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डिब्बे में ‘मीट’ लेकर मेट्रो में घुसा रोजेदार, रोकने पर जवानों से भिड़ा: वीडियो वायरल, दिल्ली के सीलमपुर का मामला

रमजान के महीने के बीच दिल्ली के सीलमपुर मेट्रो स्टेशन से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक इस्लामी टोपी पहना शख्स मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा में तैनात जवानों से उलझता दिख रहा है। इसके बाद उसकी स्टेशन के बाहर जवानों से झड़प करने की वीडियो भी सामने आई है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि युवक अपने बस्ते में भरकर मीट ले जा रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने जब जाँच में इसे पकड़ा तो वो उनसे बहस करने लगा। इस दौरान उसके हाथ में खाने का टिफिन दिखाई देता है। बाहर जो वीडियो रिकॉर्ड की गई उसमें सुरक्षाकर्मियों को कहते सुना गया- ‘गाली क्यों दे रहा है।’ यानी युवक ने सुरक्षाकर्मियों से गाली-गलौच भी की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी उसे पकड़कर अंदर ले गए।

घटना की वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इस युवक को सपोर्ट करते हुए कह रहे हैं कि जवानों ने इफ्तार का खाना ले जाते शख्स के साथ गलत किया। उनके मुताबिक उस डिब्बे में सिर्फ खाना था। मगर, सवाल ये है कि रोजाना मेट्रो से आने-जाने वाली भीड़ के टिफिन में भी खाना होता ही है, फिर जवान उन्हें क्यों नहीं रोकते। कुछ आपत्तिजनक होने पर ही किसी को टोंका जाता है। ऐसे में अगर सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा सही है कि उसके डिब्बे में मीट था, तो सुरक्षाकर्मियों का उसे रोकना गलत नहीं था।

मेट्रो में प्रतिबंधित चीजें

मेट्रो के कुछ अपने नियम हैं और कुछ चीजें मेट्रो के भीतर निषेध हैं। इन चीजों में कच्चा मांस भी आता है। मेट्रो में बैन चीजों की लिस्ट में कच्चा मांस, मछलियाँ, मानव कंकाल, किसी जानवर का कंकाल, खून, हड्डियाँ, मानव शरीर के अंग भी आते हैं। इसके अलावा कोई भी विस्फोटक सामग्री- जैसे हेंडग्रेनेड, गनपाउडर, पटाखे, प्लास्टिक विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ जैसे कुकिंग गैस, पेट्रोलियम ले जाना मना है। इसी तरह पालतू जानवरों का भी मेट्रो में ले जाना मना है चाहे वो कुत्ता हो, बिल्ली हो, बंदर हो, चूहा हो, मछली हो या कोई बी। एक्वेरियम और कोई भी पक्षी चाहे चिड़िया तोता ले जाना पूरी तरह बैन है। इसके अलावा मेट्रो में शराब, धारदार हथियार और भारी सामान ले जाना भी मेट्रो में पूरी तरह बैन है।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं से बदसलूकी के आरोपों को NIA ने नकारा, कहा – लोगों ने बिना उकसावे के किया हंगामा: ममता बनर्जी ने लगाए थे गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर में एनआईए की टीम ने छापेमारी की थी, उस पर हमला हुआ था। एनआईए की टीम पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार टीएमसी नेता मनोब्रत जना की पत्नी ने एनआईए अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दी है। ये एफआईआर महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोपों में दर्ज कराई गई है। हालाँकि एनआईए ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। एनआईए ने कहा कि उनकी टीम की तरफ से कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं किया गया, बल्कि एनआईए की टीम बम धमाके की जाँच के लिए पहुँची थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के गिरफ्तार नेता मनोब्रत जना की पत्नी मोनी ने एनआई के अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें मोनी जना ने कहा है कि एनआईए अधिकारियों ने जाँच के बहाने भूपतिनगर स्थित उनके आवास में जबरन घुसकर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने एनआईए अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354बी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब एनआईए की तरफ से इन आरोपों को खारिज किया गया है। एनआईए ने कहा कि उसके ऊपर लग रहे आरोप दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

एनआईए की टीम ने शनिवार (06 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 2022 में हुए विस्फोट के मामले में दो प्रमुख साजिशकर्ता मनोब्रत जना और बलाई चरण मेइती को गिरफ्तार किया था। विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

पूर्वी मिदनापुर पुलिस ने NIA अधिकारियों के खिलाफ IPC की धारा-354 (शोषण) और 441 (बिना अधिकार प्रवेश) लगाते हुए FIR दर्ज की है। शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की सुबह को ये हमला हुआ, रात को FIR दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए TMC कार्यकर्ता मनोव्रत जैन के परिजनों की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है।

उनका कहना है कि देर रात के समय दरवाजा तोड़ कर NIA के अधिकारियों ने महिलाओं का शोषण किया। हालाँकि, NIA ने अधिकारियों पर हमले को लेकर जो शिकायत भूपतिनगर थाने में ही दर्ज कराई है उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 3 दिसंबर, 2022 को हुए एक ब्लास्ट के केस में NIA बलाई मैती और मनोव्रत जैन को गिरफ्तार करने गई थी, इसी दौरान उन पर हमला हुआ। इस ब्लास्ट में 3 लोग मारे गए थे।

भाजपा ने इस हमले की तुलना 5 जनवरी, 2024 को संदेशखाली में TMC नेता शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने गई ED की टीम पर हमले से की है। उसी हमले के बाद जनजातीय समाज की कई महिलाओं ने आगे आकर शाहजहाँ शेख व उसके गुर्गों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। NIA अधिकारियों पर FIR किए जाने को भाजपा के राज्यसभा सांसद समीक भट्टाचार्य ने भारतीय संविधान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा करार दिया।

CPI(M) नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस ने NIA पर हमले में आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाए अधिकारियों पर ही FIR दर्ज कर ली, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद यह सन्देश दे रही हैं कि केंद्रीय एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती। ममता बनर्जी ने भाजपा पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के सभी बूथ अध्यक्षों को गिरफ्तार करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि NIA को राज्य में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है।

वहीं, इस मामले में ममता बनर्जी ने एनआईए की टीम पर ही हमला बोला था। उन्होंने सवाल पूछा, “उन्होंने आधी रात को छापा क्यों मारा? उनके पास पुलिस की अनुमति थी? स्थानीय लोगों ने वही किया, जो किसी अजनबी के आधी रात में जाने पर किया जाता है। क्या वे चुनाव से ठीक पहले लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं? बीजेपी क्या सोचती है कि वे हर बूथ एजेंट को गिरफ्तार करेंगे? NIA को क्या अधिकार है, जो वे बीजेपी के समर्थन में ये सब कर रहे हैं।”

रील बनाने वाली पत्नी के वीडियो पर आते थे अश्लील कमेंट, भाई के खिलाफ दर्ज कराया केस, तो सरकारी नौकरी करने वाले पति ने की आत्महत्या: ‘परिवार को नहीं छोड़ सकता’

राजस्थान के अलवर में पत्नी के बार-बार रील बनाने से परेशान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर मरने की धमकी दी। इसके अगले दिन फाँसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

ये मामला अलवर के रैणी थाने के नांगलबास गाँव का है। शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पत्नी की रील्स पर अश्लील कमेंट्स को लेकर पति कह रहा है कि जो लोग गंदे कमेंट्स करते हैं न, उनके परिवार में जब ऐसा होगा तब उन्हें मालूम चलेगा। परिजन का दावा है कि यह वीडियो सुसाइड करने से एक दिन पहले बनाया है। पुलिस का कहना है कि यह वीडियो पुराना है। युवक ने मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और उसके साथी को बताया है।

पति-पत्नी में होता था झगड़ा

पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ मीणा (31) दौसा में स्वास्थ्य विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत था। सिद्धार्थ और उसकी पत्नी माया के बीच झगड़ा चल रहा था। पहले भी एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दे चुके थे। सिद्धार्थ इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पत्नी के रील्स बनाने की वजह से परेशान परेशान था। लोग रील्स पर अश्लील कमेंट करके उसे चिढ़ाते थे। पत्नी के सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और गंदे कमेंट करने वालों से परेशान होकर युवक और उसकी में झगड़ा होता था। पत्नी की इन हरकतों से परेशान पति ने आत्महत्या कर ली

मृतक की पत्नी के 56के फॉलोअर्स थे। आए दिन पति और पत्नी में सोशल मीडिया को लेकर कलह होता रहता था। कुछ दिन पूर्व भी घर में कलह हुआ था, जिसे लेकर पुलिस में भी पत्नी माया की ओर से परिवाद दिया गया था।

सिद्धार्थ का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सिद्धार्थ कह रहा है कि मैंने आज तक कभी रील नहीं बनाई। आज मजबूरी में बना रहा हूँ। मेरा माया से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं है। वो मेरे भाई को फंसाना चाह रही है। बस यही मेरी लड़ाई है। मैं अपने भाई के साथ हूं। जो समझदार आदमी होगा वो समझ जाएगा। ऐसी लड़कियाँ तो बहुत मिल जाएंगी, लेकिन परिवार नहीं मिलेगा। सिद्धार्थ ने आगे कहा कि कुछ लोग गंदे कमेंट कर रहे हैं। जब तुम्हारे घर में ऐसा होगा न तब समझ आएगा। मैं अपने परिवार को टूटने नहीं दूंगा। इसके लिए मैं जान दे सकता हूं।

सीता से कहलवाया – ‘मर्द बनने निकला था तू, इंसान बनना भूल गया’, राम कहते हैं – ‘अब एक औरत समझाएगी मुझे?’: IIT बॉम्बे में रामायण के नाम पर हिन्दू धर्म का अपमान

IIT बॉम्बे में रामायण पर खेले जा रहे नाटक के दौरान हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाने का मामला सामने आया है। इसके कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इससे पहले पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। दरअसल, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित IIT बॉम्बे में कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया गया था। 31 मार्च को ‘परफॉर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल’ हुआ। ये रामायण पर आधारित था और इसमें भगवान राम की ही आलोचना की गई।

‘राहोवन’ नाम के इस नाटक में नारीवादी मुद्दों के नाम पर भगवान राम के किरदार से ही छेड़छाड़ की गई। पात्रों के नामों में हल्का बदलाव किया गया था। इसमें सीता कहती है, “स्वामी, ऐसी अवस्था में ये अकेली सुहागन अपना हृदय सँभाल किसके साथ करे?” इस पर सामने से राम का पात्र कहता है, “खोल”। ‘क्या’ का वो जवाब देता है – ‘संकोच’। एक अन्य दृश्य में राम से कहलवाया गया है, “तू किसी दूसरे कबीले में जा किसी दूसरे मर्द के यहाँ रह आई, इसीलिए ये कबीला तेरा स्वीकार वापस नहीं करेगा।”

इस पर सीता कहती है, “दूसरा मर्द, अरे बंदी थी मैं वहाँ?” इस पर राम आरोप लगाते हैं कि सीता ने कबीले की सीमा लाँघी, रेखा का उल्लंघन किया। राम से कहलवाया गया है, “तू कुछ नहीं कहेगी, सिर्फ मेरी सुनेगी।” फिर सीता कहती हैं, “मर्द होने निकला था तू, इंसान बनना भूल गया।” इस पर राम कहते हैं, “अब एक औरत समझाएगी मुझे कि मर्द बनना क्या होता है?” एक दृश्य में सीता कहती है, “एक अलग दुनिया है वहाँ। और अच्छा हुआ, अघोरा (रावण) मुझे वहाँ लेकर गया।”

सीता आगे कहती हैं, “वहाँ की औरतों को अच्छी प्रतिष्ठा मिलती है। उसने मुझसे खुद बोला कि मेरी अनुमति के बिना मुझे छुएगा भी नहीं। उसमें मुझे ऐसा मर्द दिखा जो मुझे इस कबीले में नहीं दिखा। तुमलोग जश्न मना रहे थे न कि दानव को मार दिया। असली दानव तो आपने आज तक मारा ही नहीं है।” रामायण पर नाटक के नाम पर आजकल हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान का एक ट्रेंड सा आया हुआ है। इसमें पौराणिक पात्रों से कुछ भी कहलवा दिया जाता है।

हाल ही में पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी में ऐसे ही एक मामले को लेकर न सिर्फ आंतरिक जाँच समिति बनी है, बल्कि FIR भी दर्ज हुई है। HoD को भी जाँच पूरी होने तक हटाया गया है। सीता हरण वाले दृश्य में दिखाया गया कि माँ सीता रावण को गोमांस खाने के लिए दे रही हैं। इसमें सीता वाले किरदार से कहलवाया गया है, “मैं शादीशुदा हूँ, लेकिन हम दोस्त बन सकते हैं।” इसमें हनुमान जी की पूँछ को एंटीना के रूप में दिखाया गया। सीता को रावण के साथ नाचते हुए भी दिखाया गया।

एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ी, साँप का जहर सप्लाई करने वाले तस्करों से जुड़ा संपर्क, वर्चुअल नंबर के इस्तेमाल की बात आई सामने

ओटीटी बिग बॉग 2 के विनर यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलों का अंत नहीं हुआ है। साँपों के जहर की तस्करी और रेव पार्टी मामले में अब नोएडा पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट को यूट्यूबर एल्विश यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ दाखिल किया गया है।

चार्जशीट में नोएडा पुलिस ने कहा है कि एल्विश का जेल भेजे गए सपेरा से संपर्क था। आरोपित साँपों की खरीद-फरोख्त के काले धंधे में शामिल था। एल्विश यादव को कोबरा कांड केस में 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि वो रेव पार्टियों में साँप और साँपों के जहर को सप्लाई करते हैं।

नोएडा पुलिस ने कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। इसमें नोएडा पुलिस ने बताया कि यूट्यूबर एल्विश यादव सांपों और उसके जहर के लिए एक वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करता था। चार्जशीट में बताया गया है कि एल्विश को जब पार्टी आयोजित करनी होती थी और उसे साँपों और जहर की जरूरत होती थी तो वह अपने साथी विनय को वर्चुअल नंबर से कॉल करता था। विनय इसके बाद अपने करीबी ईश्वर को कॉल करता है। ईश्वर का संपर्क राहुल समेत अन्य सपेरों से था। इसी आधार पर पुलिस ने सारी कड़ियाँ जोड़ी हैं।

एल्विश की गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने उसके साथी विनय और ईश्वर को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। तीनों को बाद में जमानत मिल गई थी।

इस मामले की जाँच के दौरान पुलिस की टीम ने एल्विश के कॉल डिटेल और सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला। जब उसके खिलाफ नोएडा पुलिस को पर्याप्त सबूत मिल गए तो पुलिस ने उसे नोटिस देकर पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया। पूछताछ के बाद उसे नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह पाँच दिन तक जेल में रहा। हालाँकि, होली के पहले उसे इस मामले में अदालत से जमानत मिल गई थी।

सोनिया-राहुल-खड़गे के पोस्टर, मंच पर अश्लील डांस… दिग्विजय सिंह की यात्रा के वीडियो ने कॉन्ग्रेस की करा दी फजीहत, BJP ने बताया शर्मनाक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राज्य में ‘वादा निभाओ यात्रा’ निकाल रहे हैं। अब इसके कारण ही उनकी फजीहत हो गई है, क्योंकि इस यात्रा में अश्लील डांस के वीडियो वायरल हो गए हैं। 77 वर्षीय दिग्विजय सिंह फ़िलहाल राज्यसभा सांसद हैं और 1993 से लेकर 2003 तक लगातार 10 वर्ष MP के मुख्यमंत्री रहे हैं। राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में उनके परिवार का अच्छा-खासा प्रभाव रहा है। उनके भाई लक्ष्मण सिंह और बेटे जयवर्धन सिंह भी चुनाव जीत चुके हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह को कॉन्ग्रेस पार्टी ने राजगढ़ से प्रत्याशी बनाया है। चुनाव से पहले वो पदयात्रा निकाल रहे हैं। इसी यात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मंच पर दिग्विजय सिंह का पोस्टर लगा हुआ दिख रहा है। कुछ लोग महिला डांसरों से चिपक कर नाचते हुए भी दिख रहे हैं। आरोप लगे हैं कि पदयात्रा में भीड़ जुटाने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा अश्लील डांस कराया जा रहा है। वीडियो चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के सिंगापुरा गाँव का है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला डांसर बुजुर्गों के साथ नाच रही है। साथ ही कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की भी तस्वीरें पोस्टर में लगी हुई है। भाजपा ने इसे कॉन्ग्रेस की महिलाओं के प्रति दुर्भावना करार देते हुए शर्मनाक बताया है। मध्य प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस तरह के आयोजन कर के समाज में अश्लीलता परोसी जा रही है।

हालाँकि, हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। जहाँ तक राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र की बात है, पिछले 2 चुनावों से यहाँ भाजपा के रोडमल नागर जीत रहे हैं। दिग्विजय सिंह यहाँ से 2 बार और उनके भाई लक्ष्मण सिंह 5 बार सांसद रह चुके हैं। यहाँ के चचौरा विधानसभा क्षेत्र से भी दोनों भाई एक-एक बार MLA रहे हैं। वहीं राघोगढ़ विधानसभा क्षेत्र से दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन ने 2023 में हैट्रिक लगाई। यहाँ से दिग्विजय सिंह 4 बार और लक्ष्मण सिंह 2 बार विधायक रहे हैं।

यूके में पत्नी ने अपने पति के किए 224 टुकड़े, एक सप्ताह तक किचन में ही छिपाए रखा शव, फिर नदी में बहाया: कोर्ट सोमवार को सुनाएगी सजा

ब्रिटेन से हत्या का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ 28 साल के निकोलस मेटसन नाम के शख्स ने अपनी 26 साल की पत्नी हॉली ब्रैमली की चाकू मारकर हत्या कर दी। मेटसन ने उसके शरीर को 224 टुकड़ों में काट दिया और अपने 28 वर्षीय दोस्त जोशुआ हैनकॉक की मदद से एक नदी में फेंकने से पहले एक सप्ताह तक अपनी रसोई में छिपाकर रखा। निकोलस ने कोर्ट में अपनी पत्नी की हत्या की बात स्वीकार कर ली है और अब सोमवार (08 अप्रैल 2024) को उसे सजा सुनाई जाएगी। निकोलस ने अपनी पत्नी की हत्या मार्च 2023 को की थी और ब्रैमली के शव के टुकड़े 25 मार्च 2023 को लिंकनशायर के बैसिंघम में विथम नदी में पाए गए थे।

लिंकन क्राउन कोर्ट में इस बात की सुनाई के दौरान ये तथ्य सामने आया कि निकोलस मेटसन ने अपनी पत्नी के शवों के टुकड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपने दोस्त जोशुआ हैनकॉक को भुगतान किया, क्योंकि उसने एक सप्ताह तक शव के टुकड़ों को अपार्टमेंट के किचन में ही छिपाकर रखा था। न्यायाधीश साइमन हर्स्ट ने 5 अप्रैल को निकोलस को हत्या का दोषी माना, हालाँकि उन्होंने कहा कि हत्या के मकसद का पता नहीं चल पाया है।

पीड़ित हॉली ब्रैमली की माँ और भाई-बहनों ने निकोलस को शैतानी दिमाग वाला बताया और उसे राक्षस की संज्ञा की। उन्होंने कहा कि दोनों ने साल 2021 में शादी की थी, लेकिन उनकी शादी टूटने की कगार पर थी। क्योंकि निकोलस हॉली ब्रैमली को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में रखता था। वो अपनी पत्नी को पहले भी भयानक तरीके से यातनाएँ दे चुका था। उसने अपनी पत्नी के पिल्ले को वॉशिंग मशीन में डालकर मार डाला था। यही नहीं, पालतू चूहों को उसने माइक्रोवेव ओवेन और फूड प्रोसेसर में डालकर मार डाला था। उसने उसके पालतू खरगोशों को भी मारने की कोशिश की, लेकिन तक हॉली अपने खरगोशों को लेकर पुलिस स्टेशन पहुँच गई थी।

पिछले साल की थी पत्नी की हत्या

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 मार्च 2023 को पुलिस को ब्रैमली की सुरक्षा की चिंता जताते हुए एक कॉल मिली थी। पुलिस ने अगले दिन अपार्टमेंट में छापेमारी की थी। निकोलस मेटसन को अपनी पत्नी की हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा परिसर में दो चाकू, एक पंजा हथौड़ा और बगीचे की कैंची भी मिलीं। 25 मार्च को शाम 6 बजे बासिंघम के एक स्थानीय व्यक्ति ने विथम नदी में कई प्लास्टिक की थैलियाँ देखीं और उनमें से एक के अंदर एक हाथ पाया।

पुलिस के गोताखोरों को बैग से शव के 224 टुकड़े मिले, जिनमें उसका मुंडा हुआ सिर भी शामिल था। होम ऑफिस पैथोलॉजिस्ट ने सब कुछ जाँचने में तेरह घंटे से अधिक समय बिताया, लेकिन गंभीर रूप से अंग-भंग के कारण पैथोलॉजिस्ट मृत्यु की सही वजह तय करने में नाकाम रहा।

AAP का सच दिखाने के लिए दिल्ली भाजपा ने शुरू किया ‘शराब से शीशमहल’ अभियान, अरविंद केजरीवाल के समर्थन में AAP नेताओं का सामूहिक उपवास

दिल्ली में शराब घोटाले और अरविंद केजरीवाल के नवनिर्मित मुख्यमंत्री आवास का सच दिखाने के लिए प्रदेश भाजपा ने ‘शराब से शीशमहल’ अभियान शुरू किया है। इस दौरान AAP के आरोपित नेताओं की तस्वीर के साथ शराब की बोतलों के कटआउट लगाए गए। साथ ही अरविंद केजरीवाल के आवास पर जो खर्च किया गया, उसका हिसाब-किताब भी वहाँ अंकित किया गया था। संजय मयूख और बाँसुरी स्वराज ने दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ इस मॉडल के साथ सेल्फी ली।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार का मॉडल दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वो राजमहल जिसमें अरविंद केजरीवाल रहते हैं, उसे जनता की गाढ़ी कमाई से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता लाल किला या क़ुतुबमीनार देख सकती है, अक्षरधाम मंदिर देख सकते हैं, कर्तव्य पथ देख सकती है, लेकिन अपने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार का राजमहल नहीं देख सकती क्योंकि वहाँ भीतर जाने की इजाजत जनता को नहीं है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को लूटा है, इसीलिए भाजपा ‘शराब से शीशमहल’ की कहानी दिखा रही है जो AAP के भ्रष्टाचार की कहानी है और इसके दोषी अरविंद केजरीवाल हैं। भ्रष्टाचार के इस मॉडल के साथ लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए। साथ ही वहाँ ‘रंग दे बसंती चोला’ गाना भी बजाया गया। वहाँ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागीदारी की। बाँसुरी स्वराज ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो जन-औषधि केंद्र के जरिए कम दाम में दवाइयाँ बाँटते हैं, दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल हैं जिनके राज में फर्जी दवाइयाँ बाँटी जाती है, फर्जी टेस्ट होते हैं।

उन्होंने इस दौरान मोहल्ला क्लिनिक्स पर भी निशाना साधा। उधर AAP ने अरविंद केजरीवाल के समर्थन में रविवार (7 अप्रैल, 2024) को ही सामूहिक उपवास का ऐलान किया था। देश भर से लोगों को सामूहिक उपवास करते हुए तस्वीरें भेजने के लिए कहा गया। इस दौरान हाल ही में जेल से निकले राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा के ‘400 पार’ नारे पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ सीटें पाकिस्तान से, कुछ बांग्लादेश से, कुछ श्रीलंका से और कुछ अफगानिस्तान से भी आ जाती।

बंगाल में NIA की टीम पर हमला, FIR भी NIA के ही अधिकारियों पर: TMC नेता के घर की महिलाओं का शोषण करने का आरोप, ब्लास्ट केस में कार्रवाई करने आई थी एजेंसी

पश्चिम बंगाल में NIA के अधिकारियों पर हमला किया गया, अब उन पर महिलाओं के शोषण का मामला दर्ज कर लिया गया है। पूर्वी मिदनापुर पुलिस ने NIA अधिकारियों के खिलाफ IPC की धारा-354 (शोषण) और 441 (बिना अधिकार प्रवेश) लगाते हुए FIR दर्ज की है। शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की सुबह को ये हमला हुआ, रात को FIR दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए TMC कार्यकर्ता मनोव्रत जैन के परिजनों की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है।

उनका कहना है कि देर रात के समय दरवाजा तोड़ कर NIA के अधिकारीयों ने महिलाओं का शोषण किया। हालाँकि, NIA ने अधिकारियों पर हमले को लेकर जो शिकायत भूपतिनगर थाने में ही दर्ज कराई है उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 3 दिसंबर, 2022 को हुए एक ब्लास्ट के केस में NIA बलाई मैती और मनोव्रत जैन को गिरफ्तार करने गई थी, इसी दौरान उन पर हमला हुआ। इस ब्लास्ट में 3 लोग मारे गए थे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि न सिर्फ पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया गया, बल्कि अधिकारियों को चोटें भी आईं। भाजपा ने इस हमले की तुलना 5 जनवरी, 2024 को संदेशखाली में TMC नेता शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने गई ED की टीम पर हमले से की है। उसी हमले के बाद जनजातीय समाज की कई महिलाओं ने आगे आकर शाहजहाँ शेख व उसके गुर्गों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। NIA अधिकारियों पर FIR किए जाने को भाजपा के राज्यसभा सांसद समीक भट्टाचार्य ने भारतीय संविधान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा करार दिया।

CPI(M) नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस ने NIA पर हमले में आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाए अधिकारियों पर ही FIR दर्ज कर ली, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद यह सन्देश दे रही हैं कि केंद्रीय एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती। ममता बनर्जी ने भाजपा पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के सभी बूथ अध्यक्षों को गिरफ्तार करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि NIA को राज्य में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है।

जहाँ पली-बढ़ीं माधवी लता, जहाँ कभी थे हिंदुओं के 100 घर, आज बचे हैं केवल 5: दंगों को याद कर बोलीं- रात भर लगता था डर

हैदराबाद से बीजेपी की उम्मीदवार माधवी लता का एक इंटरव्यू इस समय चर्चा में है। यह इंटरव्यू उन्होंने रजत शर्मा की ‘आप की अदालत’ को दिया है। इस दौरान अपने बचपन की तस्वीरों को देख माधवी लता भावुक हो गईं। साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे उनके इलाके में कभी हिंदुओं के करीब 100 घर थे। आज केवल 5 बचे हैं। उन्होंने 80-90 के दशक के दंगों को याद करते हुए बताया कि उस समय वे लोग रात भर डरे रहते थे।

जब रजत शर्मा ने शो के दौरान माधवी लता को उनकी बचपन की कुछ तस्वीरें दिखाई तो वे आश्चर्यचकित और भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि ये तस्वीरें उनके पास भी नहीं हैं। साथ ही रजत शर्मा से इन तस्वीरों की कॉपी देने का आग्रह करते हुए बताया कि वे ओल्ड हैदराबाद के यकतपुरा विधानसभा क्षेत्र के संतोष नगर में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाले एक मकान में पली-बढ़ी हैं।

उन्होंने बताया कि 1988 के सितंबर में हैदराबाद में करीब तीस साल बाद बाढ़ आया था। बारिश का पानी कमर तक उनके घर में घुस गया था। तब वे पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ती थीं और उनकी 15 से 20 अलबम पानी में बह गई थी। माधवी लता ने कहा, “अच्छा लग रहा है खुद को देखकर, क्योंकि मैं भूल गई थी की वो माधवी कैसी दिखती थी।”

आगे उन्होंने बताया कि आज भी वो इलाका वैसा ही है। कुछ नहीं बदला है। अभी भी बारिश होने पर पर वही हालत हो जाते हैं। आज भी वहाँ स्कूल-कॉलेज नहीं हैं। आज भी बच्चे मोहल्ले में चलने से डरते हैं। जब रजत शर्मा ने उनसे पुरानी यादों और उस समय हैदराबाद के माहौल को लेकर पूछा तो माधवी लता ने कहा, “उस समय जब भी कोई त्योहार होता था, चाहे मुसलमान का हो या हिंदू का हो सभी लोग बड़े मजे में अपना त्योहार मनाते थे। पता नहीं मैं बहुत छोटी थी तो रोड बड़ा दिखता था या सही में रोड बड़ा था। आज इतने सालों के बाद जब उसी रोड पर मैं निकल पड़ी तो रोड के ऊपर घर आ गए हैं। जिस मोहल्ले में 100 हिन्दू थे, आज सिर्फ 5 हिंदू के घर हैं।” आप ये बातचीत 10 से 15 मिनट के बीच सुन सकते हैं।

दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “1980-1990 के दौरान जो कम्युनल राइट हुए थे, उस समय रात भर हमको डर लगता था। मैं बहुत छोटी थी। घर के पुरुष जो भी बड़े हैं, एक डंडा लेकर उनको पहरा देना पड़ता था और घर की औरतों को मिर्ची हाथ में लेकर पोटली बना कर तैयार रखना पड़ता था। पता नहीं आधी रात को कौन एक अलग जगह से आ जाए। 10-15 लोग आएँ और सिर फोड़ देंगे। कोई भी आवाज से एकदम चौंक कर उठ जाती थी। इतने सालों के बाद भी सच्चाई तो ये है कि तब कम्युनल राइट होते थे और अब पॉलिटिकल राइट होते हैं।”

लोकसभा चुनाव में माधवी लता का मुकाबला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी से है। उन्होंने बोगस वोटों को ओवैसी की जीत का आधार बताते हुए कहा है कि इस बार वे डेढ़ लाख वोटों से हारेंगे। इस इंटरव्यू के दौरान माधवी लता (Madhvi Latha in Aap Ki Adalat) ने अपनी जीवन यात्रा, ओवैसी से मुकाबले, हैदराबाद के मुस्लिम इलाकों में सामाजिक कार्यों, गरीब मुस्लिमों की स्थिति से जुड़े सवालों का बेबाक तरीके से जवाब दिया है। उन्होंने हैदराबाद की लड़कियों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

उनकी बेबाकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रभावित किया है। पीएम मोदी ने उनकी सराहना करते हुए एक्स/ट्विटर पर लिखा है, “माधवी लता जी, आपका ‘आप की अदालत’ एपिसोड असाधारण है। आपने बेहद तार्किक तरीके से काफी ठोस मुद्दे उठाए हैं। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं। मैं सभी से आज (7 अप्रैल 2024) सुबह 10 बजे या रात 10 बजे इस कार्यक्रम का दोबारा प्रसारण देखने का भी आग्रह करता हूँ। आप सभी को इससे काफी उपयोगी जानकारी मिलेगी।”