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Editorial Desk

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पुराना vs नया: सोनिया फिर महारानी, पर इन 3 वजहों से कॉन्ग्रेस को बहुत भारी पड़ेगी ये कलह

सोनिया गॉंधी को कॉन्ग्रेस ने भले फिर से अंतरिम अध्यक्ष चुन लिया हो, लेकिन इसने पार्टी के अंदरूनी कलह को बेनकाब कर दिया है।

ब्लूमबर्ग की एजेंडा पत्रकारिता: रामजन्मभूमि को अब भी विवादित कहने वालों- गाड़ी वाला आया माथे से भूसा निकाल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में रामजन्मभूमि के लिए 'Disputed' यानी विवादित शब्द का इस्तेमाल किया है।

पप्पू की छवि में बँधे राहुल गाँधी को इस बात की चिंता है कि चीन मोदी की छवि बर्बाद कर देगा!

राहुल गाँधी को भले ही यह लगता हो कि मोदी की छवि उन्हें चीन का चुनाव नहीं जितवा सकती, लेकिन मोदी को चीन का चुनाव जीतने की जरूरत है भी नहीं।

‘हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया’ – शुरुआती जाँच का यह एंगल खतरनाक और बहुत ही असंवेदनशील

जिस बयान में कहा गया कि हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया, उसका अनिवार्य मतलब है कि जानबूझकर खिलाने वाली अफवाह या खबर...

AltNews मतलब मजहबी प्रोपेगेंडा: फैक्ट चेक की आड़ में इस फैक्ट्री में गढ़े जाते हैं झूठ

AltNews की रिपोर्ट आज देख लीजिए या कल... उनकी प्रतिबद्धता केवल इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए ही देगी। फैक्ट चेक की फैक्ट्री के नाम पर यहाँ...

सबा नकवी! वो 8 चीजें जिनकी उम्मीद हर हिन्दू मुस्लिमों से करता है, 8वीं सबसे आसान है

इस वीडियो में सबा नकवी ने तमाम मुस्लिम समुदाय के लोगों के कुकृत्यों को छुपाने के लिए कुछ 'अच्छे मुस्लिमों' का जिक्र करते हुए सभी हिन्दुओं को असहिष्णु बताया है।

‘मुस्लिमों में भारतीयता का बहुत अभाव, वो इसका महत्व नहीं समझते’ – शहीद दिवस पर भगत सिंह का ‘कम चर्चा’ वाला वो लेख

"मुस्लिमों में भारतीयता का बहुत अभाव है। इसलिए वे सभी भारतीयता के महत्व को नहीं समझते हैं और अरबी एवं फारसी लिपि को पसंद करते हैं। पूरे भारत की एक भाषा होनी चाहिए और वह भी हिंदी। जिसे वे कभी नहीं समझते हैं, इसलिए वे अपनी उर्दू की प्रशंसा करते रहते हैं और एक तरफ बैठते हैं।"

AAP की जीत पर स्टूडियो में नाचता है राजदीप, मोदी की जीत पर लड्डू खिलाने वाले की छिनती है नौकरी

विचारधारा के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके कारण संपादकीय टीम में एक डर का माहौल है। जो लोग भी बीजेपी के समर्थक समझे जाते हैं उनमें से ज़्यादातर ने सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना बंद कर दिया है। जबकि वामपंथी, कॉन्ग्रेसी और आम आदमी पार्टी समर्थक माने जाने वालों पर ऐसी कोई पाबंदी लागू नहीं है।