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दरगाह के पास चार भुजानाथ शोभायात्रा का कट्टरपंथियों ने रोका रास्ता, श्रद्धालुओं से मारपीट और जुलूस पर पथराव: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में धारा 144 लागू

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मंगलवार (19 मार्च 2024) को भगवान चारभुजानाथ की शोभायात्रा के दौरान कुछ कट्टरपंथियों ने पथराव कर दिया और लोगों के साथ मारपीट भी की। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने 18 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।

मामला राशमी थाना क्षेत्र के पहुँना कस्बे का है। यहाँ हर दशमी पर मंदिर से धार्मिक जुलूस निकाला जाता है। उज्जैन के महाकाल मंदिर के तर्ज पर बेवाण भी निकाली जाती है। घटना की रात को करीब 9 बजे कस्बे में जुलूस निकल रहा था। यह जुलूस जब दरगाह के पास पहुँचा तो कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने साउंड को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने लगी।

इस दौरान रतनजी नगर के एक हिंदू युवक ने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी गई। इसी दौरान कट्टरपंथियों की ओर से जुलूस निकाल रहे लोगों पर पथराव कर दिया गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और कस्बे का माहौल खराब हो गया। घायल युवक को प्राथमिक इलाज कराने के बाद भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया है। उसके कान में चोट लगी है।

कहा जाता है कि इस घटना के बाद कुछ देर तक शांति रही। इसके बाद कुछ और कट्टरपंथी जुट आए और उन्होंने फिर से पथराव करना शुरू कर दिया। बचाव में दूसरे पक्ष ने भी पथराव करना शुरू कर दिया। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँच गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय और आसपास के थानों के पुलिस को पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ा। रात को ही इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके बाद रात को ही राशमी के एसडीएम गोविंद सिंह, कपासन विधायक अर्जुन लाल रतजीनगर भी पहुँचे। देर रात तक दोनों पक्षों से लगातार बातचीत की गई।

जिले के पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में अब तक 18 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के दौरान श्याम छिपा नाम के एक शख्स की मौत की भी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि श्याम की घटनास्थल पर ही दुकान थी और वह हार्ट का मरीज था। उसे दिक्कत महसूस हुई तो गाँव के कंपाउडर ने उसका चेकअप किया। भीलवाड़ा ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

2 हिंदू बच्चों की हत्या पर सपा नेता ने दाँत चियार कर हँसते हुए कहा – भाजपा चुनाव के समय हिंसा करवाती है, पार्टी को मुस्लिम दुकान जलने की चिंता

बदायूँ के बाबा कॉलोनी में साजिद ने घर में घुस कर 2 हिन्दू बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी, वहीं तीसरे बच्चे की गर्दन पर भी वार किया गया। नाई साजिद ने हत्या के लिए उस्तरे का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उसे बच्चों का खून पीते हुए भी देखा गया है। वामपंथी गिरोह ‘पुराना विवाद’ बता कर घटना पर पर्दा डालने में जुटा हुआ है। वहीं समाजवादी पार्टी भी इस हत्याकांड को लेकर संवेदनहीन राजनीति का परिचय दे रही है। रामगोपाल वर्मा इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी रामगोपाल यादव से पत्रकारों ने बदायूँ के दोहरा हत्याकांड पर प्रतिक्रिया माँगी थी। इस दौरान रामगोपाल वर्मा संवेदनहीनता का परिचय देते हुए दाँत चियार कर मुस्कुराते रहे। फिर उन्होंने कहा कि भाजपा वाले हमेशा चुनाव के वक्त हिंसा करवाते हैं। ये बड़ा आश्चर्यजनक है कि हत्यारा मुस्लिम समाज से है जिसे यूपी में सपा का वोटर माना जाता है, मृतक बच्चे हिन्दू परिवार के हैं, लेकिन सपा को इसमें दोष भाजपा का दिख रहा है।

इतना ही नहीं, सपा के मीडिया सेल की तरफ से भी पीड़ितों को चिढ़ाने वाले ट्वीट किए जा रहे हैं। जैसा कि स्वाभाविक है, इस निर्मम हत्याकांड के बाद बदायूँ में तनाव भड़क गया और लोगों ने जम कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन वाले वीडियो को सपा के इस हैंडल ने लपक लिया और इस पर भला-बुरा कहने लगे। क्या पीड़ित पक्ष को बच्चों को उस्तरे से काट डाले जाने के बाद सड़क पर विरोध तक दर्ज कराने का अधिकार नहीं है? वो न्याय नहीं माँगें?

सपा के पार्टी मीडिया सेल ने लिखा, “भाजपा यूपी में दंगा-फसाद सांप्रदायिक तनाव खड़ा करके चुनाव जीतना चाहती है और इसी कारण से ऐसी घटनाओं को खुद अंजाम दिलवा रही और जिलों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करवा रही है। इसका परिणाम बदायूँ की आज की घटना है भाजपा जब जनता के असल मुद्दों से हार चुकी है तो धार्मिक विवाद, धार्मिक लड़ाई ही भाजपा का आखिरी हथियार बची है। भाजपा के इशारे पर ही कई गुंडे बदमाश खुले घूम रहे और भाजपा के इशारे पर ही ऐसी वारदातें कर रहे जिसके कारण समाज में लड़ाई झगड़ा बढ़ रहा।”

भाजपा इन घटनाओं को अंजाम दिलवा रही है? साजिद नाम वाले कुछ करें तो इसमें भी भाजपा का रोल? अगर सपा इसे धार्मिक विवाद बता रही है तो फिर हत्यारा मुस्लिम है और पीड़ित हिन्दू, फिर वो साजिद को दोष क्यों नहीं दे रही? कल को ISIS या अलकायदा भी किसी घटना को अंजाम देगा तो भाजपा ही दोषी होगी? ये वही सोच है, जो दिल्ली में दंगा इस्लामी भीड़ करती है तो दोष कपिल मिश्रा को देती है। समाज में लड़ाई-झगड़ा अलग चीज है, उस्तरे से बच्चों को काट कर उनका खून पीना अलग बात।

1.25 लाख स्टार्टअप, 110 यूनिकॉर्न, 12 लाख को रोजगार… महाकुंभ में बोले PM मोदी- कल्चर बना Startup, महिलाओं के हाथ में 45% की कमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ (Startup Mahakumbh) को संबोधित किया। भारत मंडपम में यह स्टार्टअप महाकुंभ 18 मार्च 20 मार्च तक आयोजित हुआ, जिसमें 2000 से ज्यादा उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इस स्टार्टअप महाकुंभ में दो हजार से अधिक स्टार्टअप, एक हजार से अधिक निवेशक, 300 इनक्यूबेटर, तीन हजार सम्मेलन प्रतिनिधि, 20 से अधिक देश के प्रतिनिधि, सभी भारतीय राज्यों के भावी उद्यमी, 50 से अधिक यूनिकॉर्न और 50 हजार से अधिक कारोबारी शामिल हुए।

देश में 110 यूनिकॉर्न, 12 हजार से ज्यादा पेटेंट

स्टार्टअप महाकुंभ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत में आज सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। इनसे करीब 12 लाख नौजवान सीधे जुड़े हैं। हमारे पास 110 यूनिकॉर्न हैं। स्टार्टअप ने 12000 पैटेंट फाइल किये हैं। आज देश के छोटे शहरों के युवा भी स्टार्टअप कर रहे हैं। योगा और आयुर्वेद में भी खूब स्टार्टअप आ रहे हैं। स्पेस जैसे सेक्टर में भी नए बिजनेस आ रहे हैं। ऑलरेडी हमारे स्टार्टअप स्पेस शटल लॉन्च करने लगे हैं। भारत की युवा शक्ति का सामर्थ्य आज पूरी दुनिया देख रही है। देश ने स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने के लिए काफी कदम उठाए हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं ने भारत को 11वें नंबर से 5वें नंबर की इकोनॉमी बना दिया है। इस जम्प में स्टार्टअप का अहम योगदान होगा। इसमें बहुत बड़ी भूमिका देश के नौजवानों की है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे 45 प्रतिशत से ज्यादा स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। भारत ने स्टार्टअप-20 के तहत दुनिया भर के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक साथ लाने का प्रयास किया है। इसी भारत मंडपम में जी-20 के दिल्ली डिक्लेरेशन में पहली बार स्टार्टअप को न सिर्फ शामिल किया गया, बल्कि उन्हें विकास का स्वाभाविक इंजन भी माना गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दशकों में हमने देखा है कि भारत ने आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में छाप छोड़ी है। अब इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर का ट्रेंड लगातार बढ़ता हुआ देख रहे हैं। स्टार्टअप की दुनिया के सभी साथियों का इस महाकुंभ में होना मायने रखता है। आमतौर पर व्यापारी लोग जब चुनाव आते हैं, तो सोचते हैं कि अभी रहने देते हैं जब नई सरकार आएगी, तो उस हिसाब से देखेंगे। लेकिन आज आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए हैं, तो आपके मन में आपको पता है कि अगले 5 साल क्या होने वाला है।

बच्चों का गला रेत साजिद ने कहा- आज काम पूरा कर दिया, एनकाउंटर के बाद बोला- ए खुदा आज बचा ले: पढ़िए बदायूँ हत्याकांड की FIR और केस डायरी की डिटेल

19 मार्च की शाम को उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 6 और 14 वर्ष के दो हिन्दू बच्चों की गला रेत कर हत्या कर दी गई। मृतक बच्चों के नाम अहान और आयुष थे। बच्चों की हत्या करने वाले साजिद को इस घटना के कुछ घंटों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया। साजिद के साथी जावेद की तलाश जारी है।

साजिद के हमले में मारे गए बच्चों के पिता विनोद कुमार ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई है। विनोद कुमार ने पुलिस को दर्ज करवाई गई FIR में बताया है कि साजिद अपने भाई जावेद के साथ शाम 7 बजे के आसपास उनके घर के बाहर बाइक से आया था। इसके बाद साजिद उनके घर के अंदर आ गया और उनकी पत्नी संगीता से ₹5000 उधार माँगे। यह पैसे देने के लिए संगीता घर के अंदर चली गईं। इस बीच साजिद ने विनोद कुमार के मंझले बेटे पीयूष प्रताप को बाहर गुटखा लाने भेज दिया।

इसके थोड़ी देर बार साजिद ने संगीता से कहा कि उसका मन ठीक नहीं है जिसके लिए वह छत पर जाना चाहता है। साजिद ने जावेद को अंदर बुलाया और उनके बेटों को लेकर छत पर चला गया। विनोद कुमार ने पुलिस को बताया है कि इसके बाद उनकी पत्नी संगीता अंदर से पैसे लेकर जब बाहर आई तो देखा कि साजिद और जावेद सीढ़ियों से उतर रहे हैं और उनके हाथ में ख़ून से सनी हुई एक छुरी है।

FIR के अनुसार, साजिद ने विनोद की पत्नी संगीता से कहा कि आज मैंने अपना काम पूरा कर दिया है। संगीता ने इसके बाद छत पर जाकर देखा जहाँ उनके दोनों बेटे आहान और आयुष खून से लथपथ पड़े हुए थे। इस दौरान बाहर से वापस गुटखा लेकर वापस आए पीयूष पर भी हमला किया। हालाँकि, वह बच गया।

इसके बाद जब संगीता ने घबरा कर शोर मचाया तो मोहल्ले वालों ने इकट्ठा होकर साजिद को पकड़ लिया जबकि जावेद इस दौरान भागने में कामयाब रहा। इसके बाद पुलिस बुला कर साजिद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान भीड़ बढ़ गई और आक्रोशित हो गई जिसके कारण साजिद भी भागने में सफल रहा।

इसके कुछ घंटों बाद ही पुलिस से साजिद की एक मुठभेड़ हुई जिसमें वह मारा गया। पुलिस ने साजिद के एनकाउंटर के विषय में इस मामले की केस डायरी में बताया है कि वह बदायूँ के सखानू गाँव का निवासी है। वह बदायूँ में दो बच्चों की हत्या करके भाग रहा था। पुलिस ने बताया है कि सूचना मिलने पर उसकी एक टीम साजिद का पीछा कर रही थी। उन्हें साजिद के बारे में सूचना मिली थी कि वह सिरसा दबरई के जंगल की तरफ भागा है। इस पर पुलिस ने उसका पीछा करके उसकी निशानदेही कर ली और उसको रुकने को कहा।

साजिद इस दौरान भागता रहा और उसने रुकने के बजाय अवैध तमंचे से पुलिस पर फायर कर दिया। इसके बाद उससे पुलिस ने दोबारा रुकने की अपील की जिस पर उसने फायरिंग जारी रखी। इस दौरान एक गोली एक पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी। साजिद ने पुलिस पर लगभग 6-7 राउंड फायर किए। उसकी गोली एक पुलिस अधिकारी के लगी जो कि घायल हो गए। पुलिस ने भी साजिद पर जवाबी कार्रवाई की।

पुलिस द्वारा चलाई गई गोली जब साजिद के लगी तो वह ‘ए खुदा आज बचा ले‘ कह कर गिर गया। इसके बाद उसने पुलिस से दो बच्चों की हत्या की बात स्वीकार की और खुद को बचाने की अपील की। पुलिस ने अपने घायल अधिकारी और साजिद को जिला अस्पताल भेजा। साजिद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को साजिद के पास एक अवैध तमंचा और चार राउंड ज़िंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

साजिद और जावेद आपस में भाई हैं और उनके पिता का नाम बाबू है। साजिद और जावेद के खिलाफ बदायूँ के सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है। इन दोनों के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और घर में घुस कर हमला करने की धाराएँ लगाई गईं हैं। पुलिस ने साजिद के बाप बाबू और चाचा को भी उनके गाँव से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

इस मामले में पुलिस अभी जाँच कर रही है। साजिद जहाँ एनकाउंटर में मारा गया है तो वहीं जावेद फरार है। उसकी तलाश चल रही है। बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। इलाके में काफी पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रोफेसर सलीम पर करो कार्रवाई… दिल्ली मेडिकल कॉलेज में 13 छात्राओं का किया यौन उत्पीड़न: सतर्कता निदेशालय ने स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र

दिल्ली मेडिकल कॉलेज की 13 महिला MBBS छात्रों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में सतर्कता निदेशालय ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा है। सतर्कता निदेशालयके असिस्टेंट डायरेक्टर ने अपने पत्र में आरोपित प्रोफेसर सलीम शेख के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया है।

उन्होंने अपने पत्र में मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि इन रिपोर्ट्स से मालूम चलता है कि आरोपित गिरफ्तार हो चुका है। वहीं ये भी पता चला है कि कम से कम दो छात्राओं ने तो सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज कराए हैं।

सतर्कता निदेशालय ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से कहा कि अभी तक उन्होंने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फाइल नहीं भेजी है। सतर्कता निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर ने अनुरोध किया कि एक्शन शुरू करके इसकी जानकारी अथॉरिटी को दी जाए।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के रोहिणी इलाके में स्थित डॉ बाबा भीमराव अम्बेडकर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। MBBS का कोर्स कर रहीं 13 छात्राओं ने प्रोफेसर सलीम शेख पर शारीरिक शोषण और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

घटना 31 जनवरी 2024 की थी लेकिन मामला धीरे-धीरे सामने आया। उस समय 2 छात्राओं ने सलीम के खिलाफ शिकायत दी थी। बाद में अन्य छात्राओं ने भी आकर कहा था कि सलीम शेख ने उनके साथ भी बदलूकी की थी।

इन आरोपों के बाद आखिरकार 22 फरवरी 2024 को असिस्टेंट प्रोफेसर सलीम शेख के खिलाफ पुलिस में शिकायत हुई थी। शिकायत पर 13 MBBS छात्राओं के हस्ताक्षर थे। इसके अलावा इस मामले में सलीम शेख के खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने कहा था- “हम यह जगह संदेशखाली नहीं बनने देंगे।”

‘आरोप काफी गंभीर हैं, गहराई से जाँच की ज़रूरत’: लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ दिया CBI जाँच का आदेश, कहा – हर महीने रिपोर्ट दो क्या है प्रगति

भारतीय लोकपाल ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI जाँच का आदेश दिया है। महुआ मोइत्रा पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप है, जिसके बाद उनकी सांसदी भी चली गई थी। अब लोकपाल के आदेश के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (PCA) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनसे पूछताछ भी होगी। ‘कोरम ऑफ जुडिशल मेंबर’ जस्टिस अभिलाषा कुमारी, अर्चना रामसुन्दरम और महेन्दर सिंह ने माना कि आरोप न सिर्फ गंभीर हैं बल्कि इसके समर्थन में ठोस सबूत भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले में गहराई से जाँच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई का पता चल सके। लोकपाल ने कहा कि ये उसका कर्तव्य है और कानून भी यही कहता है कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ। लोकपाल ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जिम्मेदारियाँ और बोझ कुछ ज़्यादा होती है। 14 अक्टूबर, 2023 को अधिवक्ता व महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई के पत्र को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने लोकसभा के ऑनलाइन पोर्टल में अपने अकाउंट का पूरा एक्सेस अपने मित्र कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को दे रखा था और बदले में उन्हें महँगे-महँगे उपहार मिलते थे। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास की मरम्मत के लिए भी कारोबारी से पैसे लिए थे। आरोप है कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी के बिजनेस हितों को फायदा पहुँचाने के लिए संसद में सवाल पूछे। खासकर के गौतम अडानी को नुकसान पहुँचाने के लिए ये सब किया गया।

लोकपाल ने कहा कि जनप्रतिनिधि जब इस तरह की गड़बड़ी करते हैं तो लोकतांत्रिक देश की विधायी, प्रशासनिक एवं आर्थिक कार्य पद्धति प्रभावित होती है। CBI को ये निर्देश भी दिया गया है कि वो हर महीने जाँच की प्रगति के संबंध में रिपोर्ट्स दायर करे। CBI को इस मामले से जुड़े हर दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएँगे। हालाँकि, लोकपाल ने अपने आदेश में महुआ मोइत्रा का नाम नहीं लिखा है। CBI इस मामले में एक प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही दायर कर चुकी है, जिसके आधार पर लोकपाल ने कहा था कि आरोप शुरुआती रूप से सिद्ध होते हैं।

रोहिंग्या मुस्लिमों को शरणार्थी दर्जा देना अदालत का काम नहीं: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र बोला- घुसपैठियों को भारत में रहने-बसने का अधिकार नहीं

केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश में घुसे अवैध रोहिंग्या मुस्लिम को भारत में रहने और बसने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार ने कहा कि ऐसे भारत में अवैध रूप से घुसे लोगों को शरणार्थी का दर्जा देने के लिए न्यायपालिका एक अलग श्रेणी नहीं बना सकती, क्योंकि यह संसद और कार्यपालिका के विधायी एवं नीतिगत क्षेत्र में प्रवेश होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए अपने हलफनामे में कहा कि एक विदेशी व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत केवल जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। उसे देश में निवास करने और बसने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है।

हलफनामे में आगे कहा गया है कि भारत संयुक्त राष्ट्र यूएनएचसीआर (United Nations High Commissioner for Refugees) शरणार्थी कार्डों को मान्यता नहीं देता है। ऐसे कार्डों को कुछ रोहिंग्या मुस्लिम खुद की शरणार्थी स्थिति का दावा करने के आधार के रूप में उपयोग करने के लिए अपने पास रखा है।

इसमें कहा गया है कि भारत पहले से ही पड़ोसी देश (बांग्लादेश) से बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन से जूझ रहा है, जिसने कुछ सीमावर्ती राज्यों (असम और पश्चिम बंगाल) की जनसांख्यिकीय स्थिति को बदल कर रख दिया है। इसमें आगे कहा गया है, “रोहिंग्याओं का भारत में अवैध प्रवास जारी रहना और भारत में उनका रहना पूरी तरह अवैध होने के साथ ही गंभीर सुरक्षा प्रभावों से भरा है।”

भारत सरकार ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को आगे बताया है कि बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों के देश के विभिन्न हिस्सों में नकली/मनगढ़ंत भारतीय पहचान दस्तावेज प्राप्त करने, मानव तस्करी, विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के बारे में विश्वसनीय जानकारी है। यह आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

दरअसल, भारत में अवैध रूप से रह रहे बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों को पकड़ा गया है। इनकी रिहाई के लिए प्रियाली सूर ने एक याचिका सु्प्रीम कोर्ट में दाखिल की है। इसमें उनके मौलिक अधिकार के हनन की बात कही गई है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि देश में अवैध रूप से घुसने वालों से विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत निपटा जाएगा।

हलफनामे में कहा गया है कि भारत शरणार्थी कन्वेंशन 1951 और शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित प्रोटोकॉल का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। ऐसे में रोहिंग्या मुस्लिमों से अपने घरेलू कानून के अनुसार निपटेगा। रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ तिब्बत और श्रीलंका के शरणार्थियों की तरह समान व्यवहार करने की याचिकाकर्ता की दलील की सरकार ने आलोचना की है।

सरकार ने कहा, “व्यक्तियों के किसी भी वर्ग को शरणार्थी के रूप में मान्यता दी जानी है या नहीं, यह एक शुद्ध नीतिगत निर्णय है। विधायी ढाँचे के बाहर शरणार्थी की स्थिति की कोई मान्यता नहीं हो सकती है और शरणार्थी स्थिति की ऐसी घोषणा न्यायिक आदेश द्वारा नहीं की जा सकती है। समानता का अधिकार विदेशियों और अवैध प्रवासियों के लिए नहीं है।”

‘मेरे भाइयों को मार डाला… मैं धक्का देकर भागा’: बदायूँ में जो बच्चा बच गया उसे सुनिए, पीड़ित परिवार ने साजिद-जावेद के साथ ‘विवाद’ से किया इनकार

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में साजिद ने उस्तरे से गला रेत कर दो नाबालिग हिन्दू बच्चों की उनके घर में घुस कर हत्या कर दी। यह दोनों बच्चे मात्र 14 और 6 वर्ष की आयु के थे और आपस में भाई थे। हत्यारे साजिद के साथ उसका भाई जावेद भी मौजूद था। उन्होंने एक और हिन्दू बच्चे की भी हत्या करने की कोशिश की। हालाँकि, वह बच गया। वह इस नृशंस हत्याकांड का प्रत्यक्षदर्शी है।

साजिद के हमले से बचने वाले हिन्दू बच्चे ने मीडिया से इस घटना की भयावहता बताई है। उसने बताया, “वो जो सैलून वाले भैया थे, वह मेरे छोटे और बड़े भाई को ऊपर ले गए और पता नहीं क्यों मारा। मुझे भी मारने की कोशिश की लेकिन मैं उनका चाकू हटा कर भाग आया।”

बच्चे ने बताया कि उसे कुछ नहीं मालूम नहीं है कि साजिद ने क्यों उसके भाइयों को मार दिया। उसने बताया कि उसके भाई को दो लोगों ने मारा, जो कि उसके घर के सामने नाई की दुकान चलाते हैं। बच्चे ने यह भी बताया कि उसे कोई पुराना विवाद याद नहीं है। उसने बताया उसने मेरे सबसे बड़े भाई से पहले चाय मँगाई और छोटे भाई को पानी लेने भेजा। दोनों जब वापस आए तो मार दिया।

जिन दो हिन्दू बच्चों की हत्या हुई, उनके पिता विनोद ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “मुझे पता नहीं था कि उसका (साजिद) एनकाउंटर हुआ है। मैं 10-11 बजे के करीब आया था। उसके बाद साजिद को पुलिस ने पकड़ लिया। मैं यहाँ नहीं रहता था। कभी हमारी कोई बातचीत नहीं थी, मुझे नहीं मालूम कि उसने मेरे बच्चों को क्यों मार दिया। जो बच्चा बच गया उसकी हालत अभी ठीक है।”

विनोद ने बताया, “कल (19 मार्च, 2024) साजिद यहाँ आया था और ₹5000 माँगे थे कि उसकी पत्नी के बच्चा होने वाला है। मेरी पत्नी ने मुझे फ़ोन किया तो मैंने कह दिया कि पैसे दे दो। पत्नी पैसे लेकर आईं तब तक उसने मेरे बच्चों को ऊपर ले जाकर मार दिया।”

बच्चे की दादी ने भी घटना की यही जानकारी दी और बताया कि साजिद के लिए जब तक बच्चों की माँ चाय बनाने गई तब तक उसने उनके दो पोतों को मार दिया। इसके बाद छुरी लेकर नीचे आया। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने की भी कोशिश की गई।

बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने इस मामले में बताया, “साजिद पीड़ित परिवार घर में 7:30 बजे में घुसा और सीढ़ियों के माध्यम से सीधा छत पर चला गया। यहाँ उसने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया। दोनों बच्चों की हत्या कर दी, वहाँ से वह नीचे आकर भाग गया। उसे भीड़ ने पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भागने में कामयाब हुआ। इसके बाद उसकी तलाश की गई।”

आगे उन्होंने बताया “सूचना मिली थी कि एक आदमी को खून सने कपड़ों में देखा गया है। पुलिस ने जब घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और एक कट्टा भी बरामद हुआ है। इस मामले में परिजनों ने साजिद के भाई जावेद को भी नामित किया गया है। परिवार ने FIR में बताया है कि साजिद को ₹5000 रूपए भी पीड़ित परिवार ने दिए थे। पुरानी रंजिश के विषय में भी जानकारी नहीं मिली है।”

इस हत्याकांड के बाद बदायूँ में तनाव बना हुआ है। लोगों में काफी आक्रोश है। कानून व्यवस्था को सँभालने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई है। अभी मृतक बच्चों का पोस्टमॉर्टेम किया जाना बाकी है। पुलिस FIR दर्ज करके जावेद की तलाश में जुटी हुई है।

‘ये गाय है और हम गाय का माँस खा सकते हैं’ : GD Goenka स्कूल बच्चों को दे रहा था ज्ञान, हिंदुओं के प्रदर्शन के बाद माफी माँगी

गुजरात के कच्छ के गाँधीधाम में जीडी गोएनका अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बच्चों को शिक्षा के नाम पर हिंदू विरोधी ज्ञान दिया जा रहा था। स्कूल द्वारा दी गई पाठन सामग्री में गाय के बारे में प्रकाशित जानकारी बता रही थी कि गाय का मीट खाना चाहिए। जब इसका पता हिंदू संगठनों को चला तो उन्होंने इसका विरोध किया और स्कूल को माफी माँगनी पड़ी। सोशल मीडिया पर भी नेटिजन्स स्कूल के इस हरकत की आलोचना कर रहे हैं।

सामने आए स्टडी मटेरियल की तस्वीर में देख सकते हैं लिखा है- “ये गाय है। ब्लैक एंड वहाइट। ये Mooo कहती है। घास खाती है। हमें इसका दूध पीना बहुत अच्छा लगता है। हम इसका माँस खा सकते हैं। इसके सिर पर दो सींघ होती है और इसे खेतों में रहना अच्छा लगता है।”

बच्चों को दी जा रही इस शिक्षा की जानकारी होने के बाद लोगों ने इसका विरोध शुरू किया। इसे शर्मनाक बताया गया और हैरानी जताई गई कि ये शिक्षा व्यवस्था को क्या होता जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर इस टेक्स्ट के पता चलने के बाद हिंदू संगठनों ने भी इसका जमकर विरोध किया और स्कूल से माँफी माँगने को कहा। इस बीच ऑपइंडिया ने भी स्कूल से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। हालाँकि इस बीच स्कूल की ओर से एक पत्र सामने आया।

इसमें उन्होंने सनातनियों से माफी माँगते हुए कहा कि स्कूल की सनातन धर्म को नीचा दिखाने की कोई मंशा नहीं थी। अपने पत्र में स्कूल ने बताया कि जो कंटेंट स्टडी मटेरियल में पब्लिश हुआ वो पिंटरेस्ट से लिया गया था।

उन्होंने कहा, “हम सनातन के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं और हमारे अभियान के कारण हुए किसी भी अपराध या गलतफहमी के लिए हम क्षमा चाहते हैं।” स्कूल के माफी पत्र में कहा गया है, “किसी भी आस्था या प्रथा का अनादर या अवहेलना करना हमारा इरादा नहीं था।”

जिससे बीवी की डिलिवरी के लिए ₹5000 लिए, उसके ही बच्चों को काट डाला: पीड़ित माँ ने बताया- भाभी चाय पिला दो कहते हुए घर में घुसा था साजिद

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में दो सगे भाइयों की निर्मम हत्या करने वाले साजिद का यूपी पुलिस ने एनकाउंटर कर डाला। साजिद ने मंगलवार (19 मार्च 2024) को बाबा कॉलोनी निवासी विनोद ठाकुर के दो बेटों- आयुष (13) और अहान (6) का घर में घुसकर गला रेता था। वहीं तीसरा बच्चा पीयूष उसके वार से बाल-बाल बचा था।

हत्या के दौरान साजिद पर इतनी हैवानियत सवार थी कि कुछ रिपोर्ट बता रही हैं कि हत्या के बाद साजिद के न केवल हाथ खून से सने थे बल्कि उसके मुँह पर भी खून लगा हुआ था जैसे उसने गला रेत उसे पिया हो। स्थानीयों ने इस घटना के बाद साजिद की हेयर सैलून की दुकान में रखे सामान को गुस्से में आग के हवाले कर दिया। वहीं घरवालों का अब भी रो-रोकर बुरा हाल है।

साजिद कैसे घुसा घर में, क्या बोला, क्या किया?

पूरा मामला 19 मार्च 2024 का है। यूपी के बदायूँ में सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में बाबा कॉलोनी में रहने वाले ठेकेदार विनोद ठाकुर के तीनों बच्चे अपने घर पर थे। शाम को 6:30 बजे उनके यहाँ घर के पास ही एक हेयर सैलून चलाने वाले साजिद और जावेद आए। विनोद ठाकुर की पत्नी संगीता ने गेट खोला तो उन्होंने उनसे क्लैचर माँगा और उसके बाद वो 5000 रुपए माँगने लगे।

अमर उजाला पर मौजूद वीडियो में संगीता (पीड़ित माँ) बताती हैं कि साजिद ने उनसे कहा कि उसकी बीवी की डिलीवरी होने वाली है, डॉक्टर ने समय दिया है, पाँच बच्चे पहले ही खत्म हो चुके हैं, उसे पैसों की सख्त जरूरत है। इसके बाद संगीता ने अपने पति विनोद ठाकुर को फोन किया और सारी बात बताई। विनोद ने भी कहा कि वो साजिद को पैसे दे दें क्योंकि मुश्किल समय सबपर आता है मदद करनी चाहिए। इसके बाद संगीता ने साजिद को 5000 रुपए दे दिए।

पैसे लेकर साजिद ने बच्चों की माँ से चाय बनाने को कहा। वह बोला- “भाभी चाय बनाओ मैं अभी ऊपर से आ रहा हूँ।” संगीता को लगा कि शायद बीवी अस्पताल में है इसलिए उसे बेचैनी होगी। संगीता ने उसे छत पर जाने दिया। इसके बाद साजिद ने बच्चों को छत पर बुलाया। यहाँ उसने बड़े वाले लड़के को अपने पास रोककर छोटे वाले से कहा कि वो पानी ले आए और बीच वाले से कहा वो गुटका ले आए।

सबके इधर-उधर पर ही साजिद ने आयुष और अहान का गला रेता। वहीं पीयूष ने जब छत पर जाकर देकर देखा तो वो चाकू लेकर उसके पीछे भी भागा लेकिन पीयूष किसी तरह बचकर चिल्लाते हुए नीचे आ गया। उसकी आवाज सुन माँ-दादी दोनों घबरा गए। उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो सबके हाथ-पाँव फूल गए।

साजिद खून से सने हाथ लेकर उनके सामने खड़ा था और जावेद उसका नीचे इंतजार कर रहा था। माँ-दादी ने बच्चों का शव देख चिल्लाना शुरू किया तो पड़ोसी इकट्ठा हुए। उन्होंने संगीता और पीयूष किसी तरह बाहर खींचा और भीड़ जमाकर होकर मंडी समिति पुलिस चौकी गई। इस दौरान वहाँ आसपास के खोखों और कुर्सियों में तोड़फोड़ हुई।

पुलिस ने 3 घंटे में किया मुख्य आरोपित का एनकाउंटर

मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी, डीएम घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने आयुष और आहान के शव को निकाला। लोगों ने उन्हें बताया कि आरोपित खून से सने हाथ लेकर भागा है। इतनी जानकारी होते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली और मात्र घटना के तीन घंटे बाद ही खबर आई कि पुलिस ने मुख्य आरोपित साजिद को एनकाउंटर में मार दिया है। ये एनकाउंट शेखूपुर जंगल के पास हुआ।

दरअसल, पहले साजिद ने पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास किया था। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर किया। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई भी घायल हैं। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि बच्चों की हत्या के बाद पीड़ित माँ-बाप का रो रोकर बुरा हाल है। जब उन्हें पता चला कि पुलिस ने साजिद को मार गिराया है तो उन्होंने माँग की कि उन्हें साजिश के शव को दिखाया जाए वरना वो वहीं पर आत्मदाह कर लेंगे। माता-पिता की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें साजिद का शव दिखाने का आश्वासन दिया। वहीं ये भी कहा है कि मामले में जो साजिद द्वारा खून पीने की बात आ रही है, वो जाँच का विषय है, वो लोग उस पर जाँच कर रहे हैं। दूसरा आरोपित जावेद फरार है। पुलिस उसे ढूँढने की कोशिशों में लगी है।