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खनन घोटाला में पूर्व सपा मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, 5 IAS समेत 16 पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापती के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। ED ने अवैध खनन मामले में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और 5 आईएएस समेत 16 लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएसए) के तहत दो केस दर्ज किए हैं। इन अधिकारियों और तत्कालीन खनन मंत्री के खिलाफ 29 जून को सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की थी। अब इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी एफआईआर दर्ज की है। गायत्री से हाल ही में पुलिस व ईडी के तमाम अफसरों की मौजूदगी में पूछताछ की गई थी।

पहली एफआईआर फतेहपुर से संबंधित है, जहाँ अवैध तरीके से खनन पट्टों का आवंटन हुआ। इसमें तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, प्रमुख सचिव खनन जीवेश नंदन, तत्कालीन विशेष सचिव खनन संतोष कुमार राय, तत्कालीन फतेहपुर के जिलाधिकारी अभय, तत्कालीन अनु सचिव हरि मोहन झा व दो अन्य शिव सिंह व सुखराज को नामजद किया गया है।

इन पर आरोप है कि सपा सरकार के दौरान ई टेंडर नीति लागू होने के बाद भी उसका पालन किए बिना ही बालू खनन के पट्टे का नवीनीकरण कर दिया गया। पट्टाधारक शिव सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अपनी समाप्त हो चुकी लीज को 3 वर्ष के लिए आवंटित करा लिया, जिसकी स्वीकृति तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा दी गई थी।

इसी तरह का मामला देवरिया में भी हुआ था, जहाँ फूल बदन सिंह के पक्ष में तीन वर्ष के लिए 28 एकड़ जमीन के पट्टे का नवीनीकरण कर दिया गया। दूसरी एफआईआर में तत्कालीन जिलाधिकारी विवेक, तत्कालीन एडीएम देवी शरण उपाध्याय, तत्कालीन खनन अधिकारी विजय कुमार मौर्य, तत्कालीन खनन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, खनन बाबू हंसराज, पट्टा धारक, शरद यादव,  शरद के बेटे वीरेंद्र यादव, संजय यादव और फूल बदन निषाद को नामजद किया गया है। इन दोनों ही एफआईआर में शामिल लोगों से जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा।

असम की तरह देश के हर बाशिंदे की होगी पहचान, 2020 तक NPR तैयार करेगी मोदी सरकार

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को देश भर में लाागू करने से पहले उसका आधार तैयार करने के लिए सितंबर, 2020 तक राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) तैयार करने का निर्णय लिया है।

भारत के प्रत्येक निवासी को NPR में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य देश में रहने वाले हर सामान्य निवासी की पहचान का व्यापक डाटाबेस तैयार करना है। इस डाटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जानकारियाँ भी होंगी।

इसके अंतर्गत हर उस व्यक्ति को शामिल किया जाएगा जो पिछले छ: महीने से किसी स्थानीय जगह पर रह रहा हो या वह व्यक्ति उस इलाक़े में अगले छ: महीने या उससे अधिक के लिए बसना चाहता है।

महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने कहा, ‘‘नागरिकता (नागरिकों के पंजीयन एवं राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने संबंधी) नियमावली, 2003 के नियम तीन के उप नियम (4) के अनुपालन में केंद्र सरकार ने जनसंख्या पंजी तैयार करने और उसे अद्यतन करने का फैसला किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘…और असम को छोड़ कर देश भर में घर – घर जाकर गणना करने के लिए सभी लोगों की सूचना एकत्र करने के वास्ते फील्ड वर्क एक अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2020 तक किया जाएगा।’’

ख़बर के अनुसार, NPR देश के नागरिकों की पंजी होगी, जिसे स्थानीय (ग्राम/ कस्बा), अनुमंडल, ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा। इसे सिटिजनशिप एक्ट 1955 और नागरिकता नियमावली, 2003 के तहत तैयार किया जा रहा है।

ग़ौरतलब है कि नई लोकसभा (17वीं) के गठन के बाद 20 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं का उल्लेख किए जाने के लगभग एक महीने बाद यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति ने कहा था, “मेरी सरकार ने घुसपैठ प्रभावित इलाक़ो में प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया को लागू करने का फैसला किया है।”

बता दें कि असम में पिछले साल 30 जुलाई को जब NRC का मसौदा प्रकाशित किया गया था जब 40.7 लाख लोगों को इससे (पंजी से) बाहर किए जाने को लेकर एक विवाद पैदा हो गया था।

मंत्री इमरान हुसैन के साथ जाँच को गए थे AAP MLA पंकज पुष्कर, राशन दुकान पर पीटे गए

दिल्ली के तिमारपुर से आम आदमी पार्टी विधायक पंकज पुष्कर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। ये घटना तिमारपुर में हुई। विधायक का आरोप है कि मंत्री इमरान हुसैन के साथ तिमारपुर इलाके में राशन की दुकानों के निरीक्षण के लिए गए थे। वहाँ जाँच में अनियमितता मिली और जैसे ही उन्होंने रजिस्टर की माँग की, राशन की दुकानवाले और उनके परिजनों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

विधायक ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने तिमारपुर थाने में शिकायत की है। इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग और एक महिला पंकज पुष्कर के साथ मारपीट करती नजर आ रही हैं। इस घटना पर विधायक की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि सुबह के तकरीबन 11:30 बजे फूड एंड सप्लाई मिनिस्टर इमरान हुसैन इलाके में दो दुकानों पर विभागीय जाँच के लिए पहुँचे थे। टीम ने राशन की दुकान के रिकॉर्ड में अनियमितता पाया। जिसके बाद दुकान के मालिक और परिवार के सदस्यों ने विधायक पंकज पुष्कर और उनके कार्यालय प्रभारी देवेश कुमार की जमकर पिटाई की।

गौरतलब है कि, पंकज पुष्कर के साथ मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। पिछले महीने भी पंकज पुष्कर ने अपने साथ हुए मारपीट की एक घटना का तिमारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बीते महीने जब पुष्कर नगर निगम के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों का जायजा लेने निकले थे तो उस दौरान भू-माफिया ने उनके साथ बदसलूकी की थी। उस समय पंकज पुष्कर ने कहा था कि वजीराबाद इलाके में सक्रिय एक भू-माफिया ने उनके साथ गाली-गलौज के साथ मारपीट भी की।

भारतीय सेना ने PAK से कहा- सफेद झंडा लेकर आओ, ‘जवानों’ की डेड बॉडी पड़ी हैं उठाकर ले जाओ

नैतिकता का दामन छोड़ चुके पाकिस्तान के सामने भारत ने फिर एक नजीर पेश की है। भारत पर अंतरराष्ट्रीय संधियों और कश्मीरियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का अनर्गल और मिथ्या आरोप लगाने वाले पाकिस्तान और उसकी आतंकी सेना के सामने भारत ने एक बार फिर अपनी मानवीय छवि पेश की है।

बता दें कि केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के हमले को नाकाम करते हुए सेना ने 5-7 घुसपैठिए मार गिराए। 5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव अब भी एलओसी पर पड़े हैं। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है। भारतीय सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना सफेद झंडे के साथ आकर इन शवों को ले जा सकती है।

भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तानी सेना को अपने जवानों और आतंकियों की डेड बॉडीज को ले जाने को कहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान से कहा है कि वह संधि और संघर्ष विराम का प्रतीक सफेद झंडा ले कर आए और जवाबी कार्रवाई में मारे गए बैट के 5-7 जवानों के शव ले जाए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम में पाकिस्तानी सेना के जवानों के अलावा आतंकी भी शामिल रहते हैं, जो भारतीय जवानों पर घात लगाकर हमला करते हैं।

BAT का पूरा नाम भले बॉर्डर एक्शन टीम है पर चाल-चलन में यह सैन्य से ज्यादा आतंकी दस्ता है। सीमा पर कार्रवाई के मकसद से गठित इस दस्ते में पाकिस्तानी कमांडोज के अलावा आतंकियों को भी शामिल किया जाता है। यह दस्ता अपने ऑपरेशन के दौरान क्रूरता की सारे हदे लॉंघ जाता है। 2013 में भारतीय सैनिक हेमराज का सिर कलम कर दिया गया था। यह करतूत BAT का ही था।

हेमराज का सिर कलम करने वाले पाकिस्तानी दस्ते के आतंकी सीमा पर लावारिस पड़े

केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के हमले को नाकाम करते हुए सेना ने 5-7 घुसपैठिए मार गिराए। 5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव अब भी एलओसी पर पड़े हैं। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है। भारतीय सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना सफेद झंडे के साथ आकर इन शवों को ले जा सकती है।

BAT का पूरा नाम भले बॉर्डर एक्शन टीम है पर चाल-चलन में यह सैन्य से ज्यादा आतंकी दस्ता है। सीमा पर कार्रवाई के मकसद से गठित इस दस्ते में पाकिस्तानी कमांडोज के अलावा आतंकियों को भी शामिल किया जाता है। यह दस्ता अपने ऑपरेशन के दौरान क्रूरता की सारे हदे लॉंघ जाता है। 2013 में भारतीय सैनिक हेमराज का सिर कलम कर दिया गया था। यह करतूत BAT का ही था।

कारगिल लड़ाई के दौरान कैप्टन सौरभ कालिया को BAT ने उत्पीड़ित और प्रताड़ित किया था। बाद में उनका शव भारत को सौंपा गया। सेना के मुताबिक सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी का फायदा उठाकर BAT जघन्य कृत्य को अंजाम देता है।

पाकिस्तानी सेना से प्रशिक्षित यह दस्ता अमूमन आधी रात के बाद हरकत में आता है और ​चुपके से भारतीय चौकियों के पास जवानों पर घात लगाकर हमले करता है। एलओसी पर एक से तीन किलोमीटर के दायरे में हमले को अंजाम देता है। कश्मीर में दशकों से चल रहे छद्म युद्ध की वजह से पाकिस्तानी सेना इस टीम में जान-बूझकर आतंकियों का इस्तेमाल करती है ताकि पकड़े जाने पर वह आसानी से इनसे पीछा छुड़ा ले।

BAT सदस्यों को पाकिस्तानी सेना के साथ ही करीब आठ महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। पाकिस्तानी वायुसेना भी इन्हें प्रशिक्षण देती है। ये अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं। बर्फ में इस्तेमाल किया जाने वाला साजो-सामान (कपड़े एवं जूते), हाई एनर्जी फूड और सैटेलाइट फोन ये साथ लेकर चलते हैं।

नवादा में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम, बम-कारतूस समेत कई हथियार बरामद

बिहार में पुलिस और सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवादा पुलिस ने नवादा के उग्रवाद प्रभावित सिरदला थाना क्षेत्र के पारकुरहा गाँव में हथियारों एवं विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा को बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नवादा एसपी कुमार आलोक, रजौली एसडीपीओ, एसएसबी और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मिशन को फेल कर दिया है। हालाँकि, इस बरामदगी से पूरे इलाके में चर्चा और डर का माहौल है। नवादा पुलिस सुरक्षा बलों के साथ पूरे इलाके में सघन छापेमारी अभियान चला रही है। सुरक्षाबलों ने सभी बम डिफ्यूज कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर पार खुरहा गाँव के साधु यादव के घर छापेमारी की गई, जहाँ नक्सलियों से संबंधित कई प्रकार की सामग्री जब्‍त की गई है। छापेमारी के दौरान चार केन बम, एक दर्जन से अधिक इंसास की जिंदा कारतूस, एक देसी कट्टा, तीन बंडल जिलेटिन, चार नक्सली वर्दी, एक बैग एवं दर्जनों डेटोनेटर बरामद हुए हैं।

साभार- न्यूज़ 18

इस छापेमारी में बरामद विस्फोटक से पुलिस ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकामयाब कर दिया है। इस बरामदगी से साफ पता चलता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने फ़िराक में थे, मगर सुरक्षाबलों ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। फिलहाल नवादा पुलिस ने साधु यादव को हिरासत में ले लिया गया है एवं उससे पूछताछ की जा रही है।

बोफोर्स से पाकिस्तान को जवाब दे रही है सेना, लगातार घुसपैठ की फिराक में BAT

घाटी में आतंकी हमलों को अंजाम देने के पाकिस्तानी मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना ने बोफोर्स होवित्जर तोपों का इस्तेमाल शुरू किया है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिशों और पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का जवाब अब सेना बोफोर्स से दे रही है।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि गुलाम कश्मीर में मौजूद पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और आतंकी शिविरों पर बोफोर्स से गोले दागे गए हैं। सूत्रों के अनुसार सेना सीमा पार बैठे आतंकियों और उनके सरपस्त पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को ही निशाना बना रही है।

यह भी खबर है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) घुसपैठ की लगातार कोशिश कर रही है। 31 जुलाई और 1 अगस्त की रात को BAT ने भारतीय सेना पर गोलीबारी की थी। केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के एक हमले को भी सेना ने नाकाम कर दिया है।

इस दौरान कम से कम 5-7 घुसपैठिए मारे गए। सेना के मुताबिक 5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव एलओसी पर पड़े हैं। भारी गोलीबारी के चलते शवों को हटाया नहीं जा सका है और ना ही उनकी पहचान हो पाई है। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने अमरनाथ यात्रा और घाटी में अन्य जगहों पर ‘लोन वुल्फ अटैक’ की साजिश रची थी। इसमें पाकिस्तान सरकार के शामिल होने की बात भी सामने आई है। सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था। शनिवार को किश्तवाड़ के माछिल में दुर्गा यात्रा भी स्थगित कर दी गई थी।

अमरनाथ यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना ने कहा था कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। बरामद लैंडमाइंस पर पाकिस्तानी आयुध डिपो का मुहर लगा था।

टेक्सास के वॉलमार्ट स्टोर में भारी गोलीबारी, 20 मरे, 26 घायल, 3 संदिग्ध हिरासत में

अमेरिकी राज्य टेक्सास में एक शॉपिंग मॉल में भारी गोलीबारी की घटना में 20 लोगों के मारे जाने की खबर हैं। साथ ही 26 लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी की यह घटना अल पासो इलाके के सीएलो विस्ता मॉल में हुई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमारे पास कई हमलावरों के होने की रिपोर्ट है। हम इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।” यह भी कहा जा रहा है कि अभी तक तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी घटना पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, “टेक्सास में भयानक गोलीबारी। रिपोर्ट बहुत खराब हैं, कई मारे गए। राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ काम रहा हूँ। गवर्नर से भी बात किया हूँ और पूरी मदद का भरोसा दिया हूँ।”

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि शूटिंग एक वॉलमार्ट स्टोर में हुई और इसमें 20 लोग मारे गए हैं। एक कर्मचारी ने स्थानीय न्यूज चैनल को बताया कि पुलिस और स्वाट अधिकारी ने क्षेत्र को खाली को खली करा लिया है। पुलिस ने जनता को मॉल से दूर रहने की सलाह दी है।

बता दें कि इससे पहले जून 2019 के महीने में अमेरिका के फिलाडेल्फिया में ग्रेजुएशन पार्टी में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पाँच अन्य घायल हो गए थे। फरवरी 2019 में अमेरिका की एक फैक्ट्री में ताबड़तोड़ फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। ये घटना शिकागो से करीब 65 किलोमीटर दूर एयुरा में हुई थी।

TV डिबेट में पीडीपी नेता का बयान: ‘ये हमारी सरजमीं का मामला है और आप कह रहे हैं खामोश रहो?’

कश्मीर में सेना की अतिरिक्त तैनाती और आतंकी हमले की आशंका के चलते जारी की गई एडवायजरी के बाद जम्मू कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों में खलबली मची हुई है। इसका असर टीवी डिबेट तक में देखने को मिल रहा है। ऐसे में एक न्यूज चैनल पर बहस के दौरान पीडीपी नेता ताहिर सईद बीजेपी नेता शहनवाज से भिड़ गए और उनसे बोले, “मेरी सरजमीं पर मेरी आवाज बंद कराने आए हो।” इस दौरान न्यूज चैनल के एंकर को बीच में बोलना पड़ा फिर जाकर बहस शांति से आग बढ़ सकी।

आज तक न्यूज़ चैनल पर कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी को लेकर एक न्यूज चैनल पर बहस हो रही थी इस दौरान पीडीपी नेता ताहिर सईद ने कहा-

“30-32 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि राज्य लोगों में खौफ पैदा कर रहा है। हमने कोई गलत बात नहीं कही, हम बस एक प्रश्न शहनवाज हुसैन साहब से पूछना चाहते हैं। इतनी ज्यादा तादाद में आप फोर्स क्यों भेज रहे हैं? क्या कुछ होने वाला है क्या कहीं से खतरा है? हमें बता दीजिए लोगों को बता दीजिए आखिर क्यों इतनी फोर्स लगाई जा रही है।”

इस पर शहनवाज हुसैन ने कहा, “खौफ नहीं है आप लोग खौफ फैला रहे हैं। आप सियासी पार्टी हैं या अफवाह फैलाने वाली पार्टी। सेना वहाँ जा रही है तो आप लोगों को डर क्यों लगने लगा।”

ताहिर ने शहनवाज का जवाब देते हुए कहा- “हम जवाब चाहते हैं हम जिम्मेदार पार्टी हैं। तो आप लोगों को डर क्यों रहे हैं? यह हमारे जान का, जमीन का मामला है। आप हमसे कह रहे हैं हम चुप रहें।”

इस पर शहनवाज ने कहा कि जान-माल के हिफाजत के लिए ही सेना गई है डर आतंकवादियों को लग्न चाहिए आपको क्यों लग रहा है? इस पर शहनवाज हुसैन को जवाब देते हुए ताहिर ने कहा- “ये हमारीं सरजमीं का मामला है और आप कह रहे हैं खामोश रहो। ये क्या बात है शहनवाज साहब?”

वीडियो :

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने कहा- ‘आज तो कुछ नहीं होगा, कल का पता नहीं, वो मेरे हाथ में नहीं’

आतंकी हमले के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा पर जारी हुई एडवायजरी के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों में उथल-पुथल मची हुई है। पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि राज्य के लोगों में डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। हालाँकि, जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीर में किसी को डरने की जरूरत नहीं है। राज्यपाल का कहना है कि आतंकी खतरे की वजह से एडवाइजरी जारी की गई थी और इसमें चिंतित होने वाली कोई बात नहीं है।

वहीं, तमाम अटकलों के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने, न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अबदुल्ला और अन्य से बातचीत पर कहा कि सभी को संतुष्ट कर दिया गया है। उन्हें राज्यपाल से जो अपेक्षा थी, वैसा ही किया गया।

सत्यपाल मलिक ने कहा, “जहाँ तक मैं जानता हूँ, ऐसा कोई रुझान नहीं हैं कि जम्मू-कश्मीर में कुछ होने वाला है। मैं आने वाले कल के बारे में नहीं जानता हूँ और ना ही यह मेरे हाथ में है। लेकिन, आज ऐसा कुछ नहीं होगा, तो इसकी चिंता मत करें।”

राज्यपाल मलिक ने एडवायजरी पर कहा कि भक्तों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखना हमारी जिम्मेदारी है। बहुत सारे आतंकी एलओसी के पास घुसपैठ के इरादे से बैठे हुए हैं, उनमें से ज्यादातर आत्मघाती हमलावर हैं।

एडवायजरी के सवाल पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर यहाँ कुछ होता है तो, पूरे देश में माहौल खराब होगा और हम इसी से बचना चाहते थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर फैल रही अफवाहों पर कहा, “मैंने दिल्ली में सभी से बात की है और किसी ने भी इस ओर इशारा नहीं किया है। कोई कह रहा है- राज्य का विभाजन होगा, कोई कह रहा है कि आर्टिकल 35-A, कोई कह रहा है 370! उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे इस विषय में कोई बात नहीं की है।