प्रदेश में इन दिनों काला दिन चल रहा है। सिंधिया जी के कारण प्रदेश में सरकार बनी लेकिन उनकी और उनके साथ उनके समर्थक विधायकों की कमलनाथ सरकार में उपेक्षा की गई। कमलनाथ ने ठान लिया था कि सिंधिया जी के समर्थित विधायकों को न तो कोई काम देना है न ही उनकी सुननी है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने काबुल में हुए इस हमले की एक अन्य वीडियो को भी ट्विपर पर शेयर किया है और इस तरह की घटनाओं को शर्मनाक बताया है। उन्होंने इस घटना पर फौरन कार्रवाई के लिए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से और काबुल में स्थित भारत की एंबैसी से गुहार लगाई है कि वे इस मामले को अफगानिस्तान सरकार के सामने उठाएँ और वहाँ पर सिखों और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
"आज यदि राजमाता साहब हमारे बीच होतीं तो आपके इस निर्णय पर जरूर गर्व करती। ज्योतिरादित्य ने राजमाता जी द्वारा विरासत में मिले उच्च आदर्शों का अनुसरण करते हुए देशहित में यह फैसला लिया है, जिसका मैं व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों ही तौर पर स्वागत करती हूँ।"
"मेरे गृह राज्य के लिए हमने एक सपना पिरोया था। 2018 में वहॉं सरकार बनी, लेकिन 18 महीनों में वे सपने बिखर गए। किसानों से 10 दिन में कर्ज माफी की बात कही गई थी। लेकिन 18 महीनों में नहीं हो पाया। रोजगार की जगह भ्रष्टाचार के अवसर पैदा हुए।"
नॉमिनेशन में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर सत्ताधारी वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी के गुंडों ने हमला किया। ताज़ा घंटा चित्तूर जिले के पुलिचेलारा मंडलम क्षेत्र की है।
क्राइम ब्रांच ने मुस्तफाबाद के तीन युवकों को पकड़ा है। इनकी पहचान इरशाद, आबिद और शादाब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है ये तीनों 24 फरवरी को ताहिर हुसैन के साथ थे। तीनों उसके बेहद करीबी बताए जाते हैं।
तीनों छात्रों ने देश विरोधी विडियो उस समय बनाया जब कॉलेज में पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया था। वे इस कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय हॉस्टल में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए विडियो बना रहे थे।