इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से साफ़ मना किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कारण नहीं दिखाई दिया जिससे कि तेजबहादुर की याचिका पर गौर किया जाए।
ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है, जिसके लिए भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा था।
कॉन्ग्रेस के समर्थन से चंद्रशेखर के पीएम बनने के 6 महीने बाद राजीव गाँधी की हत्या हुई। अगर उनकी सुरक्षा कभी कम भी कर दी गई थी, तो क्या कॉन्ग्रेस समर्थित सरकार ने भी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को उचित सुरक्षा नहीं दी? उनको मिलने वाले पीएसओ की संख्या नहीं बढ़ाई?
केंद्र सरकार ने ग़ैर सरकारी संगठन के FCRA लाइसेंस को रद्द कर दिया था, लेकिन दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि इनके द्वारा जुटाए गए धन का राष्ट्र के ख़िलाफ़ गतिविधियों में दुरुपयोग किया गया।
अभी हाल ही में केरल में एक आतंकी की गिरफ़्तारी भी हुई है, जो ज़ाकिर नाइक के वीडियो देख-देख कर आत्मघाती हमलावर बनने की योजना बना रहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि ज़ाकिर नाइक के पास कारोबार, रोज़गार या फिर व्यापार से आय का कोई स्रोत नहीं है।
ककरहिया गाँव के बारे में बता दें कि इस गाँव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 23 अक्टूबर 2017 को गोद लिया गया था। इसके बाद गाँव में हुए विकास ने वहाँ के लोगों का जीवन बदल कर रख दिया।
सीपीएम कार्यकर्ताओं के इस कार्य के पीछे ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रति उनकी कट्टर विरोधी सोच है। जहाँ कॉन्ग्रेस बंगाल से लगभग साफ़ हो चुकी है और सीपीएम को लगातार आज़माने के बाद लोगों ने उसे उखाड़ फेंका, ममता विरोधी सीपीएम कैडर को भाजपा की मदद करने में फायदा दिख रहा है।