुए उन्हें जेल भेजने की बात कही।
- विज्ञापन -