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दिल्ली के सांसद हंस राज हंस को पंजाब से लोकसभा का टिकट, सनी देओल का पत्ता कटा: BJP ने जारी की आठवीं लिस्ट, ओडिशा के साथ पश्चिम बंगाल से भी नाम

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवारों की आठवीं लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 11 नाम हैं। भारतीय जनता पार्टी की आठवीं लिस्ट में पश्चिम बंगाल, पंजाब और ओडिशा के उम्मीदवार हैं। बीजेपी की ओर से दिल्ली की उत्तरी-पश्चिमी लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हंस राज हंस को पंजाब के फरीदकोट से टिकट दिया है। सबसे चौंकाने वाला मामला गुरदासपुर लोकसभा सीट का है, जहाँ सनी देओल का टिकट काट दिया गया है, उनकी जगह पर बीजेपी ने दिनेश सिंह ‘बब्बू’ को मैदान में उतारा है।

बीजेपी ने इस लिस्ट में ओडिशा की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसके अलावा पंजाब से 6 लोकसभा सीटों और पश्चिम बंगाल से दो लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसमें बीरभूम लोकसभा सीट से पूर्व आईपीएस देवाशीष धर को टिकट दिया गया है।

बीजेपी के टिकट वितरण की बात करें तो पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी ने सनी देओल का पत्ता काट दिया है। उनकी जगह दिनेश सिंह ‘बब्बू’ को टिकट दिया गया है। बीजेपी ने मृतसर सीट से तरणजीत सिंह संधू पर भरोसा जताया है। वहीं बीजेपी ने पटियाला लोकसभा सीट से परनीत कौर को चुनावी मैदान में उतारा है। परनीत कौर कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं।

बीजेपी ने लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से सुशील कुमार रिंकू पर दाँव लगाया है। इसमें आम आदमी पार्टी से बागी हुए सुशील कुमार रिंकू का भी नाम है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत बिट्टू ने हाल ही में कांग्रेस को झटका देते हुए बीजेपी का दामन थामा था। रवनीत बिट्टू लुधियाना से वर्तमान में सांसद हैं। बिट्टू ने 4 दिन पहले ही यानी 26 मार्च को बीजेपी जॉइन की थी।

बीजेपी ने ओडिशा की तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। इसमें जाजपुर सीट पर रबिंद्र नारायण बेहरा, कंधमाल से सुकांत कुमार पाणिग्रही और कटक सीट से भर्तृहरि महताब को चुनावी मैदान में उतारा गया है। महताब पहले बीजेडी में थे।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने झारग्राम की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट से डॉ. प्रणत टुडू को उम्मीदवार बनाया है, तो बीरभूम लोकसभा सीट से देबाशीष धर को उम्मीदवार बनाया है। वो पूर्व आईपीएस हैं।

बिलासपुर जेल में गैंगवार: चम्मच घिसकर बनाए हथियार लेकर भिड़े मौसीन, आसिफ, अल्ताफ, फिरोज जैसे 11 दुर्दांत कैदी, कई घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की सेंट्रल जेल में कैदियों के दो गुटों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। कैदियों ने बर्तनों को घिसकर हथियार बनाए और फिर एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। इस दौरान चम्मच और छड़ को हथियारों के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई कैदी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इन कैदियों का जेल के अस्पताल में ही इलाज चल रहा है और जाँच के बाद केस भी दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिलासपुर सेंट्रल जेल में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों के दुर्दांत बदमाश कैद हैं। उनमें आपस में गुटबाजी भी है। इस जेल में रायपुर, कवर्धा और कोरबा के बदमाशों के गुट हैं। जो बाहर से अलग दिखते हैं, लेकिन किसी मुद्दे पर एकजुट हो जाते हैं, तो स्थानीय गुट बिलासपुर का ही है। जेल में खूनी संघर्ष इन्हीं गुटों के बीच हुआ है, जिसमें एक गुट की अगुवाई मौसीन खान उर्फ चूहा खान कर रहा था, तो दूसरे गुट का नेतृत्व अल्ताफ और फिरोज खान कर रहे थे। ये पूरी वारदात होली से पहले 22 मार्च 2024 की है, जिसके पीछे की वजह वर्चस्व कायम करना था।

बिलासपुर सेंट्रल जेल में गैंगवार की इस घटना में मौसीन खान उर्फ चूहा, आसिफ खान, रफीक खान, इंदीत खान, अब्दुल अयाज खान, अब्दुल मेहताब खान ने मिलकर अल्ताफ खान, फिरोज खान, जलील खान, कमर अली खान पर चम्मच को घिसकर बनाए हथियार से हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में आधा दर्जन बंदी घायल हो गए।

घटना की जानकारी लगते ही एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस की टीम मामले की जाँच करने जेल पहुँची। इस दौरान जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी से प्रतिवेदन लेकर कैदियों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने जाँच के बाद 11 बंदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसमें दोनों पक्षों पर बलवा और जानलेवा हमला करने का अपराध दर्ज किया गया है। वहीं, मारपीट की घटना में घायल 6 बंदियों में से अधिकतर को इलाज के बाद जेल की बैरकों में शिफ्ट कर दिया गया।

पाकिस्तानियों ने लगाया ‘भारत ज़िंदाबाद’ का नारा: भारत ने समुद्री लुटेरों से 23 पाकिस्तानी नागरिकों को बचाया, अरब सागर में ‘सुमेधा’ और ‘त्रिशूल’ ने दिखाया दबदबा

भारतीय नौसेना ने एक पाकिस्तानी जहाज को समुद्री लुटेरों से बचाया है। इसके बाद पाकिस्तानियों ने ‘भारत ज़िंदाबाद’ के नारे भी लगाए। इस पाकिस्तानी जहाज को हाईजैक कर लिया गया था और उसमें 23 पाकिस्तानी नागरिक सवार थे। शुक्रवार (29 मार्च, 2024) को अरब सागर में ये कार्रवाई की गई। उक्त जहाज का नाम ‘FV AI खाम्बर’ है। बचाव गए पाकिस्तानियों ने भारत को धन्यवाद दिया है और भारत के समर्थन में नारेबाजी भी की है।

इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना ने 9 हथियारबंद समुद्री लुटेरों को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने ही इस जहाज को हाईजैक किया था। उन्हें अब भारत लाया गया है, जहाँ उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जाएगी। ‘मैरीटाइम एंटी-पायरेसी एक्ट 2022’ के तहत उन पर कार्रवाई की जाएगी। भारतीय नौसेना ने अपने बयान में जानकारी दी है कि उसे ईरानी जहाज के अपहृत होने की सूचना मिली थी। यमन के सोकोत्रा से 90 नॉटिकल मिले की दूरी पर ये घटना हुई थी।

इसके बाद भारतीय नौसेना के 2 जहाजों को मिशन पर भेजा गया। इन जहाजों को अरब सागर में ‘समुद्री सुरक्षा अभियानों’ के लिए तैनात किया गया था। इन्होंने हाईजैक हुए जहाज का पता लगाया। उस पर 9 हथियारबंद समुद्री लुटेरे सवार थे। INS सुमेधा ने शुक्रवार को तड़के सुबह जहाज का पता लगा लिया। इसके बाद INS त्रिशूल भी पहुँचा और दोनों ने मिल कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसके लिए 12 घंटे ऑपरेशन चलाया गया, वो भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करते हुए।

12 घंटे के रणनीतिक ऑपरेशन के दौरान उन समुद्री लुटेरों को कहा गया कि वो आत्म-समर्पण कर दें। इसके बाद 23 अपहृत पाकिस्तानी नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया। उनका मेडिकल चेकअप किया गया। इसके बाद जहाज की साफ़-सफाई की गई, ताकि फिर से मछली मारने की गतिविधियाँ शुरू की जा सकें। भारतीय नौसेना ने कहा कि वो हर हाल में समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। भारत इससे पहले भी कई देशों के जहाजों को समुद्री लुटेरों से बचा चुका है।

लोकसभा चुनाव: चिराग पासवान की LJP-रामविलास ने घोषित किए 5 प्रत्याशी, चाचा पशुपति पारस बोले – ‘मोदी जी हमारे नेता, NDA में ही रहेगी रालोजपा’

लोकसभा चुनाव 2024 में लोक जनशक्ति पार्टी के दोनों धड़े एनडीए में ही रहेंगे। लोजपा-रामविलास को एनडीए के टिकट बंटवारे में 5 सीटें मिली थी, जिसके बाद रालोजपा ने तेवर दिखाए थे। थे हालाँकि अब लोजपा-रामविलास ने अपने कोटे की सभी 5 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, तो रालोजपा के अध्यक्ष पशुपति पारस ने कहा है कि वो एनडीए का ही हिस्सा रहेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ही उनके नेता हैं और वो एनडीए से अलग नहीं हो रहे हैं।

लोजपा-रामविलास ने घोषित किए 5 उम्मीदवारों के नाम

इस बीच, चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के पाँच उम्मीदवारों की आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है। एनडीए में सीट बंटवारे में चिराग पासवान को पाँच सीट मिली थी। इनमें हाजीपुर, समस्तीपुर, वैशाली, खगड़िया और जमुई शामिल है। लोजपा-रामविलास की सीटों पर परिवार के 2 सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। खुद चिराग पासवान हाजीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं, तो उनके जीता अरुण भारती चिराग पासवान की सीट जमुई से मैदान में हैं।

इस लिस्ट में सांसद वीणा देवी का भी नाम है, उन्हें फिर से वैशाली में मौका मिला है। वैसे, चिराग पासवान वीणा देवी को लेकर खुले मंच से यह बात कहते रहे हैं कि गद्दारों को मौका नहीं देंगे, लेकिन उन्होंने वीणा को मैदान में उतारा है। इस लिस्ट में खगड़िया से राजेश वर्मा और समस्तीपुर से शांभवी चौधरी का नाम है। शांभवी चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी की बेटी हैं।

पशुपति पारस के तेवर पड़े ढीले, एनडीए में ही रहेंगे

एक तरफ चिराग पासवान ने अपने उम्मीजवारों की घोषणा कर दी है, तो दूसरी तरफ पशुपति पारस के भी तेवर ढीले पड़ते दिख रहे हैं। पशुपति पारस ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि हमारी पार्टी रालोजपा, एनडीए का अभिन्न अंग है। पीएम मोदी हमारे नेता है। उनके नेतृत्व में एनडीए पूरे देश में 400+ सीट जीतेगा और तीसरी बार रिकॉर्ड तोड़ बहुमत से एनडीए की सरकार बनेगी।

बता दें कि एनडीए में एक भी सीट न मिलने के बाद पशुपति पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘मेरे और मेरी पार्टी के साथ नाइंसाफी हुई। हमें एक भी सीट नहीं दी गई।’ इस्तीफा देने के पहले तक पशुपति पारस मोदी सरकार में खाद्य और प्रसंस्करण मंत्री थे। हालाँकि अब उन्होंने साफ कर दिया है कि वो और उनकी पार्टी एनडीए में ही रहेगी।

जन्मदिन का केक खाने के बाद 10 साल की बच्ची की मौत, पूरे परिवार की तबीयत ख़राब: वीडियो में हँसते-खेलते और केक काटते दिखे, सुबह होते-होते मातम

पंजाब के पटियाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जन्मदिन का केक खाने के बाद एक 10 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। इतना ही नहीं, पूरे परिवार की तबीयत ख़राब हो गई। रात में लड़की ने केक काटा था, सुबह होते-होते उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है, इलाके में भी लोग हैरान हैं। अनाज मंडी थाना क्षेत्र स्थित अमन नगर की काजल की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी है।

लड़की का केक काटते हुए वीडियो भी सामने आया है। इसमें बच्ची और उसका पूरा परिवार खुश नजर आ रहा है। परिवार 246 पीली सड़क रोड स्थित अदालत बाजार के ‘कान्हा केक’ दुकान से केक खरीदी थी। रविवार (24 मार्च, 2024) को मानवी का जन्मदिन था। केक मँगा कर शाम के 7 बजे काटा गया। इसके बाद मानवी को उल्टियाँ होने लगीं। पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ गई। मानवी रात को उल्टी कर के सो गई। तड़के सुबह के 4 बजे उसका शरीर ठंडा पड़ गया था।

इसके बाद आनन-फानन में परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टरों ने वहाँ उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है। परिवार ने केक ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर किया था। इसके लिए फ़ूड एग्रीगेटर एप Zomato का इस्तेमाल किया गया था। परिवार का कहना है कि बेकरी शॉप वाले ने गड़बड़ी की है और उसके प्रोडक्ट्स की जाँच कर के कार्रवाई करने की माँग की है। Zomato की रिसिप्ट और FIR कॉपी भी सामने आई है।

पुलिस ने FIR में ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की धारा-273 (एक्सपायर्ड या ख़राब वस्तु को जानबूझकर खाने-पीने के लिए बेचना) और धारा-304A (गैर-इरादतन हत्या) लगाई है। एक तस्वीर में मानवी अपनी बहन के साथ दिख रही है। एक अन्य तस्वीर में वो एक अन्य पुरुष परिजन को केक खिलाती हुई नज़र आ रही है। केक खरीदने के लिए परिवार ने 352.80 रुपए खर्च किए थे। मानवी अपने क्लास में मॉनिटर थी। उसकी छोटी बहन की जान जैसे-तैसे कर के बचाई गई है। दोनों बहनें नाना के यहाँ रह रही थीं, क्योंकि उनके परिवार में दिक्कत चल रही है।

PM मोदी और CM योगी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले पत्रकार को जमानत देने से हाई कोर्ट का इनकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले और गलत रिपोर्ट प्रसारित करने वाले कथित पत्रकार को जमानत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने आरोपित अमित मौर्य को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल औजार की तरह नहीं किया जा सकता है। बता दें कि आरोपित अमित मौर्य के खिलाफ वाराणसी के थाने में मुकदमा दर्ज है। उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भ्रामक बातों के प्रसार का आरोप लगा है।

पत्रकारों और प्रकाशकों को हाई कोर्ट की नसीहत

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अमित मौर्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्रकारों और प्रकाशकों को नसीहत भी दी। हाई कोर्ट की जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सही रिपोर्ट पब्लिश करनी चाहिए, ये सर्वथा उचित भी है। लेकिन अपने व्यक्तिगत लाभ और धन उगाही के लिए मीडिया मंच के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट ने कहा इससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जनविश्वास खत्म होता है। सटीक और तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करना चाहिए। कोर्ट ने कहा सरकार के कार्यों से असहमति और आलोचना की आजादी गरिमा पूर्ण तरीके से सभी को है।

गरिमापूर्ण होनी चाहिए अभिव्यक्ति

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणियाँ कहीं से भी सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सरकार के कार्यो पर आलोचना या असमहति की सभी को स्वतंत्रता है, मगर अभिव्यक्ति गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए। अपमानजनक भाषा कभी भी रचनात्मक उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर सकती है।

हाई कोर्ट ने कहा, ‘आलोचना करना सभी का अधिकार है मगर उसमें पारदर्शिता और सार्वजनिक सहभागिता की संस्कृति होनी चाहिए। किसी का चरित्र हनन करना मूल मुद्दे से भटाकाना है। इससे दुश्मनी और नफरत बढ़ती है। लोकतंत्र में सरकारी नीति व कार्यो की उचित अलोचना होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए सही भाषा का इस्तेमाल जरूरी है, क्योंकि नफरती भाषा की वजह से पैदा होने वाली कलह से लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है।

आरोपी अमित मौर्य पर पूर्वांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष से हर महीने की उगाही की डिमांड और उनके खिलाफ आर्टिकल पब्लिश करने का आरोप है। अमित मौर्य पर आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।

बंगाल के मुल्ला ने लिव-इन पार्टनर का गला घोंट कर मार डाला, मिला क्षत-विक्षत शव: ‘रवींद्र रेड्डी’ बनकर पालघर में लिया था कमरा

महाराष्ट्र के पालघर जिले में 22 वर्ष की एक लड़की की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर मिनाज़ुद्दीन अब्दुल अजीज मुल्ला ने कर दी। पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, जो लड़की मुल्ला के साथ लिव इन में रह रही थी, वह उस पर शादी का दबाव बनाने लगी थी। इससे मुल्ला परेशान हो गया और गला दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव को फेंक दिया था।

पुलिस ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) को बताया, 15 मार्च 2024 को पालघर जिले के दहानू शहर में किराए के एक कमरे में लड़की का क्षत-विक्षत शव मिला था। पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने कहा, “अनीशा बरस्ता खातून नाम की लड़की का शव 15 मार्च को दहानू के एक चॉल में स्थित एक कमरे में मिला था। इसमें वह अपने लिव-इन पार्टनर के साथ रहती थी।”

शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने शुरुआत में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था। हालाँकि, शव के परीक्षण रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि लड़की की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया गया और हत्या के एंगल से जाँच शुरू कर दी गई।

SP पाटिल ने बताया, “दहानू डिवीजन के पुलिस उपाधीक्षक अंकिता कंसे की अगुवाई में एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जो जाँच का नेतृत्व कर रही थी।” जाँच के दौरान पता चला कि लड़की के साथ 26 वर्षीय मिनाजुद्दीन अब्दुल अजीज मुल्ला रहता था। उसने रवींद्र रेड्डी के नाम से किराए पर कमरा ले रखा था और मृतक को अपनी पत्नी बताया था।

जाँच में यह भी पता चला कि मुल्ला पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले का रहने वाला है। मृतक लड़की भी वहीं की रहने वाली थी। लड़की की हत्या करने के बाद मुल्ला फरार हो गया। इस दौरान लड़की की लाश सड़ने लगी तो पड़ोसियों ने कमरे से दुर्गंध आने की शिकायत करते हुए कमरे के मालिक को सूचना दी।

मालिक ने जब कमरे को खुलवाने की कोशिश की तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा खोला गया तो अंदर एक लड़की का शव पड़ा हुआ सड़ रहा था। इसके बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद आरोपितों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए दहानू पुलिस स्टेशन की एक टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया था।

SP पाटिल ने बताया कि सात दिनों के लगातार प्रयासों के बाद टीम ने 22 मार्च 2024 की सुबह मुल्ला को पकड़ लिया। उसे पालघर की अदालत में भेज दिया गया, जहाँ उसे 2 अप्रैल तक हिरासत में भेज दिया गया। ASP पंकज शिरसाट ने बताया कि आरोपित ने पीड़िता की हत्या कर दी, क्योंकि वह उससे शादी करने की जिद कर रही थी। वहीं, मुल्ला उससे शादी करना नहीं चाहता था।

‘अभी दूसरा निकाह करना है कर लो, चुनाव बाद कानून आएगा’: असम CM सरमा की बदरुद्दीन अजमल को सलाह, AIUDF चीफ ने कहा था – अब भी ताकत है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ( एआईयूडीएफ) और सांसद बदरुद्दीन अजमल को सलाह दी है कि अभी समय है अगर उन्हें दूसरा निकाह करना है तो वो कर लें वरना बाद में ऐसा करने पर उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया जाएगा। सीएम ने बताया कि बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून तैयार है जो चुनाव के बाद लागू होगा।

बता दें कि असम सरकार द्वारा बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाए जाने के लिए कानून बनाने की बात उठ रही है। ऐसे में एआईयूडीएफ प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि वह इस कानून का विरोध करते हैं क्योंकि यह गैर इस्लामिक होगा। अजमल ने इस दौरान यह भी कहा था कि वह अभी भी दूसरा निकाह कर सकते हैं क्योंकि उनमें ताकत है। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को चुनौती देकर कहा था कि अगर असम सरकार ऐसा कानून बना देगी तो भी उनके पास दूसरे निकाह को करने की हिम्मत है।

उनकी इसी बात पर अब असम के मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। उदालगुड़ी में मीडिया ने जब हिमंत बिस्वा सरमा से अजमल के बयान पर प्रतिक्रिया माँगी तो उन्होंने कहा,“मैं अभी अजमल को दूसरी शादी के लिए ग्रीन सिग्नल दे रहा हूँ, मगर उन्हें इसे चुनाव से पहले ही निपटा लेना चाहिए। अगर वह मुझे अपनी शादी में बुलाएँगे तो मैं भी जाऊँगा क्योंकि अभी इसके लिए कानून नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद बहुविवाह बंद हो जाएगा। इस कानून के लिए ड्राफ्ट तैयार है। चुनाव के बाद UCC लागू होगा। तब जो क़ानून का उल्लंघन करेगा उसके ऊपर कार्रवाही होगी।”

गौरतलब है कि अजमल असम के धुबरी क्षेत्र से लंबे समय से सांसद हैं। इसके अलावा उनका इत्र का कारोबार भी है। उन्होंने फिलहाल एक ही निकाह हुआ है, और उनके 7 बच्चे हैं। अब यही अजमल यूसीसी के विरोध में दूसरा निकाह करने के लिए भी तैयार हैं इसलिए उनके तर्क सुनकर सोशल मीडिया पर लोग उनका काफी मजाक उड़ा रहे हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 में BJP की घोषणापत्र समिति की कमान राजनाथ सिंह के हाथों में: 27 सदस्यीय कमिटी में AMU के पूर्व कुलपति से लेकर गुरुद्वारा कमिटी के पूर्व अध्यक्ष तक

देश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए घोषणापत्र समिति का गठन किया है, जिसकी कमान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों में सौंपी गई है 27 सदस्यीय घोषणापत्र समिति का गठन भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा ने किया है। ये समिति पार्टी का घोषणापत्र तैयार करेगी, यानी बताएगी कि भाजपा कौन से वादे लेकर जनता के बीच जाएगी। एक तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में होने वाले फैसलों का भी इससे अंदाज़ा लग जाएगा।

इस समिति में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामले मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय कपड़ा, वाणिज्य एवं उद्योग और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं।

इन सबके अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, असम के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, वहाँ के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, पूर्व केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्री जुएल ओराम, पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद, बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी, यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता के अलावा इलेक्ट्रॉनक्स एवं IT के राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर भी शामिल हैं।

इन नामों के अलावा भाजपा की लोकसभा चुनाव 2024 घोषणापत्र समिति में जो नेता शामिल हैं, वो हैं – पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, गोरखपुर के रहने वाले राज्यसभा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के पूर्व अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा, हरियाणा में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष OP धनखड़, केरल के अनिल एंटनी और AMU के पूर्व कुलपति तारिक मंसूर शामिल हैं। भाजपा राम मंदिर, अनुच्छेद-370 हटाने और तीन तलाक हटाने जैसे बड़े वादे पूरी कर चुकी है, ऐसे में देखना है इस बार उसके पिटारे में क्या-क्या है।

हथियार ट्रेनिंग देने का कर रहे थे काम… ED ने 3 PFI आतंकियों को किया गिरफ्तार, प्रतिबंधित संगठनों से भी लेते थे धन

प्रवर्तन निदेशालय ने प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI/पीएफआई) के तीन आतंकी को आज () फिर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों पीएफआई के लिए फिजिकल ट्रेनर के तौर पर काम कर रहे थे। जाँच एजेंसी ने इन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।

सूत्रों से मीडिया में दी गई जानकारी के अनुसार, इनकी पहचान अब्दुल खादर पुत्तूर, अंशद बदरुद्दीन और फिरोज के तौर पर हुई है। इन्हें गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को विशेष अदालत में पेश किया गया।

कोर्ट को बताया गया कि इन तीनों पर पीएफआई से जुड़े लोगों को हथियार प्रशिक्षण देने और इस काम के लिए प्रतिबंधित संगठनों से धन प्राप्त करने का आरोप लगा है।

बता दें कि पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर सितंबर 2022 में केंद्र द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके बाद से जाँच एजेंसी लगातार इनके विरुद्ध अपनी कार्रवाई करती हैं।

पिछले साल 2023 के दिसंबर में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने प्रतिबंधित इस्लामी संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के 5 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इन सभी को संगठन में अलग-अलग पदों पर रखा गया था। इन्हें विदेश से हवाला के जरिए आई करोड़ों रुपयों की फंडिंग को देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।