पाक सेना का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में नहीं है। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब जैश ने पुलवामा अटैक की जिम्मेदारी ली थी और कुछ दिन पहले ही विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी स्वीकार कर चुके हैं कि आतंकवादी संगठन का प्रमुख यहीं पर है।
इस घटना पर उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा, "हमने इस निंदनीय घटना का संज्ञान लिया है और दोनों को लखनऊ तलब किया गया है। सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
पड़ताल में सामने आया कि अलग अलग चैनलों या अलग-अलग वक्त पर दिए गए बयानों में से शॉट्स लेकर ऑडियो क्लिप बनाई गई है। इस ऑडियो क्लिप में एक महिला के सवालों पर राजनाथ और अमित शाह के बयानों को ऐसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था कि जैसे पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रची जा रही हो। जिसका पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा चलाने के लिए इस्तेमाल किया था।
बातचीत और समझौते की राह पर जाने की बात कहते हुए कोर्ट ने कहा कि ये विषय सिर्फ ज़मीन का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इस पर मिल बैठकर बात करने से अगर रास्ता निकल आए तो वही बेहतर होगा।
उन्होंने उल्लेख किया कि हिंदू द्वारा प्रकाशित दस्तावेज "सीक्रेट" के रूप में चिह्नित हैं। उन्हें इस तरह सार्वजनिक डोमेन में पेश नहीं किया जा सकता। केके वेणुगोपाल ने कहा कि रक्षा दस्तावेज प्रकाशित होने के बाद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को भारी नुकसान हुआ है।
भारतीय सेना ने सबूत जारी कर बताया है कि IAF की गई एयर स्ट्राइक में आतंकवादियों के ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया था। साथ ही, भारत ने F-16 को नष्ट करने के बाद भी सबूत दिए थे।
वायु सेना ने सरकार को 'हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों' और 'सिंथेटिक एपर्चर रडार' इमेजरी के 12 पृष्ठ की रिपोर्ट भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमले के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
पेशी के दौरान फेसबुक के वैश्विक नीति प्रमुख ने अपने कुछ कर्मचारियों द्वारा पुलवामा हमले और आतंकवाद को लेकर की गई असंवेदनशील टिप्पणियों पर स्टैंडिग कमिटी से माफी भी माँगी।