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पश्चिम बंगाल से UP आ कर नाबालिग दलित लड़की को बनाया हवस का शिकार, पकड़ने पहुँचे पुलिस वालों पर भी बरसाईं गोलियाँ: मुठभेड़ के बाद मेहताब आलम गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद जिले में दलित समुदाय की एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। बलात्कार का आरोप 20 वर्षीय मेहताब आलम नाम के युवक पर लगा है जो कि मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का निवासी है। आरोपित ने बंगाल से आ कर एक होटल में पीड़िता से रेप किया था। घटना शनिवार (24 अगस्त, 2024) की है। खुद को घिरता देख कर मेहताब ने पुलिस पर भी गोलियाँ बरसाईं। जवाबी कार्रवाई में महताब के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला फ़िरोज़ाबाद उत्तरी थाना क्षेत्र का है। यहाँ 25 अगस्त (रविवार) को अनुसूचित जाति (SC वर्ग) के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी 15 साल की बेटी से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का निवासी मेहताब आलम लम्बे समय से फोन पर बात कर रहा था। शनिवार (24 अगस्त) को मेहताब पीड़िता से मिलने फ़िरोज़ाबाद आया। यहाँ से पीड़िता को बहला-फुसला कर अपने साथ हाइवे पर बने एक होटल में ले गया। होटल में मेहताब ने पीड़िता से रेप किया।

आरोप है कि इसी दौरान मेहताब ने पीड़िता को धमकी भी दी कि अगर उसने किसी से शिकायत की तो उसका कत्ल कर दिया जाएगा। अपनी बेटी को लापता देख कर शिकायतकर्ता ने खोजबीन शुरू कर दी। आखिरकार 25 अगस्त (रविवार) को मेहताब उनकी बेटी के साथ फ़िरोज़ाबाद के अटल पार्क में दिखा। पीड़िता के पिता को देख कर मेहताब वहाँ से भाग निकला। पीड़िता ने अपने पिता से रो-रो कर सारी बात बताई। आखिरकार मेहताब के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।

शिकायत में मेहताब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई। पुलिस ने मेहताब को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137 (2), 64 (1) और 351 (3) के साथ SC /ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरोपित की तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गईं। 25 अगस्त (रविवार) को रात लगभग 9:20 के आसपास पुलिस को महताब आलम के फ़िरोज़ाबाद के ही बैंदी पुलिया के पास होने की सूचना मिली। इसी सूचना पर मेहताब की घेराबंदी की गई।

पुलिस को अपनी तरफ आता देख कर मेहताब आलम ने गोलियाँ बरसानी शुरू की। खुद को बचाते हुए पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई जो मेहताब के पैर में लगी। गोली लगते ही मेहताब बोला, “अरी अम्मी, मैं मर गया।” इसके बाद मेहताब जमीन में गिर पड़ा जिसका पुलिस ने गिरफ्तार कर के अस्पताल में इलाज करवाया। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। इलाज के बाद मेहताब को जेल भेज दिया गया है। पुलिस पर हमला करने के मामले में भी मेहताब पर एक अलग से FIR दर्ज हुई है। इस मामले में उस पर BNS की धारा 109 (1) के साथ आर्म्स एक्ट लगाया गया है।

मंदिर में घुस कर काटा माँ काली की मूर्ति का सिर, त्रिपुरा में हिंसा में आधा दर्जन घायल: कई वाहनों और घरों में आगजनी-तोड़फोड़

त्रिपुरा के पश्चिमी क्षेत्र स्थित रानीरबाजार में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ काली माता के मंदिर में घुस कर तोड़फोड़ के बाद अशांति फैल गई। गुस्साए लोगों ने घरों और वाहनों में तोड़फोड़ की है। लगभग आधे दर्जन लोगों को चोटें आईं हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना रविवार (25 अगस्त, 2024) की है। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है और हालात काबू करने के लिए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना रानीरबाजार इलाके के कटराइबारी गाँव की है। यहाँ बना काली माता का एक मंदिर आसपास के ग्रामीणों की श्रद्धा का मुख्य केंद्र है। यह मंदिर 30 साल पुराना बताया जा रहा है। रविवार (25 अगस्त) की सुबह जब श्रद्धालु इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुँचे तो उन्होंने देवी काली की मूर्ति का सिर कटा हुआ पाया। थोड़ी ही देर में इस घटना की खबर आसपास फ़ैल गई। लोग मंदिर पर जुट कर विरोध-प्रदर्शन करते हुए आरोपित को खोज कर कठोर कार्रवाई की माँग करने लगे।

इसी बीच हालत बेकाबू हो गए। कुछ लोगों के एक समूह ने घरों में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। इस से क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया। हिंसक भीड़ ने कटराइबारी, दुर्गा नगर और आस्था मंगल गाँवों को निशाना बनाया। करीब 9 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। आधे दर्जन अन्य मकानों में लूटपाट की गई है। इसी हिंसा में लगभग 1 दर्जन दो और चार पहिया वाहनों को जला दिया गया। हिंसा की चपेट में आ कर 5-6 लोग घायल भी हुए हैं।

हालात खराब होता देख कर मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स पहुँची। तनाव को देखते हुए तमाम सीनियर अधिकारियों के साथ फायर ब्रिगेड के साथ CRPF और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की टीमें भी तैनात कर दी गईं हैं। हालात को सामान्य करने के लिए दोनों पक्षों के बुजुर्गों ने पहल की कोशिश की। हालाँकि यह पहन कामयाब नहीं रही और तनाव बरकरार रहा। कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर स्थानीय नहीं बल्कि बाहरी थे। प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

कर्फ्यू का आदेश

इस मामले में सोमवार (26 अगस्त) को तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों के बुजुर्गों की एक बार फिर से मीटिंग हुई। पुलिस के तमाम सीनियर अधिकारियों के साथ भारतीय जनता पार्टी के मंत्री सुशांत चौधरी ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा दिया। प्रशासन ने लोगों से शाँति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घटना का स्वतः संज्ञान ले कर पुलिस मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है। हमलावरों को चिन्हित कर के उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।

‘…सबका विश्वास, सबका प्रयास’: BJP ने ‘किसान आंदोलन’ पर कंगना रनौत के बयान से जताई असहमति, कहा – उन्हें पार्टी की नीतियों पर बोलने की अनुमति नहीं

भाजपा ने अपने सांसद कंगना रनौत के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत ने ‘किसान आंदोलन’ के संबंध में कहा था कि उस दौरान बलात्कार और हत्या की घटनाएँ हुई थीं। अब भाजपा ने आधिकारिक बयान जारी कर के खुद को इससे अलग कर लिया है। भाजपा ने कहा है कि सांसद कंगना रनौत द्वारा ‘किसान परिप्रेक्ष्य’ में दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है। साथ ही पार्टी ने कंगना रनौत के बयान से असहमति भी व्यक्त की है।

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि पार्टी की ओर से नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए न तो कंगना रनौत को अनुमति है और न ही वो बयान देने के लिए अधिकृत हैं। साथ ही BJP ने कंगना रनौत को ये भी निर्देश दिया है कि भविष्य में वो इस प्रकार का बयान न दें। पार्टी ने दोहराया कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ तथा सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए कृतसंकल्पत है। कॉन्ग्रेस लगातार कंगना रनौत के बयान का विरोध कर रही थी।

‘तनु वेड्स मनु’ और ‘क्वीन’ की अभिनेत्री ने कहा कि यहाँ भी बांग्लादेश की स्थिति आते देर नहीं लगती। अगर हमारे शीर्ष नेतृत्व सशक्त नहीं होती तो यहाँ जो ‘किसान आंदोलन’ हुआ वहाँ पर लाशें तकली हुई थीं और बलात्कार हो रहे थे। जब किसानों के हितकारी बिल वापस लिए गए थे तो पूरा देश हैरान रह गया था। वो किसान आज भी वहाँ बैठे हुए हैं। उनकी लंबी प्लानिंग थी, जैसी बांग्लादेश में हुई थी। चीन और अमेरिका जैसी विदेशी शक्तियाँ यहाँ काम कर रही हैं। फ़िल्मी लोगों को लगता है कि देश जाए भाँड़ में, उनकी दुकान चलती रहे।

कंगना रनौत ने इस दौरान ये भी कहा था कि फ़िल्मी लोगों को पता होना चाहिए कि देश नहीं रहेगा तो वो भी नहीं बचेंगे। अब कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि भाजपा को कंगना रनौत को पार्टी से निकालना चाहिए। बता दें कि इन्हीं सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत के लिए लोकसभा चुनाव के समय अश्लील शब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद उन्हें इंस्टाग्राम पोस्ट डिलीट करना पड़ा था। अब वही कॉन्ग्रेस पार्टी कंगना रनौत के नाम पर भाजपा को घेर रही है।

आतंक का पैसा लाने के लिए हिंदू नाम से चाहिए था बैंक अकाउंट, मेडिकल तैयारी करने कोटा आई बसंती पटेल को अलीगढ़ लाकर बनाया मुस्लिम, शाहनवाज से करवाया निकाह

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (22 अगस्त, 2024) को देश के कई राज्यों में छापेमारी कर के 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इन सभी पर आतंकी संगठन अलकायदा के लिए काम करने का आरोप है। अब पूछताछ में इस नेटवर्क के कई खतरनाक मंसूबों का खुलासा हुआ है। ये लोग यमन में अमेरिकी सेना द्वारा मार गिराए गए एक आतंकी के वीडियो अक्सर सुनते थे। इसी के साथ इन्होंने मुंबई से अहमदाबाद तक रेकी की थी और फर्जी नामों से बैंकों के खाते खोले थे। पकड़े गए आतंकियों का नेटवर्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भी पाया गया है।

‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक, दिल्ली के ISIS मॉड्यूल को रिज़वान अली और शाहनवाज आलम खड़ा कर रहे थे। इन दोनों की मुलाकात शाहीन बाग़ में हुई थी। ये दोनों मिल कर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में भी अपना नेटवर्क बना रहे थे। 12 वीं पास 29 वर्षीय रिज़वान अली बम बनाने में एक्सपर्ट है जबकि माइनिंग इंजीनियरिंग से B.Tech डिग्रीधारक 31 साल का शाहनवाज आलम IED का विशेषज्ञ है। रिज़वान दिल्ली के दरियागंज जबकि शाहनवाज आलम झारखंड के हजारीबाग का निवासी है।

नर्सिंग कर रही हिन्दू छात्रा को कबूल करवाया इस्लाम

बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले रिज़वान और शाहनवाज ने बसंती नाम की हिन्दू लड़की को इस्लाम कबूल करवाया था। वह नर्सिंग की छात्रा है। मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली बसंती 2016 में राजस्थान के कोटा से मेडिकल का कोर्स कर रही थी। यहाँ उसकी दोस्ती एक मुस्लिम लड़की से हुई जिसका एडमिशन कुछ दिनों बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हो गया था। यहीं पर उसने बसंती को भी बुला लिया। साल 2017 में बसंती का भी एडमिशन AMU के नर्सिंग कोर्स में हो गया।

बताया जा रहा है कि यहीं पर बसंती ने इस्लाम कबूल कर लिया जिसे उसने सबसे छिपा कर रखा। 2018 में बसंती दिल्ली आई और यहाँ वो खुद को खुदीजा मरियम बताने लगी। दिल्ली में बसंती हैरिश फारुक नाम के युवक के पेइंग गेस्ट हाउस में रुकी। यहीं पर बसंती की जान पहचान रिज़वान से हुई। रिज़वान ने बसंती का परिचय शाहनवाज से करवाया। मार्च 2021 में शाहनवाज और बसंती उर्फ़ खुदीजा मरियम का निकाह हो गया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बसंती उर्फ़ मरियम से निकाह करने की वजह बैंक का वो खाता खोलना था जिसे ऑपरेट शाहनवाज करता था। कई बार पैसे जुटाने के लिए शाहनवाज और रिज़वान ने मिल कर लूटपाट भी की थी। मरियम को ले कर शाहनवाज कुछ दिनों तक दिल्ली के बटला हाउस इलाके में रहता था। रिज़वान और शाहनवाज को हैरिश फारूक ने PDF फ़ाइल में जिहाद के लिए भड़काने वाले साहित्य और बम बनाने की तकनीकी दी।

यमुना के किनारे की थी बम की टेस्टिंग

इसी तकनीकी से दोनों ने बम बनाया और दिल्ली में यमुना नदी के किनारे उसकी टेस्टिंग भी की। यह टेस्टिंग अगस्त 2021 में की गई थी जो फेल रही थी। इसके एक माह बाद रिज़वान और शाहनवाज उत्तराखंड के हल्द्वानी गए। यहाँ इन्होंने बम की दोबारा टेस्टिंग की जो सफल रही। यहाँ से दोनों दिल्ली लौट आए। बड़ा धमाका करने के लिए रिज़वान और शहनवाज ने राजस्थान-हरियाणा के बॉर्डर पर नूहं इलाके में एक और ब्लास्ट की टेस्टिंग की थी।

जब रिज़वान और शाहनवाज बम बनाने में माहिर हो गए तो उन्होंने ब्लास्ट के लिए टारगेट खोजने शुरू कर दिए। इसी खोजबीन में उन्होंने मुंबई के कई हिस्सों की रेकी की। यहाँ पर उन्होंने नरीमन पॉइंट के उन हिस्सों को चिह्नित किया था जहाँ यहूदी रहते थे। दोनों ने कोलाबा और नरीमन पॉइंट की रेकी के साथ वहाँ से फोटो और वीडियो भी लिए। यहीं पर बने नेवी ऑफिस के कई कैमरों को देख कर दोनों आरोपितों ने वहाँ धमाका करने का प्लान बदल दिया था।

लेना चाहते थे गोधरा का बदला

मुंबई के बाद जनवरी 2023 में दोनों शाहनवाज और रिज़वान ब्लास्ट का टारगेट खोजने गुजरात गए। यहाँ उन्होंने अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे कई शहरों की रेकी की। इस दौरान इन दोनों ने हिन्दू संगठनों के कार्यालयों सहित कोर्ट-कचहरी तक की विडियोग्राफी की। इन दोनों के मन में गोधरा का बदला लेने की भी सनक सवार थी।

दिल्ली का ISIS मॉड्यूल टेलीग्राम के जरिए अपने पाकिस्तानी आकाओं और अफगानिस्तान के कट्टरपंथियों से जुड़ा हुआ था। इन्हे पाकिस्तानी हैंडलर अबू सुलेमान ऑपरेट कर रहा था। रेकी किए गए फोटो और वीडियो रिज़वान और शाहनवाज अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेजा करते थे। आखिरकार इस नेटवर्क ने पुणे के एक सुनसान इलाके में अपना ठिकाना बनाया। यहीं पर ट्रेनिंग सेंटर बनाने की तैयारी की गई थी। यहाँ बम के लिए मेहँदी जैसे कोडवर्ड भी रखे गए। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस सभी आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट लगाने की तैयारी कर रही है।

बँटेंगे तो कटेंगे… बांग्लादेश का हाल बता CM योगी ने हिंदुओं को बताया सुरक्षित रहने का मंत्र: बेबाकी के मुरीद हुए नेटिजन्स, कहा- इतना खुलकर बोलने की हिम्मत किसी में नहीं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की जनता और हिंदुओं को राष्ट्र के लिए हमेशा एकजुट रहने का संदेश दिया है। उन्होंने आगरा के एक कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा- “बँटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे।”

सीएम योगी ने कहा, “राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। राष्ट्र तब सशक्त होगा जब हम सब एक होंगे। बंटेंगे तो कटेंगे। आप बांग्लादेश में देख रहे हैं, वो गलतियाँ यहाँ नहीं होनी चाहिए। बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा को पहुँचेंगे।”

उन्होंने आगरा में अपना यह बयान राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ की भव्य प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते समय दिया। सीएम योगी ने कहा कि जिस देश में दुर्गादास राठौर जैसे महान वीर पैदा होते हैं, उस देश का कोई विदेशी आक्रांता बाल भी बाँका नहीं कर सकता है। उन्होंने बताया कि कैसे दुर्गादास राठौड़ ने मुगल शासक औरंगजेब को खदेड़ा था

सीएम योगी ने याद दिलाया कि क्रांतिकारियों का उद्घोष था- “तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें ना रहें।” भाषण के दौरान उन्होंने कहा, “हमें विकसित भारत की कल्पना को स्वीकार करना है।”

उन्होंने अपने भाषण में मुगल बादशाह औरंगजेब को दुष्ट बताया। साथ ही बताया कि कैसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगजेब की सत्ता को चुनौती दी थी और उससे कहा था- “तुम चूहे की तरह ऐसे तड़पते रह जाओगे, लेकिन हिंदुस्तान पर तुझे कब्जा तो नहीं करने देंगे।”

बता दें कि अब सोशल मीडिया पर उनके इस बयान की खूब चर्चा है। लोग सीएम योगी को निर्भीक बेबाक, हिंदू हृदय सम्राट कह रहे हैं। लोग बोल रहे हैं कि सीएम योगी ने बिन खौफ बिन डरे एकदम सच्ची बात कह दी है।

जिस रास्ते पर चल श्रीकृष्ण ने ली शिक्षा, उसको विकसित करेगी राजस्थान-मध्य प्रदेश की BJP सरकार: जन्माष्टमी पर ‘कृष्ण गमन पथ’ की घोषणा, मंदिरों का भी होगा विकास

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐलान किया है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकार मिलकर कृष्ण गमन पथ विकसित करेगी। इसी पथ से श्रीकृष्ण शिक्षा गृहण करने गए थे। CM शर्मा ने ऐलान किया है कि इस रास्ते पर पड़ने वाले तीर्थों को भी विकसित किया जाएगा।

जन्माष्टमी के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर के पूंछरी गाँव पहुँचे हुए थे। यह गाँव गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का हिस्सा है। यहाँ CM भजनलाल शर्मा ने अपनी पत्नी के साथ श्रीनाथजी मंदिर और मुकुट मुखारविंद में पूजा अर्चना की। उन्होंने यहाँ पूंछरी का लौठा में भी पूजा की।

CM भजनलाल शर्मा ने इसके बाद ऐलान किया कि उनकी सरकार मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कृष्ण गमन पथ का निर्माण करेगी। मान्यता है कि भगवान कृष्ण मथुरा से निकल कर राजस्थान के रास्ते मध्य प्रदेश के उज्जैन तक गए। इस दौरान वह मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई क्षेत्रों से गुजरे थे।

भगवान कृष्ण उज्जैन में संदीपन मुनि के आश्रम में शिक्षा लेने के लिए गए थे। वह जिस रास्ते से गए थे उस पर कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। इसी को विकसित करने को लेकर मध्य प्रदेश की मोहन यादव और राजस्थान की भजनलाल शर्मा की सरकार साथ आई है। इस पथ पर पड़ने वाले कोटा झालावाड और भरतपुर जैसे शहरों में धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा।

CM भजनलाल शर्मा ने बताया, “मैं जिन रास्ते से श्रीकृष्ण शिक्षा लेने गए थे और जिस रास्ते से उज्जैन पहुँचे थे, उस पर श्रीकृष्ण गमन पथ मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने मिल कर बनाने का निर्णय लिया है। जहाँ-जहाँ वो गए हैं, उन स्थानों को मानचित्र पर लेकर विकसित करने का काम करेंगे। यहाँ आसपास के मंदिर भी विकसित होंगे।”

इससे पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार ने मिलकर राम वनगमन पथ बनाने की घोषणा की थी। यह पथ उन स्थानों को चिन्हित करके बनाया जा रहा है, जिससे प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्षमण वनवास के लिए गए थे। अभी इसके ऊपर काम चल रहा है। अब इसी की तर्ज पर श्रीकृष्ण गमन पथ बनाया जा रहा है।

रेडलाइट एरिया में घूमा, गर्लफ्रेंड से नंगी फोटो मँगवाई… महिला डॉक्टर की रेप-हत्या के बाद पुलिस वाले के घर जाकर सोया था कोलकाता का दरिंदा

कोलकाता में महिला डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में 7 लोगों का अब तक पॉलीग्रॉफ टेस्ट हो चुका है। इस लिस्ट में मुख्य आरोपित संजय रॉय का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि संजय रॉय ने पॉलीग्राफ टेस्ट में स्वीकार कर लिया है कि उसने वारदात को अंजाम दिया था।

आजतक की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में इंटेरोगेशन के बारे में पूरी जानकारी है। संजय ऱॉय ने बताया 8-9 अगस्त को वो अपने दोस्त सौरभ के साथ आरजी कर अस्पताल गया था जहाँ सौरभ का भाई भर्ती था। दोनों ने अस्पताल से निकलकर शराब पीने का प्लान बनाया, फिर कोलकाता के रेड लाइट एरिया सोनागाछी गए।

सोनागाछी में मन की पूरी न होने पर दोनों ने दक्षिण कोलकाता के रेडलाइट एरिया चेतला जाने का निर्णय लिया। सोनागाछी से चेतला के बीच 15 किलोमीटर का डिस्टेंस है। इस दौरान दोनों ने रास्ते में में एक लड़की को छेड़ते हैं। लड़की को छेड़ने की हरकत सीसीटीवी में भी कैद है। बाद में दोनों चेतला जाते हैं। वहाँ सौरभ पैसे देकर यौन संबंध बनाता हैं जबकि संजय अपनी गर्लफ्रेंड को फोन करके उससे न्यूड फोटो मंगाता है।

इसके बाद संजय सौरभ के साथ अस्पताल जाता है जहाँ से सौरभ तो घर निकल जाता है लेकिन संजय 3:30-3:40 के बीच चौथी मंजिल पर ट्रॉमा सेंटर के ऑपरेशन थिएटर में जात, है। फिर 4:03 पर उसे सेमिनार हॉल के पास कॉरिडोर में जाता है और वहाँ जहाँ पीड़िता सो रही होती है वो उसका एकदम से मुँह और गला दबा देता है।

पीड़िता खुद को बचाने के लिए छटपटाती है, बेहोश हो जाती है, उसका रेप किया जाता है और आखिर में संजय पीड़िता को मारकर वहाँ से फरार हो जाता है। इस दौरान उसके गले में टंगा ब्लूटूथ वहीं गिर जाता है और वो चुप चाप कोलकाता पुलिस की चौथी बटालियन में अनुपम दत्ता के घर जाता है और सो जाता है।

इसके बाद क्या होता है और बाकी आरोपितों की इस केस में संलिप्ता क्या है इस पर जाँच जारी है। 9 अगस्त को महिला ट्रेनी का शव सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था और संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था।

जिसे कहते हैं ‘बंगाल का कसाई’, उसका रिश्तेदार ‘ढाका ट्रिब्यून’ का संपादक: बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा पर डाला पर्दा, कहा- हिंदुओं पर नहीं हुआ अत्याचार

बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता पलटने के बाद से हिन्दुओं पर अत्याचार लगातार जारी हैं। हिन्दुओं के घरों को लूटने, जलाने, मंदिरों पर हमला करने और हिन्दुओं को सरेआम मारने तक की घटनाएँ सामने आई हैं। खुद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद युनुस ने माना है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार हुए हैं। लेकिन यह बात मानने को बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून का संपादक जाफर सोभन राजी नहीं है।

शुक्रवार (23 अगस्त, 2024) को ’10 चीजें जो भारत को बांग्लादेश के विषय में जाननी चाहिए’ शीर्षक से प्रकाशित हुए इस लेख में ज़फर सोभन ने हिन्दुओं पर बांग्लादेश में हुए हमलों का कारण फेल कानून व्यवस्था बताने का प्रयास किया।

लेख की शुरुआत में ही प्रोपेगेंडा पत्रकार ने दावा किया, “हिंदू खतरे में नहीं हैं। हाँ, शेख हसीना के जाने के बाद शुरुआती तौर पर अराजकता में, कानून व्यवस्था ना होने की छोटी अवधि थी, और हाँ, दुर्भाग्य से, जिन लोगों को निशाना बनाया गया उनमें से कुछ हिंदू समुदाय के थे।”

इसके बाद जाफर सोभन ने हिन्दुओं पर हमलों को भारतीय उपमहाद्वीप में होने वाले हमलों में शामिल करके इन घटनाओं का सामान्यीकरण करने का प्रयास किया। जफर सोभन ने लिखा, ”ऐसे समय में, निशाने पर होने वाले लोग सबसे कमजोर तबके के होते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि दक्षिण एशिया में, अल्पसंख्यक हमेशा असुरक्षित रहते हैं।”

बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचारों को छिपाने के लिए ढाका ट्रिब्यून के संपादक जाफर सोभन ने हिंसक मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई हिंसा को राजनीतिक हिंसा बताकर लीपापोती कर दी। इसके बाद जफर सोभन यह सिद्ध करने लगा कि कैसे हिन्दुओं पर हुए हमले धार्मिक आधार पर नहीं हुए।

हिन्दुओं पर हमले को लेकर किया गुमराह

जफर ने हिंदुओं पर हमलों के पीछे धार्मिक कारणों को नकारते हुए कहा, “लेकिन यह धारणा कि हिंदू किसी तरह के नरसंहार का निशाना थे और उन्हें निशाना बनाना और उनसे हिंसा करना वास्तव में सत्ता परिवर्तन का एक अभिन्न अंग था, एक कल्पना मात्र है।” हालाँकि यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब हिन्दुओं पर हमलों को धार्मिक आधार ना बताकर उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध बताने का प्रयास किया गया हो। इससे पहले अल जजीरा, BBC और अमेरिकी अख़बार न्यू यॉर्क टाइम्स भी यही कर चुका है।

जफर सोभन ने अपने लेख में वही कहानी बताई कि मुस्लिम बांग्लादेश के भीतर मंदिरों की रक्षा कर रहे हैं। हालाँकि, यह बताने में जफर असफल रहे कि बांग्लादेश के मुस्लिम ऐसे दौर में किस्से आखिर अपने मंदिरों की सुरक्षा कर रहे थे। इसका जवाब इससे पहले अन्य प्रोपेगेंडाबाजों ने भी नहीं दिया था। जफर ने अपने प्रोपेगेंडा में तुरंत यह बताया कि मुस्लिम मंदिर बचा रहे हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि जिन हमलावरों से मंदिर को बचाया जा रहा है, वह भी इस्लामी कट्टरपंथी ही हैं।

बांग्लादेश से कर दी भारत की तुलना

जफर सोभन मात्र हिन्दुओं पर अत्याचारों को सही ठहराने तक ही नहीं रुके बल्कि उन्होंने बांग्लादेश को अल्पसंख्यकों के लिए भारत से बेहतर बताया। जफर ने दावा किया कि बांग्लादेश अल्पसंख्यकों के लिए भारत से अधिक सुरक्षित है। सोभन ने लिखा, “अल्पसंख्यक अधिकारों के मामले में बांग्लादेश में हालात बिल्कुल भी सही नहीं हैं, लेकिन तुलना के लिए एक देश का उदाहरण लें तो बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भारत की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हैं।”

जफर सोभन हालाँकि यह नहीं बता पाए कि भारत में ‘अल्पसंख्यक’ मुस्लिम आबादी 1947 में 9.84% से बढ़कर 2011 में 14.09% हो गई, जबकि कथित ‘सुरक्षा की कमी’ के बावजूद बांग्लादेश में हिंदू आबादी में गंभीर गिरावट आई है। वह वर्तमान में मात्र 8% है।

जफर सोभन इस प्रोपेगेंडा को भारत में खाद पानी देने वाले भी कई लोग सामने आए। वामपंथी मीडिया पोर्टल स्क्रॉल ने जफर के लेख को अपनी वेबसाइट पर जगह दी। इसके अलावा पत्रकार शेखर गुप्ता के द प्रिंट ने भी इसे छापा और शेखर ने स्वयं इसे आगे बढ़ाया।

सुहरावर्दी के परिवार का है सोभन

ज़फ़र सोभन बांग्लादेशी एक्टिविस्ट और बैरिस्टर सलमा सोभन के बेटे हैं, जो ‘बंगाल के कसाई’ हुसैन शहीद सुहरावर्दी की रिश्तेदार हैं। 16 अगस्त, 1946 को कोलकाता में डायरेक्ट एक्शन डे हुआ था। यह मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद अली जिन्ना के इशारे

पर किया गया था। तब बंगाल के मुख्यमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के निर्देश पर मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा की थी। ज़फ़र सोभन दिवंगत बांग्लादेशी कार्यकर्ता और बैरिस्टर सलमा सोभन के बेटे हैं, जो बदले में ‘बंगाल के कसाई’ हुसैन शहीद सुहरावर्दी से संबंधित हैं।

सुहरावर्दी ने मुस्लिम भीड़ के सामने भड़काऊ भाषण दिए और उन्हें हिंदुओं पर हमला करने के लिए प्रोत्साहित किया। उसने उनसे वादा किया कि पुलिस और सेना उनके हमलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। उसने पुलिस बल को लेकर भी हेरफेर किया और सुनिश्चित किया कि वे हिंदुओं की मदद के लिए की गई कॉल का जवाब न दें। मुस्लिम भीड़ को दी गई राजनीतिक और कानूनी छूट ने उन्हें व्यापक हत्याएँ, लूटपाट, बलात्कार करने और लाखों हिंदुओं को भगाने की खुली छूट दी।

सुहरावर्दी का पहला लक्ष्य हिंदुओं को डराकर उन्हें मजबूर करना था। सुहरावर्दी मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में बंगाल को शामिल करवाना चाहता था। डायरेक्ट एक्शन डे में हुई हिंसा से उत्साहित होकर, कट्टरपंथी मुसलमानों ने बाद में नोआखली दंगों जैसे हिंदू विरोधी नरसंहारों को अंजाम दिया।

‘बिहार की नहीं हैं, हिंदी नहीं बोल पाएँगी’: पटना की भरी सभा में जिस महिला को खड़ा करवा कराया परिचय, कौन हैं वो डॉक्टर जाह्नवी दास

बिहार में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने ‘जन सुराज पार्टी’ का गठन किया है। पिछले कई महीनों से वो राज्य में महात्मा गाँधी की तस्वीर के साथ ‘जन सुराज’ अभियान चला रहे थे। अब उन्होंने ऐलान कर दिया है कि उनकी पार्टी 2025 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। बिहार में फ़िलहाल JDU, BJP, LJP(R) और HAM(S) की सरकार है, वहीं विपक्ष में RJD, कॉन्ग्रेस और वामदल हैं। अब प्रशांत किशोर इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए आ गए हैं।

अब प्रशांत किशोर का एक वीडियो चर्चा का विषय बन रहा है। पटना में महिलाओं का एक सम्मेलन बुलाया गया था, ये वीडियो वहीं का है। इसी दौरान उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी जाह्नवी दास डॉक्टर हैं। उन्होंने बताया कि वो ये कार्य इसीलिए कर पा रही हैं क्योंकि उनकी पत्नी ने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़ कर परिवार का जिम्मा उठाया है और कहा है कि आपको बिहार में जो करना है वो कीजिए। उन्होंने इस दौरान अपनी पत्नी को दर्शक दीर्घा में खड़ा कराया और फिर उनका वहाँ उपस्थित महिलाओं से परिचय कराया।

प्रशांत किशोर ने इस दौरान कहा कि वो बिहार की नहीं हैं, इसीलिए हिंदी में नहीं बोल पाएँगी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी असम की हैं। प्रशांत किशोर ने अपनी दशा दिखाते हुए कहा कि वो 2 वर्ष से अपना घर-परिवार छोड़ कर पैदल चल रहे हैं, वो ये इसीलिए कर पा रहे हैं क्योंकि आप जैसी कोई महिला डॉक्टरी छोड़ कर घर-परिवार का जिम्मा उठाई हुई है। उन्होंने कहा कि खाना बनाने से लेकर बच्चों की चिंता करने से लेकर सब उनकी पत्नी सँभालती हैं।

वहाँ मौजूद महिलाओं से प्रशांत किशोर ने कहा, “आप इतना कुछ सँभाल रही हैं तो हमारा भी फर्ज है कि आपके लिए कुछ करें। आपको आपका अधिकार मिलना चाहिए। योगदान के हिसाब से मिलना चाहिए, संख्या तो आपकी है ही। आपका आशीर्वाद है, सहयोग है, जिसकी वजह से पुरुष समाज के लोग कुछ कर पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि उनके पीछे कोई महिला खड़ी हैं, कोई भी पुरुष ‘जन सुराज’ में इसीलिए कार्य कर पा रहे हैं क्योंकि उसके पीछे भी कोई महिला हो।

घर में करवाई कुरान ख्वानी, भीड़ ने सोसाइटी के गार्ड को पीटा: लोग बोले – फ्लैट को ही बना दिया है मदरसा, इस्लामी वेशभूषा में नाबालिग बच्चे भी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक फ़्लैट के अंदर कुरानख्वानी किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। आसपास के लोगों ने आरोप लगाया है कि फ़्लैट के अंदर मदरसा बना दिया गया है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया वायरल हो रहा है जिसमें इस्लामी वेशभूषा में कई लोगों को एक जगह जमा देखा जा सकता है। एक सिक्योरिटी गार्ड की पिटाई भी की गई है। घटना रविवार (25 अगस्त, 2024) रात की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला गाजियाबाद जिले के थाना क्षेत्र क्रॉसिंग रिपब्लिक का है। यहाँ रविवार की रात में चित्रवान सोसाइटी के एक फ़्लैट में स्थानीय लोगों का जमावड़ा होने लगा। लोगों का आरोप था कि सोसाइटी के एक मकान में मौलवियों को बुला कर बिना सरकारी अनुमति के मज़हबी गतिविधियाँ करवाई जा रहीं हैं। कुछ ही देर में लोग उस फ़्लैट के अंदर पहुँच गए जहाँ इस प्रकार की सूचना थी। अंदर इस्लामी वेशभूषा में कई लोग मौजूद थे जिसमें कुछ नाबालिग बच्चे भी थे।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में फ़्लैट के अंदर मौजूद लोगों को चाय-नाश्ता लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो बना रहे व्यक्ति ने वहाँ चल रहे कार्यक्रम को बिना अनुमति के होने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ़्लैट को पूरी तरह से मदरसा बना दिया गया है। कुरानख्वानी के बाद जब वो लोग वापस लौट रहे थे तो उनको सोसाइटी के गार्ड ने रोक कर पूछताछ की। आरोप है कि इस बात पर वो आरोपित भड़क गए और उन्होंने गार्ड की पिटाई कर दी।

सिक्योरिटी गार्ड ने अपनी पिटाई करने वालों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है। जिस महिला के फ़्लैट में यह जमावड़ा लगा था उसकी मालकिन का कहना है कि उनकी बेटी लम्बे समय से बीमार थी। इसी बीमारी से निजात पाने के लिए उन्होंने घर में कुरान ख्वानी का कार्यक्रम रखा था। फिलहाल ACP वेबसिटी पूनम मिश्रा के मुताबिक़ पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि जाँच में बाद आए निष्कर्ष से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।