"लोग असंवेदनशील और अदूरदर्शी लोगों को सत्ता में बैठाने की कीमत चुका रहे हैं। भारत में नागरिकता कानून 1955 लागू था और उसमें किसी संशोधन की जरूरत नहीं पड़ी थी। तो कानून में अब संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी? संशोधन (सीएए) को तुरंत रद्द कर देना चाहिए।’’
भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी, जिसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था और सिंध में मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई थी, के लिए न्याय की माँग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'जस्टिस फॉर महक कुमारी', 'स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स' जैसे पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखे।
"अपने-आप को कमतर मत आँकिए। विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ये तब तक चलता रहेगा, जब तक दोनों उल्टी न कर दें। इंशाअल्लाह, हमारे बहुत सारे लोग जो ज़मीन पर उतरे हुए हैं और इस कोशिश में लगे हुए हैं कि एनआरसी एवं एनपीआर लागू नहीं हो, वे सफल होंगे।"
सोशल मीडिया पर लिबरल गिरोह ने दंगाइयों के बचाव का सिलसिला तेज़ कर दिया है। पुलिस किसी पत्थरबाज को शिकंजे में ले रही है, तो उसकी फोटो वायरल कर उसे 2002 के गुजरात दंगे से जोर कर दिखाया जा रहा है। दंगाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
"गुजरात में 2002 में मुस्लिमों के हुए नरसंहार में दलित फुट सोल्जर थे। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं का रेप कर और आदमियों की हत्या करने का घृणित काम किया था। मैं उन पर कभी यकीन नहीं करती।"
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि 42 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल की मौत गोली लगने से हुई न कि पथराव के कारण। रिपोर्ट में लिखा गया है, "रतन लाल के शरीर में एक गोली लगी थी।"