Home Blog Page 1064

‘आपकी कृपा पर नहीं’: मुख़्तार अंसारी के कब्र पर मिट्टी को लेकर महिला DM से भिड़ गया भाई अफजाल, कहा – परमिशन की ज़रूरत नहीं

माफिया मुख्तार अंसारी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाजीपुर जिले के उनके पैतृक निवास युसूफपुर मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। मुख़्तार के जनाजे में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, और कई लोगों ने नारेबाजी, इसके बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। गाजीपुर की डीएम ने कहा कि धारा 144 लागू होने के बावजूद जिस तरह की हरकतें की गई हैं, उसके लिए कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि वीडियोग्राफी में सबकुछ कैद हुआ है।

इस दौरान गाजीपुर डीएम और मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी के बीच काफी जबरदस्त बहस हुई। दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही, जिसमें अफजाल अंसारी ने कहा कि जनाजे के लिए किसी भी परमिशन की जरूरत नहीं है। डीएम ने कहा है कि इस मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बहस मुख्तार अंसारी की कब्र पर मिट्टी डालने को लेकर हुई है। दरअसल धारा-144 लागू है, ऐसे में गाजीपुर डीएम का कहना था कि कब्र पर मिट्टी हर कोई नहीं डाल सकता। इस बात पर अफजाल अंसारी ने कहा कि कब्र पर मिट्टी डालने से कोई नहीं रोक सकता। डीएम आर्यका अखौरी ने अफजाल अंसारी से कहा कि धारा-144 लागू है। ऐसे में ज्यादा भीड़ जमा नहीं कर सकते। इस बात पर अफजाल अंसारी ने कहा लोगों को कब्र पर मिट्टी डालने से नहीं रोका जा सकता। अफजाल अंसारी ने साफ कहा कि ये रीति रिवाज है, ये करने से लोगों को नहीं रोका जा सकता।

इस पर डीएम ने कहा कि आपने इसकी कोई इजाजत नहीं ली है, पूरा कस्बा मिट्टी नहीं देगा। परिवार और खास लोग ही कब्र पर मिट्टी दे सकते हैं। इस पर अफजाल अंसारी ने डीएम से कहा कि सिर्फ कस्बा ही नहीं, जहाँ का भी कोई शख्स मिट्टी देना चाहेगा, वह यहाँ आकर मिट्टी देगा। अफजाल अंसारी ने कहा कि धारा-144 लगने के बाद भी किसी को जनाजे और कब्र पर मिट्टी डालने से नहीं रोका जा सकता। इस घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

योगी के मंत्री ने मुख्तार अंसारी को बताया गरीबों का मसीहा

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मुख्तार को गरीबों का मसीहा बताया और कहा कि वो क्रांतिकारी थे। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब भी किसी गरीब पर ज्यादती होगी तो गरीब के साथ जो खड़ा दिखाई देगा तो गरीबों का मसीहा ही कहा जाएगा। मुख्तार अंसारी को लेकर कई लोगों के बयान आएं है कि हमारी जान बचाई..हमारी मदद की.. जब उन्होंने गरीबों की मदद की है तो वो गरीबों के मसीहा होंगे ही। राजभर ने माना कि उन्होंने मुख्तार अंसारी को क्रांतिकारी कहा था और वो आज भी इस बयान पर कायम हैं।

बता दें कि मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी उनकी सुभासपा से विधायक है। एबीपी न्यूज द्वारा पूछे गए इस पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग के पास जो आंकड़ा है उसके हिसाब से वो हमारी पार्टी में हैं लेकिन, उन्होंने अब्बास अंसारी को अखिलेश यादव के कहने पर अपनी पार्टी का सिंबल दिया था।

मुख्तार अंसारी को पैतृक गाँव मोहम्मदबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मुख्तार अंसारी के जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए। मुख्तार की बांदा की जेल में बंद रहने के दौरान तबियत खराब हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। मुख्तार का शव शुक्रवार को गाजीपुर पहुँचा था और शनिवार को उसे कब्रिस्तान में आखिरी विदाई दी गई।

उत्सव में डूबी लाखों हिन्दुओं की भीड़, लेकिन क्षण भर में एम्बुलेंस के लिए बना दिया रास्ता: इंदौर की ‘गेर’ में हिस्सा लेने वाले पहले CM बने मोहन यादव, रंगों का गुब्बार-पानी की बौछार

मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार (30 मार्च, 2024) को रंगपंचमी की धूम रही। लाखों की संख्या में हिन्दुओं की भीड़ जुटी और उत्सव मनाया गया। राजवाड़ा, जिसे इंदौर के हृदयस्थल भी कहा जाता है, वहाँ कुम्भ मेले जैसा माहौल रहा। रंगपंचमी पर वहाँ फाग यात्रा व गेर निकाली जाती है। रंगों के गुब्बार और पानी की बौछारों के बीच भी उत्सव में डूबी लाखों हिन्दुओं की भीड़ ने एम्बुलेंस को रास्ता दिया और अपनी सहृदयता का परिचय दिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।

लोग इसके बाद हिन्दुओं, खासकर इंदौर के हिन्दुओं की जम कर तारीफ कर रहे हैं। उत्सव के समय ही एम्बुलेंस एक मरीज को लेकर जा रही थी। एम्बुलेंस का सायरन सुनते ही श्रद्धालुओं ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिल कर उसके लिए रास्ता बनाया और उसे पार कराया। कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस इतनी भीड़ के बावजूद वहाँ से निकल गई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी फाग यात्रा व गेर में हिस्सा लेने के लिए राजवाड़ा पहुँचे हुए थे, जहाँ उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव गुलाल से तर होकर राजधानी भोपाल को लौटे। ‘हिन्दू रक्षक संगठन’ यात्रा का नेतृत्व कर रहा था, जिसमें युवकगण सबसे आगे पताकाएँ लेकर चल रहे थे। भजन मंडलियाँ भक्ति-संगीत से लोगों को सरोबार करती हुई चल रही थीं। वहीं साथ में एक झाँकी भी थी, जिसमें हनुमान जी संजीवनी बूटी वाला पर्वत हाथ पर उठाए दिख रहे थे। डॉ मोहन यादव ने कहा कि वो 75 वर्ष पुरानी इस परंपरा में शामिल होकर गौरवान्वित हैं, ये MP के साथ-साथ मालवा का विशेष आयोजन है।

CM मोहन यादव ने कहा कि ‘गेर’ तो एक शब्द है, ये अपना बनाने वालों की टोली है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर अलग-अलग मोहल्लों और वर्ग के लोग अपना-अपना निशान लेकर निकलते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर अचार संहिता लागू है, कुछ सीमाएँ हैं इसके बावजूद वो यहाँ पहुँचे हैं। बता दें कि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले वो MP के पहले मुख्यमंत्री हैं। राज्य के शहरी विकास एवं आवास और संसदीय मामलों के मंत्री व इंदौर से विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने उनका स्वागत किया।

‘भगवंत मान ने हमारी की पीठ में छुरा घोंपा’: पंजाब में सड़कों पर उतरे किसानों ने जलाया CM का पुतला, कहा – AAP नेताओं को गाँवों में घुसने नहीं देंगे

पंजाब के किसानों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मार्केट कमिटी को लेकर राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ किसानों ने अमृतसर में शनिवार (30 मार्च 2024) को प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूँका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीएम मान को किसान विरोधी बताया और उनके खिलाफ नारे लगाए।

अमृतसर के गोल्डन गेट के पास प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे भगवंत मान की तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे। उनका कहना है कि भगवंत मान सरकार ने 26 मार्केट कमिटी को भंग करने का निर्णय लिया है, जो किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने भगवंत मान को किसानों के पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया।

एक किसान ने कहा, “किसान-मजदूर भगवंत मान सरकार की अर्थी जला रहे हैं। भगवंत मान की सरकार ने पंजाब के किसानों के पीठ में छुरा घोंपा है। हमारा नुकसान किया है। उन्होंने हमारे पंजाब की 26 मार्केट कमिटियाँ तोड़ दी हैं। उन्होंने सारा काम 9 कॉरपोरेट को सौंप दिया है। इसके विरोध में हम भगवंत मान सरकार की अर्थी जला रहे हैं।”

उस किसान ने आगे कहा, अपनी सरकार बचाने के लिए इन्होंने (भगवंत मान ने) पंजाबियों का गला घोंट दिया। मैं आढ़तियों से आह्वान करता हूँ कि अगर जिंदा रहना है मंडी में तो इनके खिलाफ बोलिए। मार्केट कमिटी के मुलाजिमों से बोलूँगा कि इनके खिलाफ आइए। आने समय में निर्णय करेंगे कि भगवंत मान सरकार के खिलाफ क्या फैसला करना है।”

सामने आए वीडियो में यह किसान कहता है, “हम ये भी निर्णय करेंगे कि आम आदमी पार्टी को गाँव में घुसने देना है कि नहीं देना है, अगर ये नोटिफिकेशन रद्द नहीं किया गया। इसके साथ-साथ हम भगवंत मान सरकार को कहना चाहेंगे कि अगर ये फैसला वापस नहीं लेते हो तो हमारा सामना आपको भी करना पड़ेगा।ठ

पंजाब के इस किसान ने कहा आम आदमी पार्टी की सरकार ने मंडियों को कारपोरेट का यार्ड बना दिया है। साल 2023-24 की गेहूँ खरीदने, बेचने और उसे स्टोर करने का फैसला कारपोरेट को दिया है। चेतावनी देते हुए उसने कहा कि इसका विरोध अब पंजाब में चरम सीमा पर पहुँचेगा।

बता दें कि पंजाब सरकार ने मंडी बोर्ड ऐक्ट 1961 में संशोधन किया है और मार्केट कमिटियों को भंग करके इसे दूसरे विभागों के साथ मर्ज कर दिया है। इससे पंजाब के किसान भड़क गए हैं और भगवंत मान सरकार पर तानाशाही करने और किसानों-मजदूरों के खिलाफ काम करने का आरोप लगा रहे हैं।

कर्पूरी ठाकुर, PV नरसिम्हा राव, MS स्वामीनाथन, चौधरी चरण सिंह… दिवंगत दिग्गजों के परिजनों ने उनकी तरफ से ग्रहण किया ‘भारत रत्न’, PM मोदी ने याद दिलाए सबके योगदान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (30 मार्च, 2024) को 4 हस्तियों को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, हरित क्रांति के जनक MS स्वामीनाथन, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के परिजनों ने ये सम्मान ग्रहण किया। स्वास्थ्य कारणों से पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को उनके घर जाकर राष्ट्रपति ये सम्मान देंगी। 96 वर्षीय दिग्गज नेता आजकल सार्वजनिक या निजी कार्यक्रमों में नहीं दिखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MS स्वामीनाथन को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने के बाद कहा, “कृषि जगत की एक सम्मानित हस्ती डॉ एमएस स्वामीनाथन को अनुवांशिकी और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अनुसन्धान एवं अग्रणी कार्यों के लिए जाना जाता है। खाद्य उत्पादन में संघर्ष कर रहे भारत को उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्हें ‘भारत रत्न’ दिया जाना कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में लोगों को अनुसन्धान करने के लिए प्रेरित करे!”

वहीं दिवंगत कर्पूरी ठाकुर की तरफ से ये सम्मान उनके बेटे व राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने ग्रहण किया। पीएम मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ एक ऐसी विभूति को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय और समानता के लिए समर्पित कर दिया। जननायक को समाज के अत्यंत पिछड़े वर्ग के मसीहा के रूप में जाना जाता है। समाज में हाशिये पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए उन्होंने अपना बहुमूल्य योगदान दिया।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए कर्पूरी का अथक संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। बकौल पीएम मोदी, उनको ‘भारत रत्न’ का सम्मान हमारे समावेशी समाज और संवेदनशीलता के भारतीय मूल्यों का ही सम्मान है। वहीं दिवंगत PV नरसिम्हा राव की तरफ से भी उनके बेटे पीवी प्रभाकर ने ये सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ग्रहण किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश के लिए दिवंगत पीएम ने जो किया है उसे पूरे देश मानता है और उन्हें ये सम्मान मिलना गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि PV नरसिम्हा राव ने हमारे देश की प्रगति और आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया। बकौल पीएम मोदी, उन्हें एक सम्मानित विद्वान और विचारक के रूप में भी जाना जाता है, उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं दिवंगत चौधरी चरण सिंह की तरफ से उनके पोते और RLD के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ये सम्मान ग्रहण किया। जयंत चौधरी हाल ही में NDA का हिस्सा बने हैं और सपा का दामन छोड़ा है।

पीएम मोदी ने कहा, “चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देश के विकास, विशेषकर कृषि और ग्रामीण विकास में उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान है। मुझे विश्वास है कि कड़ी मेहनत और जनसेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” बता दें कि चौधरी चरण सिंह की सरकार को कॉन्ग्रेस का बाहर से समर्थन था, वहीं नरसिम्हा राव भी कॉन्ग्रेसी थे। दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी मोदी सरकार ने ‘भारत रत्न’ से नवाजा था, जो कई दशक तक कॉन्ग्रेस का हिस्सा रहे।

रमजान के महीने में हलीम को लेकर फिर भिड़े रोजाधारी, मारपीट की Video आई सामने: 1 महीने में हैदराबाद से दूसरा मामला

रमजान के महीने में हैदराबाद में एक बार फिर हलीम के लिए हंगामा खड़ा हो गया। इस बार घटना मुर्शिदाबाद की है। सामने आई वीडियो में सड़क पर इकट्ठा भीड़ के बीच कुछ लोगों को लड़ाई करते देखा जा सकता है। वीडियो जगह-जगह वायरल है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, झगड़ा पैसे के लेनी-देनी पर शुरू हुआ। कथिततौर पर हलीम लेने के बाद ग्राहक ने पैसे नहीं चुकाए इसलिए रेस्टोरेंट मालिक भड़क गया। वहीं ग्राहक का कहना था कि वो पैसे दे चुका है। वीडियो में चलती सड़क पर कुछ टोपी पहने लोगों को एक दूसरे को मारते देखा जा सकता है।

बता दें कि रमजान के महीने में हैदराबाद से आई ये दूसरी घटना है जहाँ हलीम के लिए मारा-मारी देखी गई। इससे पहले मालकपेट शहर में एक होटल के बाहर बुरी तरह भीड़ हलीम के लिए लड़ाई लड़ते देखी गई थी।

वीडियो में दिख रहा था कि लोग एक दूसरे से धक्का-मुक्की कर रहे थे। बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस ने आकर स्थिति को संभाला तो लेकिन ये बेहद मुश्किल काम था। होटल/रेस्टोरेंट के बाहर फ्री हलीम के इंतजार में खड़ा कोई व्यक्ति वहाँ से हटने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस को लाठी चार्ज का भी सहारा लेना पड़ा।

दिल्ली जल बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने दाखिल की चार्जशीट, 8000 पन्नों में दर्ज है पूरी कहानी: टेंडर जिसे मिला, उसने काम ही नहीं किया

दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने ये चार्जशीट राउज ऐवन्यू कोर्ट में दाखिल की। ईडी ने अपनी चार्जशीट में जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल, जगदीश अरोड़ा के करीबी और चार्टेड अकाउंटेड तजेंद्र सिंह समेत एनबीसीसी के पूर्व अधिकारी देवेंद्र कुमार मित्तल और एक कंपनी एनकेजी को भी आरोपित बनाया है।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में 8 हजार पेज के दस्तावेज दाखिल किया, जिसमें 140 पेज ऑपरेटिव पार्ट है। राउज ऐवन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। ईडी ने कहा कि एनकेजी कंपनी को आरोपित बनाया है। वजह है कि उसके डायरेक्टर की मौत हो गई इसलिए उनको आरोपित नहीं बनाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार्जशीट में ईडी ने कहा कि एनबीसीसी के अधिकारी मित्तल ने जो सर्टिफिकेट जारी किया उसी के आधार पर एनकेजी कंपनी को टेंडर मिला था। इसके लिए एनकेजी ने मित्तल का प्लेन टिकट बुक कराया था। इस मामले की जाँच अब भी जारी है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि बिना दस्तखत किया गया एक नोट शीट तैयार किया गया था, जो डीजीपी समेत दूसरे लोगों के पास भी मौजूद था।

ईडी ने कहा कि एनकेजी ने कोई काम नहीं किया था लेकिन उसको टेंडर मिला था, हालाँकि एनबीसीसी के रिकॉर्ड में एनकेजी के बारे में कुछ नहीं था। ईडी ने कहा कि जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल, तजेंद्र सिंह चार्टेड अकाउंटेड हैं जो जगदीश अरोड़ा के करीबी है। मित्तल एनबीसीसी के अधिकारी है, मित्तल ने एनकेजी कम्पनी को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराया था।

ईडी ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने एनकेजी को 38 करोड़ रुपये का टेंडर दिया, जिसमें से 24 करोड़ रुपये जारी किए गए। 38 करोड़ में से 24 करोड़ जारी करने के बाद जारी 6 करोड़ 38 लाख बचा लिए ये प्रोसीड ऑफ क्राइम है। जिसमें से 56 लाख रुपये ताजेंद्र सिंह के जरिए जगदीश अरोड़ा को मिले। 36 करोड़ रुपयों में से केवल 14 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल किया गया।

ईडी ने अदालत से कहा कि एनकेजी और इंटीग्रल ग्रुप का पैसा जगदीश अरोड़ा के पास गया था, क्योंकि उन्होंने टेंडर जारी किया था। उन्होंने कंपनियों से टेंडर के बदले पैसे लिए थे। जगदीश को 3.19 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 56 लाख रुपये एनकेजी से बाकी बचे हुए रुपये इंटीग्रल ग्रुप के थे।

बता दें कि दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित केस की ईडी जांच सीबीआई की एक एफआईआर पर आधारित है, जिसमें दावा किया गया था कि जगदीश अरोड़ा ने किसी एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये से ज्यादा का कॉन्ट्रेक्ट दिया था, जो टेक्निकिल रूप से उसके पात्र नहीं थे। ईडी का दावा है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड फर्जी दस्तावेज सबमिट करके कॉन्ट्रेक्ट हासिल किया था।

मक्का मस्जिद के सामने पति-पत्नी से मारपीट और गाली-गलौच, नवजात को भी नहीं छोड़ा: वीडियो वायरल, शाबाज-फिरदौस और फरहान-अयाज गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित मक्का मस्जिद के सामने एक परिवार के साथ मारपीट करने और उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) को चार मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गए लोगों में मोहम्मद शाबाज (19), मोहम्मद फरहान अहमद (19), सैयद फिरदौस (19) और शेख अयान (19) शामिल है।

दरअसल, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो पर हैदराबाद पुलिस की नजर 26 मार्च को गई। इस वीडियो में कुछ युवक मक्का मस्जिद के सामने एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उसके नवजात बच्चे के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने इस वीडियो का स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया।

वायरल वीडियो और मोहम्मद खलील नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर चारमीनार पुलिस स्टेशन के पुलिस उप-निरीक्षक भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 295-ए और 34 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपितों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया।

इसके बाद चारमीनार पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) की तड़के एक आरोपित को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी का नाम शेख अयान है और वह 19 साल का है। पुलिस ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने साथियों के नाम बता दिए। इसके बाद पुलिस ने सैयद फिरदौस (19), मोहम्मद शाबाज़ (19) और मोहम्मद फरहान अहमद (19) को भी पकड़ लिया।

पुलिस ने दो आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। उन मोबाइल में वायरल वीडियो क्लिप थी। पुलिस ने उन मोबाइल को जब्त कर लिया है। चारों आरोपितों को पुलिस ने शुक्रवार (24 मार्च 2024) को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन चारों को जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तारी दक्षिण जोन हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त पी साई चैतन्य और हैदराबाद के सहायक पुलिस आयुक्त पी चंद्रशेखर की देखरेख में इंस्पेक्टर चंद्र शेखर, सब इंस्पेक्टर बी भास्कर राव और चारमीनार पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की।

600 साल बाद होगा मार्तण्ड सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार, जम्मू कश्मीर सरकार ने बुलाई बड़ी बैठक: सिकंदर शाह मीरी ने तोड़ा था, बॉलीवुड ने बताया ‘शैतान की गुफा’

जम्मू कश्मीर में स्थित प्राचीन मार्तण्ड सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को इस सम्बन्ध में एक उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई है। इसमें अनंतनाग स्थित प्राचीन मार्तण्ड सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार पर भी फैसला लिया जाएगा। जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा जारी की गई एक आधिकारिक अधिसूचना में लिखा है, “संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव ने एक बैठक बुलाई है, जिसमें कश्मीर के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार/संरक्षण/सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी।”

साथ ही इस अधिसूचना में बड़ी जानकारी दी गई है कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर परिसर में इसके निर्माता सम्राट ललितादित्य मुक्तपद की प्रतिमा की स्थापना को लेकर भी चर्चा की जाएगी। जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट स्थित अपने चैंबर में प्रधान सचिव ने ये बैठक बुलाई है। बता दें कि महाराज ललितादित्य मुक्तपद ने ही मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था। सुल्तान सिकंदर शाह मीरी, जिसे मूर्तियाँ तोड़ने की आदत के कारण बुतशिकन भी कहा गया, उसने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।

ललितादित्य मुक्तपद करकोटा वंश के राजा थे। उन्होंने सातवीं शताब्दी में शासन किया था। राजतरंगिणी में उनकी महिमा का वर्णन है। हाल ही में अनंतनाग स्थित राम मंदिर में अयोध्या से आए कलश को स्थापित किया गया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के भक्तगण भी उपस्थित थे। जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी मार्तण्ड सूर्य मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना कर चुके हैं। ‘हैदर’ फिल्म के जरिए इस मंदिर को बदनाम किया गया था और इसे ‘शैतान की गुफा’ बताया गया था।

ओडिशा के कोणार्क और गुजरात के मोढेरा की तरह कश्मीर का मार्तण्ड सूर्य मंदिर भी भगवान सूर्य को समर्पित भव्य हिन्दू मंदिरों में से एक है, जिसका वैभव प्राचीन काल में बहुत बड़ा हुआ करता था। फ़िलहाल ये ASI के संरक्षण में है। राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी, 2024 को यहाँ हिन्दू कार्यकर्ताओं ने आकर पूजा-अर्चना भी की थी। वहाँ हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, भगवा ध्वज लहराया गया और मंदिर की परिक्रमा की गई।

क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली तस्वीर का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर रहे थे TMC उम्मीदवार यूसुफ पठान: चुनाव आयोग ने फटकारा, कहा – सब हटाओ

लोकसभा चुनाव 2024 में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार यूसुफ पठान को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका दिया है। चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर सीट से मैदान में उतरे यूसुफ पठान को साल 2011 के क्रिकेट विश्वकप जीत की दौरान की तस्वीरों को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

इस सीट पर बीजेपी की तरफ से डॉ निर्मल कुमार साहा मैदान में हैं, तो लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भी मैदान में हैं। उनकी तरफ से कॉन्ग्रेस पार्टी ने ही इस बात की शिकायत की थी कि यूसुफ पठान चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने ये आदेश जारी किया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाने वाली तस्वीर को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल न किया जाए, साथ ही राष्ट्रीय झंडे तिरंगे का भी इस्तेमाल चुनाव प्रचार में न करने की भी हिदायत दी है। कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि पठान लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सचिन तेंदुलकर की तस्वीरों का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें कि भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2011 में घरेलू धरती पर वनडे विश्व कप जीता था।

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि कॉन्ग्रेस की शिकायत की जाँच की गई, जिसमें शिकायत को सही पाया गया। इसके बाद ही ये आदेश जारी किया गया। चुनाव आयोग ने पाया कि साल 2011 की विश्वकप जीत पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। ऐसे में उसे कोई एक व्यक्ति अपने निजी फायदे के लिए चुनाव में इस्तेमाल करे और मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करे, ये गलत है।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में यूसुफ पठान को 2011 विश्व कप में भारत की जीत से संबंधित तस्वीरों वाले सभी अभियान फ्लेक्स हटाने का भी निर्देश दिया है। हालाँकि यूसुफ पठान ने ये कहकर कॉन्ग्रेस की दलीलों का विरोध किया कि वो विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, इसलिए उन्हें ऐसा करने का अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।

बता दें कि युसुफ पठान ने 57 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधितिव किया है, जिसमें उन्होंने 27 की औसत से 810 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 123 रन है। पठान ने 22 टी20 इंटरनेशन मैचों में 236 रन बनाए हैं। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने टी20 में 13 तो वनडे क्रिकेट में 33 विकेट चटकाए हैं। यूसुफ पठान अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए जाते रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में काफी समय तक केकेआर टीम की तरफ से क्रिकेट खेला है।

सीने में तेज दर्द, अस्पताल में तोड़ दिया दम: साउथ के अभिनेता ने 48 की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा, विलेन बन हुए थे दर्शकों में मशहूर

साउथ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता डेनियल बालाजी का मात्र 48 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि निधन से पहले डेनियल ने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें चेन्नई के कोट्टीवक्कम अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अस्पताल में भी उनकी जान नहीं बच पाई और उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया

बता दें कि डेनियल ज्यादातर फिल्मों में नेगेटिव रोल प्ले करते थे और इसी के लिए उनके फैंस उन्हें जानते भी थे। उन्होंने कमाल हासन जैसे बड़े एक्टर्स के साथ फिल्में की थीं। उनके निधन की खबर साउथ के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सबके लिए झटका है।

उनके फैंस उन्हें सोशल मी़डिया पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनका असली नाम टीसी बालाजी था लेकिन इंडस्ट्री उन्हें डेनियल बालाजी के नाम से जानती है। साल 2004 में उन्होंने ममूटी की फिल्म ‘ब्लैक’से मलयालम सिनेमा में एक्टिंग का डेब्यू किया था। इसके बाद वो डैडी कूल में भी दिखे। 2006 में उन्होंने कमल हासन स्टारर वाली फिल्म वेत्तैयादु विलैयादु में भी विलेन का रोल निभाया था।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक से कई जाने-मानी हस्तियों की जान गई है। पिछले साल कन्नड़ सिनेमा के मशहूर नाम पुनीत राजकुमार ने मात्र 46 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। वहीं बॉलीवुड के सिंगर केके का भी 53 की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसी तरह बॉलीवुड के जाने-माने नाम सतीश चंद्र कौशिक भी 66 में अचानक परिवार को अकेला छोड़ चले गए थे और 2021 में हार्ट अटैक से ही बिग बॉस 13 के विनर सिद्धार्थ शुक्ला का भी निधन हुआ था।