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कर्पूरी ठाकुर, PV नरसिम्हा राव, MS स्वामीनाथन, चौधरी चरण सिंह… दिवंगत दिग्गजों के परिजनों ने उनकी तरफ से ग्रहण किया ‘भारत रत्न’, PM मोदी ने याद दिलाए सबके योगदान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (30 मार्च, 2024) को 4 हस्तियों को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, हरित क्रांति के जनक MS स्वामीनाथन, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के परिजनों ने ये सम्मान ग्रहण किया। स्वास्थ्य कारणों से पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को उनके घर जाकर राष्ट्रपति ये सम्मान देंगी। 96 वर्षीय दिग्गज नेता आजकल सार्वजनिक या निजी कार्यक्रमों में नहीं दिखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MS स्वामीनाथन को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने के बाद कहा, “कृषि जगत की एक सम्मानित हस्ती डॉ एमएस स्वामीनाथन को अनुवांशिकी और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अनुसन्धान एवं अग्रणी कार्यों के लिए जाना जाता है। खाद्य उत्पादन में संघर्ष कर रहे भारत को उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्हें ‘भारत रत्न’ दिया जाना कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में लोगों को अनुसन्धान करने के लिए प्रेरित करे!”

वहीं दिवंगत कर्पूरी ठाकुर की तरफ से ये सम्मान उनके बेटे व राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने ग्रहण किया। पीएम मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ एक ऐसी विभूति को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय और समानता के लिए समर्पित कर दिया। जननायक को समाज के अत्यंत पिछड़े वर्ग के मसीहा के रूप में जाना जाता है। समाज में हाशिये पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए उन्होंने अपना बहुमूल्य योगदान दिया।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए कर्पूरी का अथक संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। बकौल पीएम मोदी, उनको ‘भारत रत्न’ का सम्मान हमारे समावेशी समाज और संवेदनशीलता के भारतीय मूल्यों का ही सम्मान है। वहीं दिवंगत PV नरसिम्हा राव की तरफ से भी उनके बेटे पीवी प्रभाकर ने ये सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ग्रहण किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश के लिए दिवंगत पीएम ने जो किया है उसे पूरे देश मानता है और उन्हें ये सम्मान मिलना गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि PV नरसिम्हा राव ने हमारे देश की प्रगति और आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया। बकौल पीएम मोदी, उन्हें एक सम्मानित विद्वान और विचारक के रूप में भी जाना जाता है, उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं दिवंगत चौधरी चरण सिंह की तरफ से उनके पोते और RLD के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ये सम्मान ग्रहण किया। जयंत चौधरी हाल ही में NDA का हिस्सा बने हैं और सपा का दामन छोड़ा है।

पीएम मोदी ने कहा, “चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देश के विकास, विशेषकर कृषि और ग्रामीण विकास में उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान है। मुझे विश्वास है कि कड़ी मेहनत और जनसेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” बता दें कि चौधरी चरण सिंह की सरकार को कॉन्ग्रेस का बाहर से समर्थन था, वहीं नरसिम्हा राव भी कॉन्ग्रेसी थे। दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी मोदी सरकार ने ‘भारत रत्न’ से नवाजा था, जो कई दशक तक कॉन्ग्रेस का हिस्सा रहे।

रमजान के महीने में हलीम को लेकर फिर भिड़े रोजाधारी, मारपीट की Video आई सामने: 1 महीने में हैदराबाद से दूसरा मामला

रमजान के महीने में हैदराबाद में एक बार फिर हलीम के लिए हंगामा खड़ा हो गया। इस बार घटना मुर्शिदाबाद की है। सामने आई वीडियो में सड़क पर इकट्ठा भीड़ के बीच कुछ लोगों को लड़ाई करते देखा जा सकता है। वीडियो जगह-जगह वायरल है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, झगड़ा पैसे के लेनी-देनी पर शुरू हुआ। कथिततौर पर हलीम लेने के बाद ग्राहक ने पैसे नहीं चुकाए इसलिए रेस्टोरेंट मालिक भड़क गया। वहीं ग्राहक का कहना था कि वो पैसे दे चुका है। वीडियो में चलती सड़क पर कुछ टोपी पहने लोगों को एक दूसरे को मारते देखा जा सकता है।

बता दें कि रमजान के महीने में हैदराबाद से आई ये दूसरी घटना है जहाँ हलीम के लिए मारा-मारी देखी गई। इससे पहले मालकपेट शहर में एक होटल के बाहर बुरी तरह भीड़ हलीम के लिए लड़ाई लड़ते देखी गई थी।

वीडियो में दिख रहा था कि लोग एक दूसरे से धक्का-मुक्की कर रहे थे। बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस ने आकर स्थिति को संभाला तो लेकिन ये बेहद मुश्किल काम था। होटल/रेस्टोरेंट के बाहर फ्री हलीम के इंतजार में खड़ा कोई व्यक्ति वहाँ से हटने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस को लाठी चार्ज का भी सहारा लेना पड़ा।

दिल्ली जल बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने दाखिल की चार्जशीट, 8000 पन्नों में दर्ज है पूरी कहानी: टेंडर जिसे मिला, उसने काम ही नहीं किया

दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने ये चार्जशीट राउज ऐवन्यू कोर्ट में दाखिल की। ईडी ने अपनी चार्जशीट में जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल, जगदीश अरोड़ा के करीबी और चार्टेड अकाउंटेड तजेंद्र सिंह समेत एनबीसीसी के पूर्व अधिकारी देवेंद्र कुमार मित्तल और एक कंपनी एनकेजी को भी आरोपित बनाया है।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में 8 हजार पेज के दस्तावेज दाखिल किया, जिसमें 140 पेज ऑपरेटिव पार्ट है। राउज ऐवन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। ईडी ने कहा कि एनकेजी कंपनी को आरोपित बनाया है। वजह है कि उसके डायरेक्टर की मौत हो गई इसलिए उनको आरोपित नहीं बनाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार्जशीट में ईडी ने कहा कि एनबीसीसी के अधिकारी मित्तल ने जो सर्टिफिकेट जारी किया उसी के आधार पर एनकेजी कंपनी को टेंडर मिला था। इसके लिए एनकेजी ने मित्तल का प्लेन टिकट बुक कराया था। इस मामले की जाँच अब भी जारी है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि बिना दस्तखत किया गया एक नोट शीट तैयार किया गया था, जो डीजीपी समेत दूसरे लोगों के पास भी मौजूद था।

ईडी ने कहा कि एनकेजी ने कोई काम नहीं किया था लेकिन उसको टेंडर मिला था, हालाँकि एनबीसीसी के रिकॉर्ड में एनकेजी के बारे में कुछ नहीं था। ईडी ने कहा कि जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल, तजेंद्र सिंह चार्टेड अकाउंटेड हैं जो जगदीश अरोड़ा के करीबी है। मित्तल एनबीसीसी के अधिकारी है, मित्तल ने एनकेजी कम्पनी को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराया था।

ईडी ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने एनकेजी को 38 करोड़ रुपये का टेंडर दिया, जिसमें से 24 करोड़ रुपये जारी किए गए। 38 करोड़ में से 24 करोड़ जारी करने के बाद जारी 6 करोड़ 38 लाख बचा लिए ये प्रोसीड ऑफ क्राइम है। जिसमें से 56 लाख रुपये ताजेंद्र सिंह के जरिए जगदीश अरोड़ा को मिले। 36 करोड़ रुपयों में से केवल 14 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल किया गया।

ईडी ने अदालत से कहा कि एनकेजी और इंटीग्रल ग्रुप का पैसा जगदीश अरोड़ा के पास गया था, क्योंकि उन्होंने टेंडर जारी किया था। उन्होंने कंपनियों से टेंडर के बदले पैसे लिए थे। जगदीश को 3.19 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 56 लाख रुपये एनकेजी से बाकी बचे हुए रुपये इंटीग्रल ग्रुप के थे।

बता दें कि दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित केस की ईडी जांच सीबीआई की एक एफआईआर पर आधारित है, जिसमें दावा किया गया था कि जगदीश अरोड़ा ने किसी एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये से ज्यादा का कॉन्ट्रेक्ट दिया था, जो टेक्निकिल रूप से उसके पात्र नहीं थे। ईडी का दावा है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड फर्जी दस्तावेज सबमिट करके कॉन्ट्रेक्ट हासिल किया था।

मक्का मस्जिद के सामने पति-पत्नी से मारपीट और गाली-गलौच, नवजात को भी नहीं छोड़ा: वीडियो वायरल, शाबाज-फिरदौस और फरहान-अयाज गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित मक्का मस्जिद के सामने एक परिवार के साथ मारपीट करने और उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) को चार मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गए लोगों में मोहम्मद शाबाज (19), मोहम्मद फरहान अहमद (19), सैयद फिरदौस (19) और शेख अयान (19) शामिल है।

दरअसल, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो पर हैदराबाद पुलिस की नजर 26 मार्च को गई। इस वीडियो में कुछ युवक मक्का मस्जिद के सामने एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उसके नवजात बच्चे के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने इस वीडियो का स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया।

वायरल वीडियो और मोहम्मद खलील नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर चारमीनार पुलिस स्टेशन के पुलिस उप-निरीक्षक भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 295-ए और 34 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपितों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया।

इसके बाद चारमीनार पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) की तड़के एक आरोपित को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी का नाम शेख अयान है और वह 19 साल का है। पुलिस ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने साथियों के नाम बता दिए। इसके बाद पुलिस ने सैयद फिरदौस (19), मोहम्मद शाबाज़ (19) और मोहम्मद फरहान अहमद (19) को भी पकड़ लिया।

पुलिस ने दो आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। उन मोबाइल में वायरल वीडियो क्लिप थी। पुलिस ने उन मोबाइल को जब्त कर लिया है। चारों आरोपितों को पुलिस ने शुक्रवार (24 मार्च 2024) को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन चारों को जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तारी दक्षिण जोन हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त पी साई चैतन्य और हैदराबाद के सहायक पुलिस आयुक्त पी चंद्रशेखर की देखरेख में इंस्पेक्टर चंद्र शेखर, सब इंस्पेक्टर बी भास्कर राव और चारमीनार पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की।

600 साल बाद होगा मार्तण्ड सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार, जम्मू कश्मीर सरकार ने बुलाई बड़ी बैठक: सिकंदर शाह मीरी ने तोड़ा था, बॉलीवुड ने बताया ‘शैतान की गुफा’

जम्मू कश्मीर में स्थित प्राचीन मार्तण्ड सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को इस सम्बन्ध में एक उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई है। इसमें अनंतनाग स्थित प्राचीन मार्तण्ड सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार पर भी फैसला लिया जाएगा। जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा जारी की गई एक आधिकारिक अधिसूचना में लिखा है, “संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव ने एक बैठक बुलाई है, जिसमें कश्मीर के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार/संरक्षण/सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी।”

साथ ही इस अधिसूचना में बड़ी जानकारी दी गई है कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर परिसर में इसके निर्माता सम्राट ललितादित्य मुक्तपद की प्रतिमा की स्थापना को लेकर भी चर्चा की जाएगी। जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट स्थित अपने चैंबर में प्रधान सचिव ने ये बैठक बुलाई है। बता दें कि महाराज ललितादित्य मुक्तपद ने ही मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था। सुल्तान सिकंदर शाह मीरी, जिसे मूर्तियाँ तोड़ने की आदत के कारण बुतशिकन भी कहा गया, उसने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।

ललितादित्य मुक्तपद करकोटा वंश के राजा थे। उन्होंने सातवीं शताब्दी में शासन किया था। राजतरंगिणी में उनकी महिमा का वर्णन है। हाल ही में अनंतनाग स्थित राम मंदिर में अयोध्या से आए कलश को स्थापित किया गया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के भक्तगण भी उपस्थित थे। जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी मार्तण्ड सूर्य मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना कर चुके हैं। ‘हैदर’ फिल्म के जरिए इस मंदिर को बदनाम किया गया था और इसे ‘शैतान की गुफा’ बताया गया था।

ओडिशा के कोणार्क और गुजरात के मोढेरा की तरह कश्मीर का मार्तण्ड सूर्य मंदिर भी भगवान सूर्य को समर्पित भव्य हिन्दू मंदिरों में से एक है, जिसका वैभव प्राचीन काल में बहुत बड़ा हुआ करता था। फ़िलहाल ये ASI के संरक्षण में है। राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी, 2024 को यहाँ हिन्दू कार्यकर्ताओं ने आकर पूजा-अर्चना भी की थी। वहाँ हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, भगवा ध्वज लहराया गया और मंदिर की परिक्रमा की गई।

क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली तस्वीर का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल कर रहे थे TMC उम्मीदवार यूसुफ पठान: चुनाव आयोग ने फटकारा, कहा – सब हटाओ

लोकसभा चुनाव 2024 में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार यूसुफ पठान को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका दिया है। चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर सीट से मैदान में उतरे यूसुफ पठान को साल 2011 के क्रिकेट विश्वकप जीत की दौरान की तस्वीरों को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

इस सीट पर बीजेपी की तरफ से डॉ निर्मल कुमार साहा मैदान में हैं, तो लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भी मैदान में हैं। उनकी तरफ से कॉन्ग्रेस पार्टी ने ही इस बात की शिकायत की थी कि यूसुफ पठान चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने ये आदेश जारी किया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाने वाली तस्वीर को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल न किया जाए, साथ ही राष्ट्रीय झंडे तिरंगे का भी इस्तेमाल चुनाव प्रचार में न करने की भी हिदायत दी है। कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि पठान लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सचिन तेंदुलकर की तस्वीरों का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें कि भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2011 में घरेलू धरती पर वनडे विश्व कप जीता था।

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि कॉन्ग्रेस की शिकायत की जाँच की गई, जिसमें शिकायत को सही पाया गया। इसके बाद ही ये आदेश जारी किया गया। चुनाव आयोग ने पाया कि साल 2011 की विश्वकप जीत पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। ऐसे में उसे कोई एक व्यक्ति अपने निजी फायदे के लिए चुनाव में इस्तेमाल करे और मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करे, ये गलत है।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में यूसुफ पठान को 2011 विश्व कप में भारत की जीत से संबंधित तस्वीरों वाले सभी अभियान फ्लेक्स हटाने का भी निर्देश दिया है। हालाँकि यूसुफ पठान ने ये कहकर कॉन्ग्रेस की दलीलों का विरोध किया कि वो विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, इसलिए उन्हें ऐसा करने का अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।

बता दें कि युसुफ पठान ने 57 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधितिव किया है, जिसमें उन्होंने 27 की औसत से 810 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 123 रन है। पठान ने 22 टी20 इंटरनेशन मैचों में 236 रन बनाए हैं। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने टी20 में 13 तो वनडे क्रिकेट में 33 विकेट चटकाए हैं। यूसुफ पठान अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए जाते रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में काफी समय तक केकेआर टीम की तरफ से क्रिकेट खेला है।

सीने में तेज दर्द, अस्पताल में तोड़ दिया दम: साउथ के अभिनेता ने 48 की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा, विलेन बन हुए थे दर्शकों में मशहूर

साउथ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता डेनियल बालाजी का मात्र 48 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि निधन से पहले डेनियल ने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें चेन्नई के कोट्टीवक्कम अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अस्पताल में भी उनकी जान नहीं बच पाई और उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया

बता दें कि डेनियल ज्यादातर फिल्मों में नेगेटिव रोल प्ले करते थे और इसी के लिए उनके फैंस उन्हें जानते भी थे। उन्होंने कमाल हासन जैसे बड़े एक्टर्स के साथ फिल्में की थीं। उनके निधन की खबर साउथ के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सबके लिए झटका है।

उनके फैंस उन्हें सोशल मी़डिया पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनका असली नाम टीसी बालाजी था लेकिन इंडस्ट्री उन्हें डेनियल बालाजी के नाम से जानती है। साल 2004 में उन्होंने ममूटी की फिल्म ‘ब्लैक’से मलयालम सिनेमा में एक्टिंग का डेब्यू किया था। इसके बाद वो डैडी कूल में भी दिखे। 2006 में उन्होंने कमल हासन स्टारर वाली फिल्म वेत्तैयादु विलैयादु में भी विलेन का रोल निभाया था।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक से कई जाने-मानी हस्तियों की जान गई है। पिछले साल कन्नड़ सिनेमा के मशहूर नाम पुनीत राजकुमार ने मात्र 46 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। वहीं बॉलीवुड के सिंगर केके का भी 53 की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसी तरह बॉलीवुड के जाने-माने नाम सतीश चंद्र कौशिक भी 66 में अचानक परिवार को अकेला छोड़ चले गए थे और 2021 में हार्ट अटैक से ही बिग बॉस 13 के विनर सिद्धार्थ शुक्ला का भी निधन हुआ था।

डार्क वेब पर एक्टिव था IIT गुवाहाटी का ISIS वाला छात्र, कॉलेज में एडमिशन से पहले से इस्लामी विचारधारा का कर रहा था अध्ययन: अकेले रहना था पसंद

कई बार कहा जाता है कि जो पढ़े-लिखे होते हैं वो आतंक का विरोध करते हैं, लेकिन इस्लामी कट्टरपंथियों के मामले में शायद ये बात फिट नहीं बैठती है। हाल ही में IIT गुवाहाटी के छात्र तौसीफ अली फारूकी को गिरफ्तार किया गया, जो आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने जा रहा था। फाइनल परीक्षा के 1 महीने पहले वो धराया है। उसके बाद वो B.Tech ग्रेजुएट हो जाता। हालाँकि, उसका प्लान था खोरासन जाकर ISIS में शामिल होना। उसने ‘इस्लामी नेतृत्व’ के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए ईमेल भी लिख कर भेजा था।

असम STF के IG भी इस ईमेल को प्राप्त करने वालों में से एक थे। उक्त छात्र दिल्ली के ज़ाकिर नगर का रहने वाला है और बायोटेक्नोलॉजी ब्रांच में पढ़ता था। STF 10 दिनों के लिए रिमांड में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। उसके बारे में बताया गया है कि वो पढ़ने में अच्छा था, कॉलेज में उसके दोस्त नहीं थे और घर के आस-पड़ोस में उसकी छवि अच्छी थी। उसके अम्मी-अब्बू अलग-अलग रहते हैं। उसका बड़ा भाई IIT कानपुर से ग्रेजुएट है और अपना स्टार्टअप चलाता है।

पुलिस इसका पता लगा रही है कि अचानक से उसने ISIS में शामिल होने की घोषणा क्यों की, वो भी इस तरीके से कि पुलिस सीधा उसके पास पहुँच गई। संस्थान ने उसे औसत से ऊपर का छात्र बताया है। उसकी अम्मी दक्षिणी दिल्ली के बाटला हाउस में बुटीक चलाती है। पुलिस ने बताया है कि तौसीफ अली फारूकी अकेला रहना पसंद करता था और सिर्फ क्लास के लिए कमरे से बाहर निकलता था। पुलिस ने बताया है कि वो कई वर्षों से इस्लामी कट्टरपंथ से प्रेरित था।

वो लगातार इस्लामी विचारधारा का अध्ययन करता था और उससे जुड़ा रहता था, लेकिन पिछले 3-4 महीनों में ये प्रक्रिया तेज़ हो गई। वो डार्क वेब का इस्तेमाल कर रहा था। उसके कमरे से काला झंडा भी बरामद हुआ है। IGP पार्थ सारथि महंता और कुछ कॉलेजों को लिखे गए ईमेल में उसने ‘हिजरत’ करने का ऐलान किया था, यानी अपनी मातृभूमि को छोड़ कर IS-खोरासन वाले क्षेत्र में जाना। उसने लिखा था कि वो भारत व भारतीय संविधान से खुद को पूरी तरह अलग करता है।

उसने ये भी लिखा था कि वो धरती पर जहाँ भी काफिर लोग हैं, उन सबसे खुद को पूरी तरह अलग करता है। IIT गुवाहाटी परिसर से 20 किलोमीटर दूर हाजो से उसे पकड़ा गया। UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके कमरे से कुछ साहित्य भी मिले हैं। LinkedIn पर भी उसने ISIS के प्रति शपथ लेते हुए लिखा था। उसने मेल में लिखा था, “अल्लाह के सामने मैं पश्चाताप करना चाहता हूँ।” साथ ही उसने कुरान से कुछ उद्धरण भी दिए थे।

‘आज गरीबों का मसीहा चला गया, ऐसा लगा जैसे किसी का भाई-पिता-बेटा जा रहा है’: सपा नेता पहुँचे मुख्तार के जनाजा में, शिवपाल बोले- हमारे पारिवारिक रिश्ते

माफिया मुख्तार अंसारी के जनाजे को गाजीपुर स्थित मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में शनिवार (30 मार्च 2024) को दफना दिया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उसके समर्थक जुटे थे। हालाँकि, कब्र में मिट्टी डालने की इजाजत सिर्फ परिजनों को ही थी। इसके बावजूद लोगों ने कब्रिस्तान में घुसने के लिए पुलिस की बैरिकेडिंग को तहस-नहस कर दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता ने मुख्तार को गरीबों का मसीहा बताया है।

जनाजे में समाजवादी पार्टी के नेता अंबिका चौधरी भी शामिल हुए। चौधरी ने कहा, “हम यहाँ अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। आज गरीबों का एक मसीहा जा रहा है।” उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों की आँखों में आँसू और मातम है, उसे बयां करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो इस पर राजनीति कर रहे हैं, उससे ओछी कोई बात नहीं हो सकती।

सपा नेता अंबिका चौधरी ने कहा, “मुख्तार अंसारी तमाम मजलूमों और गरीबों का सहारा थे। हम उनके साथ शामिल होने आए हैं और उनकी मिट्टी में शामिल होंगे। आज की तारीख में जो लोग भी इसमें राजनीति की बात कर रहे हैं, इससे घटिया और ओछी कोई बात नहीं हो सकती है। आज गरीबों का एक मसीहा इस गली से जा रहा है।”

अंबिका चौधरी ने कहा, “जिस तरीके से मातम है, लोगों की आँखों में आँसू है, ये बयान करने की स्थिति नहीं है। ऐसा लग रहा है कि जैसे किसी का पिता, किसी का भाई, किसी का बेटे चला गया। मुख्तार अंसारी को लेकर जो चाहे जैसे समीक्षा कर सकते हैं, लेकिन आज लाखों लोगों की आँखों के आँसू और लोगों के चेहरे पर मायूसी ये बता रही है कि मुख़्तार अंसारी उनके लिए क्या थे।”

मुख्तार अंसारी की हार्ट से मौत को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार राजनीति कर रही है। पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र का शून्यकाल बताया है। वहीं, सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते थे। उनकी मौत संदेह के घेरे में है। कोर्ट को स्वतः मामले को सज्ञान में लेकर जाँच करनी चाहिए।

मुख्तार के क्रिया-कर्म में उसकी बीवी अफशां अंसारी के शामिल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हाल में पेशी के दौरान मार दिए कुछ अपराधियों द्वारा मार दिए गए गैंगस्टर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफशां भी फरार है। उस पर पुलिस ने 75,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

आफशां पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट का भी मामला चल रहा है। अफ़्शां पर गाजीपुर और मऊ से लेकर लखनऊ तक अवैध जमीन कब्जे के आरोप हैं। जबरन रजिस्ट्री का मामला भी चल रहा है। ये सब निकाह के बाद दर्ज हुए हैं। 2005 में मुख़्तार अंसारी के जेल जाने के बाद बीवी अफ़्शां ने गिरोह में अपना दखल बढ़ा दिया था।

वहीं, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी इस जनाजे में नहीं शामिल हो पाया। दरअसल, जनाजा में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आवेदन दी गई थी। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच में मुख्तार के परिवार की अर्जी मेंशन होनी थी, लेकिन जज छुट्टी पर थे।

इसके बाद इस याचिका को जस्टिस समित गोपाल की बेंच को हस्तांतरित कर दिया गया। जस्टिस समित गोपाल ने दूसरी बेंच से आए किसी भी मुकदमे को सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके परिजन सुप्रीम कोर्ट गए और मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए परोल की माँग की। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने परोल देने से इनकार कर दिया।

मुख्तार अंसारी के शव को दफनाने के लिए कालीबाग कब्रिस्तान में 7.6 फीट लंबी और लगभग 5 फीट गहरा कब्र खोदा गया है। यह कब्र उसके अब्बा सुभान उल्लाह अंसारी और अम्मी राबिया बेगम के कब्र के बगल में खोदा गया है। इस कब्र को तीन हिंदू मजदूरों– नगीना, संजय और गिरधारी ने खोदा है। अंसारी परिवार का कहना है कि उनके परिवार में किसी का इंतकाल होता है तो ये लोग कब्र खोदने आते हैं।

मुख्तार का शव पहुँचते ही उसके घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है। गाजीपुर और मऊ इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्तार के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट है।

शराब कारोबारी को दिया सरकारी आवास, फोन नंबर बार-बार बदला: अब AAP के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को ED ने भेजा समन, पूछताछ के लिए बुलाया

शराब घोटाले में दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को प्रवर्तन निदेशालय ने समन भेजा है। जानकारी के मुताबिक ईडी ने शराब घोटाले में कैलाश गहलोत को पूछताछ के लिए आज ही बुलाया है

बताया जा रहा है कि जाँच एजेंसी ने कैलाश गहलोत को इसलिए समन भेजा है क्योंकि उनकी जाँच में सामने आया है कि कैलाश गहलोत उस ग्रुप का हिस्सा थे जिन्होंने इस शराब नीति के मसौदे को तैयार किया था और फिर से मसौदा साउथ के ग्रुप को लीक किया गया था।

साउथ के ग्रुप में BRS नेता के कविता भी शामिल थीं। इस लॉबी पर AAP और उसके नेताओं को 100 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। इसके अलावा ये भी आरोप है कि उन्होंने शराब कारोबारी विजय नायर को अपना सरकारी आवास भी दिया था। इसके अलावा संबंधित समय में उनका मोबाइल नंबर भी कई बार चेंज हुआ।

मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी की बाद से कैलाश गहलोत उनके लिए किए जा रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे थे। हाल में उन्होंने ‘इंडिया विद केजरीवाल’ टैगलाइन के साथ केजरीवाल का एक पोस्टर साझा किया था।

उन्होंने लिखा, “पूरा देश दिल्ली के बेटे के साथ खड़ा है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक केजरीवाल के समर्थन में आवाजें उठ रही है। देश की राजनीति बदलने वाले कट्टर देशभक्त को देश की जनता अकेला नहीं छोड़ेगी।”

गौरतलब है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। उनसे पहले इस मामले में मनीष सिसोदिया भी गिरफ्तार हो चुके हैं जो कि लंबे समय से जेल में हैं। वहीं सीएम केजरीवाल को 1 अप्रैल तक ईडी हिरासत में रखा जाएगा।