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TMC सांसद नुसरत जहां की तीज पर भड़के इस्लामी कट्टरपंथी

तृणमूल सांसद और बांग्ला अभिनेत्री नुसरत जहाँ को एक बार फिर कट्टरपंथियों की असहिष्णुता का शिकार होना पड़ा है। इस बार निशाने पर उनका सिंधारा (हरियाली) तीज मनाना है, जिसके लिए मजहबी कट्टरपंथियों ने उन्हें आड़े हाथों लिया और जम कर खरी-खोटी सुनाई।

इंस्टाग्राम फोटो पर बवाल

नुसरत जहां ने जैन धर्मावलम्बी और कोलकाता के बड़े कपड़ा व्यापारी निखिल जैन से हाल ही में शादी की है। 19 जून को हुई इस शादी के बाद वे अपने ससुराल के कई रीति-रिवाज निभा रही हैं। इसी शृंखला में उन्होंने कल (3 अगस्त, 2019) को हुई सिंधारा तीज, जिसे हरियाली तीज भी कहते हैं, पर यह त्यौहार मनाते हुए अपनी और अपने पति की तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर कीं।

इससे भड़के इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। किसी ने पूछा कि वे हिन्दू हैं या कुछ और, तो किसी ने कहा कि वो हिन्दुओं की तरह सिन्दूर लगाती हैं, इसलिए उसे (यूज़र को) नुसरत पर शर्म आती है। किसी ने पूछा कि वे इस्लाम का पैगाम भूल गईं क्या?

साभार: NBT गाज़ियाबाद संस्करण, 4 अगस्त 2019

मुफ़्ती शरीफ खान ने तो उन्हें इस्लाम से ही खरिज करते हुए कह दिया कि केवल नाम रखने से कोई इस्लाम का अनुयायी नहीं हो जाता है। इसके पहले भी बरेलवी मसलक के उलेमा बशीरहाट की सांसद नुसरत जहां को इस्लाम से ख़ारिज कर चुके हैं

होटल में करने वाले थे मीटिंग, पुलिस ने मना कर दिया… अब घर पर करेंगे: महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर के हालात पर जहाँ अफ़रा-तफ़री का माहौल है, वहीं नेताओं और सियासी खेमें में एक अजीब सा बेचैनी का माहौल बना हुआ है। राज्य में 35 हज़ार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच एक ही चर्चा निकलकर सामने आ रही है कि आख़िर कश्मीर में क्या होने वाला है। 

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता महबूबा मुफ्ती ने बताया कि राजनीतिक पार्टियों ने आज एक होटल में बैठक करने का फ़ैसला लिया, लेकिन पुलिस ने अडवाइजरी जारी की है कि होटल में कोई राजनीतिक बैठक न की जाए। इसलिए जो बैठक होटल में होने वाली थी वो आज शाम 6 बजे मेरे आवास पर बैठक होगी

केंद्र पर निशाना साधते हुए पीडीपी नेता ने कहा कि हमने इस देश के लोगों समझाने का प्रयास किया था कि अगर 35A या 370 से छेड़छाड़ करेंगे तो इसके क्या परिणाम होंगे। हमने अपील भी की है, लेकिन केंद्र की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है। वो ये भी नहीं कह रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।

इसके अलावा, महबूबा मुफ़्ती ने मोदी सरकार के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अख़्तियार करते हुए कहा कि यात्रियों, पर्यटकों और छात्रों को कश्मीर से जाने को कहा गया है, कश्मीरियों को राहत देने की कोशिश नहीं की जा रही है। कहाँ गई इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत?”

मेरे बाप को मार डाला, लाखों की रोजी-रोटी-बिजनेस छीन ली… आपको दोस्त की चिंता है राजदीप? – बॉलीवुड एक्टर

बॉलीवुड अभिनेता संजय सूरी ने पत्रकार राजदीप सरदेसाई को सोशल मीडिया पर आईना दिखा दिया। राजदीप ने कश्मीर में ‘होटल वालों के बिज़नेस’ की चिंता जताने की आड़ में सरकार को कश्मीर मुद्दे पर घेरने की कोशिश की थी, लेकिन संजय सूरी ने उन्हें जता दिया कि जिन कश्मीरियों की चिंता राजदीप को खाए जा रही है, उनसे कहीं अधिक तकलीफ कश्मीरी हिन्दुओं ने झेली है।

‘मेरे दोस्त का बिज़नेस बर्बाद’

राजदीप सरदेसाई, जो इंडिया टुडे ग्रुप के सलाहकार सम्पादक (कंसल्टिंग एडिटर) हैं, ने कश्मीर में सरकारी गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए बताया था कि कैसे सुरक्षा बलों की घाटी में आवाजाही बढ़ने और गैर-स्थानीय निवासियों को घाटी जल्दी-से-जल्दी छोड़ देने की सरकारी सलाह से उनके अनाम होटल मालिक मित्र का बिज़नेस चौपट हो गया है। उन्होंने यह टिप्पणी ट्विटर पर की थी।

‘शुक्र मनाइए फतवा नहीं है’

इस पर बॉलीवुड अभिनेता संजय सूरी ने उनके ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा कि कम-से-कम सरकार सलाह दे रही है, फतवा नहीं। संजय ने याद किया कि कैसे उनके आरा मिल का सफल व्यापार चलाने वाले पिता को जिहादियों ने मार डाला था। उनकी नर्सरी चलाने वाली वनस्पतिशास्त्री माँ का भी काम-धंधा चौपट हो गया। लाखों का बिज़नेस बर्बाद हो गया।

इसरो ने जारी की Chandrayaan-2 द्वारा ली गई पृथ्वी की बेहद खूबसूरत तस्वीरें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर द्वारा कैप्चर की गई पृथ्वी की तस्वीरों का पहला सेट जारी किया है। यह तस्वीरें इसरो द्वारा माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर रविवार (4 अगस्त 2019) को जारी की गईं।

चंद्रयान-2 LI4 कैमरे द्वारा ली गई तस्वीरों में पृथ्वी को बड़ी ही ख़ूबसूरती के साथ क़ैद किया गया है। यह तस्वीरें शनिवार (3 अगस्त) को ली गईं।

बता दें कि इसरो ने 2 अगस्त को भारत के मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को चोथी बार सफलतापूर्वक बढ़ाया था। भारतीय स्पेस एजेंसी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि चंद्रयान-2 की कक्षा को 646 सेकेंड के लिए ऑनबोर्ड मोटर्स को चालू करके 277 X 89,472 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया।

इसके ऑर्बिट को 6 अगस्त को दोपहर 2.30 से 3.30 के बीच में पाँचवीं बार बढ़ाया जाएगा। ग़ौरतलब है कि चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को भारत के हेवी लिफ्ट रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क तीन (GSLV MK3) के ज़रिए 170 X 45,475 किलोमीटर की कक्षा में इंजेक्ट किया गया था।

अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग: सत्र के बाद कश्मीर दौरा, विपक्षी दलों में जबरदस्त हलचल

जम्मू कश्मीर में जारी तेज सियासी हलचल के बीच अब खबर आ रही है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2 दिवसीय यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर जाएँगे। जानकारी के मुताबिक, संसद सत्र समाप्त हो जाने के बाद अमित शाह 2 दिवसीय यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर जाएँगे और राज्य की स्थिति पर समीक्षा बैठक करेंगे। 

फिलहाल, संसद भवन गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक जारी है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जारी इस बैठक में एनएसए अजीत डोभाल और गृह सचिव राजीव गाबा भी मौजूद हैं। 

संसद का वर्तमान सत्र 7 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले ये 27 अगस्त जुलाई को समाप्त होने वाला था। लेकिन, केंद्र सरकार ने तीन तलाक समेत अन्य बिलों को इसी सत्र में पास करवाने के लिए संसद सत्र बढ़ाने का फैसला लिया। अब दोनों सदनों का सत्र 7 अगस्त को खत्म होगा। यानी कि अमित शाह इसी महीने कश्मीर के दौरे पर जा सकते हैं।

अमित शाह का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। हालाँकि, अभी आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि अमित शाह का दौरा कितने दिन का होगा, लेकिन माना जा रहा है कि वे दो दिन के लिए वहाँ पर ठहरेंगे। इस दौरान उच्चाधिकारियों से बातचीत के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। कश्मीर में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती, अमरनाथ यात्रा को रोकना और सैलानियों व दूसरे राज्यों के नागरिकों को वापस आने की एडवायजरी के बीच अमित शाह के दौरे ने राजनीतिक दलों में जबरदस्त हलचल मचा दी है।

बेशर्म पाकिस्तान: LOC पर पड़े अपने ‘BAT कमांडो’ के शव लेने से किया इनकार

देश में घुसपैठ की कोशिश के बाद भारतीय सेना द्वारा मारे गए 5-7 पाकिस्तानी घुसपैठियों के शवों को पाकिस्तान ने लेने से इनकार कर दिया है। LOC पर एक सफल ऑपरेशन के बाद, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पाँच से सात BAT (Border Action Team) कमांडो के शवों को ले जाने की पेशकश की थी।

बता दें कि केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के हमले को नाकाम करते हुए भारतीय सेना ने पाँच-सात घुसपैठिए मार गिराए। पाँच-सात पाकिस्तानी सेना के जवान/ आतंकवादी के शव अब भी एलओसी पर पड़े हैं। सेना ने सबूत के तौर पर चार शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है। भारतीय सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना सफेद झंडे के साथ आकर इन शवों को ले जा सकती है।

भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तानी सेना को अपने जवानों और आतंकियों की डेड बॉडीज को ले जाने को कहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान से कहा है कि वह संधि और संघर्ष विराम का प्रतीक सफेद झंडा ले कर आए और जवाबी कार्रवाई में मारे गए BAT के पाँच-सात जवानों के शव ले जाए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम में पाकिस्तानी सेना के जवानों के अलावा आतंकी भी शामिल रहते हैं, जो भारतीय जवानों पर घात लगाकर हमला करते हैं।

सीमा पर कार्रवाई के मकसद से गठित इस दस्ते (BAT) में पाकिस्तानी कमांडोज के अलावा आतंकियों को भी शामिल किया जाता है। यह दस्ता अपने ऑपरेशन के दौरान क्रूरता की सारे हदे लॉंघ जाता है। 2013 में भारतीय सैनिक हेमराज का सिर कलम कर दिया गया था। यह करतूत BAT का ही था।

उन्नाव रेप मामला: ट्रक मालिक ने कहा MLA सेंगर को नहीं जानता, CBI ने 15+ जगहों पर मारे छापे

उन्नाव रेप पीड़िता के दुर्घटना मामले में रविवार (अगस्त 4, 2019) को सीबीआई (CBI) के सामने पेश हुए ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर पाल ने कहा कि वो भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं जानते। वहीं, इस मामले को लेकर सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर और साथियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों ने बताया कि चूँकि अभी छापेमारी जारी है, इसलिए इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन, माना जा रहा है कि 15 से अधिक जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं।

इधर, ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर ने कहा कि वो पीड़िता या उसके परिवार को भी नहीं जानते। ट्रक मालिक ने कहा कि ये उनको फँसाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि वो सीबीआई की जाँच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वहीं ट्रक के नंबर को ब्लैक करने के सवाल पर देवेंद्र ने सीबीाई से कहा कि सीजर की कार्रवाई से बचने के लिए ट्रक के नंबर को ब्लैक कराया गया था।

इससे पहले, शनिवार (अगस्त 3, 2019) को सीबीआई की टीम ने सीतापुर की जेल में बंद कुलदीप सेंगर से तकरीबन 6 घंटे तक पूछताछ की थी। सीबीआई ने पीड़िता के गाँव पहुँचकर भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों का रजिस्टर भी तलब किया गया था।

गौरतलब है कि, 28 जुलाई को रायबरेली में एक तेज रफ्तार ट्रक ने बलात्कार पीड़िता की कार को टक्कर मार दी थी। हादसे में उन्नाव रेप पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका अभी इलाज चल रहा है। रेप मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आरोपित हैं। सीबीआई ने हादसे के सिलसिले में भी सेंगर के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज किया है। वहीं, 30 जुलाई को आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी ने निलंबित कर दिया।

SFI का टॉर्चर चैंबर: जिस कॉलेज में निषाद की पीठ पर SFI गोदा, वहीं चंद्रन के सीने में घोंपा चाकू

केरल में वामपंथी संगठन किस तरह से गुंडागर्दी पर उतारू है यह बात तृतीय वर्ष के छात्र अखिल चंद्रन पर जानलेवा हमले से एक बार फिर उजागर हो गई। साथ ही राज्य की शासन व्यवस्था ने हमलावरों का बचाव करके अपनी दलगत राजनीति का प्रमाण भी दिया। दरअसल, पिछले महीने एक ख़बर सामने आई थी कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कथित तौर पर एक छात्र के सीने में चाकू घोंप दिया गया था। जिस छात्र के साथ यह घटना घटित हुई थी वो बीए (राजनीति) तृतीय वर्ष का छात्र अखिल चंद्रन था। इस घटना के पीछे वामपंथी छात्र संगठन SFI (Student Fedration Of India) के कार्यकर्ताओं का हाथ था। चंद्रन के सीने में SFI के अध्यक्ष आर शिवरंजीथ ने चाकू मारा था, जबकि संगठन के सचिव एएन नसीम ने उसे (चंद्रन) पकड़ रखा था।

इस घटना से गुस्साए लोगों ने विरोध स्वरूप SFI के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के साथ-साथ दोषियों को सज़ा दिलाने की माँग भी उठाई थी। यह घटना काफ़ी दिनों तक सुर्ख़ियों में छाई रही। कॉलेज कैंपस में इस तरह का हिंसात्मक व्यवहार बेहद असाधारण है। अखिल चंद्रन ख़ुद भी SFI के लोकल कमेटी मेंबर है, जो फ़िलहाल ठीक है। लेकिन इस घटना से ब्रिटिश युग का यह कॉलेज सुर्ख़ियों में आ गया है।

इस कॉलेज के छात्र संगठन पर पिछले दो दशक से SFI का क़ब्जा है। राज्य में माकपा नीत LDF सरकार के लिए यह बड़ी शर्मिंदगी की बात है कि अखिल चंद्रन पर हमला करने वाले छ: गिरफ़्तार आरोपितों में से नसीम और शिवरंजीथ पुलिस कॉस्टेबल की भर्ती सूची की रैंकिंग में सबसे टॉप पर हैं।

इस मुद्दे पर विपक्षी दल कॉन्ग्रेस का कहना है कि इससे पता चलता है कि राज्य सरकार क़ानून और व्यवस्था पर माकपा की पकड़ को मज़बूत करने के लिए ‘समानांतर भर्ती केंद्र’ के रूप में SFI का उपयोग कर रही है। SFI ने अब कॉलेज में अपनी स्टूडेंस विंग को भंग कर दिया है।

इस कॉलेज के बारे में बता दें कि इसकी स्थापना वामपंथी 1866 में त्रावणकोर के शाही परिवार द्वारा की गई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति के आर नारायण, पूर्व महाराष्ट्र गवर्नर पीसी अलेक्जेंडर, सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज फ़ातिमा बीवी समेत कई बड़े राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और साहित्यकारों ने पढ़ाई की है।

ख़बर के अनुसार, 1970 के दशक में, SFI संगठन एक मामूली छात्र संगठन था, जबकि कॉन्ग्रेस का ‘केरल स्टूडेंट यूनियन’ (KSU) छात्र संगठन राजनीति पर हावी था। लेकिन, 80 के दशक में चीजें बदल गईं जब SFI ने कॉलेजों को स्वायत्तता देने के ख़िलाफ़ हिंसक विरोध प्रदर्शन किए।

कुछ वर्षों में, कॉलेज पर धीरे-धीरे SFI का अच्छा-ख़ासा दबदबा बन गया। जिसे CPI (M) और उसकी युवा शाखा DFYI ने मज़बूत बनाया। KSU नेता को आखिरी बार कॉलेज यूनियन में 1986 में चुना गया था।

कैंपस में एक SFI का दफ़्तर है जो टॉर्चर चैंबर के रूप में विख्यात है। यहाँ उन लोगों को प्रताड़ित किया जाता है जो SFI नेताओं की बात नहीं माानता। वर्ष 2000 में निषाद के साथ हिंसात्मक घटना हुई थी जिसके बाद SFI को कैंपस में अपनी यूनिट भंग करनी पड़ गई थी। निषाद को उसी टॉर्चर चैंबर में ले जाया गया था जहाँ उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसकी पीठ पर ‘SFI’ गोद दिया गया था।

भारतीय कानून लागू नहीं, लेकिन यूपी से भी ज्यादा पैसा पाता है 1% आबादी वाला जम्मू-कश्मीर

धारा 370 और आर्टिकल 35A वह कवच है जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में देश के अन्य हिस्सों में लागू कानून मान्य नहीं हैं। चाहे वह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) हो या शहरी भूमि कानून। सो, हालिया सुरक्षा एलर्ट और अतिरिक्त जवानों की तैनाती से कश्मीर के राजनीतिक दलों की घबराहट को समझा जा सकता है। वे धारा 370 और आर्टिकल 35A को खत्म करने के अंदेशे में दुबले हुए जा रहे हैं।

धारा 370 केवल जम्मू-कश्मीर को भारतीय कानूनों से ही आजादी नहीं देता, बल्कि स्पेशल स्टेटस भी प्रदान करता है, जिसकी वजह से उसे केन्द्र सरकार से खूब पैसा मिलता है। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के आँकड़ों पर गौर करने से पता चलता है कि केन्द्रीय अनुदान का 10 फीसदी हिस्सा जम्मू-कश्मीर को मिलता है, जबकि इस राज्य की जनसंख्या देश की कुल आबादी का केवल 1% ही है। सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य यूपी की केन्द्रीय ग्रांट में हिस्सेदारी केवल 8% है।

वर्ष 2000-2016 के बीच जम्मू-कश्मीर को 1.14 लाख करोड़ रुपए का अनुदान मिला। यह रकम देश के विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों को इस दौरान मिले अनुदान के एक चौथाई हिस्से से भी ज्यादा है। अमूमन केन्द्रीय अनुदान में विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों को ज्यादा हिस्सेदारी मिलती है, लेकिन आँकड़े बताते हैं कि इन राज्यों में भी जम्मू-कश्मीर को खास तवज्जो मिलती है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार राज्यों को दो तरीके से वित्तीय मदद प्रदान करती है। पहला, अनुदान के जरिए और दूसरा, कर्ज देकर। जम्मू-कश्मीर को केन्द्र से जो पैसा मिलता है उसमें 90 फीसदी अनुदान होता है। अन्य राज्यों को केन्द्र से मिलने वाले पैसे में करीब 70 फीसदी कर्ज होता है। केन्द्र से राज्यों को मिलने वाले पैसे का अगर आबादी के हिसाब से बँटवारा करे तो अन्य राज्य के नागरिकों के मुकाबले कश्मीरी आठ गुना ज्यादा पैसा पाते हैं।

जम्मू-कश्मीर के विशेष अधिकार

  • धारा 370 के प्रावधानों के मुताबिक संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में ही कानून बनाने का अधिकार है।
  • अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू करवाने के लिए केन्द्र को राज्य सरकार की सहमति लेनी पड़ती है।
  • जम्मू-कश्मीर पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती।
  • 1976 का शहरी भूमि कानून भी लागू नहीं होता।
  • भारतीय संविधान की धारा 360 यानी देश में वित्तीय आपातकाल लगाने वाला प्रावधान लागू नहीं होता।
  • जम्मू-कश्मीर में रणबीर दंड संहिता लागू है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत यहॉं भारतीय दंड संहिता लागू नहीं है।

आर्टिकल 35A कहता है…

  • जम्मू-कश्मीर का स्थायी नागरिक वह व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो और उसके पास राज्य में संपत्ति हो।
  • भारत के किसी अन्य राज्य के निवासी जम्मू-कश्मीर का स्थायी निवासी नहीं बन सकते और न वहाँ वोट डाल सकते हैं।
  • राज्य के बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते।
  • यदि जम्मू-कश्मीर की लड़की राज्य से बाहर के व्यक्ति से शादी करती है तो उसके सारे अधिकार खत्म हो जाते हैं। उसके बच्चों के अधिकार भी खत्म हो जाते हैं।
  • राज्य सरकार किसी कानून को अपने हिसाब से बदलती है तो उसे किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

खनन घोटाला में पूर्व सपा मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, 5 IAS समेत 16 पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापती के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। ED ने अवैध खनन मामले में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और 5 आईएएस समेत 16 लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएसए) के तहत दो केस दर्ज किए हैं। इन अधिकारियों और तत्कालीन खनन मंत्री के खिलाफ 29 जून को सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की थी। अब इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी एफआईआर दर्ज की है। गायत्री से हाल ही में पुलिस व ईडी के तमाम अफसरों की मौजूदगी में पूछताछ की गई थी।

पहली एफआईआर फतेहपुर से संबंधित है, जहाँ अवैध तरीके से खनन पट्टों का आवंटन हुआ। इसमें तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, प्रमुख सचिव खनन जीवेश नंदन, तत्कालीन विशेष सचिव खनन संतोष कुमार राय, तत्कालीन फतेहपुर के जिलाधिकारी अभय, तत्कालीन अनु सचिव हरि मोहन झा व दो अन्य शिव सिंह व सुखराज को नामजद किया गया है।

इन पर आरोप है कि सपा सरकार के दौरान ई टेंडर नीति लागू होने के बाद भी उसका पालन किए बिना ही बालू खनन के पट्टे का नवीनीकरण कर दिया गया। पट्टाधारक शिव सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अपनी समाप्त हो चुकी लीज को 3 वर्ष के लिए आवंटित करा लिया, जिसकी स्वीकृति तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा दी गई थी।

इसी तरह का मामला देवरिया में भी हुआ था, जहाँ फूल बदन सिंह के पक्ष में तीन वर्ष के लिए 28 एकड़ जमीन के पट्टे का नवीनीकरण कर दिया गया। दूसरी एफआईआर में तत्कालीन जिलाधिकारी विवेक, तत्कालीन एडीएम देवी शरण उपाध्याय, तत्कालीन खनन अधिकारी विजय कुमार मौर्य, तत्कालीन खनन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, खनन बाबू हंसराज, पट्टा धारक, शरद यादव,  शरद के बेटे वीरेंद्र यादव, संजय यादव और फूल बदन निषाद को नामजद किया गया है। इन दोनों ही एफआईआर में शामिल लोगों से जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा।