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डार्क वेब पर एक्टिव था IIT गुवाहाटी का ISIS वाला छात्र, कॉलेज में एडमिशन से पहले से इस्लामी विचारधारा का कर रहा था अध्ययन: अकेले रहना था पसंद

कई बार कहा जाता है कि जो पढ़े-लिखे होते हैं वो आतंक का विरोध करते हैं, लेकिन इस्लामी कट्टरपंथियों के मामले में शायद ये बात फिट नहीं बैठती है। हाल ही में IIT गुवाहाटी के छात्र तौसीफ अली फारूकी को गिरफ्तार किया गया, जो आतंकी संगठन ISIS से जुड़ने जा रहा था। फाइनल परीक्षा के 1 महीने पहले वो धराया है। उसके बाद वो B.Tech ग्रेजुएट हो जाता। हालाँकि, उसका प्लान था खोरासन जाकर ISIS में शामिल होना। उसने ‘इस्लामी नेतृत्व’ के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए ईमेल भी लिख कर भेजा था।

असम STF के IG भी इस ईमेल को प्राप्त करने वालों में से एक थे। उक्त छात्र दिल्ली के ज़ाकिर नगर का रहने वाला है और बायोटेक्नोलॉजी ब्रांच में पढ़ता था। STF 10 दिनों के लिए रिमांड में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। उसके बारे में बताया गया है कि वो पढ़ने में अच्छा था, कॉलेज में उसके दोस्त नहीं थे और घर के आस-पड़ोस में उसकी छवि अच्छी थी। उसके अम्मी-अब्बू अलग-अलग रहते हैं। उसका बड़ा भाई IIT कानपुर से ग्रेजुएट है और अपना स्टार्टअप चलाता है।

पुलिस इसका पता लगा रही है कि अचानक से उसने ISIS में शामिल होने की घोषणा क्यों की, वो भी इस तरीके से कि पुलिस सीधा उसके पास पहुँच गई। संस्थान ने उसे औसत से ऊपर का छात्र बताया है। उसकी अम्मी दक्षिणी दिल्ली के बाटला हाउस में बुटीक चलाती है। पुलिस ने बताया है कि तौसीफ अली फारूकी अकेला रहना पसंद करता था और सिर्फ क्लास के लिए कमरे से बाहर निकलता था। पुलिस ने बताया है कि वो कई वर्षों से इस्लामी कट्टरपंथ से प्रेरित था।

वो लगातार इस्लामी विचारधारा का अध्ययन करता था और उससे जुड़ा रहता था, लेकिन पिछले 3-4 महीनों में ये प्रक्रिया तेज़ हो गई। वो डार्क वेब का इस्तेमाल कर रहा था। उसके कमरे से काला झंडा भी बरामद हुआ है। IGP पार्थ सारथि महंता और कुछ कॉलेजों को लिखे गए ईमेल में उसने ‘हिजरत’ करने का ऐलान किया था, यानी अपनी मातृभूमि को छोड़ कर IS-खोरासन वाले क्षेत्र में जाना। उसने लिखा था कि वो भारत व भारतीय संविधान से खुद को पूरी तरह अलग करता है।

उसने ये भी लिखा था कि वो धरती पर जहाँ भी काफिर लोग हैं, उन सबसे खुद को पूरी तरह अलग करता है। IIT गुवाहाटी परिसर से 20 किलोमीटर दूर हाजो से उसे पकड़ा गया। UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके कमरे से कुछ साहित्य भी मिले हैं। LinkedIn पर भी उसने ISIS के प्रति शपथ लेते हुए लिखा था। उसने मेल में लिखा था, “अल्लाह के सामने मैं पश्चाताप करना चाहता हूँ।” साथ ही उसने कुरान से कुछ उद्धरण भी दिए थे।

‘आज गरीबों का मसीहा चला गया, ऐसा लगा जैसे किसी का भाई-पिता-बेटा जा रहा है’: सपा नेता पहुँचे मुख्तार के जनाजा में, शिवपाल बोले- हमारे पारिवारिक रिश्ते

माफिया मुख्तार अंसारी के जनाजे को गाजीपुर स्थित मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में शनिवार (30 मार्च 2024) को दफना दिया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उसके समर्थक जुटे थे। हालाँकि, कब्र में मिट्टी डालने की इजाजत सिर्फ परिजनों को ही थी। इसके बावजूद लोगों ने कब्रिस्तान में घुसने के लिए पुलिस की बैरिकेडिंग को तहस-नहस कर दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता ने मुख्तार को गरीबों का मसीहा बताया है।

जनाजे में समाजवादी पार्टी के नेता अंबिका चौधरी भी शामिल हुए। चौधरी ने कहा, “हम यहाँ अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। आज गरीबों का एक मसीहा जा रहा है।” उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों की आँखों में आँसू और मातम है, उसे बयां करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो इस पर राजनीति कर रहे हैं, उससे ओछी कोई बात नहीं हो सकती।

सपा नेता अंबिका चौधरी ने कहा, “मुख्तार अंसारी तमाम मजलूमों और गरीबों का सहारा थे। हम उनके साथ शामिल होने आए हैं और उनकी मिट्टी में शामिल होंगे। आज की तारीख में जो लोग भी इसमें राजनीति की बात कर रहे हैं, इससे घटिया और ओछी कोई बात नहीं हो सकती है। आज गरीबों का एक मसीहा इस गली से जा रहा है।”

अंबिका चौधरी ने कहा, “जिस तरीके से मातम है, लोगों की आँखों में आँसू है, ये बयान करने की स्थिति नहीं है। ऐसा लग रहा है कि जैसे किसी का पिता, किसी का भाई, किसी का बेटे चला गया। मुख्तार अंसारी को लेकर जो चाहे जैसे समीक्षा कर सकते हैं, लेकिन आज लाखों लोगों की आँखों के आँसू और लोगों के चेहरे पर मायूसी ये बता रही है कि मुख़्तार अंसारी उनके लिए क्या थे।”

मुख्तार अंसारी की हार्ट से मौत को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार राजनीति कर रही है। पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र का शून्यकाल बताया है। वहीं, सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते थे। उनकी मौत संदेह के घेरे में है। कोर्ट को स्वतः मामले को सज्ञान में लेकर जाँच करनी चाहिए।

मुख्तार के क्रिया-कर्म में उसकी बीवी अफशां अंसारी के शामिल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हाल में पेशी के दौरान मार दिए कुछ अपराधियों द्वारा मार दिए गए गैंगस्टर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफशां भी फरार है। उस पर पुलिस ने 75,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

आफशां पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट का भी मामला चल रहा है। अफ़्शां पर गाजीपुर और मऊ से लेकर लखनऊ तक अवैध जमीन कब्जे के आरोप हैं। जबरन रजिस्ट्री का मामला भी चल रहा है। ये सब निकाह के बाद दर्ज हुए हैं। 2005 में मुख़्तार अंसारी के जेल जाने के बाद बीवी अफ़्शां ने गिरोह में अपना दखल बढ़ा दिया था।

वहीं, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी इस जनाजे में नहीं शामिल हो पाया। दरअसल, जनाजा में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आवेदन दी गई थी। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच में मुख्तार के परिवार की अर्जी मेंशन होनी थी, लेकिन जज छुट्टी पर थे।

इसके बाद इस याचिका को जस्टिस समित गोपाल की बेंच को हस्तांतरित कर दिया गया। जस्टिस समित गोपाल ने दूसरी बेंच से आए किसी भी मुकदमे को सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके परिजन सुप्रीम कोर्ट गए और मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए परोल की माँग की। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने परोल देने से इनकार कर दिया।

मुख्तार अंसारी के शव को दफनाने के लिए कालीबाग कब्रिस्तान में 7.6 फीट लंबी और लगभग 5 फीट गहरा कब्र खोदा गया है। यह कब्र उसके अब्बा सुभान उल्लाह अंसारी और अम्मी राबिया बेगम के कब्र के बगल में खोदा गया है। इस कब्र को तीन हिंदू मजदूरों– नगीना, संजय और गिरधारी ने खोदा है। अंसारी परिवार का कहना है कि उनके परिवार में किसी का इंतकाल होता है तो ये लोग कब्र खोदने आते हैं।

मुख्तार का शव पहुँचते ही उसके घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है। गाजीपुर और मऊ इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्तार के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट है।

शराब कारोबारी को दिया सरकारी आवास, फोन नंबर बार-बार बदला: अब AAP के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को ED ने भेजा समन, पूछताछ के लिए बुलाया

शराब घोटाले में दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को प्रवर्तन निदेशालय ने समन भेजा है। जानकारी के मुताबिक ईडी ने शराब घोटाले में कैलाश गहलोत को पूछताछ के लिए आज ही बुलाया है।

बताया जा रहा है कि जाँच एजेंसी ने कैलाश गहलोत को इसलिए समन भेजा है क्योंकि उनकी जाँच में सामने आया है कि कैलाश गहलोत उस ग्रुप का हिस्सा थे जिन्होंने इस शराब नीति के मसौदे को तैयार किया था और फिर से मसौदा साउथ के ग्रुप को लीक किया गया था।

साउथ के ग्रुप में BRS नेता के कविता भी शामिल थीं। इस लॉबी पर AAP और उसके नेताओं को 100 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। इसके अलावा ये भी आरोप है कि उन्होंने शराब कारोबारी विजय नायर को अपना सरकारी आवास भी दिया था। इसके अलावा संबंधित समय में उनका मोबाइल नंबर भी कई बार चेंज हुआ।

मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी की बाद से कैलाश गहलोत उनके लिए किए जा रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे थे। हाल में उन्होंने ‘इंडिया विद केजरीवाल’ टैगलाइन के साथ केजरीवाल का एक पोस्टर साझा किया था।

उन्होंने लिखा, “पूरा देश दिल्ली के बेटे के साथ खड़ा है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक केजरीवाल के समर्थन में आवाजें उठ रही है। देश की राजनीति बदलने वाले कट्टर देशभक्त को देश की जनता अकेला नहीं छोड़ेगी।”

गौरतलब है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। उनसे पहले इस मामले में मनीष सिसोदिया भी गिरफ्तार हो चुके हैं जो कि लंबे समय से जेल में हैं। वहीं सीएम केजरीवाल को 1 अप्रैल तक ईडी हिरासत में रखा जाएगा।

सुपुर्द-ए-खाक हुआ गैंगस्टर मुख्तार अंसारी, 3 हिंदुओं ने खोदी उसके अम्मी-अब्बू के बगल में कब्र: आखिर समय भी बीवी रही फरार, बड़े बेटे को नहीं मिली परोल

माफिया से राजनीति में कदम रखने वाले गैंस्टर मुख्तार अंसारी के जनाजे को शनिवार (29 मार्च 2024) को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया यानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया। मुख्तार के शव को उसके पैतृक घर मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में उसके अम्मी-अब्बू की कब्र के पास दफनाया गया। इस दौरान परिजनों के अलावा, किसी अन्य व्यक्ति को कब्रिस्तान में जाने की इजाजत नहीं दी गई।

मुख्तार के क्रिया-कर्म में उसकी बीवी अफशां अंसारी के शामिल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हाल में पेशी के दौरान मार दिए कुछ अपराधियों द्वारा मार दिए गए गैंगस्टर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफशां भी फरार है। उस पर पुलिस ने 75,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

आफशां पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट का भी मामला चल रहा है। अफ़्शां पर गाजीपुर और मऊ से लेकर लखनऊ तक अवैध जमीन कब्जे के आरोप हैं। जबरन रजिस्ट्री का मामला भी चल रहा है। ये सब निकाह के बाद दर्ज हुए हैं। 2005 में मुख़्तार अंसारी के जेल जाने के बाद बीवी अफ़्शां ने गिरोह में अपना दखल बढ़ा दिया था।

वहीं, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी इस जनाजे में नहीं शामिल हो पाया। दरअसल, जनाजा में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आवेदन दी गई थी। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच में मुख्तार के परिवार की अर्जी मेंशन होनी थी, लेकिन जज छुट्टी पर थे।

इसके बाद इस याचिका को जस्टिस समित गोपाल की बेंच को हस्तांतरित कर दिया गया। जस्टिस समित गोपाल ने दूसरी बेंच से आए किसी भी मुकदमे को सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके परिजन सुप्रीम कोर्ट गए और मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए परोल की माँग की। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने परोल देने से इनकार कर दिया।

मुख्तार अंसारी के शव को दफनाने के लिए कालीबाग कब्रिस्तान में 7.6 फीट लंबी और लगभग 5 फीट गहरा कब्र खोदा गया है। यह कब्र उसके अब्बा सुभान उल्लाह अंसारी और अम्मी राबिया बेगम के कब्र के बगल में खोदा गया है। इस कब्र को तीन हिंदू मजदूरों– नगीना, संजय और गिरधारी ने खोदा है। अंसारी परिवार का कहना है कि उनके परिवार में किसी का इंतकाल होता है तो ये लोग कब्र खोदने आते हैं।

मुख्तार का शव पहुँचते ही उसके घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है। गाजीपुर और मऊ इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्तार के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट है।

बता दें कि पिछले लगभग 17 सालों से जेल में बंद पूर्वांचल का कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 की देर शाम बांदा जेल में हार्ट अटैक आया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। हालाँकि, डॉक्टर उसे बचाने में नाकाम रहे और 63 वर्षीय मुख्तार की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद उसके शव को बेटे उमर अंसारी को सौंप दी गई थी। 

औरतों को सरेआम पड़ेंगे कोड़ें, पत्थर मार-मारकर दी जाएगी मौत: तालिबान ने जारी किया फरमान, बोला- हम सिर्फ चाय पीने नहीं आए, अब शरिया लागू होगा

अफगानिस्तान में तालिबान अपना खौफनाक रूप लेने को तैयार है। खबरों में बताया जा रहा है कि दोबारा से वहाँ महिलाओं को बीच सड़क पर कोड़े और पत्थर मार मारकर खत्म कर देने वाला कानून चालू होने वाला है।

खबरों के अनुसार ऐसा ऐलान तालिबान सुप्रीमो मुल्ला हिबातुल्लाह अखूनजादा ने एक वॉयस मैसेज जारी करते हुए किया है। इसमें उसने पश्चिमी देशों को संबोधित करते हुए कहा है कि वो लोग पश्चिमी लोकतंत्र के विरुद्ध लड़ाई लड़ते रहेंगे। अखूनजादा ने कहा कि ये जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोग महिलाओं के अधिकार की बातें करते हैं वो तालिबान द्वारा माने जाने वाले इस्लामी शरिया लॉ से मेल नहीं खाता।

उसने कहा, “क्या महिलाएँ वे अधिकार चाहती हैं जिनके बारे में पश्चिमी लोग बात कर रहे हैं? वे शरिया और हमारी राय के खिलाफ हैं, हमने पश्चिमी लोकतंत्र को उखाड़ फेंका है। जल्द ही हम एडल्ट्री के लिए सजा लागू करेंगे जहाँ महिलाओं द्वारा व्यभिचार मामले में पकड़े जाने पर उन्हें कोड़े मार मारकर मार दिया जाता है।”

तालिबानी नेता मुल्ला हिबातुल्ला अखुंदजादा कहा, “मैंने मुजाहिद्दीन से कहा कि हम पश्चिमियों को कहेंगे कि हमने 20 साल उनके खिलाफ लड़ाई लड़ी और आगे भी 20 साल लड़ेंगे। ये तुम्हारे जाने से खत्म नहीं हुआ। हम यहाँ सिर्फ बैठकर चाय नहीं पीएँगे। हम शरिया लाएँगे। काबूल कब्जाने पर ये समाप्त नहीं हुआ। अब हम शरिया को लागू करेंगे। तुम कहते हो ये महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन है, पर हम व्यभिचार मामले में सजा देंगे। महिलाओं को सरेआम कोड़े मारेंगे। पत्थर मार मारकर उन्हें खत्म कर देंगे।”

बता दें कि साल 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान पर दोबारा से अपना शासन शुरू किया था। जिन लोगों को आजादी छिनने का डर था वो भागते हुए दूसरे देशों में शरण लेने चले गए और जो वहाँ बचे उन्हें दोबारा वही जीवन जीना शुरू करना पड़ा जो दशकों पहले तालिबान राज में जीते थे। महिलाओं का बिन बुर्के निकलना बैन हो गया। को-एड की व्यवस्था खत्म कर दी गई। अब महिलाएँ वहाँ सिर्फ अंधकार में हैं। महिलाएँ कहती हैं कि वो तालिबान के राज में बिन किसी गुनाह के जेल में हैं। जहाँ बात न मानने पर जिंदगी से हाथ धोना पड़ सकता है।

जनाजा उठने से पहले लगे ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे, सिवान के गैंगस्टर शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा भी पहुँचा: इलाके में हाई अलर्ट, कब्रिस्तान में सिर्फ परिजनों को ही अनुमति

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में 28 मार्च 2024 को हार्ट अटैक से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्तार के शव को उसके बेटे उमर अंसारी को सौंप दी गई है। आज शनिवार (30 मार्च 2024) को उसके अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। उसके जनाजे में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग उसके आवास पर पहुँचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

गाजीपुर में मोहम्मदाबाद स्थित मुख्तार अंसारी के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। इस दौरान कुछ लोगों ने ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है। गाजीपुर और मऊ इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्तार के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।

मुख्तार के शव को दफनाने से पहले वाराणसी रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश सिंह, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और एसपी ओमवीर सिंह ने पुलिस बल के साथ कालीबाग कब्रिस्तान का मुआयना किया। मुख्तार अंसारी की कब्र उसके पिता सुभान उल्लाह अंसारी और अम्मी राबिया बेगम के कब्र के बगल में खोदी गई है, जहाँ उसे दफनाया जाएगा।

बिहार स्थित सिवान के कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा भी मुख्तार अंसारी के जनाजे में शामिल होने के लिए मोहम्मदाबाद पहुँचा हुआ है। बता दें कि शहाबुद्दीन बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़ा था और दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद था। कोविड संक्रमण के कारण साल 2021 में उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी।

लगभग 17 साल तक जेल में बंद रहे मुख्तार अंसारी के जनाजे के दौरान कब्रिस्तान में परिवार के अलावा बाहरी लोगों के जाने पर रोक लगाई गई है। पुलिस प्रशासन ने निर्देश दिया है कि परिवार के अलावा कोई भी व्यक्ति कब्रिस्तान में नहीं जा सकेगा। इसको देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

भीड़ के देखते हुए गाजीपुर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। कई रास्तों को बंद कर दिया गया है और रूट को डायवर्ट कर दिया गया है। मोहम्मदाबाद में मुख्तार के घर के बाहर भी बैरिकेडिंग की गई है। कई रास्तों को बंद कर दिया गया है। बता दें कि जेल में बंद मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को कोर्ट की छुट्टी होने के कारण जनाजे में आने की अनुमति नहीं मिल पाई है।

‘उन्हें सिर्फ रसोई में खाना बनाना आता है’ : कॉन्ग्रेस के 92 साल के MLA ने भाजपा की महिला प्रत्याशी पर की विवादित टिप्पणी, EC में शिकायत दर्ज

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस नेता शमनूर शिवशंकरप्पा ने भारतीय जनता पार्टी की महिला प्रत्याशी पर कुंठित टिप्पणी की है उन्होंने भाजपा उम्मीदवार गायत्री सिद्धेश्वरा को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होने कहा कि गायत्री में सार्वजनिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने की क्षमता नहीं है।

कॉन्ग्रेस की एक बैठक में बोलते हुए शिवशंकरप्पा ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं वह चुनाव जीतकर मोदी को कमल का फूल देना चाहती हैं। पहले उन्हें दावणगेरे की समस्याओं को समझने दीजिए। बात करना एक बात होती है। लेकिन वह तो सिर्फ रसोई में खाना बनाना जानती हैं। विपक्षी दल में जनता के सामने बात करने की ताकत नहीं है। हमने क्षेत्र में विकास के कार्य किए हैं।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस के जिस नेता ने भाजपा प्रत्याशी पर ऐसी निंदनीय टिप्पणी की है, वो कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता हैं जिनकी उम्र 92 वर्ष है। वह पाँच बार दावणगेरे दक्षिण से विधायक रहे हैं। पार्टी के सबसे पुराने नेताओं में उनका नाम आता है। कॉन्ग्रेस चाहती है कि इस सीट से शिवशंकरप्पा की बहू मल्लिकार्जुन चुनावी मैदान में उतरें। वहीं भारतीय जनता पार्टी भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीएम सिद्धेश्वरा की पत्नी को मैदान में खड़ा किया है। ऐसे में गायत्री के खिलाफ विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा की ऐसी टिप्पणी आई और इस पर बवाल शुरू हो गया है।

गायत्री ने जवाब देते हुए कहा, “उन्होंने (कॉन्ग्रेस नेता) कहा कि हमें सिर्फ खाना बनाना आता है और हमें बस रसोई में ही रहना चाहिए। आज महिलाएँ किस पेशे में नहीं है? हम तो आसमान में उड़ रहे हैं। उस बूढ़े आदमी को नहीं पता कि महिलाएँ कितनी आगे बढ़ गई हैं, वह नहीं जानता कि सभी महिलाएँ किस प्रेस से घर में पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खाना बनाती हैं।”

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस नेता की इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा इसकी निंदा की जा रही है। इस बीच भाजपा की प्रवक्ता मालविका अविनाश ने भी शिवशंकरप्पा की इस टिप्पणी के खिलाफ उनकी चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है।

जेल में बंद अरविंद केजरीवाल की कुर्सी पर खतरा बरकरार: हिंदू सेना ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल की याचिका, कहा- मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त हों AAP संयोजक

जेल में बंद आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भी उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की माँग की गई है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा शराब घोटाले में गिरफ्तार किए जाने के बाद सीएम केजरीवाल ने कहा था कि वे अब जेल से ही सरकार चलाएँगे।

हिंदू सेना ने शुक्रवार (29 मार्च 2024) को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करके उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की माँग की। याचिका में माँग की गई है कि अदालत दिल्ली के उपराज्यपाल विजय कुमार सक्सेना को आदेश दें कि वे अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाएँ।

याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार को दिल्ली को उपराज्यपाल के जरिए दिल्ली की सरकार चलाना चाहिए। याचिका में हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता ने याचिका में कहा है कि देश के संविधान में ऐसी कोई परिकल्पना नहीं है कि एक मुख्यमंत्री गिरफ्तारी की स्थिति में न्यायिक या पुलिस हिरासत से सरकार चला सके।

वकील बरुन सिन्हा के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है, “दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल ने संविधान द्वारा उन पर जताए गए संवैधानिक विश्वास का उल्लंघन किया है। मनी लॉन्ड्रिंग में ईडी द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसलिए संवैधानिक नैतिकता को देखते हुए उन्हें जाँच एजेंसी द्वारा हिरासत में लेने पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था।”

हिंदू सेना ने याचिका में कहा है कि भारतीय संविधान के निर्माताओं ने अनुच्छेद 163 और 164 में सावधानीपूर्वक प्रावधान किए हैं कि मुख्यमंत्री के साथ परिषद या मंत्री को राज्यपाल की सहायता करने और सलाह देने के लिए या विवेकाधीन कार्यों को छोड़कर या संविधान के तहत राज्यपाल को अपने कार्य करने की सलाह दी जाए।

बता दें कि इससे पहले भी अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की माँग वाली याचिका दाखिल की गई थी। उसमें कहा गया था कि अदालत एलजी को केजरीवाल को उनके पद से हटाने का निर्देश दे। हालाँकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार (28 मार्च 2024) को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया।

याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि ऐसी कोई कानूनी बाध्यता नहीं है कि हिरासत में जाने के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहा जा सकता। कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई संवैधानिक संकट भी है तो इस पर उपराज्यपाल या राष्ट्रपति को फैसला लेना है। इसमें कोर्ट के दखल का कोई औचित्य नहीं बनता है।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्होंने घोषणा की थी कि वे जेल से ही सरकार चलाएँगे। इसके बाद सीएम केजरीवाल ने हिरासत से ही 24 मार्च को अपना पहला आदेश जारी किया।

दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने सीएम केजरीवाल के निर्देश का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया है। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया है।

सीएम केजरीवाल ने अपने नोट में लिखा था, “मुझे पता चला है कि दिल्ली के इलाकों में पानी और सीवर की काफी समस्या हो रही है। इसको लेकर मैं चिंतित हूँ। चूँकि मैं जेल में हूँ, इस वजह से लोगों को जरा भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए। गर्मियाँ आ रही हैं। जहाँ पानी की कमी है, वहाँ उचित संख्या में टैंकरों का इंतजाम कीजिए। मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों को आदेश दीजिए ताकि जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो।”

इसके बाद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने 26 मार्च को कहा कि सीएम केजरीवाल ने निर्देश दिया है कि मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इस बार की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दी है। इसके पहले सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में गर्मी को को देखते हुए पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया है।

अब डराने जैसी हरकत पर उतरे राहुल गाँधी, ED-CBI को धमकाते हुए कहा- ‘किसी न किसी दिन BJP की सरकार बदलेगी, तो ऐसी कार्रवाई होगी कि फिर…’

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और अब सामान्य सांसद राहुल गाँधी ने केंद्रीय जाँच एजेंसियों को धमकाया है। राहुल गाँधी ने ईडी और सीबीआई से जुड़े अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा है कि बीजेपी की सरकार जाने के बाद उनके खिलाफ पक्की कार्रवाई की जाएगी। राहुल गाँधी ने कहा कि ये एजेंसियाँ अभी गलत काम कर रही हैं, ऐसे में जब सरकार बदलेगी और बीजेपी के अलावा कॉन्ग्रेस की सरकार आएगी, तो उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि दोबारा किसी की हिम्मत नहीं होगी ऐसा करने की।

एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए राहुल गाँधी ने लिखा, “जब सरकार बदलेगी तो ‘लोकतंत्र का चीरहरण’ करने वालों पर कार्रवाई ज़रूर होगी! और ऐसी कार्रवाई होगी कि दोबारा फिर किसी की हिम्मत नहीं होगी, ये सब करने की। ये मेरी गारंटी है।”

इस वीडियो में राहुल गाँधी कह रहे हैं, “अगर ये संस्थान अपना काम करते, अगर सीबीआई अपना काम करती, ईडी अपना काम करती तो ये नहीं होता। तो उनको ये भी सोचना चाहिए कि जो ये सब कर रहे हैं कि किसी न किसी दिन बीजेपी की सरकार बदलेगी और फिर कार्रवाई होगी। और ऐसी कार्रवाई होगी कि मैं गारंटी देता हूँ कि ये फिर से कभी नहीं होगा।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस पार्टी और उससे जुड़े नेताओं की अतीत की गलतियों को लेकर लगातार कार्रवाई भी होती रही है। कॉन्ग्रेस के खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई कर रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 18 सौ करोड़ से अधिक का नोटिस भी भेजा है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के खिलाफ कार्रवाई से लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कॉन्ग्रेस को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। कॉन्ग्रेस ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के इस नोटिस के खिलाफ वीकेंड पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का भी फैसला किया है।

इस बूथ पर होती है 100%, क्योंकि वोटर है केवल 1: मतदान कराने के लिए तैनात करने पड़ते हैं 15 कर्मचारी

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियाँ पूरे देश में चल रही है। चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है। लोकसभा चुनाव से जुड़े तमाम आँकड़ों के बीच एक खास लोकसभा सीट के खास बूथ के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ हर बार 100% वोटिंग होती है। जी हाँ, 100% वोटिंग, क्योंकि इस बूथ पर मतदाता के रूप में एक ही व्यक्ति होता है। ऐसा हर बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय होता है। आज हम इसी बूथ के बारे में बता रहे हैं, जो गुजरात राज्य में है।

ये खास मतदान केंद्र गिर सोमनाथ जिले के बानेज गाँव में स्थित है। अन्य मतदान केंद्रों पर आमतौर पर औसतन 1,000 से 1200 पंजीकृत मतदाता होते हैं। लेकिन गिर सोमनाथ के बानेज गाँव का यह मतदान केंद्र ऐसा है जहाँ सिर्फ एक मतदाता वोट डालता है। उनके लिए हर चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं, कर्मचारियों की व्यवस्था की जाती है, सुरक्षा की व्यवस्था की जाती है और वे सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जो अन्य जगहों पर की जाती हैं।

बानेज गाँव गिर गढ़ा तालुका में स्थित है। यहाँ जामवाला गिर से 25 किलोमीटर दूर एक पौराणिक मंदिर बन गंगेश्वर महादेव मंदिर है। इस मंदिर के महंत संत हरिदास इस मतदान केंद्र के एकमात्र मतदाता हैं। उनके अलावा यहाँ कोई और वोट नहीं करता है। इसके अलावा भौगोलिक स्थिति के कारण यहां काम करना मुश्किल है, लेकिन फिर भी देश के अन्य मतदाताओं की तरह ही उनके लिए भी सारी व्यवस्थाएँ की जाती हैं।

साल 2002 से हर बार बनाया जाता है मतदान केंद्र

जानकारी के मुताबिक, साल 2002 से चुनाव आयोग हर चुनाव में यहाँ मतदान केंद्र बनाता है। इस साल भी तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। हाल ही में गिर सोमनाथ कलेक्टर दिग्विजय सिंह जाडेजा ने मतदान केंद्र का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। यहाँ उन्होंने मंदिर में स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लिया और जिले में आने वाले पर्यटकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

मीडिया से बातचीत करते हुए कलेक्टर डी. डी जाडेजा ने कहा, ”महंत का स्थायी निवास यहीं है, ऐसे में हमने वहाँ वन कार्यालय में एक मतदान केंद्र स्थापित किया है, ताकि वे अपने वोट देने के अधिकार का प्रयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके पीछे मकसद यह है कि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे। इस मतदान केंद्र पर भी पीठासीन अधिकारी, मतदान एजेंट, चपरासी, सीआरपीएफ कर्मियों सहित कुल 15 व्यक्तियों का स्टाफ होगा। जो मतदान की प्रक्रिया को पूरा कराएँगे।

पूर्व महंत का हुआ निधन, साल 2019 से नए महंत आए

यहाँ अब महंत हरिदास ही अकेले वोटर हैं। वो साल 2019 से वोट डाल रहे हैं। उनके गुरु महंत भरत दास साल 2019 से पहले वोट डालते थे। पिछली बार विधानसभा चुनाव में भी यहाँ वोटिंग हुई थी। खास बात ये है कि हर बार यहाँ 100 प्रतिशत मतदान होता है, क्योंकि महंत हमेशा मतदान करते हैं। खास उन्हीं के लिए बनाए जाने वाले मतदान केंद्र को देखते हुए वो कभी मतदान से पीछे नहीं हटते। ऐसे में इस बार भी 100 प्रतिशत मतदान की गारंटी है, क्योंकि महंत हरिदास इस चुनाव में भी मतदान के लिए कमर कस चुके हैं।