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‘राम मंदिर जाने की क्या आवश्यकता है?’: पाटलिपुत्र से चुनाव लड़ रही लालू यादव की बेटी के विवादित बोल, कहा – प्राण प्रतिष्ठा में केवल पूंजीपतियों को बुलाया

राजद सुप्रीमो लालू यादव ने अपनी सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती को बिहार की पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से 2024 के चुनाव में पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। उनका सामना भाजपा के रामकृपाल यादव से है, जो उन्हें 2014 और 2019 में भी हरा चुके हैं। पटना नगर निगम के डिप्टी मेयर रहे रामकृपाल यादव पटना लोकसभा क्षेत्र से भी 3 बार सांसद रहे हैं। अब चुनाव प्रचार के दौरान मीसा भारती ने अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दे दिया है।

मीसा भारती ने कहा, “राम मंदिर जाने की क्या आवश्यकता है, हमारे सोनपुर में हरिहर बाबा का मंदिर है। वहाँ से मेरा पूरा परिवार पूजा कर के और आशीर्वाद लेकर निकला है। अभी चुनाव चल रहा है। मैं मंदिर भी जाऊँगी, राम मंदिर भी इसी देश में है। राम तो हमारे भी राम है, वो केवल मोदी जी के राम नहीं हैं।” बता दें कि हरिहरनाथ मंदिर सोनपुर में स्थित है। बता दें कि इससे पहले वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल भेजने की भी बात कर चुकी हैं।

मीसा भारती वही पुराना प्रोपेगंडा दोहराया कि चारों शंकराचार्यों को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं बुलाया गया था, सारे पूंजीपतियों को वहाँ बुलाया गया था। जबकि सच्चाई ये है कि श्रृंगेरी एवं कांची मठ के शंकराचार्यों ने राम मंदिर उद्घाटन समारोह का स्वागत किया था, कार्यक्रम में कई गरीब आम लोग, खासकर कारसेवक भी आए थे। उन्होंने पाटलिपुत्र निर्वाचन क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर, गाँधी आश्रम और लाइब्रेरी बनवाने का भी वादा किया।

याद दिलाते चलें कि अबकी रामनवमी के अवसर पर बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को रामलला का ‘सूर्य तिलक’ भी किया जाना है, जिसके लिए IIT रुड़की के विशेषज्ञों ने तकनीक तैयार की है। जहाँ तक पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र का सवाल है, ये वही सीट है जहाँ से लालू यादव को 2009 में अपने ही पुराने साथी रंजन यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वहीं अगले ही चुनाव में रंजन यादव तीसरे स्थान पर घिसक लिए। दोनों बार उन्होंने जदयू से चुनाव लड़ा था।

हेल्थ ड्रिंक नहीं है बॉर्नविटा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाओ: सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

बॉर्नविटा कोई हेल्थ ड्रिंक नहीं है। सरकार ने ऐसा कोई गाइडलाइन नहीं जारी किया है। बॉर्नविटा ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी पदार्थों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से एनर्जी ड्रिंक्स की कैटेगिरी से हटाने के लिए कहा गया है। सरकार ने इस बारे में बाकायदा नोटिफिकेशन जारी किया है और कहा है कि इस आदेश को फौरन माना जाए।

केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों से बॉर्नविटा (Bourn Vita) को हेल्दी ड्रिंक कैटेगरी से हटाने से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक सभी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स को अपने प्लेटफॉर्म पर बॉर्नविटा (Bourn Vita) समेत सभी पेय पदार्थों को हेल्दी ड्रिंक कैटेगरी से बाहर रखने के लिए कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में कहा- राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा (3) के तहत गठित एक निकाय ने जाँच किया। इस जाँच में पाया गया कि यह हेल्दी ड्रिंक के परिभाषा के अनुरूप नहीं है। हेल्दी ड्रिंक्स को खाद्य सुरक्षा प्रणाली (एफएसएस) अधिनियम 2006 के तहत परिभाषित किया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियों/पोर्टलों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी साइटों/प्लेटफॉर्मों से बॉर्नविटा सहित पेय/पेय पदार्थों को “हेल्दी ड्रिंक” की श्रेणी से हटा दें।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को डेयरी-आधारित, अनाज-आधारित या माल्ट-आधारित पेय पदार्थों को “हेल्दी ड्रिंक” या “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में लेबल नहीं करने का निर्देश दिया था। ऐसा इसलिए है क्योंकि “हेल्दी ड्रिंक” शब्द को देश के खाद्य कानूनों में परिभाषित नहीं किया गया है। ऐसे में गलत शब्दों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि ‘हेल्थ ड्रिंक’ शब्द एफएसएस अधिनियम 2006 या खाद्य उद्योग को नियंत्रित करने वाले इसके नियमों और विनियमों के तहत परिभाषित या मानकीकृत नहीं है। इसके अतिरिक्त ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ शब्द की अनुमति सिर्फ कार्बोनेटेड और नॉन-कार्बोनेटेड पानी-आधारित स्वादयुक्त पेय जैसे उत्पादों के लिए ही है।

दमिश्क में धमाका, रवाना हुए अमेरिका के युद्धपोत, लेबनान ने इजरायल पर बरसाए रॉकेट: ईरान को बायडेन की चेतावनी के बीच ‘वर्ल्ड वॉर III’ की आहट

सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ है। यह धमाका ईरान और इजरायल के बीच चल रही तल्खियों के समय में हुआ है। अमेरिका ने इस युद्ध की आशंका के चलते अपने जहाजों को इजरायल के समर्थन में भेजना चालू कर दिया है। यह तनाव 1 अप्रैल, 2024 को ईरानी दूतावास पर दमिश्क में हमले के बाद चालू हुआ था।

सीरिया में हुए इस धमाके में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। हालाँकि, इस धमाके के कारण आसपास कुछ नुकसान पहुँचा है, ऐसा बताया जा रहा है। इस धमाके के पीछे कौन संगठन है, इस विषय में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 1 अप्रैल, 2024 को दमिश्क में ही ईरानी दूतावास के एक हिस्से पर इजरायल ने हवाई हमला किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम सीमा पर है। ईरान के इस हमले के बाद बदला लेने की बात कही जा रही है। सीरिया की असद सरकार के पीछे ईरान का ही समर्थन माना जाता है।

ईरान के दूतावास में हुए हमले में कई बड़े ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए थे। हमले के बाद लगातार यह आशंका बनी हुई है कि ईरान या तो खुद या अपने नियंत्रण वाले लड़ाका समूहों के माध्यम से इजरायल पर बड़ा हमला करवा सकता है। ईरान पर ऐसा ना करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव भी है लेकिन जनता के गुस्से को शांत करने के लिए उसके कोई कार्रवाई करने के कयास लग रहे हैं।

ईरान के हमले की आशंका के बीच लेबनान में अपना दखल रखने वाले इस्लामी आतंकी समूह हेज्बोल्लाह ने इजरायल पर राकेट हमले तेज कर दिए हैं। वह इजरायल की तरफ लगातार राकेट दाग रहा है। हेज्बोल्लाह के पीछे भी ईरान का ही समर्थन माना जाता है।

इजरायल और ईरान के बीच पहले से ही तनाव काफी ज्यादा है। यह तनाव 7 अक्टूबर को इस्लामी आतंकी समूह हमास के इजरायल पर हमले के बाद बढ़ा था। इसमें दमिश्क में हुई कार्रवाई ने और तेजी ला दी। अमेरिका इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी चिंता जताई है कि इजरायल पर जल्द हमला होना है। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी भी दी है। उसने कहा है ईरान हमला करने की सोचे भी मत। अमेरिका ने कहा कि इजरायल की सुरक्षा के लिए वह प्रतिबद्ध है और ईरान को वह सफल नहीं होने देगा। कहा जा रहा है कि यह तृतीय विश्व युद्ध में बदल सकता है।

इजरायल ने इस हमले को लेकर अपनी तैयारियाँ मजबूत कर दी हैं। इजरायल ने अपनी सैन्य तैयारियाँ बढ़ा दी हैं और अमेरिका भी इजरायल की मदद को आगे आया है। अमेरिका ने अपने युद्धपोत इजरायल की तरफ भेजना चालू कर दिए हैं ताकि हमले की स्थिति में तुरंत जवाब दिया जा सके।

तनाव के इस माहौल के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। भारत ने अपने नागरिकों से दूतावास के सम्पर्क में रहने को कहा था। भारत ने कहा था कि नागरिक अगली सूचना तक ईरान और इजरायल की यात्रा ना करें।

15 साल की दलित नाबालिग को उठा ले गए अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा: 3 दिनों तक किया गैंगरेप, फिर इस्लाम में धर्मांतरण और जबरन निकाह

उत्तर प्रदेश के बहराइच में मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने एक हिंदू नाबालिग लड़की का अपहरण करके उसे बंधक बना लिया और तीन दिनों तक उसके गैंगरेप किया। इतना ही नहीं, इन युवकों ने इस लड़का का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराकर एक मुस्लिम से निकाह करा दिया। किसी तरह उनके कब्जे से छूटकर भागी युवती ने पुलिस में शिकायत कराई, उसके बाद से परिवार को धमकी दी जा रही है।

घटना लगकर दो माह पुरानी है। मामला सामने आने के बाद बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला ने पीड़ित परिवार के घर जाकर पूरे परिवार से मुलाकात की है। इसके साथ ही सभी आरोपितों- अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपितों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।

मामला बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र के एक गाँव का है। बताया जा रहा है कि दलित समुदाय से आने वाली पीड़िता की माँ बोल नहीं सकती है और वह मायके में अपनी 15 साल की नाबालिग बेटी के साथ रहती है। पीड़िता ननिहाल में अपनी माँ और नानी की देखभाल करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 फरवरी को पीड़िता अपने खेत में काम करके घर लौट रही थी।

इसी दौरान उसके घर के पास रहने वाले अनीस, सद्दाम, मोहिद्दीन, अलीम और बउरा उसे उठाकर अपने साथ ले गए। किसी अज्ञात गाँव में रखकर उसके साथ तीन दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया। इसके बाद आरोपितों ने एक मौलवी बुलाकर उसका जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह करा दिया। इधर परिवार के लोग नाबालिग को खोजते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

इसी बीच आरोपितों ने शिकायत नहीं करने की शर्त पर पीड़ित को बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर छोड़ गए। घर पहुँचकर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना के बारे में परिजनों को बताया, लेकिन लोक-लाज और इन दबंगों के डर से वे सभी चुप रहे। दो महीने बाद आरोपित पीड़िता को अपने साथ जबरन भेजने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान नाबालिग को अपने साथ ले जाने की कोशिश भी की।

आरोपितों ने परिवार को धमकी दी कि अगर नाबालिग को उसके साथ नहीं भेजेंगे तो वे उसकी और परिवार की हत्या कर देंगे। इतना ही नहीं, आरोपितों ने दुस्साहस करते हुए 10 अप्रैल 2024 को किशोरी के मामा पर भी हमला कर दिया। इस घटना के बारे में जब पीड़िता की मौसी को पता चला तो उसने ऑनलाइन एसपी को शिकायत भेजी। इसके बाद एसपी के निर्देश पर थाना हरदी में मुकदमा दर्ज किया गया।

शिकायत मिलने के बाद एसपी वृंदा शुक्ला पीड़ित परिवार के घर गईं। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही पाँचों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप, पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट, धर्म परिवर्तन समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग का मेडिकल भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बाकियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

फरार आरोपियों की तलाश में सर्विलांस, एसओजी, थाना पुलिस सहित कई टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस और अन्य अधिकारियों ने पीड़िता और उसके परिजनों के साथ ही गाँव वालों से भी इस संबंध में पूछताछ की। आरोपितों के कुछ परिजनों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि वह साक्ष्य जुटा रही है और इस मामले में जल्दी ही और खुलासा किया जाएगा।

‘भारत माता की जय’ कहने के लिए कॉन्ग्रेस MLA को लेनी पड़ी अध्यक्ष खड़गे की अनुमति: वीडियो वायरल होने के बाद बोली BJP – कॉन्ग्रेस में सांस्कृतिक विभाजन

क्या कॉन्ग्रेस पार्टी में ‘भारत माता की जय’ बोलना अपराध है? ये सवाल इसीलिए पूछे जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी की रैली में ‘भारत माता की जय’ बोलने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है। दरअसल, कर्नाटक के कलबुर्गी में शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को कॉन्ग्रेस की रैली थी। इस दौरान विधायक लक्ष्मण सावदी ने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अनुमति माँगी। इसके बाद भाजपा ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

सोशल मीडिया में भी इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। लक्ष्मण सावदी कर्नाटक के बेलगाम स्थित अथानी सीट से चौथी बार विधायक बने हैं। वो विधान परिषद के भी सदस्य रहे हैं। BS येदियुरप्पा की भाजपा सरकार में उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण वो कॉन्ग्रेस में चले गए। अब ‘भारत माता की जय’ बोलने के लिए भी उन्हें अनुमति लेनी पड़ती है। वीडियो के कारण पूरी पार्टी की फजीहत हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान MLA लक्ष्मण सावदी ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, “मुझे उम्मीद है कि खड़गे साहब इसे गलत नहीं समझेंगे। मैं ‘भारत माता की जय’ कहूँगा और आप सब मेरे बाद जोर से इसे दोहराइए।” कर्नाटक में BJP के प्रदेश अध्यक्ष BY विजयेंद्र ने इस घटना पर निशाना साधते हुए कहा है कि कॉन्ग्रेस के भीतर एक सांस्कृतिक विभाजन है, ‘भारत माता’ की प्रशंसा करने पर पार्टी में अपराधबोध का सामना करना पड़ता है, स्पष्टीकरण देना पड़ता है।

BY विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवादी आदर्शों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रखती है। उन्होंने इसे एक दयनीय और खतरनाक स्थिति करार दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण सावदी ने राष्ट्रभक्ति प्रदर्शित करने के लिए एक निरर्थक प्रयास किया है। कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष R अशोक ने कहा कि कर्नाटक के मंत्री और मल्लिकार्जुन के बेटे प्रियंक ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ वालों का समर्थन करते हैं, इसीलिए ‘भारत माता की जय’ कहने के लिए हिचकिचाहट होती है।

‘संजय अग्रवाल’ और ‘उदय दास’ बन कर रुके थे मुस्सविर और अब्दुल, NIA ने 10 दिन के लिए रिमांड पर लिया: रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के आतंकियों ने बनवाए थे फर्जी आधार कर्ड

रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले में 42 दिनों की जाँच के बाद राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से दो आतंकवादियों – मुस्सविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मथीन ताहा को गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बताया कि शाजिब और ताहा कोलकाता से 184 किलोमीटर दूर पूर्वी मेदिनीपुर के दीघा के एक होटल में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर फर्जी पहचान के साथ रुके थे। उन्होंने खुद को संजय अग्रवाल और उदय दास बताया था।

तीन दिनों के ट्रांजिड रिमांड के बाद कोर्ट ने दोनों आतंकवादियों की एनआईए रिमांड मंजूर कर ली और दोनों को 10 दिनों की एनआईए रिमाँड मंजूर कर ली। बता दें कि दोनों आतंकियों ने धमाके के बाद कर्नाटक छोड़ दिया था और पश्चिम बंगाल में छिपे थे। इसके बाद वो लगातार जगह बदल रहे थे और किसी तरह से भारत से बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे। जाँच एजेंसियाँ इन आतंकियों के विदेशी लिंक भी तलाश रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए ने शुक्रवार ( 12 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले से दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। दोनों आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसी ने कोलकाता की कोर्ट में पेश कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु ले आई। दोनों आतंकवादियों को जाँच और पूछताछ के बाद फिर से शनिवार (13 अप्रैल 2024) को कोर्ट में पेश किया गया है, जहाँ से अदालत ने दोनों को 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया है।

एनआईए ने बताया कि अब्दुल मथीन अहमद ताहा और मुस्सविर हुसैन शाजिब को कोलकाता से लगभग 190 किलोमीटर दूर पूर्व मेदिनीपुर जिले की दीघा कस्बे के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। ताहा विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का मास्टरमाइंड था और शाजिब ने कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था। एजेंसी ने बताया कि एनआईए बेंगलुरु कैफे ब्लास्ट के साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की पिछले पाँच साल से तलाश कर रही थी।

दोनों ही आतंकवादी कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं। इसमें से ताहा आईएसआईएस का काफी अहम ऑपरेटिव है, जो नवंबर 2022 के मंगलुरु प्रेशर कुकर बम, 2022 शिवमोग्गा ट्रायल ब्लास्ट और 2020 में अल-हिंद मॉड्यूल से भी जुड़ा रहा है। वो पहचान बदलने में माहिर है और कई बार कर्नल की पहचान के साथ भी लोगों से मुलाकात की थी।

शाजिब और ताहा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद दोनों आतंकवादियों का नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। दोनों को एक गेस्ट हाउस में चेक करते देखा जा सकता है, जो कि कोलकाता के एकबालपुर में स्थित बताया जा रहा है। शाजिब और ताहा ने 25 मार्च को इस गेस्ट हाउस में चेक इन किया था और तीन दिनों तक वहाँ रुके थे। उन्होंने कर्मचारियों को बताया था कि वे कर्नाटक और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।

होटल के रिसेप्शनिस्ट अशरफ अली ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया , “वे 25 मार्च को आए और अपना पहचान पत्र दिखाया और हमने उन्हें एक कमरा दिया। उन्होंने 28 मार्च को होटल से चेकआउट किया। जब एनआईए के अधिकारी पहुँचे, तो उन्होंने एंट्री रजिस्टर देखा और जाँच शुरू की।”

गिरफ्तारी से पहले दोनों पिछले चार दिनों से न्यू दीघा के एक लॉज में रह रहे थे। उन्होंने बंगाल में कई बार अपनी जगह बदली थी। शाजिब ने कोलकाता के दो होटलों में महाराष्ट्र के पालघर के यशा शाहनवाज पटेल के फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। जबकि ताहा ने एक होटल में कर्नाटक के विग्नेश बीडी और दूसरे में अनमोल कुलकर्णी जैसे नकली नामों का इस्तेमाल किया था। फिर दूसरे होटल में उन्होंने क्रमशः झारखंड और त्रिपुरा के रहने वाले संजय अग्रवाल और उदय दास की पहचान ली।

खास बात ये है कि इन आतंकवादियों ने खुद को सरकारी एजेंसियों से बचाने के लिए खास पैटर्न का इस्तेमाल किया। दोनों ने 42 दिनों तक खुद को छिपाने के लिए सिर्फ गेस्ट हाउस या निजी लॉज में ही रुकने को वकीयता दी, क्योंकि यहाँ पर कागजों की जाँच कम के कम की जाती है।

सीएनएन-न्यूज18 ने जाँच अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों की व्यवस्था की। ये बताया जा रहा है कि शाजिब, ताहा और एक अन्य संदिग्ध शरीफ सभी आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े हैं। उनकी बेंगलुरु में नवंबर 2023 में हुए धमाके में भी तलाश की जा रही थी। ताहा आईएसआईएस मॉड्यूल का काफी अहम आतंकी है और वो पेशे से इंजीनियर है। बता दें कि इन आतंकियों की गिरफ्तारी पर एनआईए ने 10-10 लाख का ईनाम भी रखा था।

गौरतलब है कि एक मार्च को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में 9 लोग घायल हो गए थे। पुलिस सूत्रों ने कहा था कि कैफे में टाइमर का उपयोग करके आईईडी बम धमाका किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा था कि एक व्यक्ति वहाँ बैग रखकर चला जाता है, जिसमें धमाका हो गया।

पाकिस्तान में दर्जन भर बंदूकधारियों ने बस से उतारकर 9 मजदूरों की हत्या की, विधायक के भाई की हत्या: सरकार ने बताया आतंकी हमला

पाकिस्तान में एक बार अज्ञात हमलावरों ने 11 लोगों की गोली मारकर हत्या है। क्वेटा में शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को हुई दो अलग-अलग आतंकी घटनाओं में लोगों को निशाना बनाया गया। मृतकों में 9 पंजाब के रहने वाले थे। वे क्वेटा से ताफ्तान जाने के लिए एक बस से यात्रा कर रहे थे। अज्ञात आतंकवादियों ने बस रोककर उन्हें बाहर निकाला और अपहरण कर लिया और फिर हत्या कर दी। इसकी जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है।

पुलिस ने अपहरण किए गए इन लोगों की तलाशी के लिए अभियान चलाया, लेकिन उनके शव एक पहाड़ी के पास पुल के नीचे पाए गए। इन सभी को गोली मारी गई थी। मारे गए लोग पंजाब के मंडी बहाउद्दीन, वजीराबाद और गुजरांवाला इलाकों के रहने वाले थे। नुश्की के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अल्लाह बख्श के अनुसार, ये सभी मृतक मजदूर थे। पाकिस्तान ने इसे आतंकी हमला कहा है।

पाकिस्तान की मीडिया संस्थान द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, नुश्की टीचिंग हॉस्पिटल के एमएस डॉक्टर जफर मेंगल ने कहा कि मृतकों के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोली मारी गई थी। वहीं, एक अन्य घटना में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं। इसमें एक व्यक्ति प्रांतीय असेंबली के सदस्य ग़ुलाम दस्तगीर बादिनी का भाई था।

नुश्की के डिप्टी कमिश्नर हबीबुल्लाह मुसाखेल ने कहा कि शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) की रात को एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों ने सुल्तान चढाई के पर क्वेटा-नुश्की-ताफ्तान NH 40 को अवरुद्ध कर दिया था। इसके बाद वाहनों की जाँच शुरू कर दी। एक कार को उन्होंने रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका तो उस पर गोलीबारी की।

गोली लगने से कार का टायर फट गया और कार पलट गई। कार पलटने से इसमें सवार विधायक के भाई की मौत हो गई। वहीं, चार अन्य सवार घायल हो गए। हबीबुल्लाह ने बताया कि उसी राजमार्ग पर आतंकियों ने एक बस को रुकवाया और उसमें सवार यात्रियों के पहचान पत्रों की जाँच की। इसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया। बाद में उन सबका शव बरामद किया गया।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने 11 लोगों की हत्या की निंदा की और कहा कि घटना में शामिल आतंकवादियों को माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमलों में शामिल आतंकवादियों का छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि कायद-ए-आजम के पाकिस्तान में ऐसी दुखद घटना के लिए कोई जगह नहीं है।

सिडनी के मॉल में 6 लोगों को चाकू गोद कर मार डाला: मृतकों में एक महिला और उसका बच्चा भी, पुलिस ने लॉकडाउन लगा कर शुरू किया ऑपरेशन

ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी के बॉन्डी जंक्शन पर खचाखच भरे वेस्टफील्ड शॉपिंग मॉल में एक शख्स शनिवार (13 अप्रैल 2024) को लोगों के अंधाधुन चाकू मारने लगा। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक शख्स, जिसकी पहचान अभी सामने नहीं आई है, उसने एक महिला और उसके बच्चे के अलावा एक दुकानदार को चाकू मार दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अपनी जान बचाने के लिए लोग कई दुकानों में घुसते हुए देखा गया। मॉल में हर तरफ खून बिखरा हुआ देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही सिडनी पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और घटना पर पहुँचकर पुलिस ने हमलावर पर गोली चलाई। इसकी जानकारी अभी तक सामने नही हालाँकि, पुलिस ने अभी उसकी पहचान उजागर नहीं की है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “जैसे ही मैंने शव देखे मैं नीचे की ओर भागा और पुलिस को ऊपर जाते हुए देखा। कुछ सेकंड के बाद मैंने गोलियों की आवाज सुनी।” सामने आए तस्वीरों में घटनास्थल पर एक पुलिस अधिकारी को मॉल की जमीन पर पड़े एक व्यक्ति के शरीर पर झुकते हुए देखा गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 6 और कुछ रिपोर्ट में चार बताई जा रही है।

इस घटना के बाद पुलिस ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है, “शाम 4 बजे (शनिवार 13 अप्रैल 2024) से ठीक पहले कई लोगों को चाकू मारने की रिपोर्ट के बाद वेस्टफील्ड बॉन्डी जंक्शन पर आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया था। घटना के संबंध में पूछताछ जारी है। लोगों को इस इलाके की यात्रा करने से बचना चाहिए।”

एनएसडब्ल्यू पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऐसी खबरें थीं कि कई लोगों को चाकू मारा गया है और एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। बाद में पता चला कि यह गोली पुलिस ने चलाई थी। उन्होंने कहा, “पैरामेडिक्स घटनास्थल पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में शॉपिंग सेंटर के बाहर लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार यह लॉकडाउन में है।

एबीसी रिपोर्टर दानुता कोज़ाकी ने एक्स पर कहा कि एनएसडब्ल्यू पुलिस मॉल के छत वाले क्षेत्र की तलाशी ले रही थी और वेवर्ली काउंसिल ने एक्स पर पोस्ट किया कि मॉल में कई छुरा घोंपने की खबरें थीं। बयान में कहा गया, “एक पुलिस ऑपरेशन वर्तमान में चल रहा है।”

‘बकवास है फेमिनिज्म, इसने समाज को बर्बाद किया’: नोरा फतेही बोलीं – महिला-पुरुष दोनों को एक-दूसरे की ज़रूरत, पश्चिमी देशों में हालात खराब

मोरक्को से भारत में आकर अपना एक्टिंग करियर चमकाने वाली अभिनेत्री नोरा फतेही नारीवाद पर जम कर बरसी हैं। उन्होंने कहा है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस बकवास में विश्वास नहीं करती कि महिलाओं को किसी की जरूरत नहीं होती।

नोरा फतेही ने बियरबाइसेप्स के साथ किए गए एक पॉडकास्ट में फेमिनिज्पमर अपनी बात कही। फतेही ने कहा, “महिलाओं और पुरुषों, दोनों को एक दूसरे की जरूरत है। मुझे किसी की जरूरत नहीं है और फेमिनिज्म ये वो, मैं इस बकवास में बिलकुल विश्वास नहीं करती। मुझे लगता है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है।”

नोरा फतेही ने फेमिनिज्म के विचारों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा,”मुझे लगता है कि शादी ना करना, पूरी तरीके से आत्मनिर्भर होने की बात करना, बच्चे ना पैदा करना और घर में महिला-पुरुष के काम अलग ना करना, मैं इन सब आईडिया में विश्वास नहीं करती।” आप उनकी यह बातचीत नीचे लगे वीडियो में 1 घंटे 7 मिनट के बाद से सुन सकते हैं।

फतेही ने कहा कि महिला में लालन पालन और पुरुष घर का खर्च चलाने वाला है, यह बात सही है। फतेही ने कहा,”महिलाओं को बिल्कुल काम पर जाना चाहिए और आत्मनिर्भर होना चाहिए लेकिन एक सीमा तक। उन्हें एक माँ और पत्नी होने का रोल भी निभाना पड़ेगा, जैसे एक आदमी को घर का खर्च चलाने और पिता का रोल अदा करने के लिए तैयार करना होगा।”

नोरा फतेही ने कहा कि इस विचार को पारंपरिक तरीके की सोच कहा जाता है लेकिन मुझे लगता है कि यही सही सोच है। फतेही ने कहा कि इसे फेमिनिज्म ने इसे आजादी, सब एक जैसे हैं जैसे नाम देकर बिगाड़ दिया है। फतेही ने कहा कि महिला और पुरुष बराबर हैं लेकिन समाज में उनके रोल को लेकर बराबर नहीं है।

नोरा फतेही ने इस वीडियो में कहा कि हमें फेमिनिज्म के विषय में छोटे पर से न्यूज और टीवी के जरिए सिखाया गया है। फतेही ने कहा कि भारत में तो इसकी स्थिति फिर भी सही है लेकिन पश्चिमी देशों में हाल खराब है।

उन्होंने कहा कि वहाँ हमें सिखाया गया कि जो पुरुष महिलाओं को 9 से 5 की नौकरी नहीं करने देते वो पितृसत्तात्मक है, जो आपको बाहर जाकर संघर्ष नहीं करने दे रहे वो खराब हैं, एक माँ बनना खराब है। फतेही ने कहा कि लेकिन अब इस पर लोग प्रश्न खड़े कर रहे हैं कि इसने परिवार की संस्था को बर्बाद कर दिया है।

नोरा फतेही ने कहा कि फेमिनिज्म एक दम मजहब की तरह है। उन्होंने कहा कि वैसे तो यह अच्छा है लेकिन जब यह कट्टर हो जाता है तब खराब होता है। फतेही ने कहा कि पिछले 20 सालों में फेमिनिज्म भी एकदम कट्टर हो गया है और हम इसके परिणाम देख रहे हैं।

दान कर दी ₹200 करोड़ की संपत्ति, गुजरात के इस कारोबारी ने पत्नी समेत लिया संन्यास: भिक्षा माँग कर खाएँगे, बेटे-बेटी पहले से इसी रास्ते पर

गुजरात के साबरकाँठा के रहने वाले व्यापारी भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी ने सबकुछ त्याग कर जैन धर्म की दीक्षा लेने का फैसला किया है। उन्होंने अपनी 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति को दान कर दी है। भावेश भाई भंडारी, उनकी पत्नी समेत कुल 35 लोग एक साथ साबरकांठा के हिम्मत नगर रिवर फ्रंट पर 22 अप्रैल को दीक्षा लेकर भिक्षुक बन जाएँगे। अब वो कोई भी संपत्ति नहीं रख पाएँगे, यहाँ तक कि मोबाइल फोन भी।

साल 2022 में भावेश भाई भंडारी के 16 साल के बेटे और 19 साल की बेटी ने भी संन्यास ले लिया था। इस घटनाक्रम के दो साल बाद अब भावेश भाई और उनकी पत्नी ने संन्यासी जीवन अपनाने का फैसला किया है।

सन्यास से पहले 200 करोड़ की संपत्ति की दान, निकली शोभा यात्रा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संन्यासी बनने जा रहे भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी की साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। ये यात्रा लगभग 4 किलोमीटर लंबी थी। इसी शोभा यात्रा में भावेश भाई ने अपनी सारी संपति 200 करोड़ रुपये दान में दे दी है। उन्होंने अचानक दीक्षार्थी बनने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अप्रैल को हिम्मतनगर रिवर फ्रंट पर भावेश भाई और उनकी पत्नी समेत 35 लोग संयमित जीवन जीने का संकल्प लेने वाले हैं।

बेटा-बेटी ने भी दो साल पहले ली थी दीक्षा

भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी से पहले साल 2022 में उनके 16 साल के बेटे और 19 साल की बेटी ने भी जैन समाज में दीक्षा ली थी। दोनों भाई-बहनों ने संयमित जीवन जीने का फैसला किया था और अब अपने बेटे और बेटी से प्रेरित होकर भावेश भाई और उनकी पत्नी ने सन्यासी बनने का फैसला कर लिया है।

भावेश भाई भंडारी के परिवार का हमेशा से जैन शिक्षा की तरफ झुकाव रखता है। अक्सर इनके परिवार की मुलाकात दीक्षार्थियों और गुरुजनों से होती रहती थी। भावेश भाई और उनकी पत्नी दीक्षा लेने के बाद अपना बाकी का जीवन भिक्षा माँगकर गुजारा करेंगे। इतना ही नहीं इनको पंखा, एसी, मोबाइल फोन जैसी सारी सुख-सुविधाएँ भी त्यागनी पड़ेगी। वो अब जैन धर्म के प्रचार के लिए नंगे पाँव पूरे देश की यात्रा पर भी निकलेंगे।