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15 साल की दलित नाबालिग को उठा ले गए अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा: 3 दिनों तक किया गैंगरेप, फिर इस्लाम में धर्मांतरण और जबरन निकाह

उत्तर प्रदेश के बहराइच में मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने एक हिंदू नाबालिग लड़की का अपहरण करके उसे बंधक बना लिया और तीन दिनों तक उसके गैंगरेप किया। इतना ही नहीं, इन युवकों ने इस लड़का का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराकर एक मुस्लिम से निकाह करा दिया। किसी तरह उनके कब्जे से छूटकर भागी युवती ने पुलिस में शिकायत कराई, उसके बाद से परिवार को धमकी दी जा रही है।

घटना लगकर दो माह पुरानी है। मामला सामने आने के बाद बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला ने पीड़ित परिवार के घर जाकर पूरे परिवार से मुलाकात की है। इसके साथ ही सभी आरोपितों- अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपितों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।

मामला बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र के एक गाँव का है। बताया जा रहा है कि दलित समुदाय से आने वाली पीड़िता की माँ बोल नहीं सकती है और वह मायके में अपनी 15 साल की नाबालिग बेटी के साथ रहती है। पीड़िता ननिहाल में अपनी माँ और नानी की देखभाल करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 फरवरी को पीड़िता अपने खेत में काम करके घर लौट रही थी।

इसी दौरान उसके घर के पास रहने वाले अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा उसे उठाकर अपने साथ ले गए। किसी अज्ञात गाँव में रखकर उसके साथ तीन दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया। इसके बाद आरोपितों ने एक मौलवी बुलाकर उसका जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह करा दिया। इधर परिवार के लोग नाबालिग को खोजते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

इसी बीच आरोपितों ने शिकायत नहीं करने की शर्त पर पीड़ित को बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर छोड़ गए। घर पहुँचकर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना के बारे में परिजनों को बताया, लेकिन लोक-लाज और इन दबंगों के डर से वे सभी चुप रहे। दो महीने बाद आरोपित पीड़िता को अपने साथ जबरन भेजने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान नाबालिग को अपने साथ ले जाने की कोशिश भी की।

आरोपितों ने परिवार को धमकी दी कि अगर नाबालिग को उसके साथ नहीं भेजेंगे तो वे उसकी और परिवार की हत्या कर देंगे। इतना ही नहीं, आरोपितों ने दुस्साहस करते हुए 10 अप्रैल 2024 को किशोरी के मामा पर भी हमला कर दिया। इस घटना के बारे में जब पीड़िता की मौसी को पता चला तो उसने ऑनलाइन एसपी को शिकायत भेजी। इसके बाद एसपी के निर्देश पर थाना हरदी में मुकदमा दर्ज किया गया।

शिकायत मिलने के बाद एसपी वृंदा शुक्ला पीड़ित परिवार के घर गईं। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही पाँचों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप, पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट, धर्म परिवर्तन समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग का मेडिकल भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बाकियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

फरार आरोपियों की तलाश में सर्विलांस, एसओजी, थाना पुलिस सहित कई टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस और अन्य अधिकारियों ने पीड़िता और उसके परिजनों के साथ ही गाँव वालों से भी इस संबंध में पूछताछ की। आरोपितों के कुछ परिजनों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि वह साक्ष्य जुटा रही है और इस मामले में जल्दी ही और खुलासा किया जाएगा।

‘भारत माता की जय’ कहने के लिए कॉन्ग्रेस MLA को लेनी पड़ी अध्यक्ष खड़गे की अनुमति: वीडियो वायरल होने के बाद बोली BJP – कॉन्ग्रेस में सांस्कृतिक विभाजन

क्या कॉन्ग्रेस पार्टी में ‘भारत माता की जय’ बोलना अपराध है? ये सवाल इसीलिए पूछे जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी की रैली में ‘भारत माता की जय’ बोलने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है। दरअसल, कर्नाटक के कलबुर्गी में शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को कॉन्ग्रेस की रैली थी। इस दौरान विधायक लक्ष्मण सावदी ने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अनुमति माँगी। इसके बाद भाजपा ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

सोशल मीडिया में भी इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। लक्ष्मण सावदी कर्नाटक के बेलगाम स्थित अथानी सीट से चौथी बार विधायक बने हैं। वो विधान परिषद के भी सदस्य रहे हैं। BS येदियुरप्पा की भाजपा सरकार में उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण वो कॉन्ग्रेस में चले गए। अब ‘भारत माता की जय’ बोलने के लिए भी उन्हें अनुमति लेनी पड़ती है। वीडियो के कारण पूरी पार्टी की फजीहत हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान MLA लक्ष्मण सावदी ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, “मुझे उम्मीद है कि खड़गे साहब इसे गलत नहीं समझेंगे। मैं ‘भारत माता की जय’ कहूँगा और आप सब मेरे बाद जोर से इसे दोहराइए।” कर्नाटक में BJP के प्रदेश अध्यक्ष BY विजयेंद्र ने इस घटना पर निशाना साधते हुए कहा है कि कॉन्ग्रेस के भीतर एक सांस्कृतिक विभाजन है, ‘भारत माता’ की प्रशंसा करने पर पार्टी में अपराधबोध का सामना करना पड़ता है, स्पष्टीकरण देना पड़ता है।

BY विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवादी आदर्शों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रखती है। उन्होंने इसे एक दयनीय और खतरनाक स्थिति करार दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण सावदी ने राष्ट्रभक्ति प्रदर्शित करने के लिए एक निरर्थक प्रयास किया है। कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष R अशोक ने कहा कि कर्नाटक के मंत्री और मल्लिकार्जुन के बेटे प्रियंक ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ वालों का समर्थन करते हैं, इसीलिए ‘भारत माता की जय’ कहने के लिए हिचकिचाहट होती है।

‘संजय अग्रवाल’ और ‘उदय दास’ बन कर रुके थे मुस्सविर और अब्दुल, NIA ने 10 दिन के लिए रिमांड पर लिया: रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के आतंकियों ने बनवाए थे फर्जी आधार कर्ड

रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले में 42 दिनों की जाँच के बाद राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से दो आतंकवादियों – मुस्सविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मथीन ताहा को गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बताया कि शाजिब और ताहा कोलकाता से 184 किलोमीटर दूर पूर्वी मेदिनीपुर के दीघा के एक होटल में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर फर्जी पहचान के साथ रुके थे। उन्होंने खुद को संजय अग्रवाल और उदय दास बताया था।

तीन दिनों के ट्रांजिड रिमांड के बाद कोर्ट ने दोनों आतंकवादियों की एनआईए रिमांड मंजूर कर ली और दोनों को 10 दिनों की एनआईए रिमाँड मंजूर कर ली। बता दें कि दोनों आतंकियों ने धमाके के बाद कर्नाटक छोड़ दिया था और पश्चिम बंगाल में छिपे थे। इसके बाद वो लगातार जगह बदल रहे थे और किसी तरह से भारत से बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे। जाँच एजेंसियाँ इन आतंकियों के विदेशी लिंक भी तलाश रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए ने शुक्रवार ( 12 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले से दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। दोनों आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसी ने कोलकाता की कोर्ट में पेश कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु ले आई। दोनों आतंकवादियों को जाँच और पूछताछ के बाद फिर से शनिवार (13 अप्रैल 2024) को कोर्ट में पेश किया गया है, जहाँ से अदालत ने दोनों को 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया है।

एनआईए ने बताया कि अब्दुल मथीन अहमद ताहा और मुस्सविर हुसैन शाजिब को कोलकाता से लगभग 190 किलोमीटर दूर पूर्व मेदिनीपुर जिले की दीघा कस्बे के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। ताहा विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का मास्टरमाइंड था और शाजिब ने कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था। एजेंसी ने बताया कि एनआईए बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट के साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की पिछले पाँच साल से तलाश कर रही थी।

दोनों ही आतंकवादी कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं। इसमें से ताहा आईएसआईएस का काफी अहम ऑपरेटिव है, जो नवंबर 2022 के मंगलुरु प्रेशर कुकर बम, 2022 शिवमोग्गा ट्रायल ब्लास्ट और 2020 में अल-हिंद मॉड्यूल से भी जुड़ा रहा है। वो पहचान बदलने में माहिर है और कई बार कर्नल की पहचान के साथ भी लोगों से मुलाकात की थी।

शाजिब और ताहा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद दोनों आतंकवादियों का नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। दोनों को एक गेस्ट हाउस में चेक करते देखा जा सकता है, जो कि कोलकाता के एकबालपुर में स्थित बताया जा रहा है। शाजिब और ताहा ने 25 मार्च को इस गेस्ट हाउस में चेक इन किया था और तीन दिनों तक वहाँ रुके थे। उन्होंने कर्मचारियों को बताया था कि वे कर्नाटक और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।

होटल के रिसेप्शनिस्ट अशरफ अली ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया , “वे 25 मार्च को आए और अपना पहचान पत्र दिखाया और हमने उन्हें एक कमरा दिया। उन्होंने 28 मार्च को होटल से चेकआउट किया। जब एनआईए के अधिकारी पहुँचे, तो उन्होंने एंट्री रजिस्टर देखा और जाँच शुरू की।”

गिरफ्तारी से पहले दोनों पिछले चार दिनों से न्यू दीघा के एक लॉज में रह रहे थे। उन्होंने बंगाल में कई बार अपनी जगह बदली थी। शाजिब ने कोलकाता के दो होटलों में महाराष्ट्र के पालघर के यशा शाहनवाज पटेल के फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। जबकि ताहा ने एक होटल में कर्नाटक के विग्नेश बीडी और दूसरे में अनमोल कुलकर्णी जैसे नकली नामों का इस्तेमाल किया था। फिर दूसरे होटल में उन्होंने क्रमशः झारखंड और त्रिपुरा के रहने वाले संजय अग्रवाल और उदय दास की पहचान ली।

खास बात ये है कि इन आतंकवादियों ने खुद को सरकारी एजेंसियों से बचाने के लिए खास पैटर्न का इस्तेमाल किया। दोनों ने 42 दिनों तक खुद को छिपाने के लिए सिर्फ गेस्ट हाउस या निजी लॉज में ही रुकने को वकीयता दी, क्योंकि यहाँ पर कागजों की जाँच कम के कम की जाती है।

सीएनएन-न्यूज18 ने जाँच अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों की व्यवस्था की। ये बताया जा रहा है कि शाजिब, ताहा और एक अन्य संदिग्ध शरीफ सभी आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े हैं। उनकी बेंगलुरु में नवंबर 2023 में हुए धमाके में भी तलाश की जा रही थी। ताहा आईएसआईएस मॉड्यूल का काफी अहम आतंकी है और वो पेशे से इंजीनियर है। बता दें कि इन आतंकियों की गिरफ्तारी पर एनआईए ने 10-10 लाख का ईनाम भी रखा था।

गौरतलब है कि एक मार्च को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में 9 लोग घायल हो गए थे। पुलिस सूत्रों ने कहा था कि कैफे में टाइमर का उपयोग करके आईईडी बम धमाका किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा था कि एक व्यक्ति वहाँ बैग रखकर चला जाता है, जिसमें धमाका हो गया।

पाकिस्तान में दर्जन भर बंदूकधारियों ने बस से उतारकर 9 मजदूरों की हत्या की, विधायक के भाई की हत्या: सरकार ने बताया आतंकी हमला

पाकिस्तान में एक बार अज्ञात हमलावरों ने 11 लोगों की गोली मारकर हत्या है। क्वेटा में शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को हुई दो अलग-अलग आतंकी घटनाओं में लोगों को निशाना बनाया गया। मृतकों में 9 पंजाब के रहने वाले थे। वे क्वेटा से ताफ्तान जाने के लिए एक बस से यात्रा कर रहे थे। अज्ञात आतंकवादियों ने बस रोककर उन्हें बाहर निकाला और अपहरण कर लिया और फिर हत्या कर दी। इसकी जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है।

पुलिस ने अपहरण किए गए इन लोगों की तलाशी के लिए अभियान चलाया, लेकिन उनके शव एक पहाड़ी के पास पुल के नीचे पाए गए। इन सभी को गोली मारी गई थी। मारे गए लोग पंजाब के मंडी बहाउद्दीन, वजीराबाद और गुजरांवाला इलाकों के रहने वाले थे। नुश्की के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अल्लाह बख्श के अनुसार, ये सभी मृतक मजदूर थे। पाकिस्तान ने इसे आतंकी हमला कहा है।

पाकिस्तान की मीडिया संस्थान द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, नुश्की टीचिंग हॉस्पिटल के एमएस डॉक्टर जफर मेंगल ने कहा कि मृतकों के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोली मारी गई थी। वहीं, एक अन्य घटना में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं। इसमें एक व्यक्ति प्रांतीय असेंबली के सदस्य ग़ुलाम दस्तगीर बादिनी का भाई था।

नुश्की के डिप्टी कमिश्नर हबीबुल्लाह मुसाखेल ने कहा कि शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) की रात को एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों ने सुल्तान चढाई के पर क्वेटा-नुश्की-ताफ्तान NH 40 को अवरुद्ध कर दिया था। इसके बाद वाहनों की जाँच शुरू कर दी। एक कार को उन्होंने रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका तो उस पर गोलीबारी की।

गोली लगने से कार का टायर फट गया और कार पलट गई। कार पलटने से इसमें सवार विधायक के भाई की मौत हो गई। वहीं, चार अन्य सवार घायल हो गए। हबीबुल्लाह ने बताया कि उसी राजमार्ग पर आतंकियों ने एक बस को रुकवाया और उसमें सवार यात्रियों के पहचान पत्रों की जाँच की। इसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया। बाद में उन सबका शव बरामद किया गया।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने 11 लोगों की हत्या की निंदा की और कहा कि घटना में शामिल आतंकवादियों को माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमलों में शामिल आतंकवादियों का छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि कायद-ए-आजम के पाकिस्तान में ऐसी दुखद घटना के लिए कोई जगह नहीं है।

सिडनी के मॉल में 6 लोगों को चाकू गोद कर मार डाला: मृतकों में एक महिला और उसका बच्चा भी, पुलिस ने लॉकडाउन लगा कर शुरू किया ऑपरेशन

ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी के बॉन्डी जंक्शन पर खचाखच भरे वेस्टफील्ड शॉपिंग मॉल में एक शख्स शनिवार (13 अप्रैल 2024) को लोगों के अंधाधुन चाकू मारने लगा। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक शख्स, जिसकी पहचान अभी सामने नहीं आई है, उसने एक महिला और उसके बच्चे के अलावा एक दुकानदार को चाकू मार दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अपनी जान बचाने के लिए लोग कई दुकानों में घुसते हुए देखा गया। मॉल में हर तरफ खून बिखरा हुआ देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही सिडनी पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और घटना पर पहुँचकर पुलिस ने हमलावर पर गोली चलाई। इसकी जानकारी अभी तक सामने नही हालाँकि, पुलिस ने अभी उसकी पहचान उजागर नहीं की है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “जैसे ही मैंने शव देखे मैं नीचे की ओर भागा और पुलिस को ऊपर जाते हुए देखा। कुछ सेकंड के बाद मैंने गोलियों की आवाज सुनी।” सामने आए तस्वीरों में घटनास्थल पर एक पुलिस अधिकारी को मॉल की जमीन पर पड़े एक व्यक्ति के शरीर पर झुकते हुए देखा गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 6 और कुछ रिपोर्ट में चार बताई जा रही है।

इस घटना के बाद पुलिस ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है, “शाम 4 बजे (शनिवार 13 अप्रैल 2024) से ठीक पहले कई लोगों को चाकू मारने की रिपोर्ट के बाद वेस्टफील्ड बॉन्डी जंक्शन पर आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया था। घटना के संबंध में पूछताछ जारी है। लोगों को इस इलाके की यात्रा करने से बचना चाहिए।”

एनएसडब्ल्यू पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऐसी खबरें थीं कि कई लोगों को चाकू मारा गया है और एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। बाद में पता चला कि यह गोली पुलिस ने चलाई थी। उन्होंने कहा, “पैरामेडिक्स घटनास्थल पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में शॉपिंग सेंटर के बाहर लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार यह लॉकडाउन में है।

एबीसी रिपोर्टर दानुता कोज़ाकी ने एक्स पर कहा कि एनएसडब्ल्यू पुलिस मॉल के छत वाले क्षेत्र की तलाशी ले रही थी और वेवर्ली काउंसिल ने एक्स पर पोस्ट किया कि मॉल में कई छुरा घोंपने की खबरें थीं। बयान में कहा गया, “एक पुलिस ऑपरेशन वर्तमान में चल रहा है।”

‘बकवास है फेमिनिज्म, इसने समाज को बर्बाद किया’: नोरा फतेही बोलीं – महिला-पुरुष दोनों को एक-दूसरे की ज़रूरत, पश्चिमी देशों में हालात खराब

मोरक्को से भारत में आकर अपना एक्टिंग करियर चमकाने वाली अभिनेत्री नोरा फतेही नारीवाद पर जम कर बरसी हैं। उन्होंने कहा है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस बकवास में विश्वास नहीं करती कि महिलाओं को किसी की जरूरत नहीं होती।

नोरा फतेही ने बियरबाइसेप्स के साथ किए गए एक पॉडकास्ट में फेमिनिज्पमर अपनी बात कही। फतेही ने कहा, “महिलाओं और पुरुषों, दोनों को एक दूसरे की जरूरत है। मुझे किसी की जरूरत नहीं है और फेमिनिज्म ये वो, मैं इस बकवास में बिलकुल विश्वास नहीं करती। मुझे लगता है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है।”

नोरा फतेही ने फेमिनिज्म के विचारों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा,”मुझे लगता है कि शादी ना करना, पूरी तरीके से आत्मनिर्भर होने की बात करना, बच्चे ना पैदा करना और घर में महिला-पुरुष के काम अलग ना करना, मैं इन सब आईडिया में विश्वास नहीं करती।” आप उनकी यह बातचीत नीचे लगे वीडियो में 1 घंटे 7 मिनट के बाद से सुन सकते हैं।

फतेही ने कहा कि महिला में लालन पालन और पुरुष घर का खर्च चलाने वाला है, यह बात सही है। फतेही ने कहा,”महिलाओं को बिल्कुल काम पर जाना चाहिए और आत्मनिर्भर होना चाहिए लेकिन एक सीमा तक। उन्हें एक माँ और पत्नी होने का रोल भी निभाना पड़ेगा, जैसे एक आदमी को घर का खर्च चलाने और पिता का रोल अदा करने के लिए तैयार करना होगा।”

नोरा फतेही ने कहा कि इस विचार को पारंपरिक तरीके की सोच कहा जाता है लेकिन मुझे लगता है कि यही सही सोच है। फतेही ने कहा कि इसे फेमिनिज्म ने इसे आजादी, सब एक जैसे हैं जैसे नाम देकर बिगाड़ दिया है। फतेही ने कहा कि महिला और पुरुष बराबर हैं लेकिन समाज में उनके रोल को लेकर बराबर नहीं है।

नोरा फतेही ने इस वीडियो में कहा कि हमें फेमिनिज्म के विषय में छोटे पर से न्यूज और टीवी के जरिए सिखाया गया है। फतेही ने कहा कि भारत में तो इसकी स्थिति फिर भी सही है लेकिन पश्चिमी देशों में हाल खराब है।

उन्होंने कहा कि वहाँ हमें सिखाया गया कि जो पुरुष महिलाओं को 9 से 5 की नौकरी नहीं करने देते वो पितृसत्तात्मक है, जो आपको बाहर जाकर संघर्ष नहीं करने दे रहे वो खराब हैं, एक माँ बनना खराब है। फतेही ने कहा कि लेकिन अब इस पर लोग प्रश्न खड़े कर रहे हैं कि इसने परिवार की संस्था को बर्बाद कर दिया है।

नोरा फतेही ने कहा कि फेमिनिज्म एक दम मजहब की तरह है। उन्होंने कहा कि वैसे तो यह अच्छा है लेकिन जब यह कट्टर हो जाता है तब खराब होता है। फतेही ने कहा कि पिछले 20 सालों में फेमिनिज्म भी एकदम कट्टर हो गया है और हम इसके परिणाम देख रहे हैं।

दान कर दी ₹200 करोड़ की संपत्ति, गुजरात के इस कारोबारी ने पत्नी समेत लिया संन्यास: भिक्षा माँग कर खाएँगे, बेटे-बेटी पहले से इसी रास्ते पर

गुजरात के साबरकाँठा के रहने वाले व्यापारी भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी ने सबकुछ त्याग कर जैन धर्म की दीक्षा लेने का फैसला किया है। उन्होंने अपनी 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति को दान कर दी है। भावेश भाई भंडारी, उनकी पत्नी समेत कुल 35 लोग एक साथ साबरकांठा के हिम्मत नगर रिवर फ्रंट पर 22 अप्रैल को दीक्षा लेकर भिक्षुक बन जाएँगे। अब वो कोई भी संपत्ति नहीं रख पाएँगे, यहाँ तक कि मोबाइल फोन भी।

साल 2022 में भावेश भाई भंडारी के 16 साल के बेटे और 19 साल की बेटी ने भी संन्यास ले लिया था। इस घटनाक्रम के दो साल बाद अब भावेश भाई और उनकी पत्नी ने संन्यासी जीवन अपनाने का फैसला किया है।

सन्यास से पहले 200 करोड़ की संपत्ति की दान, निकली शोभा यात्रा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संन्यासी बनने जा रहे भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी की साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। ये यात्रा लगभग 4 किलोमीटर लंबी थी। इसी शोभा यात्रा में भावेश भाई ने अपनी सारी संपति 200 करोड़ रुपये दान में दे दी है। उन्होंने अचानक दीक्षार्थी बनने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अप्रैल को हिम्मतनगर रिवर फ्रंट पर भावेश भाई और उनकी पत्नी समेत 35 लोग संयमित जीवन जीने का संकल्प लेने वाले हैं।

बेटा-बेटी ने भी दो साल पहले ली थी दीक्षा

भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी से पहले साल 2022 में उनके 16 साल के बेटे और 19 साल की बेटी ने भी जैन समाज में दीक्षा ली थी। दोनों भाई-बहनों ने संयमित जीवन जीने का फैसला किया था और अब अपने बेटे और बेटी से प्रेरित होकर भावेश भाई और उनकी पत्नी ने सन्यासी बनने का फैसला कर लिया है।

भावेश भाई भंडारी के परिवार का हमेशा से जैन शिक्षा की तरफ झुकाव रखता है। अक्सर इनके परिवार की मुलाकात दीक्षार्थियों और गुरुजनों से होती रहती थी। भावेश भाई और उनकी पत्नी दीक्षा लेने के बाद अपना बाकी का जीवन भिक्षा माँगकर गुजारा करेंगे। इतना ही नहीं इनको पंखा, एसी, मोबाइल फोन जैसी सारी सुख-सुविधाएँ भी त्यागनी पड़ेगी। वो अब जैन धर्म के प्रचार के लिए नंगे पाँव पूरे देश की यात्रा पर भी निकलेंगे।

बम फटने से बच्चे की मौत, 3 की हालत नाजुक: बिहार में मोहम्मद इजराइल के घर में बनाया जा रहा था विस्फोटक, आसपास खेल रहे थे बच्चे

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार के बाँका में बम धमाके की खबर है। मामला धोरैया थाना क्षेत्र का है। बम फटने की वजह से 4 मासूम बच्चे बुरी तरह घायल भी हो गए हैं। इन सभी को स्थानीय अस्पताल में गंभीर रूप से घायल अवस्था में भर्ती कराया गया। अब चारों को भागलपुर के मायागंज अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच-पड़ताल की है। बताया गया है कि उस घर में ही बम बनाया जा रहा था।

उक्त घर के आसपास 4 लोग खेल रहे थे। इस दौरान अचानक से बम फटा और चारों उसकी चपेट में आने के कारण गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बम फटने का सही कारण क्या है, इस संबंध में पुलिस अब भी छानबीन कर रही है। घटना शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) देर शाम की है, जो अहिरो नामक गाँव में हुई। घर के सामने मोहम्मद इस्माइल अंसारी का 8 वर्षीय बेटा कुर्बान (उसके पैर के चीथड़े उड़ चुके थे, मौत हो गई थी), 11 वर्षीय मुस्तफा और मोहम्मद सद्दाम ला 5 साल का बेटा सनल्लाह, मोहम्मद असी शहनाई का 7 वर्षीय बेटा अब्बू अलीफा ये सब खेल रहे थे।

बम फटने की वजह से सभी बच्चे लहूलुहान हो गए और वहीं पर गिर पड़े। परिजनों ने ग्रामीणों की सहायता से उन्हें धोरैया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। स्थानीय थानाध्यक्ष अशोक कुछ इस घटना की सूचना मिलने के बाद दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। वहाँ उन सभी का प्राथमिक इलाज हुआ, जिसके बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। 2 बच्चों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घायल बच्चों की माँ ने बताया कि बच्चे खेल रहे थे तभी अचानक किसी ने बम फेंक दिया

पुलिस ने जाँच-पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। बच्चों की माँ ने साजिश की आशंका जताई है। जिस व्यक्ति के घर में बम फटा, उसका नाम मोहम्मद इजराइल बताया जा रहा है। ताज़ा खबरों में ये भी कहा जा रहा है कि घायलों में एक किशोर की मौत हो गई है। SP ने 2 बम ब्लास्ट की बात कही है, बताया जा रहा है कि बम बनाए जाने के दौरान ये घटना हुई। एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि बम बनाने के सामान भी मिले हैं।

प्ले स्कूल में ईद इवेंट के नाम पर बच्चों को नमाज पढ़ाने का वीडियो: उत्तराखंड के रूड़की में हिन्दू कार्यकर्ताओं ने किया विरोध, स्कूल का घटना से इनकार

उत्तराखंड के रूड़की में एक प्ले स्कूल में ईद कार्यक्रम के लिए आयोजित किए गए इवेंट छोटे बच्चों को नमाज पढ़ाने का वीडियो वायरल हो रहा है। अभिभावकों ने इस स्कूल के विरुद्ध पुलिस को शिकायत दी है। अभिभावकों ने स्कूल पर छोटे बच्चों को भ्रमित करने का आरोप जड़ा है। स्कूल ने इन आरोपों से इनकार किया है।

जानकारी के अनुसार, रूड़की में सिविल लाइंस इलाके में स्थित लर्निंग लैडर प्ले स्कूल में 10 अप्रैल, 2024 को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ईद 2024 को लेकर आयोजित किया गया था। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में हिजाब पहने हुए दो शिक्षिकाएँ दिखती हैं।

इस वीडियो में दिखता है कि यह शिक्षिकाएँ छोटे बच्चों के सामने नमाज अदा करके दिखाती हैं। वीडियो में जो बच्चे बैठे हुए हैं, उनकी टीशर्ट पर लर्निंग लैडर लिखा हुआ है। वीडियो में एक छोटी बच्ची भी हिजाब पहने दिखती है। यह वीडियो लगभग 17 सेकंड का है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद कुछ बच्चों के अभिभावक रूड़की कोतवाली पहुँचे। स्कूल में पढ़ने वाली एक बच्ची के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मेरी बच्ची नमाज सिखाए जाने के दौरान मौजूद थी, हमने इस मामले में स्कूल से बात की है, स्कूल इसे इवेंट करार दे रहा है।

बच्ची के पिता ने मीडिया से बताया कि वह हिन्दू हैं और ऐसे में उनकी बच्ची को नमाज क्यों सिखाई गई। बच्ची के पिता ने कहा कि पिछले तीन सालों में कोई ऐसा इवेंट नहीं आयोजित किया गया था। यह इसी वर्ष हुआ है। बच्ची के पिता ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है और मुकदमा दर्ज करने की माँग की है।

स्कूल के इस काम के खिलाफ कोतवाली पहुँचे बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया। शिकायत के लिए पहुँचे एक व्यक्ति ने कहा कि स्कूल का काम पढ़ाई है ना कि बच्चों का धर्म बदलवाना। उन्होंने स्कूल पर जिहादी षड्यंत्र करने का आरोप लगाया। एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि स्कूल बच्चों नमाज के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

इस मामले में ऑपइंडिया ने लर्निंग लैडर स्कूल की प्रधानाध्यापिका रूचि हांडा से भी बात की। उन्होंने बताया, “10 अप्रैल, 2024 को स्कूल में अपर केजी के बच्चों के लिए ईद मिलन का इवेंट आयोजित किया गया था। इसकी सूचना भी पहले अभिभावकों को दे दी गई थी। इस इवेंट में बच्चों को नमाज नहीं सिखाई गई बल्कि उन्हें यह बताया गया कि ईद मनाई कैसे जाती है। हमने बच्चों को यह बताया कि ईद मनाने वाले पहले नमाज पढ़ते हैं और बाद में गले मिलते हैं।”

स्कूल की प्रधानाध्यापिका रूचि हांडा ने कहा कि इस पूरे इवेंट में से नमाज पढ़ने को लेकर बताने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। उन्होंने कहा है कि हमने इस मामले में पुलिस को दी गई शिकायत पर अपना स्पष्टीकरण भी दे दिया है और साथ ही वीडियो भी हटा दी है। उन्होंने कहा कि उनका स्कूल लगातार ऐसे आयोजन करता रहता है और वह सभी धर्मों के त्योहारों के विषय में बच्चों को बताते हैं। प्रधानाध्यापिका हांडा ने कहा कि वह आगे से ऐसे संवेदनशील मामले में सावधानी बरतेंगी।

ऑपइंडिया ने इस मामले में रूडकी पुलिस से भी बात की। उन्होंने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और आगे अब इसमें जाँच चल रही है।

कौन है राजनीति का Noob? देश के 7 शीर्ष गेमर्स के साथ PM मोदी का संवाद: भारतीय संस्कृति के इर्दगिर्द गेम्स डेवलप करने को कहा, सब बोले – आप सबसे बड़े इन्फ्लुएंसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 7 शीर्ष गेमर्स के साथ संवाद किया है, जिसका वीडियो YouTube पर खासा वायरल हो रहा है। इनमें ‘MortaL’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाले नमन माथुर (बैटलग्राउंड्स मोबाइल), ‘THUG’ नाम का चैनल चलने वाले अनिमेष अग्रवाल (PUBG), ‘Gamerfleet’ चैनल चलाने वाले अंशु बिष्ट (माइनक्राफ्ट), ‘Skrossi’ नामक चैनल चलाने वाले गणेश गंगाधर (E-Sports), ‘GCTirth’ चलाने वाले तीर्थ मेहता (ई-स्पोर्ट्स) और गेमिंग क्रिएटर पायल धरे के अलावा ‘MYTHPAT’ चलाने वाले मिथिलेश पाटणकर शामिल थे।

इस दौरान गेमर्स ने कहा कि वो क्षण जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कमरे में आए, वो हृदयगति रोक देने वाला क्षण था। गेमर्स का कहना है कि जब पीएम सामने बैठे थे तो काफी धक-धक हो रहा था, वो सोच रहे थे कि ये वही हैं जिन्हें टीवी पर देखते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि ऐसा कुछ होने जा रहा था। पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि क्या आपलोग आपस में मिलते हैं, तो उन्होंने हाँ में जवाब दिया। गेमर्स ने इसे गेमिंग इंडस्ट्री की जीत करार दिया।

उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा लग रहा है कि सरकार क्रिएटर्स को सम्मान दे रही है। असम के 28 वर्षीय अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि वो CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) की तैयारी करते थे, लेकिन 2018 में उन्होंने अपने माता-पिता से अनुमति लेकर पढ़ाई से 1 साल का ब्रेक लिया ताकि वो अपना गेमिंग करियर बना सकें। वहीं हल्द्वानी के अंशु बिष्ट ने बताया कि वो निम्नमध्यमवर्गीय परिवार हैं, उनके पिता ने 30 वर्षों तक बस कंडक्टर का जॉब किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश को आगे ले जाना चाहते हैं।

वहीं नमन माथुर ने बताया कि वो 4 साल के थे जब उनके पिता का देहांत हो गया था, उनकी माँ ने टिफिन सर्विस में काम कर के उनका पालन-पोषण किया। 2015-18 में B.Com करते हुए उन्होंने देखा कि विदेशी यूट्यूबर्स के कमेंट सेक्शन में अधिकतर भारतीय थे, वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली। पायल धरे ने बताया कि उन्होंने इन सबसे देर से शुरू किया, वो मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से हैं। उन्होंने बताया कि 12th तक उनके घर में फोन नहीं था, उनके भाई लोग कैफे में गेम खेलने जाते थे वहीं से उन्हें इसके बारे में पता चला।

लड़कियों के लिए संभावनाओं पर पीएम मोदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार पैरेंट्स घबराते हैं, लेकिन अब उन्हें कई लड़कियों के मैसेज आते हैं कि उन्हें देख कर शुरू किया। वहीं मिथिलेश पाटणकर ने कहा कि वो एक्टिंग-मिमिक्री सब करते हैं। वहीं गुजरात के कच्छ के तीर्थ मेहता से पीएम मोदी ने पूछा कि वहाँ ये ‘बीमारी’ कहाँ से आई, तो उन्होंने कहा कि हर जगह ये फैली हुई है। वहीं बेंगलुरु के गणेश ने बताया कि कॉलेज में उनका दोस्तों के माध्यम से गेम्स से परिचय हुआ और वो सबसे अच्छा खेलने लगे, उन्होंने इसी में करियर बनाने की सोची।

उन्होंने बताया कि अब रिश्तेदारों की बोलती बंद है, उन्होंने अपने माता-पिता को रिटायर करा दिया। गेमर्स ने बताया कि वो दिन में 6-7 घंटे गेम्स को देते हैं, कंटेंट क्रिएटर्स दिन में 12 घंटे सिर्फ सोचते ही रहते हैं, कभी 2 घंटे में वीडियो बन जाती है कभी 10 दिन नहीं बनती। गेमर्स ने बताया कि भारत में नेक्स्ट लेवल कंटेंट्स बन रहे हैं, दुनिया में सबसे बेहतर। उन्होंने कहा कि इंटरनेट सस्ता है, मुफ्त है, इसीलिए बच्चे गेम खेल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15,000 से ज़्यादा गेम डेवेलपर्स भारत में हैं।

उन्होंने बताया कि 2015 के आसपास से भारत में ये सब शुरू हुआ, 2019 से ये तेज़ हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पर चर्चा’ के दौरान का वो वीडियो भी याद किया, जब एक बच्चे को लेकर उन्होंने पूछा था ‘ये PUBG वाला है क्या?’ और ये वीडियो वायरल हो गया था। नमन ने बताया कि उनके रिलेटिव उनके घर फोन कर-कर के पूछ रहे थे कि कहीं ये उन्हें ही तो नहीं कहा गया था। गेमर्स ने बताया कि स्पोर्ट्स में भारत हमेशा से आगे रहा है, 1983 का वर्ल्ड कप भारत नहीं जीतता या सचिन तेंदुलकर नहीं आते तो क्रिकेट को भी लोग भूल जाते।

गेमिंग को लेकर रेगुलरटोरी बॉडी पर उन्होंने कहा कि रेगुलेट शब्द ठीक नहीं होगा क्योंकि सरकार की आदत होती है हर चीज को दबाने की, लेकिन दूसरा रास्ता है उस चीज को समझ कर ढाँचा बनाना और प्रतिष्ठा बनाना ताकि बुरा करने वाले ऐसा न कर पाएँ। उन्होंने 2047 तक मध्यमवर्गीय परिवारों की ज़िंदगी से सरकार के बाहर निकलने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि उसका जीवन कागज लाने-ले जाने में बीत जाती है, जबकि सरकार का काम है गरीबों की मदद करना।

गेमिंग बनाम गैंबलिंग के पीएम मोदी के सवाल पर गेमर्स ने कहा कि लूडो नहीं बल्कि चेस जैसी गेम्स वो खेलते हैं जिनमें मेन्टल स्किल भी चाहिए। पीएम मोदी ने गेमर्स को सलाह दी कि वो बच्चों को सही रास्ते पर ले जाएँ। गेमर्स ने बताया कि बचे कहते हैं कि उन्हें उनके जैसा बनना है तो वो कहते हैं कॉलेज-जॉब सब करो, दुनियादारी छोड़ कर नहीं करना है। गेमर्स ने याद दिलाया कि कैसे 2020 में पीएम मोदी ने भारत के इर्दगिर्द गेम्स बनाने की सलाह दी थी, उन पर गेम्स बन रहे हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान पंचतंत्र को लेकर माइड अप्लाई करने की सलाह देते हुए कहा कि पश्चिमी गेमों में मारो-काटो जैसी चीजें रहती हैं। गेमर्स ने बताया कि भारतीय माइथोलॉजी के इर्दगिर्द गेम्स बन रहे हैं। क्लाइमेट चेंज या स्वच्छता को लेकर गेम्स बनाने के पीएम मोदी के सवाल पर पायल धरे ने उन्हें भारत का सबसे बड़ा इन्फ्लुएंसर करार दिया। गेमर्स ने भारत में गेमिंग स्टूडियोज बनाने की सलाह दी। गेमर्स ने भारतीय संस्कृति के इर्दगिर्द गेम्स डेवेलोप होने पर जोर दिया।

इस दौरान गेमर्स ने गेमिंग डिक्शनरी की बात की, यानी वो टर्म्स जिससे आसानी से संचार हो। उसी में ‘Noob’ शब्द का जिक्र आया, तो पीएम मोदी ने कहा कि वो रैली में ये शब्द बोलेंगे Noob तो सब समझ जाएँगे वो किसके लिए बोल रहे। उन्होंने इस दौरान P2G2 का जिक्र किया – प्रो पीपल, गुड गवर्नेंस। इस दौरान गेमर्स ने ‘Grind’ शब्द के बारे में बताया, यानी मेहनत करना, गेमिंग की एक-एक चीज सीखना। वो G2G का इस्तेमाल करते हैं, यानी बीच में ब्रेक लेने कहीं जाना है तो – Got To Go.

इसी तरह किसी ने बुला दिया तो ‘AFK’, यानि Away From Keyboard का इस्तेमाल करते हैं – इसका अर्थ होता है मैं कहीं बीच में जा रहा हूँ, आपलोग सँभाल लो। पायल धरे ने नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे कूल प्रधानमंत्री करार दिया। उमर के अंतर पर पीएम मोदी ने कहा कि मीडिया में सब सच नहीं आता, वो कलर कर के बाल व्हाइट रखते हैं ताकि लोगों को लगे कि वो मैच्योर्ड हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान कई गेम्स पर भी हाथ आजमाए, गेमर्स ने कहा कि वो बहुत जल्दी काफी कुछ सीख गए। पीएम मोदी ने हँसी-मजाक में कहा, “भगवान करे मुझे इसकी नज़र न लगे।”

इस दौरान गेमर्स ने ये भी बताया कि वो ‘नमो OP’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, ‘नरेंद्र मोदी Overpowered’. गेमर्स ने अपनी कम्युनिटी के लिए कुछ चीजों पर पीएम के हस्ताक्षर भी लिए। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वो सबको सलाह दें कि लोग अपनी मातृभाषा में साइन करें। गेमर्स ने कहा कि ये क्षण भारतीय गेमिंग का शीर्ष क्षण है। अंत में वो सब खुश नज़र आए और कहा कि ये उनके लिए गर्व का क्षण है, उन्हें अब तक यकीन नहीं हो रहा कि प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात हुई है।