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कॉन्ग्रेस नेता संसद में हुए ‘अधीर’: PM मोदी और अभिनंदन पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

लोकसभा में आज (जून 24, 2019) कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कॉन्ग्रेस नेता ने इंदिरा गाँधी और पीएम मोदी की तुलना के संदर्भ में कहा, ”कहाँ माँ गंगा और कहाँ गंदी नाली।” अधीर के इस विवादित टिप्पणी पर भाजपा सांसदों ने काफी हंगामा किया।

दरअसल, ओडिशा के सांसद प्रताप सारंगी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से की थी। जिसके जवाब में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से करना ग़लत है। सिर्फ नाम नरेंद्र होने से दोनों को एक समान नहीं बताया जा सकता है। तभी वहाँ बैठे कुछ भाजपा सांसदों ने कहा कि आप भी तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को भारत (इंडिया) बताते थे। इस दौरान चौधरी अपनी बात रखते हुए भाषा पर नियंत्रण नहीं रख पाए और उन्होंने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इंदिरा गाँधी की तुलना माँ से किया तो वहीं पीएम मोदी के लिए गंदी नाली शब्द का इस्तेमाल किया।

अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी के खिलाफ की आपत्तिजनक टिप्पणी (साभार: HCN)

अधीर रंजन द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को आप वीडियो में 1:10 से 1:15 सेकेंड के बीच सुन सकते हैं।

इसके साथ ही लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा की सरकार पर झूठ बोलकर सत्ता में आने का आरोप लगाया और पीएम से सवाल भी किया कि क्या वो अभी तक 2जी और कोयला घोटाले में किसी को पकड़ पाए हैं? उन्होंने पूछा, “आप सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को सलाखों के पीछे भेज पाए? आप उनको चोर कहते हुए सत्ता में आए तो अब वो संसद में कैसे बैठे हैं?”

अधीर रंजन ने विंग कमांडर अभिनन्दन को सम्मानित करने का तंज कसा और साथ ही उनकी मूंछों को राष्‍ट्रीय मूँछ घोषित करने की भी पेशकश की। उन्होंने कहा, “विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को सम्‍मान मिलना चाहिए और उनकी मूंछों को राष्‍ट्रीय मूंछ घोषित किया जाना चाहिए।”

गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी: जेल में डेरा प्रेमी की सरिए व ईंट-पत्थर से हत्या, माहौल तनावपूर्ण

2015 में गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के मामले में मुख्य आरोपित डेरा प्रेमी महिंदरपाल सिंह उर्फ़ बिट्टू की नाभा जेल में बंद 2 सिख युवकों ने सरिए व ईंट पत्थर से हमला करके हत्या कर दी, जिसके बाद डेरा प्रेमी भड़क गए और सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा की 45 सदस्यीय कमेटी ने ऐलान किया है जब तक बिट्टू के हत्यारों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगें।

खबरों के अनुसार शनिवार (जून 22, 2019) को बिट्टू जेल में हो रहे निर्माण स्थल के करीब घूम रहा था कि तभी गुरसेवक और मनिंदर सिंह नामक कैदियों ने उसपर सरिये और ईंट से हमला कर दिया। वे दोनों महिंदर को तब तक पीटते रहे जब तक वह बेसुध होकर गिर नहीं गया। हमले की खबर मिलते ही जेल अधिकारी महिंदर को दोनों युवकों की पकड़ से छुड़ाने वहाँ पहुँचे। हमलावरों से बिट्टू को छुड़वाया गया और फिर सिविल अस्पताल में पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया।

पोस्टमार्टम के बाद रविवार (जून 23, 2019) की सुबह महिंदरपाल का मृत शरीर कोटकपुरा लाकर डेरा सच्चा सौदा के नाम चर्चा घर में रखा गया, जहाँ काफ़ी संख्या में डेरा प्रमियों ने महिंदरपाल को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अंतिम संस्कार को लेकर दिनभर चली अटकलों के बीच कमेटी ने अंतिम संस्कार न करने का निर्णय लिया और माँग रखी कि सभी डेरा प्रेमियों पर दर्ज बेअदबी के केस रद्द करने और उन 2 कैदियों पर कार्रवाई करने की सूरत में ही महिंदरपाल का दाह संस्कार किया जाएगा।

राज्य में बिगड़ते माहौल को देखकर इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और बीएसएफ के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन के मुख्य अधिकारी भी मौक़े पर पहुँचे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इस मामले में जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट अजमेर सिंह (इंजार्च स्पेशल सिक्योरिटी सेल), बैरक प्रभारी मेजर सिंह व अमन गिरी और संतरी लाल सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही जेल सुपरिंटेंडेंट बीएस भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए होम सेक्रेटरी को पत्र लिखा है।

फिलहाल हत्या के आरोपित मनिंदर सिंह के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। मनिंदर की माँ का कहना है कि उन्हें जेल में हुई घटना की जानकारी नहीं है कि ये सब क्यों और कैसे हुआ, लेकिन मनिंदर अक्सर कहता था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ हुई बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल अमृतसर मान दल समेत अन्य सिख संगठनों ने मनिंदर की माता-पिता को सिरोपा डालकर सम्मानित भी किया है।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार बिट्टू के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे बहुत बड़ी साजिश है। महिंदर के बेटे अमरिंदर सिंह के मुताबिक जब उसके पिता को 2018 में गिरफ्तार किया गया था तो पहले उन्हें फरीदकोट जेल में रखा गया, बाद में उन्हें नाभा जेल भेज दिया गया, लेकिन परिवार के कहने पर नाभा जेल से उन्हें दोबारा फरीदकोट में भेज दिया गया। लेकिन उनकी जान को खतरे की आशंका के चलते पिछले साल अक्टूबर में महिंदर को नाभा जेल दोबारा भेज दिया गया। खबरों के अनुसार उन्हें वहाँ स्पेशल बैरक में रखा गया था, जिसमें 3 दरवाजे थे और तीनों लॉक थे, किसी से भी उनकी मुलाकात कड़ी सुरक्षा में कराई जाती थी, साथ ही उनकी बंदी का समय भी बाकी जेल के कैदियों से अलग था।

बता दें ताजा खबर के मुताबिक महिंदरपाल बिट्टू के कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर दविंद्र बंबीहा ग्रुप ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले एक पोस्ट में लिखा है कि इस वारदात को उनके समूह के लोगों ने अंजाम दिया है। ऐसे में जेल या फिर पुलिस के अधिकारी उनके साथी गुरसेवक और मनिंदर के साथ कोई भी ज्यादती करते हैं तो वह अपने घर परिवार की सुरक्षा के बारे में सोच लें।

मुस्लिम डॉक्टर के 4000 बौद्ध महिलाओं की चोरी से नसबंदी करने पर भड़के बौद्ध धर्मगुरु

श्री लंका के बौद्ध धर्मगुरु वारकागोडा ज्ञानरत्न तेरो ने 4,000 बौद्ध महिलाओं की गुप्त नसबंदी की कड़ी आलोचना की है। इस कृत्य की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा नीच काम करने वाला अगर बौद्ध होता तो श्री लंका के पारम्परिक कानून के अंतर्गत उसे ज़िंदा ही टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया होता। उन्होंने अपने अनुयायियों को रासायनिक नसबंदी से बचने के लिए मुस्लिम प्रतिष्ठानों में खाना न खाने की भी अपील की।

‘वे हमसे प्यार नहीं करते, हमारे समुदाय को ज़हर देते हैं’

सिंहली में दिए गए इस भाषण में उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय उनसे (सिंहलियों, बौद्धों से) प्रेम नहीं करता। मुस्लिम समुदाय ने उनके लोगों (बौद्धों) को ज़हर देकर उन्हें नष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने बौद्धों से खुद को बचाने के लिए उनकी दुकानों का बहिष्कार करने और विशेषतः उनके भोजनालयों से खाना न खाने (क्योंकि उस भोजन में नसबंदी वाले रसायन हो सकते हैं) की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि जो युवा लोग मुस्लिमों की दुकानों पर खा रहे हैं, ऐसा सम्भव है कि वह जैविक माता-पिता न बन पाएँ

उन्होंने डॉक्टर मोहम्मद सियाब्दीन का उदाहरण दिया जिस पर 4,000 बौद्ध महिलाओं की डिलीवरी के दौरान उनकी नसबंदी कर देने का आरोप है। श्री लंकाई मीडिया के मुताबिक 1,000 से अधिक पीड़ित महिलाएँ सामने आ चुकीं हैं। डॉक्टर पर ईस्टर धमाकों के आरोपी संगठन एनटीजे का सदस्य होने का भी आरोप है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह डॉक्टर हज़ारों बच्चों का हत्यारा है और ऐसे गद्दारों को आज़ादी से घूमने का अधिकार नहीं होना चाहिए

‘महिला श्रद्धालुओं को लगता है उसे पत्थर मारने चाहिए’

महिला श्रद्धालुओं के उद्गार प्रकट करते हुए भिक्खु तेरो ने बताया कि उनकी महिला श्रद्धालुओं ने ऐसा काम करने वाले को पत्थरों से मार डालने की राय प्रकट की है। वहीं अपनी राय रखते हुए तेरो ने कहा कि ऐसा करने वाला अगर बौद्ध होता तो उसे जिन्दा ही टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया होता। उन्होंने किसी एक पार्टी पर श्री लंकाई नस्ल के भविष्य को लेकर भरोसा करने की बजाय ऐसे सांसदों का निर्वाचन करने की अपील की जो श्री लंका के बारे में सोचते हों और उससे प्रेम करते हों। उन्होंने श्री लंकाई संसद के पूर्व स्पीकर चमाल राजपक्षे के राष्ट्रपति बनने की संभावना पर भी ख़ुशी जताई।

पत्नी और बच्चों के सामने माओवादियों ने दिनदहाड़े पुलिसकर्मी की हत्या की

एक ख़ौफ़नाक घटना में, छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले में रविवार (23 जून) को दिन के उजाले में एक साप्ताहिक बाजार में माओवादी आतंकवादियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई।

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे की है जब सहायक कॉन्स्टेबल चैतू कादती अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मितुर गाँव के बाज़ार में गए थे। नक्सलियों ने मितुर गाँव में परिवार और अन्य लोगों के सामने पुलिसकर्मी को चाकू मार दिया।

माओवादियों की एक छोटी ‘एक्शन टीम’ ने अचानक चैतू कादती पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौक़े पर ही मौत हो गई। हालाँकि, माओवादी नक्सलियों ने कादती के परिवार के अन्य सदस्यों को कोई हानि नहीं पहुँचाई। चौंकाने वाली बात यह है कि माओवादियों ने पुलिसकर्मी की हत्या की और फिर बिना किसी डर के वो जंगल में वापस चले गए। कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ राज्य में अराजकता का यह स्पष्ट उदाहरण है।

पुलिस के अनुसार, कादती की तैनाती मिर्तुर पुलिस स्टेशन में थी, लेकिन वो नियमित तौर पर माओवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया करते थे। एक अधिकारी ने कहा, “विद्रोही ने उन पर नज़र रखी होगी और उसे पता था कि वह रविवार को अपने परिवार के साथ ‘हाट’ में ख़रीदारी करने जाएँगे।”

इसके आगे अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है। हाल ही में, एक ऐसी ही घटना में, छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में माओवादियों द्वारा एक पुलिस के मुख़बिर की हत्या कर दी गई थी। 30 वर्षीय पुलिस का मुख़बिर ज़िसे छन्नू सोढ़ी के नाम से जाना जाता है, उस पर इन वामपंथी आतंकवादियों की एक ‘छोटी एक्शन टीम’ ने हमला किया था।

बड़ी खबर: UP में कॉन्ग्रेस ने किया सभी जिला कमिटियों को भंग, नेताओं के ख़िलाफ़ एक्शन की तैयारी

कॉन्ग्रेस पार्टी ने त्वरित रूप से यूपी में सभी जिला कमिटियों को भंग कर दिया है। एक अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। उत्तर प्रदेश की जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वहाँ प्रत्येक सीट पर 2 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो चुनावी तैयारियों को देखेगी। इसके आल्वा तीन सदस्यीय समिति भी बनाई गई है, जो चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस नेताओं के ख़िलाफ़ आई अनुशासनहीनता की शिकायतों पर काम करेगी और उचित कार्रवाई की सिफ़ारिश करेगी।

उत्तर प्रदेश संगठन को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी ने लिया बड़ा निर्णय

अजय कुमार लल्लू को उत्तर प्रदेश (पश्चिमी) के संगठन में बदलाव करने के लिए पार्टी द्वारा अधिकृत किया गया है। लल्लू कुशीनगर के अंतर्गत आने वाले तमकुही राज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और लगातार दूसरी बार जीत कर विधायक बने हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए किसी और को अधिकृत किया जाएगा, इसका निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

उत्तर प्रदेश में हार के बाद कॉन्ग्रेस संगठन के बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार आत्ममंथन जारी है। कई अहम बैठकें ख़ुद पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी ने भी की। पार्टी में प्रियंका को बड़ा रोल देने की माँग की जा रही है।

₹5 लाख दहेज दो वरना बीवी के साथ अंतरंग तस्वीरें वायरल कर दूँगा, सईदुल की ससुराल वालों को धमकी

असम में एक ऐसा मामला आया है, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा उसके अपने ही ससुराल वालों को लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा। उस व्यक्ति ने अपने ससुराल वालों को दहेज़ के लिए धमकाया। उसने अपनी धमकी में कहा कि अगर उसे इच्छित दहेज़ नहीं दिया गया तो अपनी पत्नी की अश्लील तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल कर देगा। आरोपित का नाम सईदुल इस्लाम है। उसने अपनी पत्नी के साथ ख़ुद की अंतरंग तस्वीरें अपने ससुराल वालों को भेजकर धमकाया कि अगर उसे दहेज़ के रूप में 5 लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर फैला देगा

पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि करीमगंज के रामकृष्ण क्षेत्र में रहने वाली लड़की ने पिछले वर्ष सईदुल इस्लाम के साथ निकाह किया था। निकाह के तीन महीने बाद से ही उसने अपनी पत्नी को दहेज़ के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि सईदुल उसकी पिटाई किया करता था और कहता था कि अपने घर से रुपए लेकर आओ। ग़रीब परिवार से होने के कारण पीड़िता अपने पति की इस माँग को पूरी करने में असमर्थ थी। इसके बाद उसकी पिटाई और प्रताड़ना का सिलसिला अनवरत जारी रहा।

स्थानीय मीडिया में यह ख़बर

सईदुल ने अपनी पत्नी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। एक दिन जब सारी हदें पार हो गई तो पीड़िता पत्नी परेशान होकर अपने मायके चली गई। इसके बाद पीड़िता व उसके परिजनों ने सईदुल के ख़िलाफ़ स्थानीय थाने में दहेज़ के लिए प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। इसके बाद सईदुल ने अलग तरीका निकाला। उसके पास उसकी पत्नी के साथ कुछ अंतरंग तस्वीरें थीं, जिसे उसने वायरल करने की धमकी अपने ससुराल वालों को दी। उसकी मायके के तरफ़ के रिश्तेदारों को धमकी दी कि उसे दहेज़ में रुपए दिए जाएँ और केस वापस लिया जाए वरना ये तस्वीरें वायरल कर दी जाएँगी।

इसके बाद पीड़िता व उसके परिजनों ने सईदुल के ख़िलाफ़ ब्लैकमेल करने का भी मामला दर्ज कराया। इस सम्बन्ध में उन्होंने करीमगंज के एसपी से सम्पर्क किया है ताकि मामले में त्वरित न्याय हो सके।

CM जगनमोहन रेड्डी ने दिया चंद्रबाबू नायडू का घर तोड़ने का आदेश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आज (जून 24, 2019) अमरावती स्थित ‘प्रजा वेदिका’ बिल्डिंग को तोड़ने का आदेश दे दिया है। ‘प्रजा वेदिका’ वही बिल्डिंग है जिसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू
फिलहाल नायडू रह रहे हैं। इस बिल्डिंग को तोड़ने का कार्य मंगलवार (जून 25, 2019) से शुरू होगा।

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों नायडू ने जगनमोहन रेड्डी को चिट्ठी लिखकर प्रजा वेदिका को नेता प्रतिपक्ष का सरकारी आवास घोषित करने की माँग की थी। इसके बाद ही वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार ने उनके आवास को कब्जे में ले लिया। जगनमोहन के इस आदेश को नायडू की पार्टी ने बदले की कार्रवाई करार दिया है।

विपक्ष के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री की माँग के बावजूद जगन मोहन ने उन पर कोई सद्भावना नहीं दिखाई और नायडू के सामान को आवास से निकालकर बाहर फेंक दिया। बता दें आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था। नायडू इस आवास का इस्तेमाल आधिकारिक कार्यों के साथ पार्टी की बैठकों के लिए करते थे।

गौरतलब है इसी महीने के शुरुआत में मुख्यमंत्री रेड्डी को पत्र लिखकर चंद्रबाबू नायडू ने इस बिल्डिंग का उपयोग बैठकों के लिए करने देने की इजाज़त माँगी थी। नायडू ने सरकार से आग्रह किया था कि वह इसे नेता प्रतिपक्ष का आवास घोषित कर दें लेकिन सरकार ने प्रजा वेदिका को कब्जे में लेने का निर्णय लिया और घोषणा कर दी कि वहाँ कलेक्टरों की बैठक होगी, जो कि पहले राज्य सचिवालय में होना तय हुआ था।

तेजस्वी मुजफ्फरपुर क्यों जाएँ? वो विधानसभा के नेता हैं, जननेता नहीं: RJD उपाध्यक्ष

राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने हाल में जदयू नेता नरेंद्र सिंह से मुलाक़ात की, जिसके बाद बिहार की लगातार बदलती राजनीति में चर्चा का बाज़ार फिर से गर्म हो गया। कहा जा रहा है कि नरेंद्र सिंह जदयू से नाराज़ चल रहे हैं क्योंकि उन्हें हालिया लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया। नरेंद्र सिंह ने मुलाक़ात के बाद रघुवंश ने कहा कि राजनीति में कोई भी स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। चर्चा है की नरेंद्र ने अपने बेटों सहित राजद में आने की इच्छा ज़ाहिर की लेकिन चूँकि पार्टी के सारे निर्णय अभी भी जेल में बंद पार्टी सुप्रीमो लालू यादव ही कर रहे हैं, रघुवंश ने उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया

जब रघुवंश प्रसाद से पूछा गया कि बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहाँ हैं तो रघुवंश प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी कोई जननेता नहीं है कि मुजफ्फरपुर जाएँगे। रघुवंश ने कहा कि तेजस्वी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, इसीलिए उनका काम विधानसभा की परिक्रमा करना है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में तेजस्वी की ज़रूरत नहीं है, वहाँ किसी जनसभा वाले नेता की ज़रूरत है। वैशाली से 5 बार सांसद रह चुके रघुवंश प्रसाद ने कहा कि वो नरेंद्र सिंह के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर में इंसेफ्लाइटिस से बच्चों की लगातार हो रही मौत को लेकर सरकार की निष्क्रियता के ख़िलाफ़ आंदोलन करेंगे

मनमोहन सिंह सरकार एक दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह ने पूछा कि नीतीश कुमार तो मुजफ्फरपुर गए लेकिन नरेंद्र मोदी क्या 27 वर्षों बाद वहाँ जाएँगे? उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने 5 वर्ष पूर्व जो वादे किए थे, वो अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी ग़ैर-भाजपा दल राजद के साथ आना चाहते हैं, उन सभी का स्वागत है। रघुवंश प्रसाद लोकसभा चुनाव से पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति नरम रुख दिखाते रहे हैं।

नरेंद्र सिंह से मुलाक़ात के सम्बन्ध में रघुवंश ने कहा कि वे उनके पुराने मित्र हैं और वरिष्ठ समाजवादियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में बच्चे मर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री राँची में अनुलोम-विलोम कर रहे हैं। राजद नेता ने इससे पहले तेजस्वी से सम्बंधित सवाल के जवाब में कहा था कि तेजस्वी वर्ल्ड कप देखने गए होंगे।

2 मिनट 47 सेकंड का Video: करगिल युद्ध में टाइगर हिल पर IAF द्वारा कब्जे की कहानी

भारतीय वायु सेना करगिल युद्ध में विजय के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। सोमवार (जून 24, 2019) को वायु सेना ने ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन में एक बार फिर से टाइगर हिल जीतने के सीन को पुनर्जीवित किया। टाइगर हिल को पाकिस्तानी घुसपैठियों से 24 जून, 1999 को मुक्त कराया गया था। भारतीय सेना के इस अटैक के सीन को रीक्रिएट किया गया जिसमें ‘ऑपरेशन विजय’ में इस्तेमाल मिराज 2000 और अन्य विमानों के प्रदर्शन को शामिल किया गया। 5 मिराज 2000, दो मिग 21 और एक सुखोई 30 एमकेआई का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सेना ने पूरे करगिल युद्ध के एक-एक सीन को रिक्रिएट किया।

इस जंग में भारतीय वायु सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया था। इस सीन रीक्रिएशन के मौके पर वायु सेना चीफ एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी मौजूद थे। वायुसेना के एक अधिकारी का कहना है, “करगिल संघर्ष ऊँचाई की परिस्थितियों में युद्ध में वायु शक्ति के उपयोग का एक अनुकरणीय अनुभव प्रदान करता है।” कई वीरता पुरस्कार विजेताओं ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इनमें से कुछ अभी भी सेवा दे रहे हैं जबकि कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यही वह मौका था, जब भारत ने पाकिस्तान को उसके दुस्साहस का सबसे बड़ा सबक सिखाया था।

एक अधिकारी ने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह से देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना बनाई गई है। दिल्ली में ये कार्यक्रम 14 जुलाई से शुरू होंगे। इन समारोहों का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को जगाना और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देना है।

नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप लगाने पर सफ़ायत हुसैन ने गंगाराम को पीटकर मार डाला

उत्तर प्रदेश के दिलारी में बुधवार, 19 जून को एक 54 वर्षीय व्यक्ति गंगाराम की मुस्लिम भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने अपनी बेटी के अपहरण की शिक़ायत पुलिस से की थी।

अमर उजाला की ख़बर के अनुसार, पीपली उमरपुर के गंगाराम ने अपनी बेटी के अपहरण का आरोप दूसरे समुदाय के पड़ोसी के बेटे पर लगाया था। हालाँकि, बाद में पता चला कि नदीम नाम के एक अन्य व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया था। लड़की को ढूँढ लिया गया है और रिश्तेदारों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने, सड़क पर जाम लगाने के बाद नदीम को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

दरअसल, गंगाराम की 15 वर्षीय बेटी लगभग तीन दिन पहले लापता हो गई थी। शिक़ायत दर्ज होने के बाद, पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद एसएसपी ने लापरवाही के लिए थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया था।

ख़बर के अनुसार, गंगाराम ने पुलिस में शिकायत की थी कि उनके पड़ोसी सफ़ायत हुसैन के बेटे दानिश ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था। शिक़ायत के बारे में सुनकर दानिश के कई रिश्तेदार गंगाराम के घर गए और कथित तौर पर उसके परिवार पर लाठियाँ बरसाई जिसमें गंगाराम बुरी तरह घायल हो गए। उनके परिजन उन्हें नज़दीकी अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अगले दिन, पोस्टमार्टम के बाद, गंगाराम के नाराज़ रिश्तेदारों ने उनके शरीर को सड़क पर रख दिया, यातायात अवरुद्ध कर दिया और पुलिस की लापरवाही के ख़िलाफ़ नारे लगाए। हिंदू रक्षा दल के सदस्य भी पुलिस के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिस द्वारा सफ़ायत हुसैन, दानिश, छोटू, अकरम और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किए जाने के बाद ही इस विरोध प्रदर्शन पर अंकुश लगा। ख़बर में इस बात का उल्लेख भी किया गया कि गंगाराम की पत्नी और बेटे को भी गंभीर चोटें आई हैं।

कुछ मीडिया ख़बरों में यह दावा किया गया कि गंगाराम पर हमला कर मार दिया गया क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी को मुस्लिम पड़ोसी से मिलने-जुलने पर आपत्ति जताई थी। जैसा कि अमर उजाला की ख़बर में स्पष्ट किया गया कि पुलिस ने दावा किया है कि लड़की का अपहरण नदीम नामक एक अन्य व्यक्ति ने किया था जो अब पुलिस की हिरासत में है। इस घटना के बाद इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव का माहौल है। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए, गाँव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।