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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

दो वामपंथी पार्टियों ने बाँटी सारी लोकसभा सीटें, गठबंधन किंकर्तव्यविमूढ़

अब शायद ही कोई गठबंधन से पूछे कि कहाँ गई समानता की बात? क्या केरल में पिछड़ों को आगे बढ़ाने की बात LDF भूल गई। यह सिद्धांत उसे केवल दूसरी पार्टियों के सन्दर्भ में ही नज़र आता है।

ISIS की ‘जिहादी दुल्हन’ के नवजात बच्चे की मौत, सीरिया से आना चाहती है वापस

वह पिछले महीने दुनिया भर में उस समय सुर्खियों में छा गई, जब इस ‘ज़िहादी दुल्हन’ ने उसने सार्वजनिक रूप से ब्रिटिश सरकार से उसे वापस आने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

टिमाटर-लहसुन ‘स्ट्राइक’ से ठुका पाकिस्तान कर रहा भारत से तस्करी

पुलवामा आतंकी हमले के बाद से तनाव के चलते पाकिस्तान में फल सब्जियों के लिए हाहाकार मच गया था क्योंकि ट्रकों की आवाजाही रुक गई थी। लेकिन, अब श्रीनगर से पाकिस्तान के कब्जे वाले चकोटी के बीच ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई है।

तुम्हारे चक्कर में पाकिस्तानी एजेंट समझने लगे हैं लोग: वरिष्ठ कॉन्ग्रेस प्रवक्‍ता ने इस्तीफ़ा देकर किया टंटा खतम

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता भी चाहते थे कि कॉन्ग्रेस इस तरह की बयानबाजी न करे। आम लोग चाह रहे थे कि पूरे देश के लोगों को सेना के साथ खड़ा रहना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कॉन्ग्रेस जैसे भी हो, कहीं न कहीं गलत कदम उठा रही थी। सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही थी।”

पिछले पाँच वर्षों में तीन बार हुए एयर स्ट्राइक, मगर जानकारी दो की ही दूँगा: राजनाथ सिंह

कर्नाटक के मंगलूरू में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक को लेकर एक एक नई जानकारी देकर सबको चौंका दिया है।

#JaichandList – कौन है जयचंद? क्यों बन गया है यह टॉप ट्विटर ट्रेंड

पुलवामा आतंकी हमले और एयर स्ट्राइक्स के बाद लगातार कुछ लोगों द्वारा भारतीय सेना और सरकार पर सवाल उठाकर, पाकिस्तान तक अपना प्रेम जताने वाले के विरोध में ये ट्रेंड दिखता है।

सौतेली बेटी से किया निकाह, विरोध करने पर अपनी दूसरी पत्नी को दिया तुरंत तलाक

जसपुर की चाँद मस्जिद के इमाम शाकिर हुसैन का कहना है कि सौतेली बेटी से निकाह करना शरियत के हिसाब से हराम है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने एक झटके में राम मंदिर मुद्दे को 30 साल पीछे ढकेल दिया

इस फैसले के क्या परिणाम होंगे? अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालाँकि, अयोध्या मामले के इतिहास पर नज़र डाले तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला घड़ी को उल्टी दिशा में घुमाकर 30 साल पीछे ले जाता दिखता है।