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राजस्थान पुलिस की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर दलित महिला ने की आत्महत्या

राजस्थान में एक दलित महिला द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा पिटाई और प्रताड़ना के बाद महिला ने यह क़दम उठाया। मामला भरतपुर स्थित सेवर थाना का है, जहाँ पुलिस द्वारा उक्त महिला की पिटाई किए जाने बात सामने आई है। आक्रोशित परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उच्चाधिकारियों ने उन्हें समझाया। अधिकारियों द्वारा स्थिति संभालने के बाद महिला का पोस्टमॉर्टम हो सका।

परिजनों ने आरोप लगाया कि सेवर थाना की पुलिस महिला को उठा कर ले गई थी, जहाँ उसे प्रताड़ित किया गया और गालियाँ दी गईं। महिला को पुलिस द्वारा आए दिन धमकियाँ दी जा रही थीं। इन सबसे तंग आकर दलित महिला ने यह क़दम उठाया। उक्त महिला का पति जुलाई 2019 में पड़ोस की एक लड़की के साथ भाग गया था, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई।

इसी मामले की छानबीन के दौरान पुलिस ने उक्त महिला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पुलिस ने महिला व उसके परिवार के एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया, ऐसा परिजनों ने आरोप लगाया है। महिला को पीट-पीट कर उसके पति के बारे में पूछा गया। इसके बाद घर लौट कर महिला ने दरवाजा बंद किया और फाँसी लगा ली।

हालाँकि, पुलिस ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मामले की अभी जाँच चल रही है। आत्महत्या के पहले महिला ने अपनी छोटी बहन को अपने साथ हुई प्रताड़ना की जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर का मामला सुलझाने के बाद अमित शाह का अगला टारगेट अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर में 370 का प्रभाव समाप्त करने वाली घोषणा करने के बाद अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान बांग्लादेश को पूर्वोत्तर में हो रही अवैध घुसपैठ से अवगत कराया। उन्होंने गृह मंत्री स्तर की वार्ता की 7 वीं बैठक में बांग्लादेश के उनके समकक्ष बैठे असद-उज-जमां (बांग्लादेश ) खान से विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। अमित शाह के गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद किसी विदेशी नेता के साथ पहली भेंटवार्ता थी।

इस बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर जानकारी दी कि उन्होंने भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की। वहीं मीडिया रिपोर्टों की मानें तो आधिकारिक बयान में बताया गया कि गृहमंत्री शाह ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में घुसपैठ की समस्या का समाधान खोजने के मद्देनजर सीमा पार के लोगों से इस विषय पर भारत की चिंता को साझा किया।

यह बैठक 31 अगस्त को असम राष्ट्रीय नागरिक पंजी की अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले हुई है। जिसमें दोनों देशों के गृह मंत्रियों ने सीमा पार अपराधों के खतरे को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही गृह मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘एक सुरक्षित सीमा का हमारा उद्देश्य’ हासिल करने के लिए अधिक से अधिक सहयोग की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई।

अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुई गृहमंत्री की 7वीं बैठक में दोनों पक्षों ने सीमाओं पर सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे से संबंधित लंबित पड़े मुद्दों की भी समीक्षा की और मामलों को तेजी से हल करने पर भी सहमति जताई। इस बैठक के दौरान मंत्रियों ने दोनों देशों द्वारा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन सहित हर क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक करीब से काम करने पर संतोष व्यक्त किया।

ऋषि को गोली मार कर इमरान, ख़ालिद, अनवर ने कहा- ये कश्मीर नहीं है, 370 का जश्न नहीं चलेगा

राजस्थान में एक युवक की सिर्फ़ इसीलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मना रहा था। मृतक ऋषिराज जिंदल बजरंग दल का कार्यकर्ता भी था। मामला झालावाड़ के पिड़ावा का है, जहाँ ऋषिराज जिंदल और उनके अन्य दोस्त एक बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट कर रहे थे। तभी इमरान, खालिद और अनवर ने इसे कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का जश्न समझ लिया। बता दें कि देश भर में भारत सरकार के इस निर्णय को लेकर मिठाइयाँ बाँटी गईं और लोगों ने सरकार का धन्यवाद किया।

लेकिन, इमरान ने बर्थडे पार्टी को अनुच्छेद 370 से जुड़ा जश्न समझ कर धमकी दी। उसने कहा कि यहाँ कोई जश्न नहीं होगा। इमरान ने धमकी दी कि यह कश्मीर नहीं पिड़ावा है और यहाँ जश्न नहीं चलेगा। जब पार्टी कर रहे लोग निकलने लगे, तभी इमरान अपने दोस्तों के संग अचानक से वापस आया और उसने विजय शर्मा नामक व्यक्ति को लात मार कर नीचे गिरा दिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, इमरान ने ऋषिराज जिंदल के सीने में गोली मार दी

इमरान ने ऋषि को गोली मारने के बाद भी फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठा कर दोस्तों संग भाग निकला। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर काफ़ी रोष है। उन्होंने इमरान, अनवर और खालिद को तुरंत गिरफ़्तार किए जाने की माँग की। पुलिस ने भी अपने बयान में इन तीनों नामों की पुष्टि की है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि अन्य लोगों पर भी गोली चलाई गई थी लेकिन वो सब किसी तरह बच निकले।

राजस्थान पत्रिका के झालावाड़ संस्करण में छपी ख़बर

बजरंग दल के कार्यकर्ता धरने पर बैठे हुए हैं और उन्होंने कहा है कि जब तक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अग्रवाल समाज ने भी पुलिस से मिल कर ऋषिराज हत्याकांड में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है।

अनुच्छेद 370: पाकिस्तानी सांसद मुशाहिदुल्लाह ने मंत्री फवाद चौधरी को कहा- कुत्ता, दब्बू और….

भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में विकास व रोजगार को पटरी पर लाने के लिए अनुच्छेद-370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर दिया और राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में पुनर्गठित किया।इसका असर न सिर्फ़ भारत में बल्कि सीमा पार पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान इस निर्णय से बौखलाया हुआ है और भारत का आंतरिक मसला होने के बावजूद इसमें टाँग अड़ाने को आतुर है। आर्थिक महासंकट से जूझ रहे पाकिस्तान के संसद में ही सिर फुटव्वल देखने को मिला।

मामल उस समय अजीब हो गया जब एक पाकिस्तानी सीनेटर ने मंत्री को ही कुत्ता बता दिया। बुधवार (जुलाई 7, 2019) को ज्वाइंट सेशन के दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML-N) के सांसद मुशाहिदुल्लाह खान ने मंत्री फवाद चौधरी को कुत्ता कह कर सम्बोधित किया। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर पार्लियामेंट का जॉइंट सेशन बुलाया था। इस दौरान सभी सांसद अपनी-अपनी बात रख रहे थे।

इसी क्रम में सीनेटर मुशाहिदुल्लाह ख़ान ने पाक पीएम इमरान खान की आलोचना शुरू कर दी, जिसके बाद मंत्री फवाद चौधरी ने उन्हें टोका। फवाद चौधरी भारत से राजनयिक संबंधों को तोड़ने की वकालत करते रहे हैं और अनुच्छेद-370 पर भारत सरकार के निर्णय के बाद उन्होंने भारत सरकार को फासिस्ट कहा था। फवाद चौधरी को मुशाहिल्लाह खान ने दब्बू भी कहा। खान ने कहा, “तुम बेशर्म हो। मैंने तुझे घर पर बाँध कर रखा था लेकिन कुत्ते तुम यहाँ आ गए।

बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को ख़त्म करने की बात कही और राजनयिक संबंधों को भी कम कर दिया है। साथ ही पाकिस्तान ने इस मसले को संयुक्त राष्ट्र और उसके अंतर्गत आने वाले सुरक्षा परिषद तक ले जाने का निर्णय लिया है। संसद में पाक पीएम इमरान भी झल्लाए हुए नज़र आए।

CBI ने कहा कुलदीप सेंगर पर बलात्कार के आरोप सही, तीस हजारी कोर्ट में पेश किए पुख्ता सबूत

उन्नाव रेप मामले को लेकर कोर्ट में चल रही सुनावाई के दौरान आरोपित कुलदीप सेंगर के खिलाफ़ CBI ने कोर्ट में न्यायाधीश के सामने कहा है कि उनकी जाँच में मालूम चल चुका है कि सेंगर पर 4 जून 2017 को पीड़िता के साथ बलात्कार और शशि सिंह के साथ साजिश में शामिल होने के आरोप सही है। जाँच एजेंसी ने पीड़िता के बयान को आधार बनाते हुए दावा किया कि सेंगर के खिलाफ इन आरोपों में केस चलाया जा सकता है।

CBI ने कहा शशि सिंह पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने कुलदीप सिंह सेंगर के घर ले गया था। उस वक्त वहाँ पर कोई भी नहीं था। शशि पीड़िता को घर के अंदर पीछे के दरवाजे से ले गया। पीड़िता के अंदर घुसते ही उसे वहाँ कुलदीप दिखा, जिसने पीड़िता का हाथ खींचा और कमरे के अंदर ले गया। वहाँ उसके साथ बलात्कार हुआ। घटना के समय पीड़िता 18 वर्ष की नहीं थी। इसलिए पॉक्सो एक्ट में भी सेंगर और शशि सिंह आरोपित हैं।

बता दें कि बचाव पक्ष ने इस दौरान दलील दी कि पीड़िता के बयान अविश्वस्नीय हैं। साथ ही उन्होंने पीड़िता के बालिग होने का भी दावा किया। इस मामले के मद्देनजर अगली सुनवाई आज यानी शुक्रवार को होगी।

हालाँकि, सेंगर अभी भी खुद को बेकसूर ही बता रहे हैं। लेकिन फिलहाल उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जाँच एजेंसी लगातार उनपर अपनी पकड़ कस रही है। वहीं, पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे हायर सेंटर के लिए रेफर नहीं करने की लापरवाही करने वाले डॉक्टर को निदेशक प्रशासन ने अपनी जाँच में दोषी पाते हुए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट सौंपी दी है। पीड़िता को एम्स लाया गया है। जहाँ पीड़िता का ईलाज़ किया जा रहा है।

असमिया गायक भूपेन हजारिका के अलावा इन 2 हस्तियों को मिलेगा आज भारत का सर्वोच्च सम्मान

कवि, गीतकार, गायक, अभिनेता, लेखक, पत्रकार, फिल्मकार के रूप में खुद की छवि स्थापित करने वाले भूपेन हजारिका को आज देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया जाना है। इसके अलावा भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख को भी आज राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न सम्मान दिया जाना है।

एक ओर जहाँ असमिया गायक भूपेन हजारिका को यह भारत रत्न मरणोपरांत उनकी असाधारण प्रतिभा के कारण दिया जा रहा है तो वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ये रत्न राजनीति में लंबी पारी के लिए दिया जा रहा है। उधर, नानाजी देशमुख को ये सम्मान देश की बड़े स्तर पर समाज सेवा करने के लिए दिया जाएगा।

इन तीनों नामों ने भारत को अपने-अपने क्षेत्र में एक नए आयाम दिए। भूपेन दा ने जैसे असम की समृद्ध लोक धरोहर को अपने गानों के माध्यम से सुंदरतापूर्वक व्याख्यायित करके दुनिया के सामने पेश किया वह अविस्मरणीय है। जबकि कोलकाता के डिप्टी अकाउंटेंट जनरल कार्यालय में बतौर क्लर्क अपना करियर शुरू करने वाले प्रणव मुखर्जी अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के बल पर राजनीति से जुड़े और जिस तरह से उन्होंने इस क्षेत्र में काम किया, उसने न केवल उन्हें सराहना के लायक बनाया बल्कि देश के सर्वोच्च पद पर आसीन भी करवाया।

नानाजी देशमुख के बारे में बताया जाता है कि 1977 में जनता पार्टी की सरकार में जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने नानाजी देशमुख को उद्योग मंत्री का पद स्वीकारने का न्यौता दिया लेकिन नानाजी ने इस प्रस्ताव को विनम्रता से नकार दिया। इसके साल भर बाद ही उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया और रचनात्मक कार्यों में जुट गए।

अपनी ही भांजी से थे अवैध संबंध, पति नौशाद ने मामा अहमद के सिर पर हथौड़ा मार कर दी हत्या

दिल्ली में एक व्यक्ति ने अवैध संबंधों के चलते अपनी पत्नी के मामा की हत्या कर दी। मामला पंजाबी बाग़ क्षेत्र का है, आरोपित की पहचान नौशाद आलम के तौर पर हुई है। नौशाद ने पूछताछ में बताया कि उसे शक था कि शकील अहमद और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं। अहमद उसकी पत्नी का रिश्ते में मामा लगता था। मृतक का नाम शकील अहमद है। हालाँकि, शुरुआत में यह लगा था कि शकील की मौत करंट लगने से हुई है। उसे एक रिपेयर सेंटर में करंट लगने की बात कही गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमॉर्टम में सारा सच सामने आया। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला कि शकील अहमद की मौत करंट लगने से नहीं बल्कि सिर पर चोट लगने से हुई है। उसकी मौत की सूचना सबसे पहले आरोपित नौशाद आलम ने ही दी थी। नौशाद ने इस प्रकरण में एक अलग ही कहानी गढ़ रखी थी। उसने बताया था कि करंट लगने के बाद शकील का सिर दीवार में भिड़ गया, जिससे उसकी मौत हो गई

नौशाद और शकील एक ही रिपेयरिंग कम्पनी में पिछले 9 महीनों से काम कर रहे थे। नौशाद ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी के फोन में एक रिकॉर्डिंग ऐप इनस्टॉल कर रखा था, जिससे उसे पता चलता रहे कि वह किस्से क्या बातें करती है? इसी ऐप के माध्यम से उसे पता चला कि उसकी पत्नी शकील से मिलती-जुलती है। रात को जब रिपेरिंग सेंटर में नौशाद और शकील अकेले थे, तब नौशाद ने उसके सिर पर हथौड़े से वार किया।

इसके बाद आरोपित नौशाद ने हथौड़े को धो कर उसमें टेप लपेट दिया ताकि किसी को भी शक न हो। इसके बाद उसने कम्पनी के मालिक से संपर्क कर करंट लगने की झूठी कहानी बताई। इसके बाद कम्पनी के मालिक सुमित ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

POK में पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, गिलगित, बाल्टिस्तान में भारी विरोध प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर पाकिस्तान का कब्ज़ा है और समय-समय पर पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों द्वारा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की बातें सामने आती रहती हैं। पाकिस्तान भी गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों के साथ अन्याय करता आ रहा है। ताज़ा मामले में गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने पाकिस्तान पर जनता के साथ धोखा करने का बड़ा आरोप लगाया।

दरअसल, पाकिस्तान ने विकास के नाम पर गिलगित-बाल्टिस्तान की जनता के साथ धोखा किया। विकास कार्यों का बहाना बना कर उनके साथ छल किया गया। पाकिस्तान ने कई वर्षों पहले गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों की जमीनें, संसाधन और सम्पत्तियाँ हड़प ली थीं। उन्हें बताया गया कि यह सब गिलगित एयरपोर्ट का निर्माण व अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। लेकिन, हमेशा की तरह पाकिस्तान के इरादे कुछ और ही थे।

आज कई वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को उनकी सम्पत्तियों का उचित मूल्य नहीं मिला है। पाकिस्तान ने उन्हें उचित मुआवजा देने का भरोसा तोड़ दिया है। इसके ख़िलाफ़ वहाँ के लोग सड़कों पर हैं। अभी हाल ही में गिलगित बाल्टिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के उस बयान का स्वागत किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीओके भी जम्मू कश्मीर का हिस्सा है और उसके लिए जान भी दे सकते हैं।

गिलगित-बाल्टिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता एच सेरिंग ने कहा कि यह पाक अधिकृत क्षेत्र भी लद्दाख का ही एक हिस्सा है और जम्मू कश्मीर राज्य के अंतर्गत आता है। उन्होंने भारत के संवैधानिक ढाँचे में गिलगित बल्टिस्तान को उचित जगह देने की माँग की। उन्होंने राज्यसभा व लोकसभा में प्रतिनिधित्व की माँग की। भारत सरकार ने अनुच्छेद-370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर जम्मू कश्मीर व लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया है।

J&K: बकरीद पर घाटी में पाबंदियों में ढील, घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम

अनुच्छेद-370 के कई प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद अभी जम्मू कश्मीर में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है। वहाँ की जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार (जुलाई 7, 2019) को बैठक कर आला अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। ख़ुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अभी क्षेत्र के दौरे पर हैं और उन्होंने जनता एवं सुरक्षा बलों से सीधा संवाद स्थापित कर स्थिति का जायजा लिया। राज्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर के उन छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जो राज्य से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन किसी कारणवश बकरीद पर घर आने में अक्षम हैं।

जुमे की नमाज और बकरीद को लेकर राज्यपाल ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दूसरे राज्यों में पढाई कर रहे जम्मू कश्मीर के छात्रों को उनके परिवार से बात कराने के लिए टेलीफोन लाइन स्थापित किए जाएँ। राज्यपाल ने बकरीद पर घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने हेतु फंड भी जारी किया। इसके अलावा बकरीद के अवसर पर राज्य में जानवरों की मंडियाँ लगाई जाएँगी क्योंकि इस त्यौहार के लिए लोग बड़ी संख्या में बकरों की खरीदारी करते हैं।

बकरीद के अवसर पर राशन व किराना की दुकानों को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। घाटी में माहौल ख़राब करने की कोशिश करने की सम्भावना के कारण 100 से अधिक नेता व अलगाववादी पहले ही नजरबन्द किए जा चुके हैं। आम जनता ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने को लेकर वहाँ की जनता में ख़ुशी की लहर है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के उन प्रावधानों को निरस्त करने का निर्णय लिया है, जिनसे जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था। राज्य को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और क्षेत्र के विकास के लिए ये क़दम उठाए गए। इसके अलावा जम्मू कश्मीर को विधायिका सहित केंद्र शासित प्रदेश तो लद्दाख को विधायिका रहित केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।

जम्मू-कश्मीर मामले पर वामदलों का प्रदर्शन, कहा- 370 पर फैसला लोकतंत्र और संघीय ढाँचे की हत्या

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने और राज्य के विभाजन के खिलाफ वामदलों ने बुधवार को नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। माकपा और भाकपा सहित अन्य वामदलों ने मंडी हाउस से संसद मार्ग तक पैदल मार्च किया।

माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के महासचिव डी राजा, भाकपा के राज्यसभा सदस्य बिनॉय विश्वम, माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया।

डी राजा ने कहा कि संविधान से अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू कश्मीर का विभाजन कर केन्द्र शासित क्षेत्र घोषित करने के सरकार के फैसले से संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढाँचे की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वामदलों के आह्वान पर बुधवार को आयोजित किए गए देशव्यापी आंदोलन के तहत दिल्ली में शांतिमार्च का आयोजन किया गया। साथ ही कविता कृष्णन ने विरोध में कुछ ज़्यादा ही आगे निकल गई और कह डाला “एक देश, एक संविधान तो है ही, लेकिन उसमें एक संविधान का मतलब ये नहीं है कि एक ही कानून पूरे देश में लागू हो!”

इस पर सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार ने तीन साल पहले कश्मीर के मामले में कोई भी फैसला करने से पहले सभी पक्षकारों से पर्याप्त विचार विमर्श करने का वादा किया था। लेकिन अब सरकार ने विचार विमर्श की प्रक्रिया में शामिल होने वाले पक्षकारों को जेल में डाल दिया। साथ ही समूचे इलाके की संचार सेवाएँ ठप कर इसे देश के अन्य इलाकों से अलग कर दिया। येचुरी ने कहा कि यह ना सिर्फ संघीय व्यवस्था बल्कि भारत की एकता और अखंडता के लिए चेतावनी है।