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संदेशखाली के अत्याचार, केंद्र की योजनाओं पर ब्रेक, केंद्रीय एजेंसियों पर हमले… जलपाईगुड़ी में PM मोदी ने बंगाल की ममता सरकार का किया हिसाब, कहा- TMC को सबक सिखाना जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के नवादा में रैली के बाद पश्चिम बंगाल जलपाईगुड़ी पहुँचे। जलपाईगुड़ी में रविवार (07 अप्रैल 2024) को पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी व कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी भाषण की शुरुआत में जलपाईगुड़ी में आए तूफान का जिक्र कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि संदेशखाली में माताओं बहनों के साथ हुए अत्याचार को पूरे देश ने देखा है। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने टीएमसी को कानून और संविधान को कुचलने वाली पार्टी बताया।

पीएम मोदी के निशाने पर रही टीएमसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “देश के हर गरीब का सशक्तिकरण बीजेपी सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन गरीब कल्याण की मोदी की योजनाओं पर यहाँ की टीएमसी सरकार ब्रेक लगा देती है। टीएमसी सरकार ने चाय बगानों को, चाय इंडस्ट्री को अपने हाल पर छोड़ दिया है। इसलिए इस चुनाव में टीएमसी को सबक सिखाना जरूरी है।” इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि वो देश के लिए 24×7 काम करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सपना देश को 2047 तक विकसित भारत बनाना है, इसके लिए मैं 24×7 काम करता हूँ।

पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी चाहती है कि उसके तोलाबाजों को, भ्रष्टाचारी नेताओं को आतंक का खुला लाइसेंस मिले। इसलिए जब केंद्र की जाँच एजेंसियाँ यहाँ आती हैं, तो टीएमसी उन पर हमले कराती है। उन्होंने कहा, “संदेशखाली में क्या हुआ? ये पूरा देश जान चुका है। वहाँ माताओं-बहनों के साथ कितना बड़ा अत्याचार हुआ है, ये पूरे देश ने देखा है। हालात ये है कि हर मामले में यहाँ कोर्ट को दखल देना पड़ता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज जब भाजपा की मजबूत सरकार ने आर्टिकल-370 की दीवार को हटा दिया, तो कॉन्ग्रेस को दर्द हो रहा है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी देश के दूसरे राज्यों में कश्मीर की बात क्यों करता है…. दूसरे राज्यों का कश्मीर से क्या लेना-देना। कॉन्ग्रेस के लिए कश्मीर कुछ नहीं, लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के लिए कश्मीर, माँ भारती के मस्तक समान है। कश्मीर भारत का गौरव है।”

पीएम मोदी ने लोगों से पूछा, “क्या संदेशखाली के अपराधियों को कड़ी सजा होनी चाहिए कि नहीं, उनकी जिंदगी जेलों में जानी चाहिए। क्या राशन घोटाले, टीचर भर्ती घोटाला करने वालों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं, मैं आज बंगाल की धरती से गारंटी देता हूँ, जिन लोगों ने भ्रष्टाचार के पैसे जमा किए हैं। ईडी ने 3 हजार करोड़ रुपए अटैच करके रखी है, मैं एडवाइस ले रहा हूँ, जो सरकारी नौकरी में लोगों के पैसे गए। ये पैसे में गरीबों को वापस करवाउँगा।”

प्रधानमंत्री मोदी 3 दिन में दूसरी बार पश्चिम बंगाल पहुँचे हैं। इससे पहले 4 अप्रैल को उन्होंने कूचबिहार में रैली की थी। इसी दिन ममता बनर्जी ने भी कूचबिहार में ही रैली की थी। PM ने कहा था- संदेशखाली के दोषियों को मोदी सजा दिलवाकर ही रहेगा। उनकी बाकी जिंदगी जेल में ही कटेगी।

‘फ्लावर’ नहीं, ‘फायर’ हैं बीजेपी की यह महिला उम्मीदवार, कहा- बोगस वोटों से जीतते रहे हैं ओवैसी, इस बार 1.5 लाख वोट से हारेंगे

भाजपा ने इस बार AIMIM के गढ़ हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी के मुकाबले माधवी लता को उतारा है। माधवी लता कम समय में ही तेलंगाना से बाहर भी लोकप्रिय हो गई हैं और ‘इंडिया टीवी’ के शो ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा ने उनका इंटरव्यू भी लिया है। इसके क्लिप्स खासे वायरल हो रहे हैं। हैदराबाद में पिछले 40 वर्षों में 10 बार ओवैसी परिवार ही जीता है। 6 बार असदुद्दीन ओवैसी के पिता सुल्तान सलाहुद्दीन ने जीत दर्ज की। 4 बार असदुद्दीन इस सीट को जीत कर संसद पहुँच चुके हैं।

माधवी लता ने भगवान शिव के मंत्रोच्चार के साथ इस इंटरव्यू की शुरुआत की। जब रजत शर्मा ने उनसे पूछा कि उनके बारे में कहा जाता है कि वो फ्लावर नहीं फायर हैं (अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’ का डायलॉग) तो उन्होंने जवाब दिया कि वो माता रानी की आराधक हैं जो सीधी-सादी पार्वती बन कर पति की सेवा करती है, बच्चों का लालन-पालन करती है और फिर ज़रूरत पड़ने पर महिषासुरमर्दिनी भी बनती है, वो फ्लावर भी हैं और फायर भी।

हैदराबाद की उन गलियों में भी चुनाव प्रचार करना जहाँ कोई नहीं घुसते, वहाँ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ग़रीबों की मदद करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। वो चेंगिचेरला गई थीं, जहाँ होली खेलती महिलाओं पर अत्याचार हुए थे, नमाजियों ने पत्थर फेंक कर उनका सिर फोड़ दिया था। माधवी लता ने कहा कि उनके क्षेत्र में वो इलाका नहीं था फिर भी वो मदद करने गईं क्योंकि पीड़ित महिलाएँ थीं। उनकी गाड़ी को रोक दिया गया और कहा गया कि आप नहीं जा सकते।

फिर माधवी लता पैदल निकल गईं तो पुलिस वाले पीछे लग गए, उन्होंने कहा – “अम्मा, प्रणाम। आप गाड़ी लेकर निकलो।” बकौल माधवी लता, उन्हें देख कर फिर बैरिकेड डाल दिया गया। उन्हें देखते ही हिन्दू युवकों में हिम्मत आई। उन्होंने पुलिस को ललकारा और कहा कि जुल्म नहीं चलेगा। माधवी लता ने हल्के अंदाज़ में कहा कि कई लड़कों ने उनसे मार खाई है। उन्होंने बताया कि उनका घर लियाकतपुर के संतोषनगर में हुआ करता था। एक बाढ़ के दौरान उनके कई एल्बम बह गए थे।

उन्होंने बताया कि बचपन से लेकर अब तक उनका क्षेत्र वैसा ही है, वहाँ कुछ नहीं बदला। बारिश के बाद वही हालत होती है, राजनीति इतनी ‘सेक्युलर’ है कि वहाँ के मुस्लिम भी ग़रीब हैं। माधवी लता ने 80 के दशक में हुए दंगों को याद करते हुए कहा कि पुरुष बाहर पहरा देते हैं, महिलाएँ सो नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा कि वो मदरसों की भी मदद करती हैं, लेकिन वो कहते हैं कि किसी को ये पता न चले क्योंकि उन्हें धमकी आती है। उन्होंने कहा कि वो महिलाओं से कहती हैं कि वो बच्चे पैदा करें, लेकिन भोजन-कपड़ा-पढ़ाई दे पाएँ तभी।

माधवी लता ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के लोग उनकी टीम की थैलियों की तलाशी लेते थे, पूछते थे कि ये राशन कहाँ से आया है। माधवी लता के पति का नाम विश्वनाथ शर्मा है, जिन्होंने शादी का सारा खर्च स्वयं उठाया था। बकौल माधवी लता, भाजपा द्वारा हैदराबाद से लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने की खबर टीवी से पता चली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस युग का महायोगी बताते हुए कहा कि उनसे मिला बिना ही सिर्फ उनका काम देख कर, 20 वर्षों के उनके चैरिटेबल काम देख कर उन्हें टिकट मिला।

उन्होंने हजारों महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी भी करवाने में मदद की है। माधवी लता ने असदुद्दीन ओवैसी पर बोगस वोटों से जीतने का दावा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी दो-दो जगह वोटर आईडी बने पड़े हैं, ऐसे 1.60 लाख वोट्स हैं। उन्होंने असदुद्दीन ोविअसि पर बेईमानी से जीतने का आरोप लगाते हुए भविष्यवाणी की कि 1.50 लाख वोट से असदुद्दीन ओवैसी हार जाएँगे। माधवी लता ने कहा कि चुनाव आयोग के सामने कैसे असदुद्दीन ओवैसी ने जिस गाड़ी का नंबर दिया है वो किसी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है।

उन्होंने कागज़ात दिखाए कि इसी कंपनी पर आयकर-ED की छापेमारी हुई है, एक राजनीतिक दल को एक कारोबारी के माध्यम से बड़ी लेनदेन का पैदा लगा। उन्होंने बताया कि शास्त्रीपुरम में असदुद्दीन ओवैसी का 7 एकड़ में घर है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को बताया जाता है कि उनकी कमाई 10 लाख रुपए है, लेकिन बेटी की सगाई में 6 करोड़ रुपए खर्च किया जाता है। असदुद्दीन ओवैसी के बारे में उन्होंने बताया कि एक मुस्लिम लड़का उनके पास आया था जो काफी उदास था, उसने बताया कि वो MBBS के फाइनल ईयर में है।

माधवी लता ने उस पसमांदा लड़के को अपने अस्पताल में कार्डियोलाईजी में सीट दिलवाने का वादा किया, इस पर उस लड़के ने बताया कि जब वो मेडिकल पढ़ना चाह रहा था तो वो ओवैसी के पास मदद के लिए गया था। ओवैसी ने ‘देक्केन मेडिकल कॉलेज’ में एडमिशन के बदले 70 लाख रुपए माँगे, परिवार ने कहा कि वो अक्षम है तो उससे कहा कि तू मेडिकल मत पढ़, दुकान खोल। उन्होंने बताया कि असदुद्दीन के दादा अब्दुल वहीद को सांप्रदायिक दंगे भड़काने और घृणा के आरोप में 1957 में गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने असदुद्दीन के भाई अकबरुद्दीन के भाई का भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने हिन्दुओं का नरसंहार करने वाले रज़ाकारों की तारीफ़ की थी और कहा था कि उनके दादा-परदादा ने हिंदुस्तान के तोपों का सामना किया है। अकबरुद्दीन द्वारा ’15 मिनट के लिए पुलिस हटाने’ वाले बयान पर उन्होंने कहा कि अब अकबरुद्दीन का गढ़ हिलेगा। उन्होंने बताया कि कैसे असदुद्दीन ओवैसी डर फैलाते हैं कि अगर AIMIM नहीं जीती तो बीफ बैन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बैरिस्टर ने मैनिफेस्टो में मुस्लिमों के जीवन को इतना छोटा बना दिया है।

माधवी लता ने कहा कि उन्हें एक कार्यक्रम में त्रिशूल-डमरू भेंट किया गया था, वो अब वही रूप धारण करने वाली हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में हैदराबाद से भाजपा प्रत्याशी माधवी लता ने कहा कि मुग़ल विदेशी थे। उन्होंने AIMIM के करीबी लोगों पर मस्जिद तोड़ कर प्राइवेट पार्टी से हाथ मिला कर अपार्टमेंट्स बनवा कर पैसे बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी असदुद्दीन ओवैसी को भाई कहते हैं, पूर्व मुख्यमंत्री KCR मामा कहते हैं।

माधवी लता ने बताया कि मस्जिदों में खुल्लम-खुल्ला पर्ची बाँटे जाते हैं कि तेलंगाना में जहाँ AIMIM नहीं लड़ रही है वहाँ BRS-कॉन्ग्रेस को वोट दें। उन्होंने एक सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद पहलवान का नाम लिया, जो पहले असदुद्दीन ओवैसी के लिए काम करते थे। माधवी लता ने बताया कि वक्फ बोर्ड के कब्रिस्तान को तोड़ कर AIMIM वाले घर बनाने लगे थे तो इन्होंने आपत्ति की। बकौल माधवी लता, इसके बाद दंगे-फसाद हुए, माँ-बहन की गाली दी गई और अकबरुद्दीन ओवैसी को पीट दिया। परिणाम ये हुआ कि वो जेल में हैं।

माधवी लता ने महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए आई मोदी सरकार की ‘उज्ज्वला’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के सबको इसका लाभ दिया गया। बकौल माधवी लता, पीएम मोदी ग़रीबी जानते हैं और वो ये योजना इसीलिए लेकर आएँ क्योंकि वो चाहते हैं कि जो तकलीफ उनकी माँ ने देखे वो कोई और महिला न देखे। माधवी लता ने पसमांदा मुस्लिमों से जागने की अपील करते हुए कहा कि उन पर जुल्म किया जा रहा है।

माधवी लता ने कहा कि हैदराबाद में स्त्री-शक्ति एकत्रित हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही चाहते हैं। बुर्का-हिजाब के मुद्दे पर कहा कि पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं बेनजीर भुट्टो भी बिना बुर्के के रहती थीं। माधवी लता ने कहा कि जो मातृभूमि को माँ नहीं कह सकता वो खुद के कौम की महिलाओं की क्या देखरेख करेगा। बकौल पीएम मोदी, भड़काऊ भाषण देकर हिन्दू-मुस्लिमों को तोड़ा जा रहा है क्योंकि कुछ लोग चाहते कि दोनों एक हों।

जागरण में गया था परिवार, घर में घुसकर अनस कुरैशी ने एकता का रेत दिया गला: हत्या कर उसी की कार से भागा, एक्सीडेंट के बाद अस्पताल पहुँचा

मोहाली की एकता मुरादाबाद के रहने वाले अनस कुरैशी के साथ 4 साल से रिश्ते में थे। वो एक एमएनसी में काम करती थी। शनिवार की सुबह एकता का शव उसके ही घर में मिला। वो शुक्रवार की रात ड्यूटी पर गई थी, फिर रात 2.30 बजे अनस कुरैशी के साथ घर वापस आ गई थी। उसने अपने भाई रोहित को बताया था कि वो फैमिली के साथ जागरण में नहीं जाएगी, क्योंकि उसकी ड्यूटी है, लेकिन वो अनस के साथ घर आ रही है। ऐसे में जब सुबह घर वालों को पता चला कि एकता की सेलेरियो गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है, तो उन लोगों ने एकता को कॉल लगाया। एकता का कॉल न मिलने में सुबह सब लोग घर पहुँचे, तो उसका खून से सना शव पड़ा मिला। बाद में पता चला कि कार के साथ अनस का एक्सीडेंट हुआ, जो एकता की हत्या के बाद फरार हो रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की की पहचान एकता (27) के रूप में हुई है। वो यू.एस.ए. बेस्ड कंपनी में जनरल मैनेजर थी और मोहाली के सन्नी विहार एन्क्लेव में रहती थी। पुलिस ने मृतका के भाई रोहित के बयान पर मुरादाबाद के रहने वाले लड़की के बॉयफ्रेंड अनस कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित युवक अनस कुरैशी चंडीगढ़ में एक ढाबा चलाता था और वह करीब 4 वर्ष से लड़की के साथ रिलेशन में था। वो एकता के भाई रोहित की शादी में भी शामिल हो चुका था।

जानकारी के मुताबिक, किसी बात को लेकर अनस और एकता दोनों का झगड़ा हुआ था। इसके बाद अनस ने तेजधार हथियार से वार कर एकता की हत्या कर दी। इस वारदात तो अंजाम देने के बाद अनस एकता की गाड़ी लेकर भाग गया और उसका हरियाणा के शाहाबाद मरकंडा में एक्सीडेंट हो गया। इसके बाद जब हरियाणा पुलिस ने गाड़ी में मिले दस्तावेजों की जाँच कर लड़की के परिजनों को फोन किया तो उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने घर में युवती का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। वहीं सड़क हादसे में घायल आरोपी का चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने अनस के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। 

डीएसपी करण सिंह संधू ने कहा कि प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि मृतक लड़की एकता की हत्या उसके पुरुष मित्र अनस कुरैशी ने की है। उन्होंने बताया कि कुरैशी कल देर रात एकता के घर आया था और बाद में घटनास्थल से निकलते समय वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अनस को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

‘आपको कितने पैसे मिले थे लड़की को बदनाम करने के लिए’: जब पत्रकारों के सवाल से हुआ अजीत अंजुम का सामना तो चिचियाकर भागे, Video वायरल

अजीत अंजुम अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ YouTube पर प्रोपेगंडा फैलाने के लिए जाने जाते हैं। वो उस गिरोह का हिस्सा हैं, जो पीएम मोदी को ‘तानाशाह’ बता कर अपनी प्रासंगिता बनाए रखने की चेष्टा करता रहता है। हालाँकि, जब इस गिरोह के लोगों का खुद सवालों से सामने होता है तो वो भाग निकलते हैं। अजीत अंजुम से जब किसी पत्रकार ने सवाल पूछा तो उन्होंने उस पर ही जेल में बंद आसाराम से पैसे लेने का आरोप लगा दिया।

उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार को ‘आसाराम का चेला’ बता दिया। बदले में पत्रकारों ने भी उनसे पूछा कि उन्हें कितने पैसे मिले थे? एक पत्रकार ने पूछा, “आपको कितने पैसे मिले थे लड़की को बदनाम करने के लिए?” इस दौरान अजीत अंजुम पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार करते हुए लगातार उँगली बता-बता कर कुछ कुछ उलटा-सीधा बोलते रहे। इसके बाद वो कार में बैठ गए और ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इस तरह बार-बार पीएम मोदी से सवालों के जवाब की अपेक्षा रखने वाले अजीत अंजुम खुद एक सवाल से भाग खड़े हुए।

एक तरह से 2-4 पत्रकारों ने मिल कर अजीत अंजुम को वास्तविकता का भान करा दिया। ये वीडियो कब का है, ये अभी तक सामने नहीं आया है। हालाँकि, ऐसा लग रहा है जैसे ये हाल का ही वीडियो है। एक ट्विटर यूजर ने तो दावा कर दिया कि अजीत अंजुम को चिकेन-पकौड़ा की दुकान से खदेड़ दिया गया। असल में अजीत अंजुम का एक अपुष्ट ट्वीट वायरल होता है जिसमें उन्होंने योगी आदित्यनाथ के दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद पत्रकारिता छोड़ चिकेन-पकौड़ा का दुकान खोलने की बात कही थी।

हालाँकि, अजीत अंजुम दावा करते हैं कि उन्होंने कभी इस तरह का ट्वीट किया ही नहीं। लोगों ने उनके ताज़ा वीडियो को ‘पकौड़ी माफिया पर जनता की स्ट्राइक’ कह कर भी चलाया। 2020 में भी एक वीडियो सामने आया था, जिसके आधार पर दावा किया गया था कि किसान आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने अजीत अंजुम की पिटाई की। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा मतदान के दौरान उन्होंने एक महिला से जबरन अपने सवाल का जवाब लेना चाहा, जिसके बाद लोगों ने उन्हें खदेड़ा था।

पढ़ाई हो गई पूरी, फिर भी हॉस्टल में कब्जा जमाकर बैठे थे: गुजरात यूनिवर्सिटी ने 7 अफगान छात्रों को निकाला, यहीं हुआ था नमाज पर विवाद

गुजरात के अहमदाबाद में स्थित गुजरात यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन 7 पूर्व छात्रों को हॉस्टल से जाने के लिए कहा है, जो हॉस्टल में अवैध तरीके से जमे हुए थे। इनकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन किसी न किसी बहाने से ये हॉस्टल में जमे थे। अब उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। ये वही यूनिवर्सिटी है, जहाँ नमाज को लेकर भारतीय और विदेशी छात्रों में लड़ाई हो गई है, इसके बाद सभी विदेशी छात्रों को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया था।

गुजरात यूनिवर्सिटी ने एनआरआई हॉस्टल में हुए नमाज विवाद के बाद सख्त कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने 7 अफगानी छात्रों को निष्कासित कर दिया है। ये छात्र यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे थे। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बावजूद वो बहाने से हॉस्टल में रह रहे थे। गुजरात यूनिवर्सिटी ने पूर्व छात्रों के लिए नोटिस जारी किया, उसमें से 5 ने हॉस्टल छोड़ भी दिया है।

इस समय गुजरात यूनिवर्सिटी में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में लगभग 100 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें अफगानिस्तान के 7 पूर्व छात्र हॉस्टल में पढ़ाई पूरी होने के बाद भी रुके थे। ऐसा करना नियमों के खिलाफ था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने ये कदम उठाया। इसकी सूचना अफगानिस्तान के वाणिज्य दूतावास को भी दी गई थी।

गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निरजा गुप्ता के मुताबिक , अफगानिस्तान के 7 छात्र पूर्व छात्रों की श्रेणी में आए। वे किसी न किसी कारण से हॉस्टल में रह रहे थे। अब इन छात्रों को हॉस्टल में छात्र बनकर न रहकर अपने देश लौटने की व्यवस्था की गई है। कुलपति ने यह भी कहा है कि इन सात छात्रों में से 5 पहले ही कैंपस छोड़ चुके हैं, जबकि बाकी दो से भी नियमों का पालन करने की उम्मीद की जाती है।

परिसर में नमाज पढ़ने को लेकर हुआ था विवाद

बता दें कि 16 मार्च को यूनिवर्सिटी हॉस्टल के ए ब्लॉक में सार्वजनिक तौर पर नमाज पढ़ने को लेकर विदेशी छात्रों और स्थानीय छात्रों के बीच मारपीट हो गई थी। यहाँ विदेशी मुस्लिम छात्र सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ रहे थे तो एक स्थानीय हिंदू छात्र ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन एक विदेशी छात्र ने स्थानीय छात्र पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद मामला बिगड़ गया और जवाब में स्थानीय छात्रों ने भी विदेशी छात्रों के साथ मारपीट की।

इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय भी हरकत में आ गया था, तो अफगानिस्तान और गाम्बिया के प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया था। इस घटना के बाद विदेशी छात्रों को नए हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया था और अब उनमें से 7 को यूनिवर्सिटी से जाने को कहा गया है, क्योंकि वो नियमों के खिलाफ यूनिवर्सिटी कैंपस में रह रहे थे।

‘राज्यों में लड़ते हैं, दिल्ली में एकजुट हो जाते हैं’: PM मोदी ने बिहार में I.N.D.I. गठबंधन को बताया भ्रष्टाचारियों-देशविरोधियों का ठिकाना, बोले – मैं ग़रीब का बेटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (7 अप्रैल, 2024) को बिहार के नवादा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें LJP(R) के चिराग पासवान, JDU अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, HAM(S) के संतोष सुमन और RLM संस्थापक उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा। रैली में नीतीश कुमार ने 2005 से पहले के बिहार के जंगलराज की याद दिलाते हुए कहा कि पति-पत्नी के शासनकाल में कैसी स्थिति थी ये सबको पता है।

बिहार की धरती को प्रणाम करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस महान धरती में चंद्रगुप्त मौर्य का शौर्य है, आचार्य चाणक्य की बौद्धिक क्षमता है और इसमें देश को दिशा देने का सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र बिहार के पहले मुख्यमंत्री बिहार केसरी श्रीकृष्ण बाबू की जन्मभूमि भी है। उन्होंने नवादा को लोकनायक श्री जयप्रकाश नारायण की भी कर्मभूमि बताया। पीएम ने कहा कि मोदी, देश से गरीबी खत्म करने के मिशन में जुटा है। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे वो भी ग़रीबी को जीकर ही यहाँ तक पहुँचे हैं।

उन्होंने खुद को गरीब का बेटा और गरीब का सेवक करार देते हुए ऐलान किया कि वो जब तक देश के हर भाई-बहन की ग़रीबी दूर नहीं कर लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे। पीएम ने अपने अंदाज़ में कहा कि मोदी की गारंटियाँ I.N.D.I. गठबंधन को पसंद नहीं आ रही हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे I.N.D.I. गठबंधन के एक बहुत बड़े नेता ने कहा है कि मोदी जो आपको गारंटी देता है, उस पर बैन लगना चाहिए। बकौल पीएम मोदी, ये लोग कहते हैं, मोदी का गारंटी देना ही गैर-कानूनी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों से सवाल किया कि अरे, इतने डर गए हो क्या? मोदी की गारंटी से घबरा रहे हो क्या? उन्होंने आगे कहा कि मोदी गारंटी इसलिए देता है, क्योंकि उसके पास गारंटी पूरी करने का माद्दा है, साफ नीयत है। मोदी गारंटी इसलिए देता है क्योंकि वो गारंटी पूरी करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करता है। प्रधानमंत्री के अनुसार, I.N.D.I. गठबंधन के पास न विजन है, न विश्वसनीयता है। दिल्ली में जो लोग एक साथ खड़े होते हैं, अलग-अलग राज्यों वही एक-दूसरे को गाली देते हैं।

उन्होंने कहा, “बिहार में तो आपस में ही सिर-फुटव्वल मची है। ये मजबूरी में साथ आए लोग हैं और इनकी मजबूरी का एक ही नाम है- सत्ता का स्वार्थ। I.N.D.I. गठबंधन यानी भ्रष्टाचारियों का ठिकाना। I.N.D.I. गठबंधन यानी देशविरोधी नफरती ताकतों का ठिकाना। I.N.D.I. गठबंधन वाले सनातन धर्म को समाप्त करने की बात करते हैं। I.N.D.I. गठबंधन वाले भारत के एक और विभाजन करने की बात करते हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता खुलेआम बयान दे रहे हैं कि वो दक्षिण भारत को अलग कर देंगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है, उसमें भी मुस्लिम लीग के विचारों की छाप है। बकौल पीएम मोदी, कॉन्ग्रेस ने ‘घोषणापत्र’ नहीं, ‘तुष्टिकरण पत्र’ जारी किया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में विकास के जो काम हुए हैं, जिन ऊँचाइयों को देश ने छुआ है उसकी झलक NDA को मिल रहे जनसमर्थन में दिख रही है। उन्होंने लाल किले से दिए गए अपने भाषण को याद किया – ‘यही समय है, सही समय है’। उन्होंने कहा कि कई शताब्दियों के बाद ये समय आया है।

बिहार के नवादा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें इस मौके को गँवाना नहीं है, इसीलिए 2024 का ये चुनाव बहुत अहम हो गया है। उन्होंने अपनी सरकार के बड़े फैसलों की बात की। साथ ही बिहार में आधुनिक इंफ़्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे निर्माण, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, ‘वन्दे भारत’ ट्रेनों, डिजिटल क्रांति से मोबाइल तक पहुँची सरकारी सेवाओं की बात की और साथ ही कहा कि पूरी दुनिया में आज भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि ये मोदी के कारण नहीं हो रहा,

अम्मी दावत दे दो 18 बार हो चुका है मेरा निकाह… जब हैदराबाद की लड़की का आया कॉल, यूँ ही PM मोदी ने नहीं कहा सब देखें यह इंटरव्यू

माधवी लता (Maadhavi Latha) हैदराबाद से बीजेपी की उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी से है। इंडिया टीवी के रजत शर्मा की ‘आप की अदालत’ को दिया माधवी लता का इंटरव्यू चर्चा में है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से यह इंटरव्यू देखने की अपील की है।

बेबाकी से जवाब देने के लिए माधवी लता की सराहना करते ही पीएम मोदी ने एक्स/ट्विटर पर लिखा है, “माधवी लता जी, आपका ‘आप की अदालत’ एपिसोड असाधारण है। आपने बेहद तार्किक तरीके से काफी ठोस मुद्दे उठाए हैं। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं। मैं सभी से आज (7 अप्रैल 2024) सुबह 10 बजे या रात 10 बजे इस कार्यक्रम का दोबारा प्रसारण देखने का भी आग्रह करता हूँ। आप सभी को इससे काफी उपयोगी जानकारी मिलेगी।”

यह इंटरव्यू करीब 1 घंटे 25 मिनट का है। इसमें अपनी जीवन यात्रा, ओवैसी से मुकाबले, हैदराबाद के मुस्लिम इलाकों में सामाजिक कार्यों, गरीब मुस्लिमों की स्थिति से जुड़े सवालों का माधवी लता (Madhvi Latha in Aap Ki Adalat) ने बेबाक तरीके से जवाब दिया। कई चौंकाने वाले खुलासे भी उन्होंने इस दौरान किए हैं। इनमें से एक खुलासा हैदराबाद की मुस्लिम बच्चियों की बिक्री को लेकर है। उन्होंने 16 साल की लड़की से 70 साल के अरब के व्यक्ति के निकाह से लेकर, मध्य-पूर्व में एक लड़की के 18 बार निकाह होने की घटना के बारे में बताया है।

रजत शर्मा ने माधवी लता से पूछा कि आप पर आरोप लगते हैं कि आप हैदराबाद को बदनाम करती हैं। आप कहती हैं कि यहाँ लड़कियाँ बेची जाती हैं। जवाब में एक घटना का जिक्र करते हुए बीजेपी उम्मीदवार ने कहा, “15 दिन पहले की बात है। एक लड़की ने मिडिल ईस्ट से अपनी वालिदा (अम्मी) को कॉल कर कहा कि यदि आपके पास पैसे हैं तो वहाँ (हैदराबाद) दावत दे दीजिए। आपकी बेटी की 18 बार शादी हुई है।” उन्होंने आगे बताया कि 16 साल की एक लड़की की शादी अरब के 70 साल के आदमी से होती है।

माधवी लता ने हैदराबाद की गलियों में ऐसे कई पसमांदा मुस्लिमों के घरों का जिक्र किया जिनकी आवाज उनकी चारदीवारी से बाहर नहीं निकलती है। इन घरों की हालात बयाँ करते हुए उन्होंने बताया, “वे गरीबी के दलदल से बाहर निकलने के लिए बेटियों की 3-4 बार शादियाँ करवा देते हैं, क्योंकि उन पैसों से पीछे 7-8 बच्चों को खाना मिलता है। कई लड़कियाँ बिक जातीं हैं अपने घर में खाना लाने के लिए।”

मुस्लिम महिलाओं को भड़काने के आरोपों पर भी माधवी लता से सवाल पूछा गया। रजत शर्मा ने कहा कि आप पर आरोप लगते हैं कि आप जिन मुस्लिम महिलाओं से बार-बार मिलने जाती हैं उनको भड़काती हैं। उनको कहती हैं कि घरों से बाहर निकलो। कुछ काम करो। बच्चे पैदा नहीं करो।

जवाब में माधवी लता ने कहा, “मदरसों को मैं मदद भिजवाती हूँ, मेडिकल कैंप्स फ्री में लगवाती हूँ, फ्री में दवाइयाँ हमलोग देते हैं। रोजा-इफ्तार के टाइम पर खाना भिजवाते हैं। कपड़े और अन्य मदद भी देते हैं। लेकिन ये लोग हमसे कहते हैं कि अम्मा आप ये सब कर रहे हैं लेकिन कहीं भी नहीं बताना कि हमारे मदरसे का नाम क्या है। हम कैसे दिखते हैं और क्या करते हैं, क्योंकि हमें धमकी दी जाती है। मौलाना हमारे टीम मेंबर्स को कहते हैं कि आप आएँगे तो टाँग तोड़ देंगे। चुपचाप आना है और चुपचाप चले जाना है।”

उन्होंने कहा, “हम औरतों से यह नहीं कहते कि आप बच्चे पैदा न करिए। हम उनसे कहते हैं कि कितने भी बच्चे पैदा करिए पांडवों को पैदा करिए, कौरवों को पैदा मत करिए। हम उनसे ये कहते हैं कि आप बच्चों को पैदा कर रहे हैं लेकिन उन्हें खाना, कपड़ा, पढ़ाई नहीं दे रहे हैं तो देश को क्या दे रहे हैं। देश को ऐसे बच्चे दीजिए जिन पर नाज हो।”

कॉन्ग्रेस के ‘न्याय पत्र’ को असम के CM ने बताया तुष्टिकरण का पिटारा, कहा- भारत नहीं, पाकिस्तान के चुनाव के लिए बनाया गया है घोषणा पत्र

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कॉन्ग्रेस ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र में तमाम बातें ऐसी हैं, जो राहुल गाँधी की चुनावी रैलियों के गारंटियों सरीखी ही हैं, जिनका धरातल की सच्चाई से कोई लेना देना नहीं, वहीं कई सारे वादे भारत के समाज के ढाँचे को तोड़ने वाले भी हैं। कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के घोषणापत्र को देखकर लगता है, मानो उसे भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान में चुनाव लड़ना है।

हिमंता ने मीडिया से वार्ता में कहा, “यह तुष्टिकरण का घोषणा पत्र है। कॉन्ग्रेस का घोषणापत्र ऐसा लगता है, जैसे यह भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान के चुनाव के लिए है।” हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कॉन्ग्रेस की मानसिकता समाज को बाँटना और सत्ता में आना है।

हिमंता ने कहा, “कोई नहीं चाहता है कि ट्रिपल तलाक फिर आए। कोई नहीं चाहता कि बाल विवाह दोबारा आना चाहिए। कोई नहीं चाहता कि एक ही व्यक्ति 2-3 बार शादी करे, हिंदू हो या मुस्लिम। कॉन्ग्रेस के लोग ही ये सोच लाते हैं, समाज को उन्हें बाँटना है। और समाज को बाँटकर उन्हें सत्ता में आना है। कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति की हम निंदा करते हैं। और कॉन्ग्रेस का जो मेनिफेस्टो है, जो देखने से ऐसा लगता कि ये भारत के चुनाव के लिए नहीं, बल्कि पाकिस्तान के चुनाव के लिए ही ये घोषणा पत्र बनाया गया है।”

उन्होंने ये वीडियो एक्स पर भी शेयर किया है। हिमंता ने एक्स पर लिखा, “कॉन्ग्रेस को पाकिस्तान से चुनाव लड़ना है, इसीलिए ऐसा घोषणापत्र बनाया है जिससे बहुविवाह, ट्रिपल तलाक़ जैसे काले कानूनों को वापस लाया जाए।”

बता दें कि असम में लोकसभा चुनाव चरणों में होना है। असम में पहले तीन चरण में 19 अफ्रैल. 26 अप्रैल और 7 मई को मतदान होगा। यहाँ 6 जून को नतीजे आएँगे। असम में लड़ाई त्रिकोणीय है, जिसमें बीजेरी, असम और AIUDF के बीच लड़ाई है।

भारत में अब नई प्राइवेट कंपनी के जरिए अपना संचालन करेगी BBC: नए FDI नियमों और टैक्स चोरी वाली रेड के बाद फैसला, पहली बार अपनी किसी यूनिट को अलग किया

पिछले वर्ष भारतीय आयकर विभाग के अधिकारियों ने BBC के दफ्तर में तलाशी ली थी और उनसे इनकम टैक्स चोरी को लेकर पूछताछ की थी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी पर टैक्स चोरी का आरोप लगा था। अब सामने आया है कि BBC ने भारत में अपनी यूनिट को अलग कर दिया है। यानी, इनका संचालन पहले की तरह होता रहेगा लेकिन इसका स्वामित्व एक भारतीय कंपनी के पास होगा। इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को भारत में BBC के 4 पूर्व कर्मचारियों ने मिल कर ही शुरू किया है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपनी एक खबर में ये जानकारी दी है। पूरी दुनिया में ये पहली बार है, जब किसी देश में BBC अपनी यूनिट को एक अलग कंपनी के रूप में चलाएगी। अगले ही सप्ताह से ये व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके लिए ‘कलेक्टिव न्यूज़रूम’ नामक एक कंपनी की स्थापना की गई है। अंग्रेजी, हिंदी, गुजरती, पंजाबी, मराठी, तमिल और तेलुगु में BBC अपनी सेवाएँ देना जारी रखेगा। इसके लिए भारत में स्थित इसके दफ्तर पहले की तरह ही काम करते रहेंगे।

रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि BBC ने इस कंपनी में 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारत सरकार के पास ज़रूरी अनुमतियों के लिए आवेदन भी कर दिया है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए ‘कलेक्टिव न्यूज़रूम’ की CEO रूपा झा ने कहा कि BBC के लिए इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब उसने अपना कंटेंट प्रकाशित करने की जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था को दी हो। उन्होंने कहा कि हम अपनी पत्रकारिता से कोई समझौता नहीं करेंगे और BBC पूरी तरह हमारे पीछे है।

रूपा झा BBC में सीनियर न्यूज़ एडिटर रही हैं, अब ‘कलेक्टिव न्यूज़रूम’ के 4 संस्थापक निवेशकों में से एक हैं। बता दें कि 2020 में आए नए FDI नियमों के तहत किसी भारतीय कंपनी में अधिकतम 26% विदेशी निवेश ही लिया जा सकता है। इससे पहले ‘बीबीसी इंडिया’ भारत में BBC का सारा कामकाज देखती थी, जिसके 99% से अधिक शेयर्स ब्रिटेन स्थित BBC के पास था। BBC के भारतीय ब्यूरो में 200 कर्मचारी हैं, जो UK से बाहर उसका सबसे बड़ा ऑपरेशन है।

मई 1940 से ही BBC भारत में काम कर रहा है। BBC ने 2002 में गुजरात में हुए दंगों को लेकर प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। रूपा झा ने कहा कि BBC भारत में अपनी उपस्थिति हटाना नहीं चाहता था और न कर्मचारियों को निकालना चाहता था, इसीलिए कानूनी सलाहों के आधार पर इस विकल्प का चयन किया गया। BBC के डिप्टी CEO जोनाथन मुनरो ने कहा कि नई कंपनी के गठन का वो स्वागत करते हैं, क्योंकि BBC ने हमेशा ऑडिएंस फर्स्ट की नीति के तहत काम किया है।

29 घंटे तक झेला टॉर्चर, फिर फंदे से झूल गया सिद्धार्थन: वायनाड में छात्र की मौत के मामले में CBI ने 20 पर दर्ज की FIR, वामपंथी गुंडे थे शामिल

केरल के वायनाड स्थित पुक्कोड़ यूनिवर्सिटी में पशु विज्ञान के छात्र जेएस सिद्धार्थन ने 18 फरवरी 2024 को फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। केरल पुलिस ने अपनी जाँच में पाया है कि सिद्धार्थन को करीब 29 घंटों तक टॉर्चर किया गया था। अब यह केस सीबीआई को सौंप दी गई है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने 5 अप्रैल 2024 को इस मामले में 20 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।

20 वर्षीय सिद्धार्थन के परिजनों ने वामपंथी छात्र संगठन SFI के सदस्यों पर टॉर्चर का आरोप लगाते हुए CBI जाँच की माँग की थी। आसिफ खान और मोहम्मद धनीस सहित कुल 20 पर FIR दर्ज की गई है। इन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने व रैंगिंग अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CBI ने जिन आरोपितों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, उसमें स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) के 4 नेता नामजद हैं। इसमें यूनियन अध्यक्ष अरुण के, इकाई सचिव अमल इहसन, सदस्य आसिफ खान और अभिषेक पाल शामिल हैं। अन्य नामजदों के नाम अखिल के, काशिनाथन आर एस, अरुण के, अजय जे, अल्तफ ए, मुहम्मद धनीश, श्रीहरि आरडी, अमीन अकबर अली, सऊद रिसाल ईके, आकाश आरडी, रेहान बिनॉय, डान्स दाई, नासिर वी, अभि वी, बिलगेट थानिक्कोडे और आदित्यन हैं।

FIR में बताया गया है कि 16 फरवरी 2024 को इन सभी आरोपितों ने सिद्धार्थन को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक टॉर्चर किया था। प्रताड़ना का यह दौर अगले दिन 17 फरवरी को भी चला था। रैंगिंग के नाम पर सिद्धार्थन को बेरहमी से बेल्टों से पीटा गया था। लगातार 29 घंटे प्रताड़ित होने के बाद सिद्धार्थन को लगने लगा कि वह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जारी नहीं रख सकता है। इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली। 18 फरवरी को सिद्धार्थन ने दोपहर 12:30 से 1:45 के बीच हॉस्टल के बाथरूम में फाँसी लगा ली थी।

CBI ने आरोपितों के खिलाफ IPC में आपराधिक साजिश रचने की धारा 120, आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306, चोट पहुँचाने की धारा 323, अवैध तौर पर बंधक बनाने की धारा 342, हमला करने की धारा 355 और धमकाने की धारा 506 के साथ केरल रैंगिंग निषेध अधिनियम की धारा 4/3 के तहत कार्रवाई की है। FIR के आधार पर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। अभी तक कुल 18 छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर चुकी है।

सीबीआई को केस सौंपे जाने से पहले केरल पुलिस ने CRPC की धारा 174 के तहत यह मामला दर्ज किया था। यह धारा किसी की असामयिक मृत्यु पर लगाई जाती है। तब पुलिस ने यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य छात्र कृष्णलाल के बयान को केस का आधार बनाया था। केरल पुलिस द्वारा यह केस वायनाड के विथिरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। तब जाँच अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रशोभ पीवी ने अपनी केस डायरी में यह लिखा था कि सिद्धार्थन को उसके सीनियर और सहपाठी छात्रों ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।

पुलिस ने सिद्धार्थन द्वारा आत्महत्या करने की वजह इसी प्रताड़ना को बताया था। जाँच अधिकारी ने अदालत में आरोपितों पर धाराएँ बढ़ाने के लिए अर्जी भी दी थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। आयोग की एक टीम 8 अप्रैल को वायनाड पहुँचने वाली है। यह टीम पीड़ित के परिजनों और पुलिस अधिकारियों से मिलेगी।

गौरतलब है कि टॉर्चर के दौरान सिद्धार्थन को खाना भी नहीं दिया गया था। उसे पहले सबके आगे सिर्फ अंडरवियर पहना कर पीटा गया और बाद एक सुनसान जगह पर बंद कर पिटाई की गई। बताया जा रहा है कि वैलेंटाइन डे पर एक लड़की के साथ डांस करने की वजह से वामपंथी छात्र सिद्धार्थन से नाराज थे। उन्होंने उससे इसके लिए माफी भी मँगवाई थी। उसे कॉलेज के 130 छात्रों के आगे प्रताड़ित किया गया था। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने का प्रयास किया था। आंतरिक जाँच के लिए बनी कमेटी के आगे कई शिक्षकों ने भी मुँह खोलने से इनकार कर दिया था।