198 कुल लेख

Anurag

Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over 22 years of professional experience, including more than six years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

क्या ड्रोन से ही होगी अब जंग, बेकार हो जाएँगे बड़े-बड़े लड़ाकू विमान: रूस-यूक्रेन से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, जानें कैसे बदली युद्ध की...

हाई-टेक राफेल, F-35 या मिग इंजन की गड़गड़ाहट को भूल जाइए। रूस-यूक्रेन युद्ध इतिहास का पहला ऐसा युद्ध है जिसे ड्रोन ने नए तरीके से परिभाषित किया।

भारत का ‘ब्लैक टाइगर’, पाकिस्तानी फौज में बन गया मेजर नबी अहमद शाकिर: कहानी उस जासूस की जो लाहौर यूनिवर्सिटी में पढ़ा, सैकड़ों जिंदगी...

रविंदर कौशिक ने कभी कोई मेडल या सम्मान नहीं माँगा। वे बस अपने देश की सेवा करना चाहते थे, और ये काम उन्होंने खामोशी से और पूरी लगन से किया।

1 पाकिस्तान के कितने अब्बा? भारत से सिंधु जल समझौता रद्द करने का बदला चीन से लेने की लगाई गुहार, लाहौरी पत्रकार ने अमेरिकी...

जिस दुनिया में देश अपने झगड़े आपस में या कूटनीति से सुलझाते हैं, वहाँ पाकिस्तान अपने दो-दो 'बापों' को बुला रहा- एक तो चीन, दूसरा अमेरिका।

जैसे दानिश ने ज्योति मल्होत्रा को बनाया गद्दार, वैसे ही कभी ISI के ट्रैप में फँसी थी माधुरी गुप्ता: पाकिस्तान में तैनाती के बाद...

माधुरी गुप्ता का मामला केवल एक अधिकारी द्वारा विश्वासघात की कहानी नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, भावनात्मक भेद्यता और संस्थागत निगरानी की विफलता के खतरनाक संगम का उदाहरण है

अमेरिकी यूनिवर्सिटी को मुस्लिम-ईसाई-यहूदी के आयोजन कबूल, पर हिंदू हेरिटेज मंथ नहीं मनेगा: बर्कले यूनिवर्सिटी छात्र संघ के विरोध ने सनातन घृणा पर छेड़ी...

एएसयूसी ने अक्टूबर को हिंदू विरासत माह के रूप में मान्यता देने के खिलाफ मतदान किया। यह निर्णय तब आया जब इस सेमेस्टर में कई अन्य विरासत माह प्रस्ताव पारित किए गए।

मंदिरों पर हमले, खालिस्तानी दे रहे हिन्दुओं को कनाडा छोड़ने की धमकी: ट्रूडो के हटने के बाद भी नहीं पड़ा कोई फर्क, कार्नी के...

कनाडा में मार्क कार्नी की सरकार आने के बाद भी खालिस्तान समर्थन और हिन्दू घृणा लगातार जारी है, हाल ही में हुई खालसा परेड इसी का एक उदाहरण है।

जिस पाकिस्तान के लोगों के जख्मों पर भारत लगाता मरहम, वही पीठ में घोंपते रहे खंजर: भारत ने पहली बार मेडिकल वीजा भी किया...

अप्रैल 2024 में, पाकिस्तान की 19 वर्षीय आयशा राशन की चेन्नई के एमजीएम हेल्थ केयर अस्पताल में जीवन रक्षक हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी हुई। इस सर्जरी में 35 लाख रुपए तक का खर्च अनुमानित था, पर इसे निःशुल्क तौर पर किया गया।

सादे लिबास में आते हैं, उठाकर ले जाते हैं, फिर मिलता है क्षत-विक्षत शव… बलूचिस्तान में पाकिस्तान की ‘Kill & Dump’ नीति, बच्चों से...

पीड़ितों को सादे लिबास वाले लोगों द्वारा उठाया जाता है जो ऐसे वाहनों से ऐसे आते हैं जिनकी कोई पुख्ता पहचान नहीं होती। मारकर लगाते हैं ठिकाने।