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कॉन्ग्रेस का सफाया हो चुका है, सबसे अच्छा कैल्शियम इंजेक्शन भी इसे नहीं बचा सकता: ओवैसी

लोकसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र में प्रकाश आंबेडकर के बहुजन संघ के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था। चुनावी विश्लेषकों का मानना था कि इस गठबंधन के कारण दलितों और मुस्लिमों का थोड़ा-बहुत वोट बँटा और इसका नुकसान कॉन्ग्रेस को उठाना पड़ा।

महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के लिए पहुँचे असदुद्दीन ओवैसी ने कॉन्ग्रेस पर जम कर निशाना साधा। पुणे में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि कॉन्ग्रेस का अब सफाया हो चुका है और पार्टी इतनी ज्यादा कमज़ोर हो गई है कि अब दुनिया का सबसे प्रभावशाली कैल्सियम इंजेक्शन भी उसे नहीं बचा सकता। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होना है और ओपिनियन पोल्स में भाजपा-शिवसेना की ‘महायुति’ विपक्ष पर भारी पड़ती दिख रही है। राज्य में कॉन्ग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं है और उसकी सहयोगी एनसीपी के कई नेता भाजपा से जा मिले हैं।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि कॉन्ग्रेस पार्टी का आलाकमान हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों को नज़रअंदाज़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक नक़्शे से कॉन्ग्रेस साफ़ हो चुकी है और उसे सबसे अच्छा कैल्शियम इंजेक्शन देकर भी नहीं बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस अब धीरे-धोरे नीचे जा रही है और कोई उसे बचा नहीं सकता क्योंकि पार्टी ख़ुद ही लड़ाई लड़ने के लिए तैयार नहीं है।

ओवैसी ने कहा कि हिमाचल में भाजपा सरकार ने धर्मान्तरण करने वाले व्यक्ति को एक महीने पहले नोटिस देना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यही नियम पूरे देश में लागू कर दें। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र में प्रकाश आंबेडकर के बहुजन संघ के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था। चुनावी विश्लेषकों का मानना था कि इस गठबंधन के कारण दलितों और मुस्लिमों का थोड़ा-बहुत वोट बँटा और इसका नुकसान कॉन्ग्रेस को उठाना पड़ा। 2014 विधानसभा चुनाव में ओवैसी की एआईएमआईएम को 2 सीटें मिली थीं

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी प्रकाश आंबेडकर और ओवैसी की पार्टी में बातचीत चल रही थी लेकिन सीट शेयरिंग के मामले में अब तक बात नहीं बन पाई है। एआईएमआईएम ने आरोप लगाया कि बहुजन संघ उसे काफ़ी कम सीटें ऑफर कर रहा है। हालाँकि, प्रकाश आंबेडकर का कहना है कि उनकी पार्टी ने अभी सभी दरवाजे बंद नहीं किए हैं और बातचीत का स्कोप है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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