रीना मिमरोत राजस्थान महिला कॉन्ग्रेस की महासचिव हैं। वे अक्सर सुर्खियों में अपनी ओछी टिप्पणियों के कारण रहती हैं। नागा साधु, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद अब उसने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की है।
रीना मिमरोत ने वाजपेयी की एक तस्वीर शेयर की। इसमें उनके साथ काफी छोटे उम्र की एक महिला दिख रही हैं। इस तस्वीर के साथ रीना ने लिखा ‘सच्ची मोहब्बत’। साथ ही ‘कुछ तस्वीरें बोलती है’ लिखकर इसके साथ बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को टैग किया या कम से कम ऐसा करने का प्रयास किया।
रीना मिमरोत का ट्वीट
असल में तस्वीर में दिख रही महिला का नाम माला वाजपेयी तिवारी है। वे वाजपेयी की भतीजी हैं। माला, वाजपेयी के भाई सदा बिहारी वाजपेयी की छह बेटियों में सबसे छोटी हैं। वे अपने बेटे अभिषेक के साथ इंदौर में रहती हैं। वे मध्य प्रदेश बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य हैं।
Source: The New Indian Express
पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की टिप्पणी कॉन्ग्रेस के पतन का नया स्तर है। हालॉंकि रीना ने ऐसी हरकत पहली बार नहीं की है। लेकिन, अब तक पार्टी ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
मिमरोत की यह हरकत सोशल मीडिया पर यूजर्स को बेहद नागरवार गुजरी। डॉ. रिचा राजपूत लिखा, “गलती आपकी नहीं, आपकी संस्कृति की है, जिसमें चाचा-भतीजी, बाप-बेटी, भाईं-बहन का रिश्ता एक ही नज़र से देखा जाता है” वहीं रशीक कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि नेहरू इनके पूर्वज हैं तो ऐसी ही सोच होगी।
गलती आपकी नही आपकी संस्कृति की है जिसमें चाचा भतीजी बाप बेटी भाईं बहन का रिश्ता एक ही नज़र से देखा जाता है
— Dr. Richa Rajpoot (@DoctorRichaBjp) May 31, 2020
इससे पहले मिमरोत ने शनिवार (30 मई, 2020) को ट्विटर पर पालतू कुत्तों के साथ अपना एक फोटो पोस्ट किया और लिखा, “थोड़ी सी तारीफ मेरी भी कर दिया करो सुबह सुबह कंजूसो… जान पर खेल कर संघी, पाखंडियों और अंधभक्तों के ख़िलाफ़ पोस्ट करती हूँ।”
कुछ समय पहले उसने ट्वीट किया था, “नागा साधु भी CAA के खिलाफ, बोले हमारे पास काग़ज़ नहीं है, जो है वही दिखाएँगे, चलेगा क्या?” राजस्थान महिला कॉन्ग्रेस की सचिव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हमशक्ल की बिकनी में युवतियों के साथ क्रीड़ा करते हुए फोटो शेयर कर बताया था कि ये ट्रम्प हैं। हालाँकि, झूठ पकड़े जाने के बाद उन्होंने वो ट्वीट डिलीट कर लिया था।
टेलीकॉम रेग्युलेटरी ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने रविवार (मई 31, 2020) को देश में मोबाइल फोन नंबरिंग स्कीम बदलने की अटकलों को खाारिज कर दिया। TRAI ने स्पष्ट किया कि मोबाइल नंबर 10 अंकों के साथ ही जारी रहेगा।
दरअसल कुछ मीडिया हाउस TRAI के हवाले से खबर चला रहे थे कि मोबाइल फोन नंबर 10 अंक की बजाए 11 अंक का होने वाला है। मगर TRAI ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
Some media houses have reported that TRAI has recommended 11-digit numbering plan for mobile services. As per TRAI recommendation,country will continue with 10-digit numbering,we’ve categorically rejected shifting to 11-digit numbering plan:Telecom Regulatory Authority of India pic.twitter.com/1YQR1ndzh1
बता दें कि 29 मई को TRAI ने ‘फिक्स्ड लाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए पर्याप्त संख्या में संसाधन सुनिश्चित करने’ को लेकर सिफारिश की थी और उसी दिन इस संबंध में प्रेस रिलीज भी जारी किया गया था।
31 मई को जारी प्रेस रिलीज में TRAI ने बताया कि इस संबंध में कुछ मीडया हाउसों ने रिपोर्ट किया कि TRAI ने देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है, जो कि पूरी तरह से गलत है।
इसके साथ ही TRAI की ओर से साफ किया गया है कि सभी नंबरों से पहले ‘0’ को प्री-फिक्स की तरह लगाने का सुझाव जरूर दिया गया है, लेकिन ऐसा तभी करना होगा जब किसी फिक्स्ड लाइन नंबर से कॉल की जा रही होगी। यानी कि लैंडलाइन से या एसटीडी कॉल करने के दौरान पहले की तरह ही नंबर से पहले 0 लगाना होगा। लेकिन यह किसी तरह की नई नंबरिंग स्कीम का हिस्सा नहीं है। पहले की तरह ही मोबाइल नंबर 10 अंकों का ही होगा।
बता दें कि इस खबर को तोड़-मरोड़ कर कई हिंदी और अंग्रेजी मीडिया हाउस ने रिपोर्ट किया था। इनमें NDTV, INDIA TODAY, HINDUSTAN, TIMES OF INDIA के साथ ही नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, न्यूज 18, एनडीटीवी का गैजेट 360 और दैनिक भास्कर जैसे कई मीडिया हाउस के नाम शामिल हैं।
इन्होंने अपनी रिपोर्ट में मोबाइल नंबर के 11 अंक में तब्दील करने की बात करने के साथ ही यह भी कहा था कि TRAI के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबरों में अंकों की संख्या 11 हो जाएगी और नंबर की शुरुआत 9 अंक से होगी तो इससे करीब 10 अरब मोबाइल नंबर दिए जा सकते हैं। आगे कहा गया कि TRAI के मुताबिक 70 प्रतिशत यूटिलाइजेशन और मौजूदा पॉलिसी के साथ 700 करोड़ कनेक्शन होने तक के लिए काफी है। हालाँकि अब TRAI ने इन सारी खबरों का खंडन कर दिया है।
झारखण्ड के चतरा स्थित राजेपुर थाना क्षेत्र के जमरी गाँव में हिन्दुओं ने दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा गोहत्या करने और फिर गोमांस को कुएँ में फेंक देने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष में हिंसा हुई। 27 मई को पुलिस को जैसे ही दोनों पक्षों के बीच हिंसा की सूचना मिली, उसने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित किया। एसपी ऋषभ झा ने भी गाँव पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उसी दिन दोनों पक्षों ने अलग-अलग थाने जाकर ज्ञापन सौंपा।
हिंदुओं की तरफ से जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें गोमांस या गोहत्या का जिक्र नहीं है लेकिन उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन (इसकी कॉपी आपइंडिया के पास है) में यूनुस मियाँ द्वारा ‘प्रतिबंधित माँस’ छिपाए जाने की बात कही गई है।
चतरा पुलिस का कहना है कि गाँव में अफवाह की वजह से तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने समय रहते संभाल लिया। ये घटना बुधवार (मई 27, 2020) की है, जब जमरी में एक युवक विपिन ने अपने साथियों को सूचना दी कि दूसरे मजहब के स्थानीय लोगों ने दो गायों की हत्या कर दी है। गोहत्या की बात से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं की ठेस पहुँची और उन्होंने वहाँ जाकर विरोध जताया। इसके बाद उन्हें पता चला कि गोमाँस को कुएँ में फेंक दिया गया है।
क्या कहना है हिन्दुओं का?
इस सम्बन्ध में हमने हिन्दू पक्ष की ओर से तहरीर देने वाले दीपक कुमार से बातचीत की, जिन्होंने कहा कि दूसरे मजहब के लोगों द्वारा गोहत्या किए जाने से वो आक्रोशित थे। उन्होंने बताया कि 26 मई की रात को ही चतरा जिले के राजेपुर थानाक्षेत्र में गोहत्या की गई थी। जब हमने उन्हें पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि दूसरे मजहब के लोगों ने गोहत्या की थी तो उन्होंने बताया कि इसकी सूचना उन्हें विपिन राजन ने दी थी। विपिन इस मामले में फ़िलहाल जेल में बंद हैं। बकौल दीपक, विपिन ने ही कुछ देखा-सूना था, जिससे उन्हें पता चला कि गोहत्या हुई है।
विपिन रजक बजरंग दल के सदस्य हैं और जहाँ ये घटना हुई, वहीं उनका घर भी है। दीपक ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद अगली सुबह पुलिस पहुँची भी थी। हिन्दुओं का आरोप है कि पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया और फिर चली गई। पुलिस का कहना है कि वहाँ कोई गोमाँस नहीं मिला था और ये एक महज अफवाह थी। राजपुर के थानाध्यक्ष विकास पासवान ने इसे अफवाह करार दिया है।
स्थानीय हिन्दुओं ने इसे गाय की हड्डी बताया है
जबकि दीपक कुमार का कहना है कि उनके साथ तीन अन्य लोग थे, जिन्होंने कुआँ में गोमाँस होने की बात पता चलने के बाद वहाँ जाकर देखना उचित समझा। उनका कहना है कि वो लोग कुआँ में झाँक कर देख रहे थे ताकि पता चल सके कि गोमांस डाला गया है या नहीं। इतने में लगभग 200 की संख्या में दूसरे समुदाय के लोग (पुलिस को सौंपे ज्ञापन के अनुसार) लाठी और तलवार लेकर आ गए और ललकारने लगे। उनका कहना है कि वो सभी कुएँ से 100 मीटर की दूरी पर बैठे हुए थे, तभी उन लोगों ने मिल कर हमला कर दिया।
दीपक ने आगे बताया कि उन चारों का लड़ाई-झगड़े का कोई मूड नहीं था और वो बस देखने गए थे लेकिन समुदाय विशेष के लोगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। दीपक के सिर में टाँके लगे हैं। विपिन को भी मार पड़ी, जो फ़िलहाल जेल में बंद हैं। दीपक ने बताया कि वो लोग विपिन पर ज्यादा पिले हुए थे और उन्हें काट डालने की बात कर रहे थे। उन्हें बचाने के क्रम में दीपक के सिर पर भी लाठियों से वार किया गया, ऐसा उनका कहना है।
इसके बाद दीपक, विपिन और उनके साथियों ने अपने गाँव के हिन्दुओं को इसकी सूचना दी। समुदाय विशेष के लोगों के हमले के जवाब में इनकी तरफ से पत्थरबाजी की गई। दीपक ने कहा कि इसी बीच पुलिस वहाँ पर पहुँची और दोनों पक्षों को वहाँ से खदेड़ा गया। हिन्दू और दूसरे पक्षों ने अलग-अलग केस दर्ज कराया। हिन्दू पक्ष ने भी स्वीकार किया कि उस समय तात्कालिक तनाव को कम करने के लिए प्रशासन ने एक्शन लिया और जमरी में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती कर के कर्फ्यू लगा दिया।
दीपक ने कहा कि इससे पहले भी एक बार इस तरह की घटना हो चुकी है, जब उनके कई मित्रों को पुलिस ने जेल में बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि तब रुपए जुटा कर किसी तरह उन सबको छुड़ाया गया था। वो पूछते हैं कि आखिर वो कब तक इस तरह से रुपए ख़र्च कर के अपने लोगों को छुडाते रहेंगे? साथ ही दीपक ने इस बार भी पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि थाने का लॉकअप और जेल में दूसरे मजहब के पक्ष के कैदियों को तो फोन वगैरह जैसी सुविधाएँ मिल रही है जबकि विपिन को कष्ट सहना पड़ रहा है।
एक अन्य ग्रामीण सुमन सौरभ ने बताया कि कुएँ का पानी लाल हो गया था, जिसके बाद हिन्दुओं ने आपत्ति दर्ज कराई और विरोध किया था। गोमाँस को उसमें ही फेंका गया है, ऐसी हिन्दुओं की पूरी शंका है। उन्होंने इस घटना के बारे में कहा कि ईद के कारण गोहत्या की गई थी जबकि झारखण्ड में गोहत्या पर सज़ा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि एक टूटे-फूटे घर में गायों को मारा गया था। आरोप लगाया गया कि जब वो इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो पुलिस ने कहा कि सबूत लेकर आओ।
सुमन ने आगे बताया कि गाय की हड्डी वगैरह को पुआल से ढक दिया गया था। सच्चाई सामने लाने के लिए हिन्दुओं ने बाल्टी वगैरह लेकर कुएँ में से उसे निकालने की कोशिश की, जिसके बाद हमला हुआ। सुमन कहते हैं कि हिन्दुओं पर अड्डेबाजी, छेड़खानी और एक महिला का चेन लूटने के झूठे आरोप लगाए गए। उन्होने कहा कि आजकल झारखण्ड में हेमंत सोरेन की सरकार है, जिसका रुख इन चीजों को लेकर उलटा है।
हिन्दू पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई FIR की कॉपी
ग्रामीणों ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। हिन्दू पक्ष ने चतरा के राजेपुर थाने के घेराव की भी बात कही क्योंकि उनका कहना है कि जिन 97 आरोपितों के नाम दिए गए हैं, उनमें से मात्र 1 को पकड़ा गया है। सुमन ने पूछा कि पुलिस सच्चाई से क्यों भाग रही है? कुएँ की तलाशी क्यों नहीं ली जा रही है?
दूसरे समुदाय वाले क्या कहते हैं?
समुदाय विशेष के स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने गोमांस न तो कहीं छिपाया और न ही गोहत्या की। एक स्थानीय पत्रकार ने ऑपइंडिया को बताया कि दूसरे समुदाय ने हिन्दुओं पर आरोप लगाया है कि वे लोग वहाँ जाकर अड्डेबाजी कर रहे थे। एफआईआर कॉपी के अनुसार, दूसरे मजहब के पक्ष का आरोप है कि आरोपित वहाँ लूटमार करने के इरादे से गए थे और इससे पहले कि वो कुछ और करते, पुलिस ने समय पर पहुँच कर उनकी जान बचा ली। साथ ही एक महिला के गले से उसका चेन लूटने का आरोप भी लगाया गया है।
अड्डेबाजी और मारपीट का आरोप: मजहबी पक्ष की ओर से दर्ज FIR की कॉपी
चतरा गोहत्या कांड में पुलिस का क्या कहना है?
थाना प्रभारी विकास पासवान ने बताया कि कुएँ में गोमांस होने का अभी तक आरोप ही नहीं लगा है। अगर ऐसा होगा तो फिर पुलिस कुएँ में इसकी जाँच करेगी। उन्होंने इसे एक महज अफवाह करार दिया। उन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस ने गाँव में जाकर सारी चीजों को वेरीफाई किया है और फिर कार्रवाई की है। अभी तक गोमांस मिलने या गोहत्या होने वाली सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है। एसपी रिषभ झा का कहना है कि पुलिस की सजगता से एक बड़ी वारदात टल गई।
पुलिस ने जानकारी दी है कि पूरे गाँव में सैट, जैप व जिला पुलिस जवानों के साथ फ्लैग मार्च किया गया, ताकि शांति बहाली हो सके। एसपी ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और अफवाहों से बचें। साथ ही उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में न तो किसी निर्दोष को फँसने दिया जाएगा और न ही किसी दोषी को पुलिस द्वारा बख्शा जाएगा।
एसपी झा ने कहा है कि अगर किसी को कोई भी सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी त्वरित रूप से पुलिस को मुहैया कराएँ, पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस को अब तक कोई भी पशु या फिर उसका मांस नहीं मिला है, ऐसा अधिकारियों का कहना है।
पश्चिम बंगाल के कुल्टी थाना क्षेत्र में चल रहे एक हथियार फैक्ट्री का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। पॉंच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 350 अर्द्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए हैं।
फैक्ट्री थाना क्षेत्र के नियमतपुर के नूर नगर इलाके में चल रहा था। आरोपितों ने वॉशर और गाड़ी का कल-पुर्जा बनाने के नाम पर यहॉं एक मकान किराए पर लिया था। लेकिन, इसकी आड़ में वे हथियार बना रहे थे।
नूर नगर की तंग गलियों में आलमारी, अलमारी लॉक, गाड़ी का कल-पुर्जा बनाने वगैरह के कई छोटे-छोटे कारखाने चलते हैं। यहीं से हथियार बनाकर यह गिरोह बंगाल के अलावा बिहार और झारखंड में भी इसकी सप्लाई कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक बंगाल एसटीफ ने शुक्रवार (29 मई 2020) की देर रात फैक्ट्री पर छापेमारी की। मौके से पिस्टल बनाने की मशीन के अलावा करीब 350 अर्द्धनिर्मित व अर्द्धनिर्मित 7 एमएम पिस्टल के हेक्सा ब्लेड, रॉड और अन्य सामान मिले। एसटीएफ ने मकान मालिक सहित पाँच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान झरिया निवासी इसरार अहमद और आरिफ, बाघमारा हरिणा निवासी, सूरज कुमार साव और उमेश कुमार और धनसार निवासी अरुण कुमार वर्मा के रूप में हुई है। बंगाल पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री में बनने वाले हथियार की सप्लाई बंगाल के अलावा बिहार और झारखंड में की जाती थी।
एसटीएफ की उपायुक्त अपराजिता रॉय ने बताया कि गैरकानूनी हथियार कारखाने चलाने के मामले में ही गत 19 फरवरी को शौकत अंसारी नाम के एक अपराधी को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह प्रेसीडेंसी सेंट्रल जेल में बंद है।
अंसारी से पूछताछ के बाद उसने पश्चिम बर्दवान के कुल्टी थाना अंतर्गत नियामतपुर इलाके में गैरकानूनी तरीके चल रहे हथियार कारखाने के बारे में खुलासा किया था।
दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक नूरनगर निवासी मो. अशरफ का दो मंजिला मकान आरोपितों ने करीब 13 महीने पहले किराए पर लिया था। आरोपितों ने बगल में स्थित बगान में एक बड़ा कमरा बना लिया था। उक्त कमरे में ही कारखाना चल रहा था।
आपको बता दें कि झरिया के हमीद नगर में पिछले साल 16 मार्च को मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले में भी इसरार और आरिफ जेल गए थे। मौके से मुंगेर के हथियार कारीगर भी दबोचे गए थे।
बताया जा रहा है कि झरिया में फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद ठिकाना बदल कर नियामतपुर में हथियार का कारखाने का संचालन किया जा रहा था। इसरार व आरिफ ने ही अशोक, सूरज और उमेश को अपने गिरोह में शामिल किया था।
लॉकडाउन के बीच मुंबई से एक बेहद असंवेदनशील घटना सामने आई है। एक बेटे ने अपनी 68 वर्षीय माँ को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
घटना शनिवार (मई 30, 2020) की है। घर से निकाले जाने के बाद महिला रेलवे स्टेशन के बाहर बैठी थी। उन्हें रेलवे अधिकारियों ने देखा। अधिकारियों ने महिला की सच्चाई जानने के बाद उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने का बंदोबस्त किया। महिला को शाम में राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली भेजा जाएगा, जहाँ पर उनका छोटा बेटा रहता है।
ऐसे समय में जब फिल्म स्टार प्रवासियों को घर वापस पहुँचाने की व्यवस्था करने को लेकर सुर्खियाँ बटोर रहे हैं, कुछ रेलवे अधिकारियों ने चुपचाप इस बुजुर्ग महिला की मदद की है, और अब उनके सुरक्षित तरीके से घर पहुँचाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
बता दें कि लॉकडाउन के बीच दिल्ली निवासी लीलावती केशव नाथ बांद्रा टर्मिनल रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर अकेली बैठी हुई थी। जब रेलवे के संबंधित अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वो इस तरह से यहाँ क्यों बैठी हुई हैं, तो उन्होंने बताया कि उन्हें उनके बड़े बेटे ने घर से बाहर निकाल दिया है।
बेहद कमजोर और काफी मुश्किल से बोल पाने में सक्षम लीलावती ने अधिकारियों को बताया कि वह चार महीने पहले बीमार बेटे की देखरेख के लिए मुंबई आई थी।
लीलावती ने सिसकते हुए इंडियन एक्सप्रेस को फोन पर बताया, “कुछ महीने पहले सब कुछ बंद होने की वजह से मैं यहाँ पर फँस गई थी। मेरे बेटे ने मुझे यहाँ बुलाया था क्योंकि वह बीमार था और उसे देखभाल की जरूरत थी। लेकिन जब वह ठीक हो गया, तो उसने मुझे जाने के लिए कहा। उसने मुझे पीटा और मेरी चीजें घर से बाहर फेंक दीं। उसने कहा कि तुम्हें जहाँ जाना है जाओ।”
उन्होंने कहा कि उनके पति का पिछले साल दिसंबर में निधन हो गया था। उन्होंने रोते हुए बताया, “मैं अपने बच्चों के अलावा और कहाँ जाऊँगी?”
सीनियर डिविजनल ऑपरेशंस मैनेजर सुहानी मिश्रा के नेतृत्व में मुंबई सेंट्रल में टीम को पता चला कि उनका दूसरा बेटा दिल्ली में रहता है। फिर उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
बांद्रा टर्मिनल के स्टेशन अधीक्षक सागर कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने महिला को खाना दिया और उनके बारे में पूरी जानकारी ली। महिला ने उन्हें बताया कि वो रात भर वेटिंग रूम में अच्छी तरह से सोई थी। उन्होंने बताया कि वो कार का इंतजार कर रहे हैं, जिससे लीलावती को मुंबई सेंट्रल स्टेशन पहुँचाया जाएगा और फिर वहाँ से उन्हें राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में दिल्ली के लिए बैठा दिया जाएगा।
मुंबई में अधिकारियों ने लीलावती के लिए एसी-टू टायर टिकट बुक किया। उन्होंने कहा कि वह बोर्ड पर उनके भोजन की व्यवस्था करेगा और यह देखेगा कि वह सुरक्षित घर पहुँच जाए।
ट्रेन सोमवार को दिल्ली पहुँचेगी। महिला के दिल्ली पहुँच जाने पर उसे घर पहुँचाने के लिए भी रेलवे अधिकारी कार की व्यवस्था कर रहे हैं। लीलावती ने बताया कि उनका छोटा बेटा पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर में रहता है और एक हार्डवेयर कंपनी में काम करता है। महिला ने बताया कि उनके पाँच बच्चे और पोते हैं।
लीलावती ने कहा, “मुझे और क्या करना है? मैंने अपने सभी बच्चों की शादी करवा दी है। उनके अब अपने बच्चे हैं। मुझे और क्या करने की आवश्यकता है?”
रेलवे अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी मानवता की मिसाल पेश करते हुए लीलावती के साथ उनके घर तक ये देखने के लिए जाएँगे कि उन्हें उनका बेटा अपना ले और उनकी देखभाल करे।
देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग अक्सर उठती रहती है, क्योंकि पाठ्यक्रम और एनसीईआरटी में तथ्यों की विश्वसनीयता शक के घेरे में है। लेखक नीरज अत्री ने इस पर वृहद रिसर्च किया है। अत्री ने कहा कि जब उन्होंने पाया कि इन पुस्तकों में एक तरफ मुगलों और इस्लामिक शासकों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, वहीं दूसरी तरफ हिन्दू राज्यों को ऐसे प्रस्तुत किया गया है, जैसे उनकी कोई विशेषता ही न हो।
उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी के माध्यम से ऐसा नैरेटिव बनाया जाता है जैसे ब्राह्मण बाहर से आए थे और उन्होंने यहाँ के लोगों का शोषण किया है। अत्री ने एनसीईआरटी में तथ्यों के साथ हुए इस छेड़छाड़ के लिए 100 से भी अधिक आरटीआई लगाए। उन्होंने एनसीईआरटी पुस्तकों के बारे में बताया कि UPA सरकार के आने के बाद उसमें आर्य-द्रविड़ की थ्योरी परोसी गई, जिससे बच्चों के मन में गलत धारणाएँ बैठीं।
मध्य प्रदेश के कॉन्ग्रेस विधायक विजय चौरे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर अपशब्द कहते दिख रहे हैं। चौरे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा के सौसर से विधायक हैं।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। कॉन्ग्रेस विधायक की इस हरकत के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है।
विजय चौरे ने इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर ही अभद्रता के आरोप लगाए हैं। चौरे ने कहा कि उन्होंने कोई ग़लत बात कही ही नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय साहू ने चौरे के इस बयान को कॉन्ग्रेस के आचरण और संस्कार से जोड़ते हुए कहा कि वो अपनी पार्टी की ही विचारधारा को परिभाषित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस विधायक ने अपनी पार्टी के संस्कार का परिचय दिया है। इससे पार्टी के बड़े नेताओं को अवगत करा दिया गया है। साहू ने कहा कि इस मामले पर जैसा भाजपा आलाकमान का निर्देश आएगा, कार्यकर्ता वैसा करने को तैयार हैं।
ये वायरल वीडियो 30 मई का है, जब कपास को लेकर हंगामा शुरू हुआ था। कपास की बिक्री के लिए वहाँ मंडी से गुजर रहे विधायक के भाई को किसानों ने रोक लिया था। अजय चौरे से किसानों ने कहा कि हफ्ते भर से ज्यादा बीत जाने के बाद भी उनकी फसलें बिक नहीं रही है, जिससे वे परेशान हैं।
किसानों की बात सुन कर अजय चौरे ने उन्हें झिड़क दिया। उन्होंने किसानों को फटकारते हुए उन पर तंज कसा कि तुम्हारी ही तो सरकार है, जो मर्जी है करो। उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार से बोल कर वो अपनी समस्याएँ सुलझाएँ। कुछ ही देर बाद वहाँ विधायक विजय चौरे भी पहुँचे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने भी मौके पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वहीं पर सबके सामने विधायक ने अपशब्दों का प्रयोग किया।
(म प्र) जिला छिन्दवाड़ा के सौंसर विधायक के भाई की गुंडागर्दी फिर सामने आयी कृषि मंडी मे किसानों को धमकाया आज जब सौंसर मे किसानों के कपास गाडी का नम्बर नही लग रहा था तो किसानों ने भुतपूर्व विधायक अजय चौरे एव उनके भाई वर्तमान विधायक विजय चौरे के बिगड़े बोल ? @ChouhanShivrajpic.twitter.com/a20M9wathG
— Shubham Sohaliya (@ShubhamSohaliya) May 31, 2020
विधायक चौरे ने गुस्से में कहा, “ये भाजपा के लोग क्या कर रहे हैं ह#मखोर? ये भाजपा के लोगों को बोलना चाहिए न। भाजपा की सरकार है न? ये मोदी की सरकार है। ये घर में छिपे हुए ह#मखोर।” सोशल मीडिया पर लोगों ने इसकी आलोचना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार (मई 31, 2020) को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश में सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई मजबूती से लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसँख्या बाकी देशों से कई गुना ज्यादा होने के बावजूद यह संक्रामक रोग यहाँ उतनी तेज़ी से नहीं फ़ैल पाया। उन्होंने जानकारी दी कि अब श्रमिक और स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। बहुत कुछ खोला जा चुका है।
पीएम ने बताया कि अब देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा खुल गया है- विमान सेवाएँ चालू हो गई हैं और उद्योग-धंधे वापस पटरी पर लौट रहे हैं। उन्होंने लोगों को घर में रहने, मास्क लगाने और दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करने की सलाह दी और कोरोना से सावधानी में कोई कोताही न बरतने को कहा। ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने याद दिलाया कि हमारे देश में कोरोना को लेकर मृत्यु दर भी काफ़ी कम है।
उन्होंने कहा कि जो भी नुकसान हुआ है, उसका दुःख सभी को है लेकिन जो भी बच गया है, वो लोगों की संकल्पशक्ति का ही परिणाम है। पीएम मोदी ने इस लड़ाई को ‘पीपल ड्रिवेन’ करार दिया। उन्होंने ‘सेवा परमो धर्मः’ की याद दिलाते हुए कहा कि देश में जिस तरह से लोगों ने सेवाभाव दिखाया है, उससे यह सिद्धांत मजबूत हुआ है कि सेवा ही सुख है और संतोष भी इसी में है। उन्होंने कोरोना वारियर्स की बात करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की संख्या अनगिनत है।
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में महिला स्वयंसेवी संस्थाओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गाँवों से लेकर शहरों तक में महिलाएँ मास्क बना रही हैं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने उन स्टार्ट-अप्स और लैब्स की भी तारीफ की, जो नए-नए तरीके इजाद कर के इस लड़ाई को मजबूरी दे रहे हैं। उन्होंने नासिक के राजेंद्र यादव का जिक्र किया, जिन्होंने अपने ट्रैक्टर से जोड़ कर सैनिटाइजिंग मशीन बना ली।
दुकानों में सामाजिक दूरी के पालन के लिए आजमाए जा रहे तौर-तरीकों की भी उन्होंने तारीफ की। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रही ऑनलाइन क्लास और वीडियो लेक्चर्स की बात करते हुए इसकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति के साथ-साथ हमें इनोवेशंस पर भी निर्भर रहना होता है, तभी हम कोई लड़ाई जीत पाते हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि अभी तक कोरोना का कोई इलाज नहीं आया है और न ही पूरी दुनिया में इससे लड़ने का कोई पुराना अनुभव है, इसीलिए भारत भी इससे अछूता नहीं है।
The fight against COVID-19 is also being powered by the innovative spirit of our citizens.
उन्होंने कहा कि ऐसा शायद ही कोई वर्ग हो, जिस पर तकलीफों की मार न पड़ी हो लेकिन गरीबों और मजदूरों पर इसकी सबसे ज्यादा मार पड़ी है, जिनका दुःख बाँटने की हमें कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने रेलवे के कर्मचारियों की प्रशंसा की, जिन्होंने श्रमिकों को घर ले जाने से लेकर क्वारंटाइन फैसिलिटी तक में अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी देश को जो भी अनुभव होगा, भविष्य में उससे सीखने का मौक़ा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ पर्यावरण के लिए पेड़ लगाने की सलाह दी। फिर उन्होंने जल-चक्र समझाते हुए पानी बचाने की भी सलाह दी। उन्होंने ‘पर्यावरण दिवस’ पर लॉकडाउन के कारण सड़क पर जानवरों के विचरण करने और वायु प्रदूषण कम होने की ख़बर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमें इन दृश्यों को यथावत बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अम्फान तूफ़ान की चर्चा करते हुए इससे निपटने के लिए हुए प्रयासों के बारे में बताया।
There is a link between respiratory problems and COVID-19.
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के दौरान लोगों को योग व प्राणायाम करने की सलाह दी, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए आयुष मंत्रालय वीडियो ब्लॉग भी शुरू कर रहा है। ‘माय लाइफ, माय योगा’ के तहत कोई भी इसमें हिस्सा ले सकता है। पीएम मोदी ने बताया कि वो विश्व के किसी भी नेता से बात करते हैं तो उनकी दिलचस्पी सबसे ज्यादा योग और आयुर्वेद में होती है। उन्होंने योग इम्युनिटी, कम्युनिटी और यूनिटी- तीनों के लिए अच्छा है।
अमेरिका के मिनीपोलिस शहर में पिछले हफ्ते पुलिस हिरासत में मारे गए अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड के बाद चीन की मीडिया ग्लोबल टाइम्स और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली ने शनिवार (31 मई, 2020) को वहाँ हुए दंगे और लूटपाट पर खुशी ज़ाहिर की। उधर अमेरिकी दंगाई चेहरा छुपाने के लिए ‘ऑनलाइन क्लास’ की मदद ले रहे। इसके लिए वो बॉलिवुड हीरो और इंडियन TV के चर्चित नाम रोनित रॉय के मास्क ट्यूटोरियल का सहारा ले रहे।
क्यों खुश है चीनी मीडिया
एक बार अमेरिकी हाउस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी (Nancy Pelosi) ने हॉन्गकॉन्ग के प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए विरोध को एक ‘ब्यूटीफुल साइट’ के रूप में बताया था। जिसको लेकर ग्लोबल टाइम्स के संपादक हु जिजिन (Hu Xijin) ने उन पर मौजूदा स्थिति को लेकर कटाक्ष करते कहा, “अब यह ‘ब्यूटीफुल साइट’ हॉन्गकॉन्ग से निकल कर अमेरिका के दर्जनों राज्यों में फैल गया है। अमेरिका के राजनेता अब अपनी खुद की खिड़कियों से यह नजारा देख सकते हैं।”
हु जिजिन (Hu Xijin) ने अमेरिकी एडमिनिस्ट्रेशन से सवाल करते हुए कहा कि क्या चीनी सरकार और नेशनल पीपुल्स कॉन्ग्रेस को अफ्रीकी-अमेरिकियों और अमेरिकी समाज के निचले तबके के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में बयान जारी कर देना चाहिए?
उसने लिखा, “अगर चीन अमेरिका में विरोध प्रदर्शनों का समर्थन नहीं करता है, तो बाद में वो अपने हॉन्गकॉन्ग कार्ड को कैसे खेल सकता है? आखिरकार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को हॉन्गकॉन्ग मामलों पर चीन के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।”
ग्लोबल टाइम्स ने शुक्रवार को रिपोर्ट किया कि यूनाइटेड स्टेट में हो रहे दंगों को चीन में सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी ‘ब्यूटीफुल साइट’ के रूप में बताया है। सीसीपी के मुखपत्र में दावा किया गया है कि चीन के एक सोशल मीडिया यूज़र ने चीन और अमेरिका के कानून और व्यवस्था की स्थिति की तुलना करके हॉन्गकॉन्ग के प्रोटेस्टर्स का मजाक उड़ाया। उसने हॉन्गकॉन्ग के प्रदर्शनकारियों पर व्यंग्य करते हुए कहा, “जिस देश से आप मदद की भीख माँग रहे हैं, उस पर बेहतर नज़र डालें।”
अमेरिकी दंगों का रोनित रॉय कनेक्शन
कोरोना वायरस से बचने के लिए रोनित रॉय ने घर बैठे मास्क बनाने की विधि बताई थी। तब उनका यह वीडियो इंडियन लोगों में भी काफी फेमस हुआ था। अब वही वीडियो घूमते-टहलते अमेरिका पहुँच गया है। लेकिन इस बार वीडियो का मकसद कोरोना वायरस से बचाव नहीं है। मकसद है पुलिस से बचना, अपनी पहचान छुपाना।
If anyone is protesting today, here’s a way to make a balaclava mask with a T Shirt. Don’t forget your shades. pic.twitter.com/Xg67uTZN07
मतलब रोनित रॉय के वीडियो का इस्तेमाल अमेरिका के दंगाई कर रहे हैं। उसे ट्विटर पर डाल भी रहे हैं।
बता दें कि 46 वर्षीय अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की एक मिनिपोलिस पुलिस अधिकारी के हाथों मौत हो गई। कथित तौर पर उस मिनिपोलिस पुलिस अधिकारी ने फ्लॉयड की गर्दन पर लगभग 9 मिनट तक अपना घुटना रखा। जॉर्ज फ्लॉयड इस दौरान घुटना हटाने की गुहार लगाता रहा। उसने यह भी कहा कि वह साँस नहीं ले पा रहा है। लेकिन पुलिस अधिकारी नहीं पिघला और फ्लॉयड की मौत हो गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा पुलिस के प्रति भड़क गया और हिंसक रुप ले लिया।
शनिवार को यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। जिसके कारण कई शहरों ने कर्फ्यू लगा दिया गया। फिलाडेल्फिया में प्रदर्शनकारियों ने मियामी में राजमार्ग को यातायात को बंद करने के दौरान एक मूर्ति को गिराने की कोशिश भी की।
वहीं शनिवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों पर सख्त होने के लिए मिनिसोटा के अधिकारियों से आग्रह किया। साथ ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सैन्य समर्थन की पेशकश की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए जून में होने वाले G7 समिट को सितंबर तक टालने का निर्णय लिया है। साथ ही इस समिट में भारत सहित अन्य देशों को भी शामिल करने की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं इस समिट को स्थगित कर रहा हूँ क्योंकि मुझे ये नहीं लगता कि दुनिया में जो चल रहा है, उसकी ये सही नुमाइंदगी करता है। यह देशों का बहुत ही पुराना समूह हो गया है।”
US President Donald Trump is postponing the G7 summit to September. He also says he wants to invite India, Australia, Russia, and South Korea to the meeting: US Media https://t.co/EDbjizijxu
जी-7 में दुनिया के सबसे बड़ी और संपन्न अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। अब नए देशों में भारत, रूस, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित करने की बात कही गई है। फिलहाल इस वक्त जी-7 में अमेरिका, इटली, जापान, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन शामिल हैं।
वाइट हाउस प्रवक्ता ने नए देशों को शामिल करने को लेकर बताया कि ट्रंप अमेरिका के बाकी पारंपरिक सहयोगियों और कोरोना वायरस से प्रभावित देशों को लाना चाहते हैं। और चीन द्वारा फैलाए गए इस चीनी वायरस को लेकर चीन के भविष्य के बारे में बात करना चाहते हैं।
बता दें कि 46वाँ जी-7 शिखर सम्मेलन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वॉशिंगटन में 10 से 12 जून के बीच करने की योजना थी। लेकिन कोविड-19 को मद्देनजर रखते हुए इसे आख़िरी जून तक बढ़ा दिया गया था। अब इसे सितबंर तक टाल दिया गया है।
हर साल जी-7 में शमिल देशों की अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और अर्थव्यवस्था को लेकर बैठक होती है। जिसमें कोई एक देश इसकी अध्यक्षता करता है। इस बार इसकी अध्यक्षता अमेरिका कर रहा है। इस सम्मेलन को आयोजन करने वाले देश अपनी तरफ से अतिथि के तौर पर किसी भी एक या दो देशों को आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था।
जी-7 में फिलहाल 7 देश शामिल हैं, इसलिए इसे ग्रुप ऑफ सेवन भी कहा जाता है। ये समूह खुद को कम्यूनिटी ऑफ वैल्यूज यानी मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मानता है। स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और क़ानून का शासन और समृद्धि तथा सतत विकास, इसके प्रमुख सिद्धांत हैं।