Homeदेश-समाजराजस्थान पुलिस की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर दलित महिला ने की आत्महत्या

राजस्थान पुलिस की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर दलित महिला ने की आत्महत्या

पुलिस ने महिला व उसके परिवार के एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया, ऐसा परिजनों ने आरोप लगाया है। महिला को पीट-पीट कर उसके पति के बारे में पूछा गया। इसके बाद घर लौट कर महिला ने दरवाजा बंद किया और फाँसी लगा ली।

राजस्थान में एक दलित महिला द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा पिटाई और प्रताड़ना के बाद महिला ने यह क़दम उठाया। मामला भरतपुर स्थित सेवर थाना का है, जहाँ पुलिस द्वारा उक्त महिला की पिटाई किए जाने बात सामने आई है। आक्रोशित परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उच्चाधिकारियों ने उन्हें समझाया। अधिकारियों द्वारा स्थिति संभालने के बाद महिला का पोस्टमॉर्टम हो सका।

परिजनों ने आरोप लगाया कि सेवर थाना की पुलिस महिला को उठा कर ले गई थी, जहाँ उसे प्रताड़ित किया गया और गालियाँ दी गईं। महिला को पुलिस द्वारा आए दिन धमकियाँ दी जा रही थीं। इन सबसे तंग आकर दलित महिला ने यह क़दम उठाया। उक्त महिला का पति जुलाई 2019 में पड़ोस की एक लड़की के साथ भाग गया था, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई।

इसी मामले की छानबीन के दौरान पुलिस ने उक्त महिला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पुलिस ने महिला व उसके परिवार के एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया, ऐसा परिजनों ने आरोप लगाया है। महिला को पीट-पीट कर उसके पति के बारे में पूछा गया। इसके बाद घर लौट कर महिला ने दरवाजा बंद किया और फाँसी लगा ली।

हालाँकि, पुलिस ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मामले की अभी जाँच चल रही है। आत्महत्या के पहले महिला ने अपनी छोटी बहन को अपने साथ हुई प्रताड़ना की जानकारी दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -