Homeदेश-समाजकोई वकील, कोई गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन… पहले खुद ईसाई बने, फिर दूसरों को...

कोई वकील, कोई गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन… पहले खुद ईसाई बने, फिर दूसरों को बनाने में जुटे: धर्म परिवर्तन के लिए ₹20 लाख का दे रहे थे ऑफर

ईसाई धर्मांतरण करवाने वाली महिलाओं का नाम मैरी बस्तवाल, मैरी मसीह और सुमन मसीह है जबकि पुरुषों का नाम बद्राप्र्साद और चंद्रभान हैं। इनमें से बद्राप्रसाद 55 साल का है और वह तेलंगाना का रहने वाला है।

मध्य प्रदेश के भोपाल में गरीब बस्ती में जाकर ईसाई धर्मांतरण के लिए ₹20 लाख का ऑफर करने वाले पाँच लोग पुलिस के शिकंजे में आए हैं। पुलिस जाँच में इनके बारे में कई जानकारियाँ सामने आई हैं। अब पुलिस इनके फंडिंग के तार खोजने में जुड़ी हुई है।

भोपाल की गरीब बस्तियों में घूम-घूम कर ईसाई बनने का ऑफर देने वाले पाँच लोगों को हाल ही में पुलिस ने पकड़ा था। इनमें तेन महिलाएँ और 2 पुरुष थे। मौके पर तीन महिलाएँ पकड़ी गई थीं जबकि दोनों पुरुष भागने में कामयाब हो गए थे। बाद में इन्हें भी दबोच लिया गया था।

ईसाई धर्मांतरण करवाने वाली महिलाओं का नाम मैरी बस्तवाल, मैरी मसीह और सुमन मसीह है जबकि पुरुषों का नाम बद्राप्र्साद और चंद्रभान हैं। इनमें से बद्राप्रसाद 55 साल का है और वह तेलंगाना का रहने वाला वकील है। उसने पुलिस को बताया है कि वह 2002 में ईसाई बना था और उसे कोई तब पैसा नहीं मिला था, वह लगातार लोगों को ईसाई बनाने के मिशन में जुटा है।

वहीं दूसरा पुरुष चंद्रभान बिहार का रहने वाला है। उसने 2016 में सुमन पासवान उर्फ़ सुमन मसीह से शादी की थी। वह अपनी पत्नी के प्रभाव में आकर कन्वर्ट हो गया। इनके साथ पकड़ी गई महिला मैरी बस्त्वाल मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक हॉस्टल में वार्डन है।

वह एक ईसाई प्रार्थना स्थल से जुड़ी हुई है। दूसरी महिला मैरी मसीह जन्म से ईसाई है। तीसरी महिला दो माह पहले ही ईसाई बनी थी। यह सभी हर रविवार को अलग-अलग इलाकों में जाकर ईसाई धर्म का प्रचार करते थे। लोगों को इसके लिए लालच भी देते थे।

पुलिस ने अब इनके विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है। पुलिस इनकी फंडिंग का स्रोत भी पता लगा रही है। हालाँकि, इन सभी को जमानत मिल गई है लेकिन इन्हें पुलिस ने साथ में नोटिस भी थमाया है। अब आगे इनके खिलाफ मामला चलेगा।

गौरतलब है कि 14 जुलाई, 2024 को भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र की एक बस्ती में यह पाँचों घूम घूम कर कई परिवारों को ईसाई बनने का प्रलोभन दे रहे थे। यह महिलाएँ महिलाएँ इन परिवारों को बता रहीं थी कि यदि वह ईसाई बनते हैं तो उन्हें ₹20 लाख मिलेंगे। इसके अलावा उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। इन महिलाओं ने उन परिवारों को मकान का भी प्रलोभन दिया। महिलाओं ने बस्ती के लोगों को आर्थिक तंगी और दुखों से बचने के लिए ईसाई प्रार्थना करने को कहा।

इन लोगों ने यहाँ ईसाई धर्म साहित्य भी बाँटा। इस बीच यहीं के कारोबारी धनवीर सिंह की निगाह उनके ऊपर पड़ गई। उन्होंने जब महिलाओं से पूछताछ की तो महिलाओं ने उन्हें जवाब दिया कि वह अपने धर्म का प्रचार कर रही हैं। उन्होंने धनवीर सिंह को भी ईसाई बनने का ऑफर दे डाला।

महिलाओं ने धर्मवीर सिंह को ईसाई बनने के फायदे गिनाने चालू कर दिए। एक महिला ने बताया कि वह दो महीने पहले ही ईसाई बनी है और उसे मकान और नकद रूपए मिले हैं। महिलाओं ने कारोबारी के बच्चों को मिशनरी स्कूल में पढ़ाने के फायदे गिनाए। इसके बाद धनवीर सिंह ने पुलिस बुला ली। इन महिलाओं को पुलिस पकड़ कर ले गई थी और बाद में दोनों युवकों को भी पकड़ लिया था। अब इस पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गौ सेवा से वन संरक्षण तक: भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को कानून के सहारे समझने की कोशिश

जन विश्वास अधिनियम में वन भूमि में पशु चराने पर जेल की सजा हटाकर जुर्माने का प्रावधान करुणा, न्याय और भारतीय मूल्यों के अनुरूप है।

तुमसे ना हो पाएगा दिपके… तुम्हारे ‘लक्षण’ बिलकुल ठीक नहीं लग रहे ‘तिलचट्टों’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का दूसरा प्रदर्शन भी फ्लॉप रहा। इसके बाद अभिजीत दिपके ने अपने तिलचट्टों को भड़काने की कोशिश की।
- विज्ञापन -