Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस IT सेल: गुजरात के रोहन गुप्ता को कमान, पूर्ववर्ती रम्या की तरह ही...

कॉन्ग्रेस IT सेल: गुजरात के रोहन गुप्ता को कमान, पूर्ववर्ती रम्या की तरह ही रहे हैं ‘कुख्यात’

दिव्या स्पंदना ग़लत जानकारियाँ ट्वीट करने और भ्रामक अभियान चलाने के लिए कुख्यात थीं। लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की बुरी हार के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आए रोहन की छवि भी भ्रामक प्रचार अभियान चलाने वाले की ही रही है।

गुजरात से संबंध रखने वाले रोहन गुप्ता के हाथों अब कॉन्ग्रेस आईटी सेल की कमान होगी। पार्टी ने उन्हें सोशल मीडिया डिपार्टमेंट का नया चेयरमैन बनाया है। इससे पहले वे कॉन्ग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर थे।

रोहन से पहले कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया डिपार्टमेंट का काम दक्षिण फिल्मों की अभिनेत्री दिव्या स्पंदना उर्फ रम्या के हाथों में थी। दिव्या स्पंदना ग़लत जानकारियाँ ट्वीट करने और भ्रामक अभियान चलाने के लिए कुख्यात थीं। लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की बुरी हार के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आए रोहन की छवि भी भ्रामक प्रचार अभियान चलाने वाले की ही रही है।

अहमदाबाद से शुरुआती पढ़ाई करने वाले रोहन गुप्ता 2016 से कॉन्ग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से एमबीए करने के बाद अपना कारोबार शुरू किया था। उन्हें 2008 में खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय की एडवाजयरी कमेटी का हिस्सा बनाया गया था। उस समय केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए की सरकार थी। वह गुजरात आईटी सेल की कमान भी सँभाल चुके हैं। 2010 में अहमदाबाद नगर निगम का चुनाव लड़ चुके रोहन गुप्ता को 2013 में कॉन्ग्रेस ने आईटी सेल का ट्रेनिंग एन्ड डेवलपमेंट इंचार्ज बनाया था।

2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान उन पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे। आयोग के आदेश को दरकिनार करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर पहले चरण के चुनाव के बाद एग्जिट पोल शेयर कर दिया था। इस मामले में सिटी क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। उस समय वह गुजरात कॉन्ग्रेस आईटी सेल के संयोजक थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -