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ट्रेनों से चादर-कंबल-तौलिया चुराता था इंजीनियर अरशद, बीवी अफसाना ने ही खोल दी पोल: शिकायत करने के बाद शौहर ने पीटा तो भागी मायके

मध्य प्रदेश के भोपाल से एक इंजीनियर की ऐसी करतूत सामने आई है कि सुनने वाले भी दंग हैं। दरअसल, एक प्राइवेट कंपनी का इंजीनियर मोहम्मद अरशद ट्रेनों से कंबल, चादर और तौलिया चुरा लेता था और उसे लेकर आपने घर आ जाता था। उसकी आदत का भंडाफोड़ उसकी पत्नी ने ही किया है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही उसने चोरी के सामान का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

महिला राजस्थान के कोटा की रहने वाली है। इसी साल 12 जनवरी को उसका निकाह उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले मोहम्मद अरशद से हुआ था। अरशद भोपाल में की एक प्राइवेट कंपनी में आईटी इंजीनियर है। वह पत्नी के साथ भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित दाता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। उसके घर से रेलवे के कंबल, चादर और तौलिए मिले हैं।

महिला का कहना है कि उसके शौहर ने यह चोरी की है। उसे अपने शौहर की यह आदत पसंद नहीं आई। इसलिए इन सामानों का ना सिर्फ उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, बल्कि रेलवे पुलिस में भी इसकी शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मोहम्मद अरशद के घर से 40 तौलिया, 30 चादर और 6 कंबल बरामद किए हैं।

इस महिला का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह अपना नाम अफसाना खान बता रही है। वीडियो में उसने कहा, “कमरे में एक संदूक रखा था। इसमें हमेशा ताला लगा रहता था। ईद की सफाई के दौरान जब मैंने संदूक खोला तो ऊपर बहुत सारे कपड़े रखे थे। जब नीचे देखा तो उसमें रेलवे की बहुत सारी चादर, कंबल और तौलिए मिले।”

महिला ने आगे कहा, “इसके बाद मैंने अरशद से बात की और समझाया कि चोरी करना गलत है। यह सारी चीजें वापस कर दीजिए। शौहर ने मुझसे कहा कि यह पुरुष प्रधान देश है। तुम्हें इसमें बोलने की जरूरत नहीं है। जैसा मैं कहूँ, वैसा ही करना। शौहर की यह बात मुझे ठीक नहीं लगी। इसलिए रेलवे को मैंने कॉल किया और सारा सामान वापस लेने की बात कही।”

महिला का कहना है कि इसकी शिकायत करने के बाद उसके शौहर ने उसे बहुत मारा। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। महिला का कहना है कि ट्रेन में यात्रा करने के दौरान उसका शौहर रेलवे की चादर, कंबल और तौलिए चुराने की आदत लग गई। महिला का कहना है कि शिकायत के बाद रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी घर पहुँचे और सारा सामान लेकर वापस आ गए।

भोपाल में पदस्थापित रेलवे के सीनियर डिवीजन सिक्योरिटी कमिश्नर प्रशांत यादव ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। जाँच के बाद जो भी तथ्य सामने आएँगे, उसी हिसाब से आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बता दें कि रेलवे का सामान चोरी करने पर रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट-1966 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या चुराने पर जुर्माना या जेल या फिर दोनों सजा का प्रावधान है। इसके लिए एक से लेकर पाँच साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, कम से कम जुर्माना एक हजार रुपए तक लग सकता है। अधिकतम जुर्माना रेलवे कोर्ट तय करती है।

एक आँकड़े के मुताबिक, साल 2017-18 में रेलवे के 1.95 लाख तौलिया, 81 हजार 776 चादर, 5 हजार 38 तकिये का कवर और 7 हजार 43 कंबल चोरी हुए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में बेडरोल भी चोरी हुए। माना जाता है कि इन सामानों की कीमत करीब 14 करोड़ रुपए है। ऐसे में रेलवे ने अटेंडेंट को ट्रेन की यात्रा खत्म होने से आधे घंटे पहले ही बेडरोल का सामान इकट्ठा करने की सलाह दी, ताकि लोग चोरी ना कर सकें।

58 साल की उम्र में IVF से कैसे बनी माँ, पंजाब से केंद्र सरकार ने माँगी रिपोर्ट: बोले सिद्धू मूसेवाला के पिता – प्रताड़ित कर रही AAP सरकार

पंजाब अभी भी 29 मई, 2022 की तारीख़ को नहीं भूला है, जब गायक सिद्धू मूसेवाला को गोलियों से भून डाला गया था। हत्या के वक्त वो गाड़ी चला रहे थे। उस समय पंजाबी गानों की दुनिया में सिद्धू मूसेवाला शीर्ष पर थे। 28 वर्षीय सिंगर की हत्या के लगभग 2 साल बाद उनकी माँ ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इसके लिए उन्होंने असिस्टेड प्रेग्नेंसी प्रोसीजर IVF (विट्रो फर्टिलाइजेशन) का सहारा लिया। अब केंद्र सरकार ने इस पर पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निदेशक SK रंजन ने गुरुवार (14 मार्च, 2024) को पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि वो इस मामले को देखे और इस मामले में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (नियामक) अधिनियम, 2021 के तहत क्या कार्रवाई की गई इस संबंध में रिपोर्ट दायर करे। चरण कौर ने 58 की उम्र में IVF ट्रीटमेंट से बच्चे को जन्म दिया। MoHFW ने कहा है कि एक न्यूज़ रिपोर्ट के माध्यम से उसने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

मंत्रालय ने कहा है कि Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 के तहत एक महिला के लिए ART के माध्यम से गर्भवती होने की अधिकतम उम्र 21-50 वर्ष है। सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने विदेश जाकर इसके तहत ट्रीटमेंट कराया था। दिवंगत गायक के पिता बलकौर सिंह ने आरोप लगाया है कि बच्चे के जन्म के बाद पंजाब सरकार द्वारा परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उनसे तमाम तरह के दस्तावेज माँग रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की थी कि उन्हें समय दिया जाए, ताकि वो नए जन्मे बच्चे से जुड़े दस्तावेजों को पेश कर सकें। बठिंडा के जिंदल हॉस्पिटल ने रविवार (17 मार्च, 2024) को बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे का नाम शुभदीप रखा गया है। सिद्धू मूसेवाला का नाम भी शुभदीप सिंह सिद्धू था। मनसा जिले के मूसा गाँव में हुई उनकी हत्या में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे अपराधियों का नाम सामने आया था।

सिद्धू मूसेवाला के पिता ने अपील की है कि ट्रीटमेंट खत्म हो जाने दिया जाए, उसके बाद उन्हें जहाँ बुलाया जाएगा वो आ जाएँगे। उन्होंने कहा कि वो दुःखी हैं, यू-टर्न लेने की उनकी आदत नहीं है। बलकौर सिंह ने ये भी दावा किया कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उन्हें जेल में डाल दिया जाए। पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने कहा कि भगवंत मान को सिद्धू मूसेवाला के परिवार को प्रताड़ित करना बंद करना चाहिए, वो अकेले पंजाबी हैं जिन्होंने बच्चे के जन्म पर उन्हें बधाई नहीं दी है।

8 साल मुस्लिम मोहल्लों में किया काम, BJP ने उम्मीदवार बनाया तो नहीं करने दे रहे कैंपेन: बोलीं माधवी लता- हैदराबाद ‘खतरनाक सीट’, पत्थर मारते हैं

आगामी लोकसभा चुनावों के लिए हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी के समक्ष जिस प्रत्याशी को उतारा है उनका नाम माधवी लता है। माधवी ने हाल में मीडिया से बात करते हुए हैदराबाद लोकसभा सीट को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ कैंपेन करना इतना मुश्किल है कि 50 फीसदी इलाकों में आप जा नहीं सकते।

माधवी कहती हैं, “हैदराबाद की लोकसभा सीट बहुत खतरनाक है। यहाँ के 50 फीसदी इलाकों में आप चुनावों के दौरान कैंपेन नहीं कर सकते, वहाँ कदम नहीं रख सकते। वो लोग पत्थर फेंकते हैं, सिर फोड़ते हैं… और मैं ये काम करने जा रही हूँ। मैं देखना चाहती हूँ कि मेरे देश में कैसे मुझे रोका जाएगा। अगर कोई मुझे रोकेगा भी तो मुझे पत्थर खाकर देखना है कि ये लोग और कितना ज्यादा गिर सकते हैं।”

भाजपा प्रत्याशाी कहती हैं, “8 सालों से मैं उन मुसलमानों के मोहल्लों में जाकर मैं काम कर चुकी हूँ, तब तो मुझे किसी ने कुछ नहीं किया। ये आम मुसलमानों की बात नहीं है। ये चंद मुट्ठी भर खुदगर्ज राजनेताओं का काम है ये। कल को जब मैं उसी मोहल्ले में जाकर कैंपेनिंग करूँगी तब देखूँगी कौन मुझे रोकेगा। अगर किसी ने मुझे रोका तो वो एकमात्र पार्टी है।”

उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि कैसे हिंदू भाइयों को ये पुलिस वाले मारेंगे। हम कानूनी ढंग से उसका जवाब भी देंगे। कल ये लोग हिंदू भाइयों को डरा रहे थे कि इलाके में 144 लगा देंगे। आपकी दुकानें बंद होंगी तो रोजी रोटी बंद हो जाएगी। आपको लगता है कि ये 21वीं सदी है। इस क्षेत्र में लोकतंत्र है। ये बहुत बेकार इलाका है इसलिए इस जगह कोई टच नहीं किया जाता। अगर कोई ऐसा करे तो बहुत जल्दी भगवान के पास चले जाते हैं इसलिए बिजली का बिल भी ये लोग जाकर नहीं भरवा पाते। हमें भी देखना है।”

लता कहती हैं कि असदुद्दीन ओवैसी के राज में हालत ऐसे हैं कि लोग बिजली के बिल भरने नहीं जाते। उन्हें कह दिया जाता है- “मत भरो हम देख लेंगे।” वह कहती हैं कि इन लोगों को ये समझ नहीं आता कि अगर वो 500 रुपए नहीं भर पा रहीं तो ये कितना गलत है। वहाँ 600 करोड़ रुपए बकाया हैं जो सरकारी अधिकारी पैसे माँगता है उसे पीटा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि ओवैसी इलाके में पीएम मोदी की एक भी स्कीम को लागू नहीं होने देते।

उन्होंने पूछा कि क्या किसी ने कभी कोई पोस्टर देखा है जिसमें ओवैसी पीएम मोदी की किसी स्कीम के बारे में लोगों को बता रहे हों। उन्होंने पूछा कि एक सांसद होते हुए इस पर बात करने में समस्या क्या है। बताया तो जाना चाहिए ही, वो लोगों का पैसा है उनके पास जाना चाहिए। आखिर वो क्यों नहीं बताते। माधवी लता कहती हैं कि हैदराबाद में एक बड़ा स्कैम चल रहा है। आजतक कोई इस पर बोलने को तैयार नहीं है। हमने ये शुरूआत की है।

2 हिंदू नाबालिगों को नाई इरफान ने किया किडनैप, व्यापारी संघ ने 86 दुकानदारों की सदस्यता रद्द की: उत्तराखंड के धारचूला पर प्रोपेगेंडा फैला रहा गैंग

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचूला कस्बे के स्थानीय व्यापारी संघ ने 86 बाहरी मुस्लिम दुकानदारों को शहर छोड़ने के लिए कहा है। व्यापारी संघ ने इन दुकानदारों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह निर्णय फरवरी माह में एक मुस्लिम नाई इरफ़ान के दो स्थानीय नाबालिगों के अपहरण और बरेली भगा ले जाने के बाद लिया गया।

पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह ने एक बयान में बताया था कि धारचूला से दो नाबालिगों का अपहरण करने के मामले में इरफ़ान नाम के एक आदमी को गिरफ्तार किया गया था। इरफ़ान और उसके एक साथी ने धारचूला से इन दोनों लड़कियों बरेली लेकर गए और वहाँ इनको शादी का झाँसा दिया। यह घटना फरवरी की है। इरफ़ान और उसके साथी के खिलाफ POCSO और बलात्कार की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह जानकारी सामने आई है कि मोहम्मद इरफ़ान इन लड़कियों लुभावने वादे करता था। इरफ़ान धारचूला में बरेली से गया था और नाई की दुकान खोल रखी थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि वह इन लड़कियों को बेंगलुरु ले जाना चाहता था। इन लड़कियों को 1 फरवरी, 2024 को अपह्रत किया गया था और 4 फरवरी, 2024 को इनको बरामद किया गया।

इसके बाद स्थानीय लोगों में इस घटना के प्रति उबाल आ गया और उन्होंने बाहरी दुकानदारों के सत्यापन की बात कही। इसके बाद व्यापार संघ ने निर्णय लेते हुए बाहर से आने वाले 91 दुकानदारों के पंजीयन रद्द कर दिए। इनमें से 86 मुस्लिम हैं। इस घटना के बाद लोगों से अपील की गई कि वह संदिग्ध लोगों को घर-दुकान किराए पर ना दें।

इस्लामी और वामपंथियों ने चालू किया रोना पीटना

जब इन स्थानीय व्यापारियों ने इस घटना के बाद बाहरी व्यापारियों को अल्टीमेटम दिया तो इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथियों ने सोशल मीडिया पर खूब हंगामा किया। सोशल मीडिया पर हेट डिटेक्टर नाम के अकाउंट ने इस मामले को लकर मुसलमानों को पीड़ित के रूप में दिखाया।

इस हैंडल ने लिखा, ” उत्तराखंड के धारचूला में, व्यापारी संघ ने 91 दुकानदारों का पंजीकरण रद्द कर दिया, लगभग सभी मुसलमानों और स्थानीय लोगों से कहा किया जा रहा है कि वह अपनी दुकान और घर को ‘बाहरी लोगों’ को किराए पर न दें। एक मुस्लिम के एक स्थानीय लड़की के साथ भाग जाने के बाद शहर में ‘बाहरी लोगों’ को यहाँ से निकालने का अभियान जारी है। इस हैंडल ने बच्चियों के अपहरण को दर्शाया कि वह इरफ़ान के साथ खुद ही गायब हो गईं।

एक और एक्स यूजर मुकर्रम हुसैन ने लिखा, ”एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। यह उसका एक उदाहरण है, उनका फैसला गलत है। इनको बाहर भेजने से कुछ हासिल तो नहीं होगा लेकिन इससे आपसदारी की भावना जरूर खत्म हो जाएगी।”

धारचूला मामले पर झूठ

फेक न्यूज फैलाने वाले मोहम्मद आसिफ खान ने एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड में मुस्लिम व्यापारियों को निशाने पर लिया जा रहा है।” उसने यह बात छुपा ली कि उन्होंने इस बात को आसानी से नजरअंदाज कर दिया कि मुसलमानों को यह इलाका छोड़ने के लिए क्यों कहा गया था।

धारचूला मामले पर झूठ

एक और अकाउंट ने अपनी घृणा का प्रदर्शन करते हुए हिन्दुओं के बहिष्कार की बात की।

धारचूला मामले पर झूठ

एक और अकाउंट ने दावा किया कि यह धर्म के आधार पर प्रताड़ना है। इसने कारण नहीं बताया कि क्यों मुस्लिमों को धारचूला से बाहर जाने को कहा गया है।

धारचूला मामले पर झूठ

उत्तराखंड में सामने आ चुकी हैं कई घटनाएँ

ऐसा नहीं है कि धारचूला की घटना कोई पहला ऐसा मामला है। इससे पहले वर्ष 2023 में ही उत्तराखंड के पुरोला में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। पुरोला में दो मुस्लिम युवकों ने एक युवती को भगा के ले जाने की कोशिश की थी। हालाँकि, इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए थे और बाहर के ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई थी।

धारचूला में ही साल 2019 में एक हिंदू युवती के साथ दुष्कर्म करके उसका वीडियो वायरल कर दिया गया था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने इसके लिए एक मुस्लिम युवक को दोषी बताया था। हिंदू संगठनों ने इस मामले को लव जिहाद बताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।

इसी तरह, अभी कुछ दिन पहले ही हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में नावेद मलिक नाम के एक युवक ने अमन बनकर एक हिंदू युवती को फँसाया। इसके बाद उसे अपने घर बुलाया और उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद युवती पर वह धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। इस घटना में पहले से ही शादीशुदा नावेद की बीवी भी शामिल रही।

ED के सामने पेश होने में क्या दिक्कत है, केजरीवाल से हाई कोर्ट का सवाल: दिल्ली के CM ने कहा- दिक्कत नहीं पर हमको कुछ ‘प्रोटेक्शन’ चाहिए

दिल्ली के शराब घोटाले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए 9वाँ समन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोर्ट पहुँच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि ED ने उन्हें पूछताछ के बहाने के गिरफ्तार करना चाहती है। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे राहत दिए बिना किसी निर्देश के ही एक महीने के लिए टाल दी है।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम केजरीवाल को समन भेजकर 21 मार्च 2024 को पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले ही सीएम केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट पहुँच गए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने बुधवार (20 मार्च 2024) को मामले की सुनवाई की।

दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सीएम केजरीवाल से पूछा कि ईडी ने उन्हें 9 समन जारी किए हैं, लेकिन वे पेश क्यों नहीं हुए। इस पर सीएम केजरीवाल की ओर पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ED के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का भरोसा दिया जाए।

इस पर पीठ ने अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सामान्य प्रथा क्या है और क्या यह पहले समन के दौरान ही लोगों को गिरफ्तार कर लेती है। इस पर सीएम केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा कि यह नई शैली है और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को भी एजेंसी ने इसी तरह गिरफ्तार किया था।

इस पर खंडपीठ ने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब माँगा। इस याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। हालाँकि, केंद्रीय एजेंसी ने इस पर जवाब दाखिल करने की बात कही। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2024 को करने की कही। इस दौरान ईडी के समन और सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया।

याचिका में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए सारे समन गैरकानूनी हैं और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई उन्हें बार-बार समन जारी कर रही है। उन्होंने दावा किया है कि यह समन सिर्फ राजनीतिक मकसद से जारी किए गए हैं।

वहीं, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “आज दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। केजरीवाल खुद ED के समन को अवैध बताते थे और खुद ही कोर्ट गए थे। कोर्ट ने आज उन्हें आईना दिखा दिया कि आप कानून से बड़े नहीं हैं। आपको जाँच एजेंसी का समाना करना पड़ेगा। मैं अरविंद केजरीवाल और AAP के सभी नेताओं से कहता हूँ कि झूठी बहानेबाजी छोड़िए और जाँच का सामना कीजिए और कोर्ट में पेश हो जाइए।”

अर्शाल ने बीवी का गला दिनदहाड़े सड़क पर काटा, पुलिस के सामने जाकर किया सरेंडर: एक साल से अलग रह रही थी, केरल की घटना

केरल में अर्शाल नाम के व्यक्ति ने अपनी बीवी का दिनदहाड़े बीच सड़क पर गला रेत दिया। बीवी उससे एक साल से अलग रह रही थी और बच्चे को भी अपने पास ही रखती थी। अर्शाल से उसका निकाह 6 साल पहले हुआ था, लेकिन मनमुटाव के चलते दोनों अलग रह रहे थे। बुधवार (20 मार्च 2024) को अर्शाल की बीवी नीनू (26) काम पर जा रही थी, तभी बीच सड़क पर अर्शाल ने उसका गला रेत दिया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

ये वारदात एर्नाकुलम जिले के कलामासेरी की है, जहाँ दफ्तर जा रही नीनू का गला उसके शौहर अर्शाल ने बीच सड़क पर काट दिया। अर्शाल अचानक स्कूटर पर सवार होकर आया और उसने अपनी बीवी का गला रेट दिया। उसकी हालत बेहद गंभीर है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद अर्शाल ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया, ये पता नहीं चल पाया है।

बताया जा रहा है कि एकेजी रोड पर अर्शाल ने जब गला रेता, तब उसने नीनू से बात करने की भी कोशिश की थी। इन दोनों का निकाह 6 साल पहले हुआ था लेकिन नीनू अपने शौहर अर्शाल से एक साल से अलग रही थी। दोनों का एक बच्चा भी है।

ऑनमनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, कलामासेरी के पार्षद केटी मनोज ने बताया कि अर्शाल लगातार नीनू को परेशान कर रहा था। वो उसके घर पर जाकर भी बवाल करता था। उसके इस रवैये से नीनू काफी परेशान रहती थी और उससे बचकर रहने की कोशिश करती थी। उन्होंने बताया कि अर्शाल की कोई पुलिस हिस्ट्री नहीं मिली है। इस मामले में पुलिस ने बताया है कि अर्शाल ने खुद ही इस वारदात के बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। वो बीवी की ओर से कोई सुलह नहीं होने से नाराज था, क्योंकि उसकी बीवी नीनू एक साल से उससे बात नहीं करती थी।

‘नहीं थी कोई पुरानी रंजिश’: हत्यारे साजिद-जावेद की अम्मी ने बेटे के एनकाउंटर को ठहराया जायज, पुलिस ने पूछताछ के लिए अब्बा-चाचा को लिया हिरासत में

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में साजिद नामक नाई ने उस्तरे का इस्तेमाल कर के 2 बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। आरोप है कि इसके बाद वो उनका खून भी पी रहा था। हालाँकि, हत्या वाले दिन मंगलवार (19 मार्च, 2024) की रात को ही यूपी पुलिस ने साजिद को एनकाउंटर में मार गिराया। अब पुलिस ने साजिद के अब्बा और चाचा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस पता लगा रही है कि हत्या में साजिद के परिवार वालों का कोई हाथ था या नहीं।

बाबा कॉलोनी में हुए इस हत्याकांड के संबंध में मृतक बच्चों के पिता ने FIR दर्ज करवाई है। साजिद के साथ उसके भाई जावेद को भी आरोपित बनाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि साजिद और जावेद दोनों ने घर में घुस कर बच्चों को काट डाला। दोनों बच्चों का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके परिवार को सौंप दिया गया है, वहाँ से शव कछला ले जाए गए, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार हुआ। भीड़ को देखते हुए पीड़ित परिवार के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

हालाँकि, साजिद का शव अभी भी मॉर्चरी में ही रखा हुआ है क्योंकि उधर से कोई दावा करने सामने नहीं आया है। SSP आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि कानून-व्यवस्था सामान्य है, शहर में कोई समस्या नहीं है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी की जा रही है। पीड़ित परिवार के घर के सामने ही साजिद हजामत वाला सेटअप लगाता था और उसका पीड़ितों के घर में भी आना-जाना था। शाम के साढ़े 7 बजे वो घर में घुसा था, जब बच्चे छत पर खेल रहे थे। हत्याकांड के बाद पुलिस ने घेराबंदी की तो उसने गोलीबारी की, जवाबी फायरिंग में मारा गया।

वहीं हत्यारे साजिद की अम्मी नाजरीन ने इस घटना को दुःख जताते हुए अपने बेटे के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उन्होंने पुरानी रंजिश या क्लेश की बात को भी नकार दिया। दूसरे फरार बेटे जावेद के बारे में नाजरीन का कहना है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अम्मी ने कहा कि साजिद ने जो किया, उसका अंजाम उसने भुगता। मृतक बच्चों की माँ का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि जावेद का भी एनकाउंटर किया जाए। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हुई हैं।

दरगाह के पास चार भुजानाथ शोभायात्रा का कट्टरपंथियों ने रोका रास्ता, श्रद्धालुओं से मारपीट और जुलूस पर पथराव: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में धारा 144 लागू

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मंगलवार (19 मार्च 2024) को भगवान चारभुजानाथ की शोभायात्रा के दौरान कुछ कट्टरपंथियों ने पथराव कर दिया और लोगों के साथ मारपीट भी की। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने 18 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।

मामला राशमी थाना क्षेत्र के पहुँना कस्बे का है। यहाँ हर दशमी पर मंदिर से धार्मिक जुलूस निकाला जाता है। उज्जैन के महाकाल मंदिर के तर्ज पर बेवाण भी निकाली जाती है। घटना की रात को करीब 9 बजे कस्बे में जुलूस निकल रहा था। यह जुलूस जब दरगाह के पास पहुँचा तो कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने साउंड को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने लगी।

इस दौरान रतनजी नगर के एक हिंदू युवक ने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी गई। इसी दौरान कट्टरपंथियों की ओर से जुलूस निकाल रहे लोगों पर पथराव कर दिया गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और कस्बे का माहौल खराब हो गया। घायल युवक को प्राथमिक इलाज कराने के बाद भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया है। उसके कान में चोट लगी है।

कहा जाता है कि इस घटना के बाद कुछ देर तक शांति रही। इसके बाद कुछ और कट्टरपंथी जुट आए और उन्होंने फिर से पथराव करना शुरू कर दिया। बचाव में दूसरे पक्ष ने भी पथराव करना शुरू कर दिया। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँच गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय और आसपास के थानों के पुलिस को पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ा। रात को ही इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके बाद रात को ही राशमी के एसडीएम गोविंद सिंह, कपासन विधायक अर्जुन लाल रतजीनगर भी पहुँचे। देर रात तक दोनों पक्षों से लगातार बातचीत की गई।

जिले के पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में अब तक 18 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के दौरान श्याम छिपा नाम के एक शख्स की मौत की भी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि श्याम की घटनास्थल पर ही दुकान थी और वह हार्ट का मरीज था। उसे दिक्कत महसूस हुई तो गाँव के कंपाउडर ने उसका चेकअप किया। भीलवाड़ा ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

2 हिंदू बच्चों की हत्या पर सपा नेता ने दाँत चियार कर हँसते हुए कहा – भाजपा चुनाव के समय हिंसा करवाती है, पार्टी को मुस्लिम दुकान जलने की चिंता

बदायूँ के बाबा कॉलोनी में साजिद ने घर में घुस कर 2 हिन्दू बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी, वहीं तीसरे बच्चे की गर्दन पर भी वार किया गया। नाई साजिद ने हत्या के लिए उस्तरे का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उसे बच्चों का खून पीते हुए भी देखा गया है। वामपंथी गिरोह ‘पुराना विवाद’ बता कर घटना पर पर्दा डालने में जुटा हुआ है। वहीं समाजवादी पार्टी भी इस हत्याकांड को लेकर संवेदनहीन राजनीति का परिचय दे रही है। रामगोपाल वर्मा इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी रामगोपाल यादव से पत्रकारों ने बदायूँ के दोहरा हत्याकांड पर प्रतिक्रिया माँगी थी। इस दौरान रामगोपाल वर्मा संवेदनहीनता का परिचय देते हुए दाँत चियार कर मुस्कुराते रहे। फिर उन्होंने कहा कि भाजपा वाले हमेशा चुनाव के वक्त हिंसा करवाते हैं। ये बड़ा आश्चर्यजनक है कि हत्यारा मुस्लिम समाज से है जिसे यूपी में सपा का वोटर माना जाता है, मृतक बच्चे हिन्दू परिवार के हैं, लेकिन सपा को इसमें दोष भाजपा का दिख रहा है।

इतना ही नहीं, सपा के मीडिया सेल की तरफ से भी पीड़ितों को चिढ़ाने वाले ट्वीट किए जा रहे हैं। जैसा कि स्वाभाविक है, इस निर्मम हत्याकांड के बाद बदायूँ में तनाव भड़क गया और लोगों ने जम कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन वाले वीडियो को सपा के इस हैंडल ने लपक लिया और इस पर भला-बुरा कहने लगे। क्या पीड़ित पक्ष को बच्चों को उस्तरे से काट डाले जाने के बाद सड़क पर विरोध तक दर्ज कराने का अधिकार नहीं है? वो न्याय नहीं माँगें?

सपा के पार्टी मीडिया सेल ने लिखा, “भाजपा यूपी में दंगा-फसाद सांप्रदायिक तनाव खड़ा करके चुनाव जीतना चाहती है और इसी कारण से ऐसी घटनाओं को खुद अंजाम दिलवा रही और जिलों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करवा रही है। इसका परिणाम बदायूँ की आज की घटना है भाजपा जब जनता के असल मुद्दों से हार चुकी है तो धार्मिक विवाद, धार्मिक लड़ाई ही भाजपा का आखिरी हथियार बची है। भाजपा के इशारे पर ही कई गुंडे बदमाश खुले घूम रहे और भाजपा के इशारे पर ही ऐसी वारदातें कर रहे जिसके कारण समाज में लड़ाई झगड़ा बढ़ रहा।”

भाजपा इन घटनाओं को अंजाम दिलवा रही है? साजिद नाम वाले कुछ करें तो इसमें भी भाजपा का रोल? अगर सपा इसे धार्मिक विवाद बता रही है तो फिर हत्यारा मुस्लिम है और पीड़ित हिन्दू, फिर वो साजिद को दोष क्यों नहीं दे रही? कल को ISIS या अलकायदा भी किसी घटना को अंजाम देगा तो भाजपा ही दोषी होगी? ये वही सोच है, जो दिल्ली में दंगा इस्लामी भीड़ करती है तो दोष कपिल मिश्रा को देती है। समाज में लड़ाई-झगड़ा अलग चीज है, उस्तरे से बच्चों को काट कर उनका खून पीना अलग बात।

1.25 लाख स्टार्टअप, 110 यूनिकॉर्न, 12 लाख को रोजगार… महाकुंभ में बोले PM मोदी- कल्चर बना Startup, महिलाओं के हाथ में 45% की कमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ (Startup Mahakumbh) को संबोधित किया। भारत मंडपम में यह स्टार्टअप महाकुंभ 18 मार्च 20 मार्च तक आयोजित हुआ, जिसमें 2000 से ज्यादा उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इस स्टार्टअप महाकुंभ में दो हजार से अधिक स्टार्टअप, एक हजार से अधिक निवेशक, 300 इनक्यूबेटर, तीन हजार सम्मेलन प्रतिनिधि, 20 से अधिक देश के प्रतिनिधि, सभी भारतीय राज्यों के भावी उद्यमी, 50 से अधिक यूनिकॉर्न और 50 हजार से अधिक कारोबारी शामिल हुए।

देश में 110 यूनिकॉर्न, 12 हजार से ज्यादा पेटेंट

स्टार्टअप महाकुंभ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत में आज सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। इनसे करीब 12 लाख नौजवान सीधे जुड़े हैं। हमारे पास 110 यूनिकॉर्न हैं। स्टार्टअप ने 12000 पैटेंट फाइल किये हैं। आज देश के छोटे शहरों के युवा भी स्टार्टअप कर रहे हैं। योगा और आयुर्वेद में भी खूब स्टार्टअप आ रहे हैं। स्पेस जैसे सेक्टर में भी नए बिजनेस आ रहे हैं। ऑलरेडी हमारे स्टार्टअप स्पेस शटल लॉन्च करने लगे हैं। भारत की युवा शक्ति का सामर्थ्य आज पूरी दुनिया देख रही है। देश ने स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने के लिए काफी कदम उठाए हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं ने भारत को 11वें नंबर से 5वें नंबर की इकोनॉमी बना दिया है। इस जम्प में स्टार्टअप का अहम योगदान होगा। इसमें बहुत बड़ी भूमिका देश के नौजवानों की है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे 45 प्रतिशत से ज्यादा स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। भारत ने स्टार्टअप-20 के तहत दुनिया भर के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक साथ लाने का प्रयास किया है। इसी भारत मंडपम में जी-20 के दिल्ली डिक्लेरेशन में पहली बार स्टार्टअप को न सिर्फ शामिल किया गया, बल्कि उन्हें विकास का स्वाभाविक इंजन भी माना गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दशकों में हमने देखा है कि भारत ने आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में छाप छोड़ी है। अब इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर का ट्रेंड लगातार बढ़ता हुआ देख रहे हैं। स्टार्टअप की दुनिया के सभी साथियों का इस महाकुंभ में होना मायने रखता है। आमतौर पर व्यापारी लोग जब चुनाव आते हैं, तो सोचते हैं कि अभी रहने देते हैं जब नई सरकार आएगी, तो उस हिसाब से देखेंगे। लेकिन आज आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए हैं, तो आपके मन में आपको पता है कि अगले 5 साल क्या होने वाला है।